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दिल्ली : अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करेगी ED: मंत्री आतिशी ने बाँच दिया ‘भविष्य’, शराब घोटाले में होनी है पूछताछ

                                                                                       साभार: News18 & Telegraph India
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने दावा किया है कि 2 नवम्बर 2023 को आम आदमी पार्टी के मुखिया एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) गिरफ्तार कर लेगी। उन्होंने यह दावा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया है। दरअसल, केजरीवाल को ED ने 2 नवम्बर 2023 को घराब घोटालेे में पूछताछ के लिए बुलाया है।

PMLA (प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत ED द्वारा जारी किए गए समन पर आतिशी ने कहा, “2 नवम्बर को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को समन किया है। हर तरफ से खबर आ रही है कि 2 नवम्बर को जब अरविन्द केजरीवाल को बुलाएँगे, तब ED उन्हें भी गिरफ्तार करके जेल में डाल देगी।”

आतिशी ने आगे कहा, “आज भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहते हैं। यही कारण है कि झूठे आरोप बनाकर और केस लगाकर आम आदमी पार्टी के नेताओं को एक-एक करके गिरफ्तार किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि केजरीवाल को इसलिए गिरफ्तार किया जाएगा, क्योंकि वो प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलते हैं।

आतिशी ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ED अरविन्द केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद I.N.D.I.A गठबंधन के अन्य नेता जैसे कि झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, केरल के सीएम पिनाराई विजय और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के लिए ED और CBI का दुरुपयोग किया जाएगा।

हालाँकि, अभी आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई सूचना नहीं है कि अरविद केजरीवाल को गिरफ्तार किया जाएगा। उनके विरुद्ध कोई वारंट भी नहीं जारी हुआ है। उन्हें ED शराब घोटाला मामले में हुई पैसों की हेराफेरी को लेकर पूछताछ करने के लिए बुला रही है। हालाँकि, आतिशी गिरफ्तार की आशंका को देखते हुए पहले ही आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं।

शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को पहले ही ED गिरफ्तार कर चुकी है। मनीष सिसोदिया को शराब घोटाला मामले में 9 मार्च 2023 को लम्बी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से वह जेल में बंद हैं। तब से कोर्ट भी उन्हें जमानत देने से इनकार करता आ रहा है। 

दिल्ली : शराब घोटाला : 100 करोड़ रूपए की घूस, सबूत मिटाने को सिसोदिया समेत 34 VIP ने बदले 140 फोन

साभार: बिजनेस टुडे/HT)
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शराब घोटाले के मुख्य आरोपित मनीष सिसोदिया को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है। ईडी ने गुरुवार (10 नवंबर 2022) को पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) कोर्ट में दावा किया कि दिल्ली की आबकारी नीति के सार्वजनिक होने से काफी पहले कुछ शराब निर्माताओं को लीक कर दी गई थी। मनीष सिसोदिया समेत 34 वीआईपी लोगों ने डिजिटल साक्ष्य मिटाने के लिए 140 बार मोबाइल फोन बदले थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाँच एजेंसी ने दिल्ली की नई आबकारी नीति मामले में बुधवार (9 नवंबर 2022) देर रात दो शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया था। फ्रांस की शराब कंपनी पर्नोड रिकार्ड के दिल्ली क्षेत्रीय प्रमुख बिनॉय बाबू और अरबिंदो फार्मा लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक पी सरथ चंद्र रेड्डी की गिरफ्तारी के बाद पीएमएलए कोर्ट में ईडी ने इस बात की जानकारी दी। ईडी ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान आरोपितों ने खुलासा किया है कि चुनिंदा व्यापारिक समूहों को लाभ पहुँचाने के लिए शराब ठेकों के लिए 100 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ था।

एजेंसी ने कहा, “आबकारी घोटाले में शामिल वीआईपी लोगों ने डिजिटल साक्ष्य को नष्ट करने के इरादे से कुल 140 बार फोन (लगभग 1.20 करोड़ रुपए मूल्य के) बदले। इनमें मुख्य आरोपित, शराब कारोबारी, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और अन्य संदिग्ध हैं। फोन बदलने का समय बताता है कि ये ज्यादातर घोटाले के सामने आने के बाद बदले गए थे। हमारे पास इस बात को पुख्ता करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि आबकारी नीति पिछले साल 31 मई को कुछ शराब निर्माताओं के लिए लीक हुई थी, जबकि इसे दो महीने बाद 5 जुलाई, 2021 को सार्वजनिक किया गया था।”

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार शराब घोटाले को लेकर चौतरफा घिरी हुई है। 30 अक्टूबर 2022 को बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर दावा किया था कि आरटीआई से जानकारी मिली है कि दिल्ली सरकार की शराब नीति से सरकारी खजाने को करीब 2500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा था, “नई शराब नीति के तहत, दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर 2021 से 31 अगस्त 2022 तक कुल 5,036 करोड़ रुपए कमाए, यानी प्रतिदिन 17.5 करोड़ रुपए की कमाई हुई। जबकि पुरानी शराब नीति के हिसाब से सितंबर 2022 में कुल 768 करोड़ रुपए कमाए यानी प्रतिदिन 25.6 करोड़ रुपए की कमाई हुई। इस तरह से हर दिन कम से कम 8 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।”