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तीसरी बार सत्ता में लौटे PM मोदी लेकिन AAP विधायक सोमनाथ भारती सिर मुँडवाने से पलटे, खुद को बता रहे सनातनी: कहा – बहुमत मिलता तो ये होती लोकतंत्र की हत्या

लोकसभा चुनाव 2024 में NDA 292 सीटों के साथ सरकार बनाने जा रही है और भाजपा ने अकेले दम पर 240 सीटें प्राप्त की हैं। मालवीय नगर से लगातार तीसरी बार विधायक सोमनाथ भारती ने चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले कहा था कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से सरकार में आते हैं तो वो अपना बाल मुँडवा लेंगे और चेहरा काला कर लेंगे। हालाँकि, अब जब तस्वीर साफ़ हो गई है और नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार शपथ लेने जा रहे हैं, तब वो अपने इस बयान से पलट गए हैं।

अब AAP विधायक सोमनाथ भारती ने कहा है कि नरेंद्र मोदी से उन्हें कोई तकलीफ नहीं है, तकलीफ इससे है कि उन्होंने जिस तरह से अपने शासन के दौरान हुनर दिखाए हैं। सोमनाथ भारती ने कहा कि जनता जिसको मरजीबनाए, जनता मालिक है और लोकतंत्र में जनता ही सब कुछ है, लेकिन ‘400 पार’ का नारा देकर जनता ने उन्हें 240 सीटें दी हैं। सोमनाथ भारती ने दावा किया कि जनता ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का जनमत नहीं दिया है।

सोमनाथ भारती ने कहा, “160 सीटें नरेंद्र मोदी को नहीं मिल पाईं, इसीलिए नैतिकता के आधार पर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर चला जाना चाहिए। क्योंकि, ये दायित्व जनता उनको तीसरी बार नहीं देना चाहती। जहाँ तक सिर मुँडाने की बात है, मैं एक सनातनी हूँ और एक सनातनी के घर में जब किसी की मृत्यु होती है तो वो संस्कार करवाने के बाद अपना सिर मुँडवाता है। नरेंद्र मोदी को अगर मैंडेट मिलता, तो भाजपा को 272 से ज़्यादा आता।”

सोमनाथ भारती ने दावा किया कि भाजपा को बहुमत से नीचे सीटें मिली हैं। सोमनाथ भारती ने कहा कि अगर पीएम मोदी को मैंडेट मिलता तो वो मानते कि लोकतंत्र की हत्या हुई है, और जब किसी की मौत हो तो संस्कार करने के बाद सिर मुँडवा कर इसका इजहार किया जाता है और वही उन्होंने कहा था। सोमनाथ भारती पर अपनी पत्नी को कुत्ते से कटवाने का आरोप भी लगा था। उत्तर प्रदेश में उनके चेहरे पर स्याही भी फेंक दी गई थी। वो अक्सर बड़बोलेपन के लिए जाने जाते रहे हैं।


सोमनाथ भारती से लेकर मंत्री सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया तक जेल, टूटता केजरीवाल की कट्टर ईमानदारी का तिलिस्म

अरविन्द केजरीवाल की मानसिकता रामलीला ग्राउंड में चल रहे अन्ना आंदोलन में उस समय सामने आ गयी थी, जब भूख हड़ताल के चलते अन्ना की तबियत ख़राब हुई थी, पूछिए उन लोगों से जो उस समय आंदोलन में केजरीवाल के साथ थे। पुस्तिकाएं प्रकाशित हुई हैं, जिनमें  केजरीवाल कुकर्मों का ब्यौरा है। फिर भी कम से कम उन लोगों को खुलकर अपने श्रीमुख से बताना पड़ेगा ताकि केजरीवाल को वोट देने वालों को मालूम हो कि केजरीवाल किस गिरी मानसिकता का है। प्रमाण वैसे भी सबके सामने है। जितनी जल्दी इस पार्टी के तथाकथित नेता किसी न किसी आरोप में गिरफ्तार हो रहे हैं, उतनी जल्दी किसी पार्टी के नहीं हुए।  माना भ्रष्टाचार से कोई पार्टी अछूती नहीं। किसी में कम तो किसी में ज्यादा। 
आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार खत्म करने के वादे के साथ अस्तित्व में आई थी, लेकिन अब भ्रष्टाचार ही उसके अस्तित्व के लिए खतरा बन गया है। दिल्ली और पंजाब में एक के बाद एक ‘आप’ के विधायक और मंत्री जेल जा रहे हैं। इससे आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचारियों की सूची लंबी होती जा रही है। अब इस सूची में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का नाम भी जुड़ गया है। रविवार (26 फरवरी, 2023) को आबकारी नीति और शराब घोटाला मामले में 8 घंटे तक चली पूछताछ के बाद सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के और भी नेताओं और मंत्रियों की की गिरफ्तारी हो सकती है। इससे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही है और उनकी कट्टर ईमानदारी का तिलिस्म टूटता जा रहा है। 

