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कांग्रेस राज में मिले एक लाख करोड़ के ठेके तो क्या आपकी सरकार बेईमानों के साथ थी? : अनिल अम्बानी ने राहुल गाँधी से पूछा

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
रिलायंस समूह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल किया है कि यूपीए शासनकाल में उनकी कंपनियों को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के ठेके मिले थे तो क्या वह सरकार क्रोनी कैपिटलिस्टों और बेइमान व्यापारियों की मदद कर रही थी? रिलायंस समूह ने कहा कि राहुल गांधी उनके खिलाफ अपने मिथ्याचार, दुष्प्रचार और दुर्भावना प्रेरित झूठ को जारी रखे हुए हैं। रिलायंस समूह ने एक बयान में कहा, ‘उन्होंने हमारे समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी पर क्रोनी कैपिटलिस्ट होने और बेईमान कारोबारी होने का आरोप लगाया है। ये सभी निश्चित तौर पर असत्य बयान हैं।’ बयान में कहा गया है कि कांग्रेसी सरकार के कार्यकाल में 2004 से 2014 के बीच उसे बिजली, दूरसंचार, सड़क, मेट्रो आदि जैसे बुनियादी संरचना क्षेत्रों में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के ठेके मिले तो क्या उनकी अपनी सरकार 10 साल तक एक कथित क्रोनी कैपिटलिस्ट और बेईमान कारोबारी की मदद कर रही थी।
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अंबानी पर मेहरबान थी राहुल गांधी की कांग्रेस सरकार
लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी बार-बार एक ही रट लगाए हुए हैं कि मोदी सरकार शुरू से अनिल अंबानी पर मेहरबान रही है, लेकिन आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि अनिल अंबानी पर मोदी सरकार नहीं बल्कि सोनिया-राहुल गांधी की यूपीए सरकार मेहरबान थी। राहुल गांधी की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के शासन में आखिर के सात वर्षों में अंबानी की रिलायंस कंपनी को एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी थी। अंग्रेजी अखबार Economic Times ने पिछले दिनों खुलासा किया था कि कांग्रेस ने किस तरह उद्योगपतियों से सांठगांठ कर देश को लाखों करोड़ का चूना लगाया।
प्रक्रिया का पालन नहीं
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए सरकार ने ऐसी कंपनियों को ठेके दिए जिन्होंने जरूरी प्रक्रियाओं का पालन ही नहीं किया था। कांग्रेस सरकार ने सरकारी कंपनियों से कई प्रोजेक्ट्स छीन कर अनिल अंबानी की कंपनियों को दे दिए थे। एक लाख करोड़ से अधिक के ये प्रोजेक्ट्स तो कांग्रेस शासन के आखिरी 7 वर्षों में ही दिए गए।
ज्ञात हो, रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज, टेलिकॉम, NHAI, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी और DMRC जैसी सरकारी इकाइयों से ये प्रोजेक्ट्स छीने गए थे। इसी मिलीभगत का नतीजा था कि कांग्रेस के पांच साल में ही अनिल अंबानी की इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बन गई थी। इस दौरान 16500 करोड़ रुपये के 12 प्रॉजेक्ट्स शुरू किए गए, जिससे आर-इंफ्रा देश में सबसे बड़ी प्राइवेट रोड डेवलपर बन गई थी।
रिलायंस कम्युनिकेशंस के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल्स तो तमाम प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया गया था। अनिल अंबानी ग्रुप की 6 कंपनियों रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस पावर, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड और रिलायंस मीडियावर्क्स भी इसमें शामिल थी।
स्मरण हो कि प्रोजेक्ट्स हासिल करने से पहले इनमें से कई कंपनियों को उस क्षेत्र का अनुभव भी नहीं था। जाहिर है ये सब इसलिए संभव हो पाया कि अनिल अंबानी के ‘सोनिया गांधी एंड फैमिली’ से करीबी रिश्ते थे।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार जब लोकसभा चुनाव का सिर्फ दो चरण बचे हैं ऐसे में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ....

