Showing posts with label #Ramcharitmanas. Show all posts
Showing posts with label #Ramcharitmanas. Show all posts

बिहार के शिक्षा मंत्री ने अब रामचरितमानस को बताया ‘पोटैशियम साइनाइड’

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने रामचरितमानस की तुलना बेहद खतरनाक जहर पोटैशियम साइनाइड से की है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में पोटेशियम साइनाइड है। जब तक यह रहेगा, तब तक इसका विरोध करते रहेंगे। इससे पहले वे मानस को बाँटने वाला ग्रंथ बता चुके हैं।

मोदी विरोध में हुए गठबंधन के किसी न किसी नेता द्वारा सनातन और रामचरितमानस को कलंकित करने से हिन्दुओं में भी रोष शुरू हो रहा है, हिन्दुओं का मत है कि ऐसे लोगों को सजा देने के लिए किसी पुलिस अथवा न्यायालय की ओर रुख करने की बजाए इन लोगों का परिवार सहित सामाजिक बहिष्कार करना होगा। जिस दिन इनका परिवार सहित सामाजिक बहिष्कार शुरू हो जायेगा, यह किसी न्यायालय द्वारा दी जाने वाली सजा से कही भयंकर होगी। 

चंद्रशेखर ने कहा कि 55 तरह का व्यंजन परोस कर उसमें पोटैशियम साइनाइड मिला दीजिए तो क्या होगा? रामचरितमानस के साथ भी यही हाल है। बिहार हिंदी ग्रंथ अकादमी में कार्यक्रम में उन्होंने रामचरितमानस के अरण्य कांड की चौपाई ‘पूजहि विप्र सकल गुण हीना, शुद्र न पूजहु वेद प्रवीणा’ की चर्चा की।

इस चौपाई का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से पूछा कि ये क्या है? क्या इसमें जाति को लेकर गलत बात नहीं कही गई है? शिक्षा मंत्री ने कहा, “पिछली बार रामचरितमानस के सुंदर कांड के दोहे पर जीभ काटने की कीमत 10 करोड़ रुपए लगाई गई थी तो मेरे गले की कीमत क्या होगी?”

चंद्रशेखर यादव ने वहाँ उपस्थित लोगों से सवालिया लहजे में पूछा कि क्या गुणहीन विप्र (ब्राह्मण) पूजनीय है और गुणयुक्त शूद्र वेद का जानकार होने पर भी पूजनीय नहीं है। उन्होंने कहा कि इन चीजों का विरोध डॉक्टर राम मनोहर लोहिया और नागार्जुन ने भी किया था।

बिहार के शिक्षा मंत्री और सरकार में सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से विधायक चंद्रशेखर ने कहा, “एकलव्य का अंगूठा काटा गया। आप लोग जगदेव प्रसाद को गोली मारने के कारण को जरा गूगल करके पढ़िएगा तो पता चल जाएगा कि मैं किन चीजों का विरोध कर रहा हूँ।”

भाजपा ने बोला हमला

भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने चंद्रशेखर यादव के बयान पर जोरदार प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इंडी अलायंस (I.N.D.I. Alliance) के अंदर हिंदू धर्म को लेकर जहर भरा हुआ है। कोई बोल रहा है कि हिंदू धर्म डेंगू-मलेरिया है तो कोई एड्स बता रहा है। चंद्रशेखर यादव रामचरितमानस को पोटैशियम साइनाइड कह रहे हैं।
संबित पात्रा ने आगे कहा, “जिस राम नाम को लेकर हम परलोक जाते हैं, उसे ये जहर बता रहे हैं। करोड़ों लोगों की आस्था है कि ‘राम नाम सत्य है’ कहकर परलोक जाते हैं। उस राम के नाम को जहर बताने वाले इस देश की मूल आस्था पर चोट करते हैं।”

पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं चंद्रशेखर

ये पहली बार नहीं है, जब बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने रामचरितमानस को लेकर इस तरह का बेतुका बयान दिया हो। कुछ दिनों पहले ही चंद्रशेखर ने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम‘ बता दिया था। उनके इस बयान पर भी भाजपा ने गंभीर सवाल उठाए थे। दरअसल, मर्यादा पुरुषोत्तम सिर्फ भगवान राम को कहा जाता है।
दरअसल, चंद्रशेखर ने कहा था, “जब शैतानियत बढ़ गई दुनिया में, ईमान खत्म हो गया, बेईमान और शैतान ज्यादा हो गए तो मध्य एशिया के इलाके में ईश्वर ने… प्रभु ने… परमात्मा ने… मर्यादा पुरुषोत्तम पैगंबर मुहम्मद साहब को पैदा किया। ईमान लाने के लिए। इस्लाम ईमान लाने के लिए आया। इस्लाम बेइमानी और शैतानी के खिलाफ आया। अगर बेईमान भी खुद को मुस्लिम कहते हैं तो इसकी इजाजत खुदा नहीं देता है।”

 


उत्तर प्रदेश : ‘अधर्मी स्वामी प्रसाद मौर्य का प्रवेश वर्जित’: हनुमान मंदिर में लगा पोस्टर