कोर्ट ने सिसोदिया को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा 

सीबीआई ने सोमवार (27 फरवरी, 2023) को दोपहर में मनीष सिसोदिया को राउज एवन्यू कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मनीष सिसोदिया को पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। अब सिसोदिया चार मार्च तक सीबीआई की रिमांड पर रहेंगे। सीबीआई की टीम ने कोर्ट में कहा था कि आबकारी घोटाले में अभी सिसोदिया से पूछताछ करनी है और इस मामले में डिटेल जानकारी चाहिए। इन सबके लिए उन्हें पांच दिन की रिमांड चाहिए। कोर्ट ने सीबीआई की इस अपील के बाद सिसोदिया को रिमांड पर भेजने का फैसला किया। सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि शराब नीति घोटाला मामले की एफआईआर में मनीष सिसोदिया आरोपी नंबर वन हैं। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि सिसोदिया ने शराब घोटाले में आपराधिक साजिश रची और सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की।

डिप्टी सीएम के बाद दिल्ली के सीएम केजरीवाल की बारी

कानून के जानकारों के मुताबिक, दिल्ली आबकारी नीति और शराब घोटाला मामले में सीबीआई ने अभी सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल को अभियुक्त नहीं बनाया है, लेकिन सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल की मुसीबतें भी बढ़ सकती हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाले से जुड़े मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के साथ पहली बार अरविंद केजरीवाल का भी नाम शामिल किया था। 03 फरवरी, 2023 को पीएमएलए कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट का संज्ञान लिया और सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की अनुमति दी। चार्जशीट में सीएम केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के साथ-साथ उनके करीबी विजय नायर, इंडोस्पिरिट्स के प्रमुख समीर महेंद्रू समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया। ईडी ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के सचिव के रूप में तैनात रहे दानिक्स अधिकारी सी अरविंद के बयान के आधार पर केजरीवाल को इस घोटाले में आरोपी बनाया। ईडी के मुताबिक दानिक्स अधिकारी अरविंद ने कहा कि उन्हें उनके बॉस सिसोदिया द्वारा केजरीवाल के आवास पर बुलाया गया था, जहां एक बैठक में उन्हें आबकारी नीति पर मंत्रियों की रिपोर्ट का एक मसौदा सौंपा गया था।

दिल्ली में AAP के विधायकों और मंत्रियों की गिरफ्तारी

2015 में दिल्ली में आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद से अब तक केजरीवाल की पार्टी के कई नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। आम आदमी पार्टी के अब तक पांच मंत्रियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक मंत्री को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया और दो मंत्रियों को रिश्वत लेने के मामले में पकड़ा गया। जबकि एक मंत्री को फर्जी डिग्री के मामले में आरेस्ट किया गया था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के विधायक भी कई मामले में जेले भेजे गए थे। अब डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को शराब घटाले में आपराधिक साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दिल्‍ली कैबिनेट में कुल 6 मंत्री है, उनमें से दो अब जेल में हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गिरफ्तारी के बाद भी सत्येंद्र जैन को अभी तक उनके पद से नहीं हटाया है। वह सरकार में बिना विभाग के मंत्री बने हुए हैं। जैन के जेल जाने के बाद उनके ज्यादातर मंत्रालय मनीष सिसोदिया को सौंपे गए थे।

दिल्ली में किन मंत्रियों और विधायकों को अबतक गिरफ्तार किया गया है

सत्येंद्र जैन : मनी लॉन्ड्रिंग केस में शिकंजा कसा गया

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को पिछले साल 30 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज है। आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैन, उनकी पत्नी पूनम और अन्य पर केस दर्ज किया गया है। सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली ने कई शेल कंपनियां बनाई और खरीदी थी। कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटर्स से 54 शेल कंपनियों के जरिए 16.39 करोड़ रुपए का काला धन भी ट्रांसफर किया। ईडी जैन की 4.81 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है। कुछ दिन पहले दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन ने जेल अधिकारियों को धमकी दी थी कि सबको बाहर निकलकर देख लूंगा। सत्येंद्र ने जेल अधिकारियों को गाली देते हुए उनके खिलाफ कुछ भी करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। पिछले दिनों सत्येंद्र जैन के एक के बाद एक कई वीडियो सामने आए थे। इसमें सत्येंद्र जैन कथित तौर पर जेल की बैरक में मसाज लेते हुए दिख रहे हैं। 