कांग्रेस सरकार के 10 साल में घोटालों का खेल
दरअसल यूपीए चेयर पर्सन सोनिया गांधी की सरपरस्ती में कांग्रेस और उनसे ताल्लुक रखने वाली कंपनियों ने लूट का खेल खेला। 


                            यूपीए सरकार में ‘लूट ही लूट’
                घोटालों के नाम                  ‘लूट’ की रकम
             कोल ब्लॉक आवंटन, 2012                 1.86 लाख करोड़ रुपये
               2 जी स्पेक्ट्रम, 2008                1.76 लाख करोड़ रुपये
           महाराष्ट्र इरीगेशन स्कैम,2012                 70,000  करोड़ रुपये
              कॉमनवेल्थ गेम्स, 2010                   35,000 करोड़ रुपये
            सत्यम कम्प्यूटर स्कैम, 2009                   14,000 करोड़ रुपये
              स्कॉर्पियन पनडुब्बी, 2005                   1,100 करोड़ रुपये
               अगस्ता वेस्ट लैंड, 2012                   3,600 करोड़ रुपये
                टेट्रा ट्रक स्कैम, 2012                       3,000 करोड़ रुपये
बहरहाल मोदी सरकार ऐसे कई उद्योगपतियों और कंपनियों पर शिकंजा कसा है और उनसे लूट की रकम वापस भी वसूली जा रही है। खास तौर पर एनपीए का बहाना ढूंढ रही कंपनियों को मोदी सरकार ने अपने निशाने पर लिया है। आइए एक नजर डालते हैं कि कैसे मोदी सरकार की सख्ती के बाद कंपनियों को अपनी संपत्ति बेचकर अपने कर्ज की रकम चुकानी पड़ रही है। 
मोदी राज में सूट-बूट वालों की ‘लूट’ पर लगी ब्रेक
बैंकों के कर्ज वापसी के लिए मजबूर हुए उद्योगपति

जिंदल स्टील
अक्टूबर, 2017
रायगढ़ और अंगूल स्टील प्लांट के दो यूनिट को 1,121 करोड़ में बेचना पड़ा
अगस्त 2017
6 हजार करोड़ वसूलने के लिए SBI ने अंगूल में जिंदल इंडिया थर्मल पावर प्लांट का टेंडर मंगवाया

एस्सार ऑयल
अगस्त 2017
ESSAR ऑयल को अपना 49 प्रतिशत शेयर रुस की Rosneft कंपनी को बेचना पड़ा 
SBI, ICICI, Axis, IDBI और Standard Chartered बैंकों का 70,000 करोड़ रुपया चुकाना पड़ा

जीवीके पॉवर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर
जुलाई, 2017
बकाया चुकाने के लिए 3,439 करोड़ रुपये में बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट बेचना पड़ा

डीएलएफ
दिसंबर, 2017
DCCDL को अपना 40 प्रतिशत हिस्सा बेच कर बैंकों का 7100 करोड़ रुपया चुकाना पड़ा

जेपी एसोसिएट्स
40 हजार करोड़ का कर्ज चुकाने के लिए 15,000 करोड़ में Ultratech और ACC को बेचना पड़ा
बैंकों ने जेपी ग्रुप की 13, 000 करोड़ की जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू की

टाटा ग्रुप
जनवरी, 2018
टाटा ग्रुप ने बैंकों के 23 हजार करोड़ में से 17 हजार करोड़ चुका दिए 
सितंबर, 2018
टीसीएस के लाभांश से टाटा मोटर्स और टाटा टेलिसर्विसेज लिमिटेड का कर्ज चुकाएंगे

जीएमआर
37,480 करोड़ रुपये में 18,480 हजार करोड़ वापस किए, बकाया 19,000 करोड़ रुपये जल्द चुकाएंगे

वीडियोकॉन
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में बैंकरप्सी के तहत कंपनी बेचकर वसूला जाएगा बकाया 20 हजार करोड़

रिलायंस
45,000 करोड़ रुपये बकाये की वापसी के लिए अपने Assets बेचकर कर्ज चुकाएगी कंपनी

