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शहबाज शरीफ की इंटरनेशनल बेज्जती, ‘मध्यस्थ’ नहीं अमेरिका के ‘दलाल’ ही थे शहबाज शरीफ: ट्रंप से मिला मैसेज किया ‘कॉपी-पेस्ट’ तो जमकर हुए ट्रोल

                                 शहबाज शरीफ ने ट्रंप का मैसेज किया 'कॉपी-पेस्ट' (साभार : Grok)
मिडिल ईस्ट में पिछले 38 दिनों से चल रही विनाशकारी जंग पर बुधवार (8 अप्रैल 2026) सुबह आखिरकार ब्रेक लग गया। खास बात यह रही कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी डेडलाइन खत्म होने से ठीक 2 घंटे पहले सीजफायर(संघर्ष विराम) का ऐलान कर दिया।

इस शांति के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक ‘कॉपी-पेस्ट’ ट्वीट ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। चर्चा है कि ट्रंप खुद झुकते हुए नहीं दिखना चाहते थे, इसलिए उन्होंने शहबाज शरीफ से एक खास रिक्वेस्ट वाला ट्वीट करवाया ताकि उन्हें पीछे हटने का बहाना मिल सके। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ठीक ही कहा था कि भारत इस युद्ध में पाकिस्तान की तरह दलाली नहीं कर सकता है और अब शायद वही बात सामने भी आ रही है।

डेडलाइन से ठीक पहले ट्रंप का यू-टर्न

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार(7 अप्रैल) देर रात घोषणा की कि वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर से बातचीत के बाद युद्ध रोकने को तैयार हुए हैं। ट्रंप ने पहले ईरान को चेतावनी दी थी कि या तो वह झुक जाए या बड़े हमले के लिए तैयार रहे। लेकिन जैसा कि पिछले कई मौकों पर देखा गया है, ट्रंप डेडलाइन खत्म होने से ऐन पहले पीछे हट जाते हैं। माना जा रहा है कि अपनी साख बचाने के लिए उन्होंने इस बार पाकिस्तान के कंधे का इस्तेमाल किया।

‘Draft’ ट्वीट से खुली पोल, क्या ट्रंप ने लिखा था संदेश?

विवाद तब शुरू हुआ जब पीएम शहबाज शरीफ ने ‘X’ (ट्विटर) पर रात 12:46 बजे एक पोस्ट किया। इस पोस्ट की पहली लाइन में ही ‘Draft–Pakistan’s PM Message on ‘X’’ लिखा था। हालाँकि, शरीफ की टीम ने एक मिनट के अंदर ‘कॉपी-पेस्ट’ को एडिट किया, लेकिन तब तक यह मैसेज वायरल हो चुका था।

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह मैसेज ट्रंप की टीम ने लिखकर पाकिस्तान भेजा था? जानकारों का कहना है कि किसी देश के PM की टीम अपने ड्राफ्ट में ‘पाकिस्तान के पीएम का मैसेज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करती। ऐसा लग रहा है जैसे ट्रंप प्रशासन ने खुद यह ड्राफ्ट तैयार किया और शहबाज शरीफ से इसे पोस्ट करने को कहा, ताकि ट्रंप को दुनिया के सामने यह कहने का मौका मिले कि वह पाकिस्तान के अनुरोध पर जंग रोक रहे हैं।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पोस्ट में क्या लिखा था?

शहबाज शरीफ ने अपने पोस्ट में बड़ी चतुराई से ट्रंप से अनुरोध किया था कि कूटनीति को एक मौका देने के लिए हमले की डेडलाइन 2 हफ्ते आगे बढ़ा दी जाए। साथ ही, उन्होंने ईरान से भी अपील की कि वे सद्भावना दिखाते हुए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोल दें। इसी ट्वीट को आधार बनाकर ट्रंप ने जंग रोकने का फैसला सुना दिया।

शहबाज शरीफ के लेबनान पर सीजफायर के दावे की इजरायल ने निकाली हवा (साभार : Thetribune & Indianews)
लेबनान में सीजफायर का झूठा दावा पड़ा भारी: इजरायल ने बम बरसाकर निकाली हवा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। शहबाज ने ट्वीट कर दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर लेबनान समेत हर जगह तुरंत प्रभावी होगा।