अवैध भर्तियों और वित्तीय गबन के आरोप में अमानतुल्ला खान गए थे जेल

दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अवैध भर्तियों और वित्तीय गबन से जुड़े एक मामले में सितंबर 2022 में गिरफ्तार हुए आप विधायक अमानतुल्ला खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। पिछले साल नवंबर में दिल्ली की एक अदालत ने कहा था कि ओखला विधायक के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के सबडिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ने नवंबर 2016 में दिल्ली वक्फ बोर्ड में विभिन्न मौजूद और गैर-मौजूद पदों पर खान की ओर से मनमानी और अवैध नियुक्तियों का आरोप लगाते हुए एक शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद सीबीआई ने एक मामला दर्ज कर लिया था और जांच की थी, जिसमें पर्याप्त सबूत मिले थे, जिसके बाद जांच एजेंसी ने उपराज्यपाल से अभियोजन की मंजूरी मांगी थी। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान के विरुद्ध 2016 में दर्ज ‘अवैध’ नियुक्तियों के मामले में सीबीआई को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी थी। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने कई घंटों की लंबी पूछताछ के बाद विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया।

आसिम अहमद खान: बिल्डर से 6 लाख रुपए घूस लेने के मामले में फंसे

साल 2018 में दिल्ली सरकार में मंत्री आसिम अहमद खान का नाम भी भ्रष्टाचार के मामले में सामने आया था। तब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कैबिनेट मंत्री आसिम अहमद खान को हटा दिया था। आसिम पर 6 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा था। आसिम अहमद खान दिल्ली सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री थे, सीएम केजरीवाल ने आसिम के ख‍िलाफ भ्रष्टाचार के आरोप की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। आसिम पर एक बिल्डर से 6 लाख रुपए घूस लेने का आरोप है। केजरीवाल ने कहा था- ‘शिकायत करने वाले ने आसिम से बातचीत की। ऑडियो रिकॉर्डिंग मेरे पास भेजी। इसके बाद मैंने मंत्री के ख‍िलाफ कार्रवाई की।’ जबकि आसिम खान ने कहा था- मेरे खिलाफ साजिश की गई है। 

बलात्कार के आरोप में मंत्री संदीप कुमार गए थे जेल

2015 में दिल्ली की सुल्तानपुर माजरा सीट से विधायक बने संदीप कुमार को दिल्ली सरकार में महिला एवं बाल कल्याण विकास मंत्री और एससी-एसटी कल्याण मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे संदीप कुमार को बलात्कार और अन्य आरोपों के सिलसिले में सितंबर 2016 में गिरफ्तार किया गया था। एक महिला ने उनके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की थी और बाद में कुमार ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया था। यह महिला संदीप कुमार की गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले सामने आई एक विवादास्पद सीडी में उनके साथ दिखाई दी थी। महिला ने आरोप लगाया था कि वह राशन कार्ड बनवाने के लिए गई थी लेकिन कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उनके साथ रेप किया गया। घटना के सामने आने के बाद कुमार को पार्टी से भी निलंबित कर दिया गया था।

बीवी की प्रताड़ना के आरोप में सोमनाथ भारती गए थे जेल

दिल्ली सरकार के मंत्री रहे सोमनाथ भारती लगातार सुर्खियों में रहे हैं। सोमनाथ भारती मालवीय नगर सीट से विधायक रहे हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की पहली बार सरकार बनने के बाद सोमनाथ भारती को कानून, पर्यटन और प्रशासनिक सुधार जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली थी। सोमनाथ भारती की मुश्किलें तब बढ़ गईं जब उनकी पत्नी लिपिका मित्रा ने 2013 में उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया। लिपिका ने अपनी शिकायत में सोमनाथ भारती के खिलाफ गई गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में यह भी कहा गया कि सोमनाथ भारती ने उन्हें गर्भपात के लिए मजबूर किया। इसके बाद 2014 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। यूपी दौरे पर एक विवादित बयान के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2021 में उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई।