कांग्रेस ने दिखाए झूठे सपने, हमनें किया उन्हें साकार : मोदी का राहुल पर तीखा प्रहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 3 को अमेठी के गढ़ में राहुल गांधी व कांग्रेस पर सीधा हमला किया है। उन्होंने गांधी, नेहरू परिवार का नाम लिए बिना कहा कि अमेठी में बड़े-बड़े लीडर आए होंगे लेकिन अब अमेठी उनके नाम से नहीं, एके-203 राइफलों के नाम से जानी जाएगी। राफेल विमान के विरोध को उन्होंने कांग्रेस नेताओं की रक्षा सौदे में कमीशन ना मिलने की बौखलाहट बताया।
अमेठी से लेकर देश के विकास की अनदेखी के लिए उन्होंने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वे झूठे सपने दिखाते थे, हम उन्हें साकार कर रहे हैं। वोट लेकर भूल जाना कुछ परिवारों की प्रवृत्ति है।
प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में आए नरेंद्र मोदी ने अमेठी को 538 करोड़ की योजनाओं की सौगात देने के साथ ही लोगों से खुद को कनेक्ट किया। उन्होंने अवधी में लोगों से हालचाल पूछा, अमेठी को पहचान देने वाले टीकरमाफी के महाराज, बाबा पुरुषोत्तम, मलिक मोहम्मद जायसी व आर्य समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जनसंघ के पूर्व विधायक रहे राजा रणंजय सिंह को याद किया।
गांधी, नेहरू परिवार का गढ़ रही अमेठी में उन्होंने कांग्रेस नेताओं का नाम लिए बिना कहा कि वह जो घोषणा करने जा रहे हैं, वह अमेठी की नई पहचान और शान से जुड़ी हैं। यहां बड़े-बड़े लीडर आए होंगे लेकिन अमेठी अब उनके नाम से नहीं, दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राइफलों में शामिल एके-203 के निर्माण से जानी जाएगी।
यह रुस और भारत का संयुक्त उपक्रम है। उन्होंने कहा, मेरी अमेठी में बनने वाली एके-203 राइफलें आतंकियों और नक्सलियों से मुठभेड़ में काम आएंगी। दुनिया के देशों को यहां से राइफल निर्यात की जाएंगी।
वादा नहीं निभाते, बड़ा झूठ बोलते हैं राहुल

मोदी ने कहा, जो काम आज शुरू हो रहा है वह 8-9 साल पहले शुरू हो जाना चाहिए था। यह फैक्ट्री गवाह है कि पहले कैसे सेना व सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जाता था। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि यहां के सांसद ने कहा था कि 2010 में इसमें काम शुरू हो जाएगा। उस समय कांग्रेस की सरकार थी।
उन्होंने कहा, जो इतना काम नहीं करा पाते, उन पर काहे भरोसा करते हो। 2013 तक बिल्डिंग का काम लटका रहा। उन्होंने याद दिलाया कि सांसद ने कहा था कि 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा। वह कहते हैं कि हम वादा करते हैं तो निभाते हैं, मत भूलिए, वह बड़ा झूठ बोलते हैं। उन्होंने लोगों की आंखों में धूल झोंकी है। केवल 200 लोगों को रोजगार मिला। इन दिनों तक अत्याधुनिक राइफलों का निर्माण नहीं होने से सेना के वीर जवानों के साथ अन्याय हुआ। रोजगार न देकर युवाओं के साथ अन्याय किया गया।
कांग्रेस ने सुरक्षा से खिलवाड़ किया
पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकार ने सुरक्षा बलों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया है। 2009 से 2014 तक हमारे जवान बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए तरसते रहे। पांच साल का समय कम नहीं होता। हमने बीते साढ़े चार साल में 2.30 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने का ऑर्डर दिया है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राफेल व आधुनिक तोप का इंतजार कराने वाले कौन थे ? हमने हावित्जर तोप का सौदा किया।

नीयत खराब इसलिए लटकाए रहे राफेल सौदा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जिनकी नीयत ही खराब साफ हो, उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं। वायु सेना दशकों से लड़ाकू विमानों के लिए कह रही थी। पिछली सरकार सालों तक राफेल सौदे को लटकाए रही। सरकार गई तो इसे ठंडे बस्ते में डाल गई। यह हमारी सरकार है कि अगले कुछ महीने में राफेल विमान भारत के आसमान में दिखेगा।

राहुल गांधी व कांग्रेस की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि निजी हित के लिए राफेल विमान सौदे को नाकाम करने की कोशिश की गई। सुप्रीम कोर्ट, सीएजी व संसद कह रही है कि भारत सरकार ने देश हित में, सही समय पर सही निर्णय लिया है। पर, वे झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं। रक्षा सौदे में कमीशन न मिलने की बौखलाहट कुछ लोगों के चेहरों पर देखी जा सकती है।
विकास के नाम पर अमेठी की भावना से खिलवाड़ किया

