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पाकिस्तानी रेंज में थे मोदी, पंजाब में सतलुज नदी से पाकिस्तानी नाव मिलने से गहराया : मनीष तिवारी, कांग्रेस नेता

पंजाब के फिरोजपुर जिले (Firozepur District) में पाकिस्तानी नाव की बरामदगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले को और गंभीर बना दिया है। सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) ने सतलुज नदी (Sutlej River) से इस नाव को बरामद किया है। यह नदी पंजाब में भारत और पाकिस्तान की सीमा पर बहती है। कई स्थानों पर सतलुज दोनों देशों की सीमा में प्रवेश करती है।

सतलुज नदी में किनारे मिली यह नाव पूरी तरह से खाली थी। इसमें से कुछ बरामद भी नहीं हुआ। सुरक्षा एजेंसियाँ इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इस नाव पर कौन लोग सवार थे और वे कहाँ गए। फिरोजपुर जिले के जिस इलाके में इस नाव को बरामद किया गया है, उसी के पास बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला फँसा था। यह जगह पाकिस्तान सीमा से महज 50 किलोमीटर की दूरी पर है। इस क्षेत्र में कई बार टिफिन बम और विस्फोटक बरामद किए जा चुके हैं।

इधर, शुक्रवार (7 जनवरी 2022) को केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से गठित तीन सदस्यीय जाँच टीम मौके पर पहुँची है। केंद्र की इस टीम ने फिरोजपुर पहुँचकर अपनी जाँच शुरू कर दी है। ये टीम सबसे पहले फिरोजपुर-मोगा हाईवे पर बने उस फ्लाईओवर पर पहुँची, जहाँ पर पीएम मोदी के काफिले को रोका गया था। कमेटी ने पंजाब पुलिस प्रमुख (डीजीपी) सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय सहित 13 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है।

पैनल का नेतृत्व कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) सुधीर कुमार सक्सेना कर रहे हैं। इसके अन्य सदस्य इंटेलिजेंस ब्यूरो के संयुक्त निदेशक बलबीर सिंह और विशेष सुरक्षा समूह आईजी एस सुरेश हैं। वहीं, केंद्र ने भठिंडा के SSP को नोटिस जारी कर एक दिन के भीतर जवाब माँगा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने आठ जनवरी की शाम 5 बजे तक जवाब देने के लिए कहा है कि पीएम की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर उन पर क्यों नहीं कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा, यह बात भी सामने आई है कि जिस जगह पर पीएम का काफिला फँसा था, वह पाकिस्तानी सेना की फायरिंग रेंज में था। यह बात कॉन्ग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कही है। उन्होंने कहा कि जहाँ पर उनका काफिला रुका था, वो भारत की सरहद से महज 10 किमी दूर है। वहाँ पर भारत और पाकिस्तानी के तोपखाने तैनात रहते हैं। ऐसे मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा की तुलना किसी आम नागरिक से करना सही नहीं है। यह स्वीकार करना चाहिए कि पीएम मोदी की जान को खतरा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जनवरी को रैली करने के लिए फिरोजपुर दौरे पर थे, लेकिन आंदोलनकारी किसानों ने उनके काफिले को बीच रास्ते में रोक दिया था। इसके बाद यह बात भी आरोप लग रहे हैं कि पंजाब सरकार ने द्वारा ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूट की जानकारी लीक की गई थी

‘दक्षिण एशिया में एक बड़ा इस्लामी एजेंडा’: कांग्रेस नेता मनीष तिवारी की हिंदुओं की टारगेट किलिंग पर चिंता

                                                                         साभार 
देश भर में और पड़ोसी देशों में गैर-मुस्लिमों को लगातार टारगेट किया जा रहा है और उनकी हत्याएँ की जा रही हैं। इन हत्याओं ने केंद्र सरकार की चिंताएँ बढ़ा रखी हैं। इस बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने रविवार (17 अक्टूबर 2021) को कहा कि दक्षिण एशिया में एक बड़ा इस्लामिक एजेंडा काम कर रहा है, जो गैर-मुस्लिमों को लगातार निशाना बना रहा है। तिवारी ने कश्मीर और बांग्लादेश में हिंदुओं पर टारगेटेड अटैक को आपस में जुड़ा हुआ बताया।

यह शायद ऐसा पहला अवसर है, जब किसी कांग्रेसी नेता ने हिन्दुओं की हत्याओं पर चिंता व्यक्त करते इस्लामिक एजेंडा पर बयान दिया है। जबकि 2014 से पूर्व कांग्रेस हिन्दुओं को "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम से बदनाम करने में व्यस्त थी। कांग्रेस के कार्यकाल में कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को भगाया गया, उनकी महिलाओं का बलात्कार किया गया, लेकिन उस समय किसी की आवाज़ नहीं निकली। सोनिया गाँधी बटला हाउस में मारे गए आतंकवादियों पर आंसू बहा रही थी। जिस समय कश्मीर में पंडितों को निकालने के लिए मस्जिदों से घोषणा हो रही थी, महिलाओं का बलात्कार किया जा रहा था, उस समय कांग्रेस क्यों चुप रही? क्या यह इस्लामिक एजेंडा नहीं था?

कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, “क्या कश्मीर में हो रही गैर-मुसलमानों की हत्याएँ, बांग्लादेश में हो रही हिंदुओं की हत्या और पुंछ में 9 जवानों की शहादत के बीच कोई लिंक है? शायद ऐसा है। दक्षिण एशिया में एक बड़ा इस्लामिक एजेंडा काम कर रहा है।” इसके साथ ही मनीष तिवारी ने दो लिंक्स भी शेयर किए। इनमें से पहला बांग्लादेश के नोआखली में इस्कॉन मंदिर पर कट्टरपंथियों के हमले और बर्बरता से जुड़ा था। और दूसरा जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा मारे गए दो लोगों को लेकर था।

बांग्लादेश के नोआखाली इलाके में जुमे की नमाज के बाद 200 कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिंदुओं के इस्कॉन मंदिर पर हमला कर श्रद्धालु पार्थ दास की बर्बरता से हत्या कर दी। इस्कॉन ने अपने बयान में बताया था कि पार्थ का शव मंदिर के पास तालाब में तैरता मिला। वहीं, इस्‍कॉन से जुड़े राधारमण दास ने ट्वीट कर बताया कि पार्थ को बुरी तरह से पीटा गया था और जब उनका शव मिला तो शरीर के अंदर के हिस्से गायब थे।

यही नहीं, कट्टरपंथियों मुस्लिमों की भीड़ ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के दौरान हिंदू समुदाय के एक परिवार की पूरी महिलाओं के साथ बलात्कार को अंजाम दिया। पहले कट्टरपंथियों ने माँ का रेप किया, फिर उसकी बेटी का और फिर भतीजी का। भतीजी की उम्र सिर्फ 10 साल है।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में शनिवार को आतंकियों गोल-गप्पे बेचने वाले बिहार के एक दूसरे शख्स अरविंद कुमार साह की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं, पुलवामा में यूपी के सगीर अहमद की हत्या कर दी गई।

फिलहाल आतंकियों के सफाए के लिए जम्मू-कश्मीर में सेना ने ऑपरेशन क्लीन लॉन्च किया है। इसके तहत इस महीने अब तक 11 आतंकियों को मारा गया गया है।

नेहरु की गलती से हुआ था कश्मीर पर चीन का कब्ज़ा : मनीष तिवारी, कांग्रेस सांसद

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
कहते हैं, सुबह भुला अगर शाम को घर लौट आये तो उसे भूला नहीं कहते", जो कांग्रेस पर चरितार्थ होती नज़र आ रही है। अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस ने भी स्वीकारना शुरू कर दिया है कि जवाहर लाल नेहरू द्वारा की गयी गलतियों को आज तक देश को भुगतना पड़ रहा है।   
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने चीन के मसले पर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को चीन से बात कर भारत के आतंरिक मामलों में दखल न देने की बात कहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को यह साफ़ कर देना चाहिए कि कश्मीर मुद्दा भारत का आंतरिक मामला है।
अपने एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि यदि चीन यह कहता है कि उसकी नज़र कश्मीर पर है तो उसे यह भी याद दिला दिया जाना चाहिए कि हमारी (भारत की) नज़र हॉन्ग-कॉन्ग पर है।
हॉन्ग-कॉन्ग में मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतान्त्रिक मूल्यों के पतन का हवाला देते हुए अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि तिब्बत में चीन का अत्याचार हम न जाने कब से देखते आ रहे हैं, साथ ही उन्होंने अपने इसी ट्वीट में दक्षिणी चीन सागर (साऊथ चाइना सी) का भी ज़िक्र किया। मनीष तिवारी ने सवाल उठाया कि चीन में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन पर भारत क्यों सवाल नहीं उठाता?


कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने यह बयान उस वक़्त दिया है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत दौरे पर आने वाले हैं। इतना ही नहीं, मनीष तिवारी ने यहाँ तक कह दिया कि मोदी को चीन से अक्साई चीन के मुद्दे पर बात करनी चाहिए जिसे अनधिकृत रूप से चीन ने अपने कब्ज़े में ले लिया था और मौजूदा वक़्त में उसने वह पकिस्तान को सौंपा हुआ है।
स्मरण हो, सन् 1962 में पंडित नेहरु के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार की बेहद लाचार रक्षा नीतियों के चलते भारत को चीन से युद्ध में पराजय का सामना करना पड़ा था जिसके बाद कश्मीर का एक हिस्सा चीन ने अपने कब्ज़े में ले लिया था जिसे आज हम अक्साई-चिन के नाम से जानते हैं।