               लखनऊ के हनुमान मंदिर में स्वामी प्रसाद मौर्य को अधर्मी बता कर लगे पोस्टर (चित्र साभार: न्यूज़ 18)
रामचरितमानस पर समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान के बाद उनका विरोध बढ़ता जा रहा है। अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर में उनका पोस्टर लगा कर उन्हें मंदिर में न घुसने के लिए कहा गया है। इसी पोस्टर में मौर्य को अधर्मी भी कहा गया है। माना जा रहा है कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी स्वामी प्रसाद मौर्य से काफी नाराज हैं और जल्द ही कोई फैसला ले सकते हैं। वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में कई धाराओं में FIR भी दर्ज हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रामचरितमानस को बकवास कहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ उत्तर प्रदेश और देश के कई हिस्सों में विरोध दर्ज करवाया जा रहा है। ऐसे में लखनऊ के प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर के गेट पर स्वामी प्रसाद का एक बड़ा सा पोस्टर लगा दिया गया है। इस पोस्टर में स्वामी प्रसाद के फोटो पर लाल रंग का क्रास मार्क बनाया गया है। इस पोस्टर में लिखा गया है, “हिन्दुओं की आस्था के सर्वोच्च शिखर पर स्थापित तुलसीदास कृत रामचरितमानस का अपमान करने वाले अधर्मी स्वामी प्रसाद मौर्य का मंदिर में प्रवेश वर्जित है।”

पोस्टर में इसे मंदिर प्रशासन की आज्ञा बताया गया है। लेटे हनुमान मंदिर लखनऊ के चौक में पंचवटी घाट के पास लक्ष्मण टीला के बगल मौजूद है। मंदिर प्रशासन के सदस्य ने एक बयान में कहा है कि हम अपने मंदिर परिसर में ऐसे अधर्मी मानसिकता वाले को नहीं आने देंगे। मंदिर में मौजूद एक अन्य सदस्य ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य को धर्म का कोई ज्ञान नहीं है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में जो भी व्यक्ति सनातन के विरोध में बात करेगा उसको मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश यादव स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से काफी नाराज हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने समाजवादी पार्टी के कुछ अन्य विधायकों के साथ इस बारे में मीटिंग की है और जल्द ही कोई निर्णय ले सकते हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के ही बलरामपुर जिले में स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला जला कर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के सदस्यों ने कोतवाली नगर में शिकायत दी है।

अवलोकन करें:-

‘बकवास किताब है रामचरितमानस, इस पर लगे बैन’: सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने बागेश्वर धाम पर भी

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
‘बकवास किताब है रामचरितमानस, इस पर लगे बैन’: सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने बागेश्वर धाम पर भी

वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य पर लखनऊ के ही हजरतगंज कोतवाली में FIR दर्ज हो गई है। यह FIR शिवेंद्र मिश्रा नाम के व्यक्ति की तहरीर पर मंगलवार (24 जनवरी, 2023) को दर्ज हुई है। मौर्य पर IPC की धारा 153 A, 295A,298, 504 और 505(2) लगाई गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

बिहार : 'तुलसीदास रचित रामचरितमानस’ पर विष फ़ैलाने वाले ठोंगी हिन्दू चंद्रशेखर का परिवार सहित सामाजिक बहिष्कार कब?

भारतीय संस्कृति एवं हिन्दू धर्म को जितना अपमानित ठोंगी हिन्दुओं ने किया है, किसी अन्य ने नहीं। इन्हीं ठोंगी हिन्दुओं को ढाल बनाकर हिन्दू विरोधी अति प्राचीन सनातन धर्म को कलंकित करने का दुस्साहस करते हैं। जनता को चाहिए कि ऐसे ठोंगी हिन्दु नेता और इनको संरक्षण देने वाली पार्टियों को चुनावों में औंधे मुंह गिराने के साथ इनके परिवार का भी सामाजिक बहिष्कार करें। जब तक हिन्दू इन कुर्सी के भूखे नेताओं और पार्टियों के विरुद्ध एकजुट नहीं होंगे, सनातन धर्म को अपमानित करने वाले होश में नहीं आएंगे। आखिर कब तक सनातन धर्म को अपमानित किया जाता रहेगा, कोई सीमा होती है? 

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ करार दिया है। ‘नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी’ के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए RJD नेता रामचरितमानस को समाज को बाँटने वाला ग्रंथ बता दिया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस दलितों-पिछड़ों को शिक्षा ग्रहण करने से रोकता है। संबोधन के बाद मीडिया के सामने भी बिहार के शिक्षा मंत्री अपने बयान पर कायम नजर आए।

पटना ज्ञान भवन में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चंद्रशेखर ने छात्र छात्राओं को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने रामचरितमानस के एक दोहे “अधम जाति में विद्या पाए, भयहु यथा अहि दूध पिलाए” का जिक्र करते हुए कहा कि यह समाज में नफरत फैलानेवाला ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि दोहे में अधम का अर्थ नीच होता है जिसे उन्होंने जाति से जोड़ते हुए कहा कि इस दोहे के अनुसार नीच जाति अर्थात दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं था।

अपने संबोधन की शुरुआत में बिहार के शिक्षा मंत्री ने सभागार में उपस्थित बच्चों से पूछा कि भारत को ताकतवर नफरत से बनाएँगे या मोहब्बत से? सभागार में उपस्थित बच्चों ने ‘मोहब्बत से’ जवाब दिया। शिक्षा मंत्री ने अपने भाषण को जारी रखा। फिर उन्होंने कहा कि देश में कुछ विचार ऐसे चले हैं जो नफरत फैलाना चाहते हैं और यह विचार आज के नहीं हैं बल्कि तीन हजार साल पहले जब मनुस्मृति लिखी गई, यह विचार वहीं से आए हैं।

संबोधन के बाद पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए भी उन्होंने अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में मनुस्मृति ने समाज में नफरत का बीज बोया, उसके बाद रामचरितमानस ने समाज में नफरत पैदा की। बकौल चंद्रशेखर, आज के समय में गुरु गोलवलकर के विचार समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि समाज में जितनी जातियाँ हैं, उतनी ही नफरत की दीवारें हैं। जब तक यह दीवारें समाज में मौजूद रहेंगी, भारत विश्वगुरु नहीं बन सकता है।