मोदी ने कांग्रेस नेताओं का नाम लिए बिना कहा कि जिन्होंने देश की सुरक्षा की परवाह नहीं की, उन्होंने वैसा ही व्यवहार अमेठी के साथ किया। अमेठी की क्या स्थिति है, यह आप लोगों से बेहतर कौन जानता है। नीयत ठीक न हो, मंशा गलत हो और झूठ ही झूठ बोलना हो तो ऐसे ही होता है। स्टील फैक्ट्री के लिए गैस की व्यवस्था नहीं की, मेगा फूड पार्क का भी यही हाल हुआ। गौरीगंज में साइकिल फैक्ट्री के लिए किसानों से जमीन ले ली और कारखाना नहीं लगाया। बाद में पिछले दरवाजे से यह जमीन अपने नाम करा ली। विकास के नाम पर अमेठी की भावना से खेल किया गया।
सत्ता स्वार्थ बन जाए तो पीछे छूट जाता है आम आदमी
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जब सत्ता स्वार्थ बन जाती है तो देश की जरूरतों का पीछे छूटना स्वाभाविक है। जब रिश्तेदारों का भला प्राथमिकता बन जाए तो सामान्य आदमी पीछे छूट जाता है। वोट लेकर जनता को भूल जाना कुछ परिवारों की प्रवृत्ति है। वे लोगों को गरीब बनाए रखना चाहते हैं ताकि गरीबी हटाओ का नारा लगाते रहें, जबकि हम उन्हें गरीबी से बाहर निकाल रहे हैं। भारत दुनिया के उन देशों में है जो गरीबी से बाहर निकल रहे हैं।

हम 10 साल में देंगे 7.50 लाख करोड़
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, गरीबी की तरह किसानों की दिक्कतों को भी कांग्रेस ने नजरंदाज किया। किसानों की नाराजगी बढ़ती तो उन्हें कर्जमाफी के भ्रम में फंसा देते थे। 2008 में कांग्रेस ने 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। इसका लाभ साढ़े तीन करोड़ किसानों को मिला। यानी 25 फीसदी किसानों को ही फायदा हुआ। बाकी पैसा ठेकेदारों, दलालों, बिचौलियों व इनके सिपहसालारों की जेब में गया। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ हम 12 करोड़ किसानों तक पहुंचा रहे हैं। 2 हजार रुपये की पहली किस्त किसानों के खाते में पहुंच गई है। 10 साल में किसानों को 7.50 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

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दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान की सीमा के भीतर घुसकर किए गए एयर स्‍ट्राइक पर सवाल...

स्मृति के लिए नया इतिहास रचेगा अमेठी
पीएम मोदी ने अमेठी के लोगों को लुभाने और स्मृति ईरानी के पक्ष में माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि भले ही 2014 में स्मृति इरानी चुनाव नहीं जीत पाईं लेकिन दिल जीतने में सफल रहीं। उन्होंने पांच साल अमेठी को इतना प्यार दिया कि कभी लगा नहीं कि वह हारी हैं। अमेठी के लोग नया इतिहास रचने जा रहे हैं। यह ऐसा इतिहास होगा, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। उन्होंने चुनाव हारने के बावजूद पांच साल में स्मृति ईरानी द्वारा किए गए काम की सराहना की।

योगी, निर्मला सीतारमण व स्मृति बोलीं
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई नेताओं ने विचार रखे।

Rafale Deal: रिलायंस डिफेंस ने राहुल के आरोपों को खारिज किया, कहा, ‘प्रस्तावित एमओयू' राफेल से जुड़ा नहीं

