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जिस जल से होता था भगवान का अभिषेक, उसमें इस्लामी कट्टरपंथियों ने मीट खाकर फेंकी हड्डियाँ: महंत की शिकायत पर श्रावस्ती पुलिस ने जमाल-इरफान समेत 4 को किया गिरफ्तार

    श्रावस्ती के सोनपथरी आश्रम के पास नाले में इफ्तार पार्टी में परोसा मांस, अवशेष को नाले में फेंका (साभार: एक्स @@Sachingupta)
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ सोनपथरी आश्रम के पास स्थित एक पवित्र पहाड़ी जल के किनारे इफ्तार पार्टी कर गंदगी फैलाने के आरोप में पुलिस ने चार इस्लामी कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान जमाल अहमद, इरफान अहमद, इमरान अहमद उर्फ इम्मी और जहीर खान के रूप में हुई।

आरोप है कि कुछ मुस्लिम युवकों ने नाले के पास मांसाहारी भोजन किया और उसकी हड्डियाँ उसी पानी में फेंक दीं, जिसका उपयोग मंदिर के अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं के पीने के लिए किया जाता है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

मंदिर की पवित्रता से खिलवाड़: महंत का आरोप

सोनपथरी आश्रम के महंत हरिशरणानंद महाराज ने इस मामले में कड़ी आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि यह पहाड़ी नाला आश्रम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र है। इसी जल का उपयोग मंदिर में मूर्तियों के अभिषेक, उनकी सफाई और भंडारे का भोजन बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, यहाँ आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी नाले में स्नान करते हैं और इसका जल पीते भी हैं। पवित्र जल में हड्डियाँ फेंकने से मंदिर की शुचिता भंग हुई है।

साजिश के तहत धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश

महंत ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि यह कृत्य अनजाने में नहीं, बल्कि जानबूझकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने और क्षेत्र का आपसी सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी, जिसे देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।

पुलिस की कार्रवाई: चार आरोपित भेजे गए जेल

सिरसिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। साक्ष्यों और वीडियो के आधार पर पुलिस ने चार मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की बारीकी से जाँच की जा रही है ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके और उन पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

उत्तर प्रदेश : श्रावस्ती के मदरसे में नकली नोट की छपाई, अपनी 5 बीवियों से मार्केट में खपाने का धंधा करवाता था मुबारक अली: यूट्यूब से सीख बहराइच तक फैलाया काला कारोबार

                                   मदरसा संचालक गिरफ्तार (फोटो साभार: Aajtak & aAMRUJALA)
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में एक मदरसा संचालक अपनी पाँच बीवियों के जरिए नकली नोट का धंधा चला रहा था। वह प्रिंटर से ही मदरसे के भीतर नकली नोट छापता था और फिर अपनी बीवियों को पकड़ा देता था। इसके यह जगह-जगह यह नोट खपा देती थीं। उसके गैंग में 4 और लोग शामिल थे। पुलिस ने उनके पास से नकली नोट छापने की मशीन और हजारों के नकली नोट बरामद किए थे। उनके पास से अवैध हथियार भी बरामद हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रावस्ती के हरदत्त नगर इलाके में लक्ष्मणपुर इलाके में चल रहे एक मदरसे में हाल ही में छापा मारा। यहाँ से मदरसे के संचालक मुबारक अली और उसके गुर्गे पकड़े गए। इनके पास से ₹34500 नकली नोट बरामद किए। इसके अलावा इनके पास से एक प्रिंटर भी बरामद हुआ। साथ ही नोट छापने की और सामग्री भी मिली। इनके पास से एक तमंचा भी मिला। पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो असलियत का खुलासा हुआ।

पुलिस ने बताया कि मदरसा संचालक मुबारक अली इस गैंग का सरगना था, यही नोट छापने का पूरा काम देखता था। यह नोट पहले प्रिंटर से मदरसे के एक कमरे में छापे जाते और फिर इनको असली नोट जैसा दिखाने के लिए तैयार किया जाता। नोट छापने के लिए अच्छे क्वालिटी का कागज भी यूज होता था। यह ₹500 के अलावा छोटे नोट भी छापते थे ताकि किसी को शक ना हो। मुबारक अली की पाँच बीवियाँ हैं। इनमें से दो अलग-अलग जगह मदरसों में ही पढ़ाती हैं। मुबारक अली फर्जी नोट छाप कर इन पाँचों को देता था।

इसके बाद यह बाजार में यह नोट खपा देती थीं, इसके लिए यह रात के अँधेरे का फायदा उठाती थी। उसकी बीवियों पर पुलिस ने अभी कार्रवाई नहीं की है। गैंग में शामिल बाकी लोग भी यही काम करते थे। मुबारक अली ने यह नोट छापना यूट्यूब से सीखा था। उसके गैंग में जलील, धर्मराज, अवधेश और रामसेवक हैं। इनमें से कुछ पर आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं। इनके पास से ₹500, ₹200 और ₹100 के नकली नोट पाए गए हैं। इनके पास ₹14500 के असली नोट भी मिले हैं।

 यह सिर्फ नकली नोट छाप कर खुद नहीं चलाते थे बल्कि दूसरों को भी इस धंधे में शामिल होने को लेकर झाँसा देते थे। यह उन्हें ₹1000 के बदले ₹2000 के बकली नोट देने का वादा करते थे। पुलिस अब इस मामले में जाँच कर रही है। वह पता लगा रही है कि इस धंधे में और कौन शामिल रहा है।