फर्जी डिग्री रखने के आरोप में कानून मंत्री जितेंद्र तोमर हुए थे गिरफ्तार 

2015 में दिल्ली की त्रिनगर सीट के विधायक बने जितेन्द्र तोमर को केजरीवाल सरकार में कानून मंत्री बनाया गया था। उन्हें दिल्ली के पर्यटन, कला और संस्कृति की भी जिम्मेदारी दी गई थी। उनके ऊपर वकालत की फर्जी डिग्री रखने का आरोप लगा था। इसका खुलासा आईटीआई के जरिए हुआ था। मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा। जहां भागलपुर यूनिवर्सिटी ने उनकी डिग्री को फर्जी बताया। 2016 में जितेन्द्र तोमर को गिरफ्तार कर लिया गया। जनवरी 2020 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी विधायकी रद्द कर दी।

जबरन वसूली के आरोप में विधायक गुलाब सिंह हुए थे गिरफ्तार

दिल्ली के मटियाला से विधायक गुलाब सिंह को अक्टूबर 2016 में गुजरात के सूरत से जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तब वह आम आदमी पार्टी के गुजरात के प्रभारी थे। दिल्ली में दर्ज हुए मामले में गुलाब सिंह यादव को गुजरात से गिरफ्तार कर यहां लाया गया था। गुलाब सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ धमकी और वसूली मामले में गैर-जमानती वॉरंट जारी किया गया था। AAP के विधायक गुलाब सिंह यादव नवंबर 2022 में दिल्ली के श्याम विहार में अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ता टिकट बेचने को लेकर अचानक आक्रोशित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ता विधायक पर टूट पड़े और उनका कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की करने लगे। कार्यकर्ताओं से बचने के लिए विधायक बाहर निकलकर भागने की कोशिश करने लगे तो कार्यकर्ता उनका पीछा करते हुए उन्हें मुक्के मारते रहे। कार्यालय में मारा इसके बाद पीटते हुए कार्यालय से बाहर लेकर आए। आखिरकार विधायक को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।

दिल्ली : आप विधायक सोमनाथ भारती को 2 साल की जेल: AIIMS स्टाफ पर किया था हमला

दिल्ली की एक अदालत ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के सुरक्षा कर्मचारियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने के लिए AAP विधायक सोमनाथ भारती को 2016 के एक मामले में दोषी बरकार रखा। उन्हें जो 2 साल जेल की सजा सुनाई गई थी, उसे जज ने बरकरार रखा।

जज के फैसले के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने सोमनाथ भारती को हिरासत में ले लिया है।

अदालत ने आईपीसी की धारा 149 और 147 के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत भारती की सजा को बरकरार रखा। हालाँकि, AAP विधायक को IPC के 323 और 353 के आरोपों से बरी कर दिया गया।

गौरतलब है कि जनवरी 2021 में दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मारपीट के मामले में दोषी ठहराया था। दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट रवीन्द्र कुमार पांडेय ने 2016 में दर्ज किए गए इस मामले के 4 अन्य आरोपितों को बरी कर दिया। आप विधायक पर एम्स के सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट का आरोप है। अदालत ने भारती को दो साल जेल की सजा सुनाई थी।

एम्स के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने 2016 में सोमनाथ भारती पर सुरक्षाकर्मी से मारपीट का आरोप लगाते हुए हौज ख़ास थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने सोमनाथ भारती पर दंगे भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने, सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया था। 

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश पुलिस ने आम आदमी पार्टी विधायक को रायबरेली जाते हुए गिरफ्तार किया था। इस दौरान सोमनाथ भारती ने तैश में आकर पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी थी, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने आप विधायक पर काली स्याही फेंक दी थी। इस घटना के बाद सोमनाथ भारती ने उत्तर प्रदेश पुलिस और मुख्यमंत्री आदित्यानाथ को सरेआम धमकी देना शुरू कर दिया। 

स्याही मुँह पर फेंके जाने से पहले की एक वीडियो में आप विधायक कहते हैं, “और आपकी वर्दी उतरवाएँगे हम। हम पहचान रहे हैं आपको। जो-जो आज बद्तमीजी कर रहा है मेरे साथ, सबकी वर्दी उतरवाऊँगा मैं। आप हट जाइए यहाँ से।” आगे पुलिस उनसे रुकने को कहती है, जवाब में वह कहते हैं, “किस कानून में लिखा है, किस संविधान में लिखा है। हम कोई अनपढ़ मंत्री हैं?”