RAFALE
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
राजनीती भी वास्तव में उस हसीना की भांति है, जो पल-पल अपना रंग बदल गिरगिट को भी मात दे देती हैं। क्या अजीब खेल है, जिसे आसानी से नहीं समझा जा सकता। 
गाँधी परिवार पर चल रहे भ्रष्टाचार के मुकदमों से जनता का ध्यान हटाने, राफेल में कथित घोटाले को लेकर एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अनिल अंबानी पर रोज हमले कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अंबानी की ओर से कांग्रेस के सीनियर नेता कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में उनका केस लड़ रहे हैं। बीजेपी ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। बीजेपी ने फरवरी 12 को आरोप लगाया कि कांग्रेस के अनिल अंबानी समूह के साथ करीबी रिश्ते हैं और विपक्षी पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल का कई मामलों में उद्योगपति के समूह का ‘पक्ष लेना’ पार्टी का पर्दाफाश करता है 
बीजेपी की ओर से यह हमला तब किया गया है जब वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई में रिलायंस की तरफ से पेश हुए। यह सुनवाई एरिक्सन इंडिया द्वारा रिलायंस कम्युनिकेशन्स लिमिटेड (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी एवं अन्य के खिलाफ दायर अवमानना से जुड़ी थी।एरिक्सन इंडिया ने यह मामला 550 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान नहीं करने को लेकर दायर किया है 
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राहुल कर रहे हैं हमले तो कपिल सिबल कर रहे है अम्बानी की पैरवी 
बीजेपी प्रवक्ता जी वी एल नरसिम्हा राव ने सिब्बल द्वारा अंबानी की आलोचना करने और अदालत में रिलायंस की ओर से पेश होने के लिए कांग्रेस पर हमला बोला और कहा, ‘राहुल गांधी और कांग्रेस दुष्प्रचार में लिप्त है क्योंकि कंपनी (अनिल अंबानी समूह) जिसके बारे में उनका आरोप है कि उसे यहां (राफेल सौदे में) लाभ हुआ, उसे इस सरकार में कोई लाभ नहीं हुआ बल्कि उसे तब अनुचित लाभ हुआ जब कांग्रेस सत्ता में थी। हालांकि इन आरोपों को लेकर कपिल सिब्बल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है 
राहुल गांधी कर रहे हैं हमले, कपिल सिब्बल लड़ रहे हैं अनिल अंबानी का केस, बीजेपी ने उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 12 को रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के चेयरमैन अनिल धीरूभाई अंबानी और अन्य को जारी अवमानना नोटिस पर सुनवाई फरवरी 13 के लिये स्थगित कर दी।कोर्ट ने एरिक्सन इंडिया की उस याचिका पर ये नोटिस जारी किये थे जिसमें उन पर 550 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया गया है। न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ के समक्ष अंबानी, रिलायंस टेलीकाम लिमिटेड चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड की चेयरपर्सन छाया विरानी उपस्थित हुए। इन सभी को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया गया था 
रिलायंस डिफेंस ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे को लेकर अपने नए आरोपों में जिस कथित ईमेल का हवाला देते हुए 'प्रस्तावित सहमति पत्र' का जिक्र किया है वह एयरबस हेलीकॉप्टर के साथ उसके सहयोग के संदर्भ में था और उसका युद्धक विमान के ठेके से 'कोई संबंध नहीं' है। 
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राफेल विमान सौदे में अनिल अंबानी का 'बिचौलिया' बन कर 'देशद्रोह' और शासकीय गोपनीयता कानून का उल्लंघन किया। उन्होंने एक ईमेल का हवाला देकर दावा किया कि कारोबारी को भारत और फ्रांस के बीच सौदा होने से पहले ही इसके बारे में पता था। 
रिलायंस डिफेंस के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'कांग्रेस पार्टी द्वारा जिस कथित ईमेल का संदर्भ दिया जा रहा है वह 'मेक इन इंडिया' के तहत नागरिक एवं रक्षा हेलीकॉप्टर कार्यक्रम के बारे में एयरबस और रिलायंस डिफेंस के बीच हुई चर्चा से संबंधित है।' गांधी ने मीडिया में 28 मार्च 2015 की तारीख का एक ईमेल जारी किया है जिसे कथित तौर पर एयरबस के कार्यकारी निकोलस चामुसी द्वारा तीन लोगों को भेजा गया था और इस ईमेल की 'सब्जेक्ट लाइन' में लिखा था 'अंबानी'।
उन्होंने दावा किया कि ईमेल दिखाता है कि अंबानी ने तत्कालीन फ्रांसीसी रक्षा मंत्री जीन येव्स ली ड्रायन के दफ्तर का दौरा किया था और 'एक एमओयू तैयार किये जाने और प्रधानमंत्री के (फ्रांस) दौरे के दौरान उस पर हस्ताक्षर किये जाने की मंशा' का उल्लेख किया था।
रिलायंस रक्षा प्रवक्ता ने कहा, 'प्रस्तावित एमओयू पर चर्चा स्पष्ट रूप से एयरबस हेलीकॉप्टर और रिलायंस के बीच सहयोग पर हो रही थी। इसका 36 राफेल विमानों के लिये फ्रांस और भारत के बीच सरकार से सरकार के समझौते का कोई संबंध नहीं है।'
उन्होंने कहा, 'यह भी दस्तावेजों में दर्ज है कि राफेल विमानों के लिये फ्रांस और भारत के बीच सहमति पत्र पर 25 जनवरी 2016 को दस्तखत हुआ था न कि अप्रैल 2015 में।'