हालाँकि, इजरायल ने इस दावे की धज्जियाँ उड़ाते हुए साफ कर दिया कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है। इजरायल ने बयान जारी करने के साथ ही लेबनान में बमबारी जारी रखकर पाकिस्तान के झूठ की हवा निकाल दी।

पाकिस्तानी PM का बड़बोलापन

शहबाज शरीफ ने खुद को ‘शांति दूत’ बताते हुए घोषणा की थी कि लेबनान में भी जंग रुक गई है। लेकिन इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने सख्त लहजे में कहा कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता। इजरायल का तर्क है कि हिजबुल्लाह का मोर्चा अलग है। जब तक उत्तरी सीमा सुरक्षित नहीं होती, हमले जारी रहेंगे।

इजरायल के रुख से साफ है कि पाकिस्तान को या तो समझौते की समझ नहीं है या उसने श्रेय लेने के लिए सफेद झूठ बोला। इस घटना ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के उस बयान को सच साबित कर दिया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को ‘फीस लेकर संकट सुलझाने का दावा करने वाला दलाल’ कहा था। पाकिस्तान अब कूटनीतिक रूप से अलग-थलग और बेनकाब हो गया है।

पाकिस्तान को क्रिकेट के मैदान में मिला जो जख्म उस पर जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति ने भी नमक रगड़ा

जिम्बाब्वे-पाकिस्तान मैच से चर्चा में मिस्टर बीन
टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है। पहले उसे भारत से करारी शिकस्त मिली। अब जिम्बाब्वे ने उसे 1 रन से हरा दिया है। 27 अक्टूबर 2022 को हुए इस मैच के बाद से सोशल मीडिया में ‘मिस्टर बीन’ छाए हुए हैं।

जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति एमर्सन दाम्बुद्जो मनांगाग्वा (Emmerson Dambudzo Mnangagwa) ने पाकिस्तान का मजाक उड़ाते हुए ​ट्वीट करते हुए कहा, “जिम्बाब्वे की टीम ने क्या जीत हासिल की है। टीम को बधाई। अगली बार असली मिस्टर बीन भेजना… #PakvsZim।” इसके बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का ट्वीट आया। उन्होंने लिखा, “हमारे पास असली मिस्टर बीन नहीं है। लेकिन हमारे पास असली क्रिकेट भावना है। पाकिस्तानियों में वापसी करने की एक अजीब आदत है। जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति को बधाई। आपकी टीम ने वास्तव में अच्छा खेला।”

जैसा कि हम सब जानते हैं कि ‘मिस्टर बीन’ एक मशहूर कैरेक्टर है। ब्रिटिश एक्टर रोवन एटकिंसन (Rowan Atkinson) अपने इस कैरेक्टर के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। लेकिन जिम्बाब्वे और पाकिस्तान के मैच के बीच ‘मिस्टर बीन’ की एंट्री की वजह 6 साल पुरानी एक घटना है। दरअसल मैच से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने एक ट्वीट किया था। इसमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों की अभ्यास करते कुछ तस्वीरें थी।

इस ट्वीट के जवाब में नगुगी चसुरा (Ngugi Chasura) नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “जिम्बाब्वे का नागरिक होने के कारण हम तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे। एक बार तुमने असली मिस्टर बीन की जगह, नकली पाक बीन दिखा दिया था। हम इसका कल मैदान पर हिसाब करेंगे। दुआ करो कि कल बारिश तुम्हें बचा ले।”

इसके बाद सोशल मीडिया में मिस्टर बीन की चर्चा शुरू हो गई। बताया जाता है कि 2016 में जिब्बाब्वे में हुए एक एग्रीकल्चर शो में एटकिंसन को बतौर गेस्ट आना था। इस शो में एक पाकिस्तानी कंपनी भी पाटर्नर थी। लेकिन शो में एटकिंसन की जगह उनके पाकिस्तानी हमशक्ल को भेज दिया गया।

मिस्टर बीन की तरह दिखने वाले इस पाकिस्तानी कॉमेडियन का नाम आसिम मोहम्मद था। इतना ही नहीं नकली मिस्टर बीन के शो के लिए लोगों से पैसे भी लिए गए थे। पाकिस्तान की इस हरकत से जिम्बाब्वे के लोग निराश थे। इसलिए जिम्बाब्वे के लोग क्रिकेट के मैदान पर मिली इस जीत को 6 साल पुराने फ्रॉड का बदला पूरा होने की तरह पेश कर रहे।