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गुजरात विधानसभा : राम मंदिर के लिए कांग्रेस-AAP ने नरेंद्र मोदी को दिया धन्यवाद ; सर्वसम्मति से सराहना प्रस्ताव हुआ पारित

गुजरात विधानसभा में पीएम मोदी की सराहना का प्रस्ताव पारित

अयोध्या में नव-निर्मित हुए राम मन्दिर पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी आदि और अन्य जिन पार्टियों के विरोध में जनमानस विशेषकर मुस्लिम समाज विचलित हुआ, राजनीति कब गिरगिट की तरह रंग बदल ले, कहना मुश्किल है। गुजरात विधानसभा में कांग्रेस और AAP द्वारा यू-टर्न लेने को बड़ी गंभीरता से लेने की जरुरत है। गुजरात में कांग्रेस, आप और अन्य भाजपा विरोधी सभी तुष्टिकरण को ताक पर रख अयोध्या में राम मंदिर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्थन दिया। गुजरात में भाजपा विरोधी अच्छी तरह समझ गए कि देश कहाँ जा रहा है। जैसाकि शिलान्यास से पूर्व ही धर्माचार्यों द्वारा कहा जा रहा था कि राम मंदिर बनते ही भारत ही नहीं विश्व की कायाकल्प निश्चित है। सनातन तेजी से विश्व भर में फैलेगा।    

गुजरात विधानसभा में सोमवार (5 फरवरी 2023) को बजट सत्र के दौरान अयोध्या में बने नए राम मंदिर के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करने वाला एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। खास बात यह थी कि इस प्रस्ताव को आम आदमी पार्टी के अलावा कांग्रेस ने भी समर्थन दिया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस संबंध में कहा, “हम सभी जानते हैं कि एक दूरदर्शी प्रधानमंत्री के कारण, समर्पित हिंदू समुदाय, जिसने 500 से अधिक वर्षों तक इंतजार किया, अयोध्या में एक भव्य मंदिर में राम लला का अभिषेक कर सका।”

उन्होंने रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को ऐतिहासिक बताया और हिंदुओं की तरफ से पीएम मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “…22 जनवरी को गुजरात के लोग भावुक हो गए, जब गुजरात के एक बेटे और इस प्रतिष्ठित सदन के पूर्व नेता नरेंद्रभाई मोदी ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा किया।”

अपने भाषा में सीएम पटेल ने पीएम मोदी के साथ इस मंदिर के निर्माण में अपना योगदान देने वाले दिग्गज नेताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने बालासाहेब देओरा, विष्णु हरि डालमिया, रज्जू भैया, आचार्य गिरिराज किशोर और अशोक सिंगल जैसे आरएसएस/वीएचपी नेताओं का समर्थन किया।

कॉन्ग्रेस की तरफ से इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पार्टी के वरिष्ठ विधायक अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि यह तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ही थे, जिन्होंने 1989 में उस स्थान पर शिलान्यास समारोह की इजाजत दी थी, जहाँ आज मंदिर बना है।

उन्होंने कहा कि रामानंद सागर की रामायण भी कॉन्ग्रेस काल में दूरदर्शन पर आई थी जिसके कारण भगवान राम के जीवन को लेकर लोग जान पाए। हम कॉन्ग्रेसी राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के निर्माण का स्वागत करते हैं। मोदी खुशकिस्मत हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने जब अंतिम निर्णय दिया तो वो पीएम थे।”

वहीं आम आदमी पार्टी के उमेश मकवाना ने भी भाजपा का समर्थन किया। हालाँकि इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर में एक अस्पताल और कॉलेज भी बनाया जाना चाहिए।


पाकिस्तानी रेंज में थे मोदी, पंजाब में सतलुज नदी से पाकिस्तानी नाव मिलने से गहराया : मनीष तिवारी, कांग्रेस नेता

पंजाब के फिरोजपुर जिले (Firozepur District) में पाकिस्तानी नाव की बरामदगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले को और गंभीर बना दिया है। सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) ने सतलुज नदी (Sutlej River) से इस नाव को बरामद किया है। यह नदी पंजाब में भारत और पाकिस्तान की सीमा पर बहती है। कई स्थानों पर सतलुज दोनों देशों की सीमा में प्रवेश करती है।

सतलुज नदी में किनारे मिली यह नाव पूरी तरह से खाली थी। इसमें से कुछ बरामद भी नहीं हुआ। सुरक्षा एजेंसियाँ इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इस नाव पर कौन लोग सवार थे और वे कहाँ गए। फिरोजपुर जिले के जिस इलाके में इस नाव को बरामद किया गया है, उसी के पास बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला फँसा था। यह जगह पाकिस्तान सीमा से महज 50 किलोमीटर की दूरी पर है। इस क्षेत्र में कई बार टिफिन बम और विस्फोटक बरामद किए जा चुके हैं।

इधर, शुक्रवार (7 जनवरी 2022) को केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से गठित तीन सदस्यीय जाँच टीम मौके पर पहुँची है। केंद्र की इस टीम ने फिरोजपुर पहुँचकर अपनी जाँच शुरू कर दी है। ये टीम सबसे पहले फिरोजपुर-मोगा हाईवे पर बने उस फ्लाईओवर पर पहुँची, जहाँ पर पीएम मोदी के काफिले को रोका गया था। कमेटी ने पंजाब पुलिस प्रमुख (डीजीपी) सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय सहित 13 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है।

पैनल का नेतृत्व कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) सुधीर कुमार सक्सेना कर रहे हैं। इसके अन्य सदस्य इंटेलिजेंस ब्यूरो के संयुक्त निदेशक बलबीर सिंह और विशेष सुरक्षा समूह आईजी एस सुरेश हैं। वहीं, केंद्र ने भठिंडा के SSP को नोटिस जारी कर एक दिन के भीतर जवाब माँगा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने आठ जनवरी की शाम 5 बजे तक जवाब देने के लिए कहा है कि पीएम की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर उन पर क्यों नहीं कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा, यह बात भी सामने आई है कि जिस जगह पर पीएम का काफिला फँसा था, वह पाकिस्तानी सेना की फायरिंग रेंज में था। यह बात कॉन्ग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कही है। उन्होंने कहा कि जहाँ पर उनका काफिला रुका था, वो भारत की सरहद से महज 10 किमी दूर है। वहाँ पर भारत और पाकिस्तानी के तोपखाने तैनात रहते हैं। ऐसे मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा की तुलना किसी आम नागरिक से करना सही नहीं है। यह स्वीकार करना चाहिए कि पीएम मोदी की जान को खतरा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जनवरी को रैली करने के लिए फिरोजपुर दौरे पर थे, लेकिन आंदोलनकारी किसानों ने उनके काफिले को बीच रास्ते में रोक दिया था। इसके बाद यह बात भी आरोप लग रहे हैं कि पंजाब सरकार ने द्वारा ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूट की जानकारी लीक की गई थी