राफेल पर BJP ने गिनाए राहुल गांधी के 10 झूठ

rahul gandhi
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
राफेल मुद्दे पर लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने वाले कांग्रेस अध्यक्ष पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार किया है। बीजेपी ने राहुल गांधी को झूठा बताया है एक के बाद एक कर उनके 10 झूठ गिनाए हैं। बीजेपी ने ये सभी ट्वीट #LiarRahulGandhi के साथ ट्वीट किए हैं। इस संबंध में बीजेपी ने पहला ट्वीट किया, 'सुप्रभात मित्रों। जब आप ईमानदारी और कड़ी मेहनत का एक नया दिन शुरू कर रहे हैं, #झूठाराहुलगांधी अधिक झूठ बोलने की तैयारी कर रहा है।
झूठ नंबर 1: झूठे राहुल ने एक फ्रेंच मीडिया हाउस की रिपोर्ट में ट्विस्ट करने की कोशिश की, जिसमें कहा गया कि भारत के साथ डील करने के लिए रिलायंस को ऑफसेट पार्टनर बनाने के लिए दसॉ से कहा गया।



Lie No.1: tried to twist some report in a French media house to say making Reliance an offsets partner was a tradeoff for Dassault to get the deal with India.

Fact: Both Supreme Court & Dassault CEO said Indian govt had nothing to do with choosing of offsets partners.
तथ्य: सुप्रीम कोर्ट और दसॉ के सीईओ ने कहा कि भारतीय सरकार का ऑफसेट पार्टनर चुनने से कोई लेना-देना नहीं है। 
https://www.facebook.com/Lakshya2019/videos/168083770766953/

झूठ नंबर 2: झूठे राहुल ने गलत धारणा बनाने की कोशिश की कि सुप्रीम कोर्ट ने सौदे के साथ गंभीर अनियमितताएं पाई हैं।
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Lie No.2: tried to create false impression that SC has found grave irregularities with the deal. Indulged in third grade level propaganda on a sub judice matter.

Fact: The Supreme Court dismissed the petitions filed by Congress proxies and held govt has done no wrong.
तथ्य: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के करीबियों द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया और कहा कि  और सरकार ने कोई गलत काम नहीं किया।
झूठ नंबर 3: झूठे राहुल ने दावा किया कि रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को राफेल सौदे पर असंतुष्टि दिखाने के लिए मोदी सरकार द्वारा 'दंडित' किया गया।
Lie No.3: claimed that a senior officer at MoD was ‘punished’ by Modi govt for submitting a dissent note on Rafale deal.

Fact: ’s lies were shattered when the officer in question spoke to media and denied any kind of ‘punishment’. https://www.thetruepicture.org/new-congress-lie-rafale-busted-defense-officer-punished-modi-government/ 
तथ्य: झूठ तब चकनाचूर हो गया जब अधिकारी ने मीडिया से बात की और किसी भी प्रकार की सजा से इनकार किया। 
झूठ नंबर 4: लायर राहुल ने कहा कि पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति ओलांद ने पीएम मोदी को चोर कहा और भारत सरकार ने रिलायंस को ऑफसेट पार्टनर के रूप में शामिल करने के लिए कहा।


Lie No.4: said ex-French President Hollande called PM Modi a thief and that Indian government had asked to include Reliance as offset partner.

Fact: Hollande denied all such allegations. The French government issued an official statement. https://in.ambafrance.org/India-15906 
तथ्य: ओलांद ने ऐसे सभी आरोपों से इनकार किया। फ्रांस सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। 
झूठ नंबर 5: झूठे राहुल ने संसद से भी झूठ बोला और कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रॉन से पुष्टि की कि ऐसा कोई भी समझौता नहीं है कि दाम नहीं बताए जा सकते।

Embedded video

Lie No.5: lied even to Parliament and said he personally confirmed from French President Mr. Macron that there is no non disclosure clause.

Fact: French govt issued statement refuting liar's claim & said agreement prohibits parties from sharing classified information.
तथ्य: फ्रांसीसी सरकार ने स्टेटमेंट जारी किया जिसमें झूठे दावे का खंडन किया गया और कहा गया कि समझौते में वर्गीकृत जानकारी साझा करने से पार्टियों को प्रतिबंधित किया गया है। 
झूठ नंबर 6: झूठे राहुल ने यूपीए सौदे में विमान की कथित कीमत के लिए कई स्थानों पर कई संख्याओं का उद्धरण किया
• संसद, उन्होंने कहा कि 520 करोड़
• कर्नाटक, उन्होंने कहा 526 करोड़
• राजस्थान, उन्होंने कहा कि 540 करोड़
• दिल्ली, उन्होंने कहा कि 700 करोड़


Embedded video

Lie No.6: quotes multiple numbers at multiple places for supposed price of aircraft in UPA deal
• Parliament, he said 520 crore
• Karnataka, he said 526 crore
• Rajasthan, he said 540 crore
• Delhi, he said 700 crore

Analysis: He deserves Nobel for lying.
विश्लेषण: वह झूठ बोलने के लिए नोबेल के हकदार हैं। 
झूठ नंबर 7:  लायर राहुल ने कहा कि पीएम मोदी की सरकार द्वारा सैन्य अधिग्रहण के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया।


Lie No.7: said that the processes and procedures laid down for military acquisitions were flouted by PM Modi’s government.

Fact: Hon’ble SC in its judgment held: We are SATISFIED that there is no occasion to really doubt the process.
तथ्य: माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा: हम इस बात से सहमत हैं कि इस प्रक्रिया पर वास्तव में संदेह करने का कोई अवसर नहीं है। 
झूठ नंबर 8:  झूठे राहुल ने कहा कि यूपीए ने प्रति विमान 526/520/540 (एक स्थान, एक मूल्य) करोड़ रुपए की कीमत पर बातचीत की। जबकि एनडीए ने 1,600 करोड़ रुपए में डील की।
Lie No.8: said UPA negotiated price of Rs. 526/520/540 (one place, one price) crore per aircraft, while NDA settled for Rs.1,600 cr.

Analysis: Liar is comparing apples & oranges. Price negotiated by NDA is for a complete operational package; including Rafale aircraft.
विश्लेषण: झूठा सेब और संतरे की तुलना कर रहा है। एनडीए द्वारा की गई डील राफेल विमान सहित पूर्ण परिचालन पैकेज के लिए है। एक साल से झूठा समझ नहीं पाया है कि पूर्ण परिचालन पैकेज में हथियार, स्पेयर पार्ट्स, सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रचर, लोजिस्टिकल सपोर्ट और अधिक शामिल हैं। 
झूठ नंबर 9:  झूठे राहुल ने कहा कि 36 विमानों की खरीद का निर्णय राजनीतिक 'पूंजीपतियों' को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया था और इससे वायु सेना को नुकसान पहुंचा है।



Lie No.9: said decision to procure 36 aircraft was made to benefit political “cronies” and has harmed Air Force.

Fact: Hon SC held the decision was made in interest of defense preparedness in face of our adversaries’ ramping up their capabilities and IAF is happy.
तथ्य: माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लिया कि हमारी तैयारियों के मद्देनजर रक्षा तैयारियों के हित में निर्णय लिया गया है, जिससे उनकी क्षमताओं में वृद्धि हुई है और भारतीय वायुसेना खुश है।
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R.B.L.Nigam, Sr Journalist 68 journalists, writers and bureaucrats given 2-5 lakh/month to write against PM Modi through Cambridge Analy...

झूठ नंबर 10: कल लायर राहुल को अपराध में एक साथी मिला- द हिंदू। सुविधापूर्ण तरीके से क्रॉप तस्वीर का उपयोग करके, उन्होंने फिर से झूठ बोलने की कोशिश की।



Lie No.10: Yesterday, found a partner in crime - The Hindu. Using a conveniently cropped photo, they tried to lie again.

Fact: We always knew Congressis were photoshoppers. But yesterday they learnt, the hard way, that ‘Satyamev Jayate’ :)
तथ्य: हम हमेशा से जानते थे कि कांग्रेसी फोटोशॉप करने वाले थे।