चुनावों में राजा हरिश्चंद्र का चोला ओढ़ जनता को मुर्ख बनाकर वोट बटोरने वाले किस तरह अपनी तिजोरियों को भरते हैं, क्या ऐसे नेता और उनकी पार्टी वोट की हक़दार है? ऐसे नेताओं की भारत में भरमार है।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को विजयवाड़ा की एक अदालत ने 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया। उन्हें आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (APSSDC) में भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में 9 दिसंबर, 2021 को आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में 371 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें नायडू समेत 25 लोगों के नाम थे। इस मामले में नायडू को आरोपित नंबर-1 बनाया गया था।आंध्र प्रदेश : पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को 371 करोड़ रूपए के APSSDC घोटाला के आरोप में 14 दिनों की जेल : गिरफ़्तारी से आंध्र की राजनीति में बड़ी हलचल
दिल्ली : आप विधायक सोमनाथ भारती को 2 साल की जेल: AIIMS स्टाफ पर किया था हमला
दिल्ली की एक अदालत ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के सुरक्षा कर्मचारियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने के लिए AAP विधायक सोमनाथ भारती को 2016 के एक मामले में दोषी बरकार रखा। उन्हें जो 2 साल जेल की सजा सुनाई गई थी, उसे जज ने बरकरार रखा।
Immediately after the passing of the judgement, Somnath Bharti has been taken in Judicial Custody.
— ANI (@ANI) March 23, 2021
जज के फैसले के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने सोमनाथ भारती को हिरासत में ले लिया है।
#Breaking | AAP MLA Somnath Bharti jailed for 2 years in AIIMS 2016 attack case.
— TIMES NOW (@TimesNow) March 23, 2021
Details by Nilashish. pic.twitter.com/cThN1xE512
अदालत ने आईपीसी की धारा 149 और 147 के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत भारती की सजा को बरकरार रखा। हालाँकि, AAP विधायक को IPC के 323 और 353 के आरोपों से बरी कर दिया गया।
गौरतलब है कि जनवरी 2021 में दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मारपीट के मामले में दोषी ठहराया था। दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट रवीन्द्र कुमार पांडेय ने 2016 में दर्ज किए गए इस मामले के 4 अन्य आरोपितों को बरी कर दिया। आप विधायक पर एम्स के सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट का आरोप है। अदालत ने भारती को दो साल जेल की सजा सुनाई थी।
Plz also check whether he is pregnant...
— Sunny Pagare (@19SunSunny) March 23, 2021
यह नाम के आम आदमी हैं उनका काम धंधा कर दी है उनकी भाषा सड़क छाप यह आदमी में कानून मंत्री भी रह चुका है उसके बाद यह कानून के खिलाफ काम करता है अभी आम आदमी पार्टी के चमचे आएंगे जो कुछ कहेगा संघ का बीजेपी का बताएंगे
— पंडित दिलीप शर्मा (@Dileep73330389) March 23, 2021
Election se out
— Rohit Kumbhojkar 🇮🇳 (@ROHITKUMBHOJKAR) March 23, 2021
"Bharti ji ke sath ye apmaan Delhi ki janta nai sahegi. Sun lo Modi ji, Zarurat padi toh hum Chaddha ko bhi jail bhejenge Bharti ji ka khayal rakhne ke liye. Humne YoYaMan se bhi kaha hai vi bhi dharne pe baithe. Abhi vo waise bhi free hai" pic.twitter.com/yXpIU6gPXp
— Par!x!t (@parixit111) March 23, 2021
एम्स के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने 2016 में सोमनाथ भारती पर सुरक्षाकर्मी से मारपीट का आरोप लगाते हुए हौज ख़ास थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने सोमनाथ भारती पर दंगे भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने, सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया था।
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश पुलिस ने आम आदमी पार्टी विधायक को रायबरेली जाते हुए गिरफ्तार किया था। इस दौरान सोमनाथ भारती ने तैश में आकर पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी थी, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने आप विधायक पर काली स्याही फेंक दी थी। इस घटना के बाद सोमनाथ भारती ने उत्तर प्रदेश पुलिस और मुख्यमंत्री आदित्यानाथ को सरेआम धमकी देना शुरू कर दिया।
स्याही मुँह पर फेंके जाने से पहले की एक वीडियो में आप विधायक कहते हैं, “और आपकी वर्दी उतरवाएँगे हम। हम पहचान रहे हैं आपको। जो-जो आज बद्तमीजी कर रहा है मेरे साथ, सबकी वर्दी उतरवाऊँगा मैं। आप हट जाइए यहाँ से।” आगे पुलिस उनसे रुकने को कहती है, जवाब में वह कहते हैं, “किस कानून में लिखा है, किस संविधान में लिखा है। हम कोई अनपढ़ मंत्री हैं?”
कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल देशद्रोह मामले में गिरफ़्तार
अहमदाबाद पुलिस ने कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल को 2015 के एक राजद्रोह के मामले में शनिवार (18 जनवरी) को निचली अदालत में पेश नहीं होने के कारण गिरफ़्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश की किया गया, जहाँ से 24 जनवरी तक न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया है।दरअसल, कोर्ट से वारंट जारी होने के कुछ घंटों बाद ही कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया। वहीं, DCP राजदीप सिंह जाला ने पटेल की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया, “हार्दिक को अहमदाबाद जिले के वीरमगाम तालुका, जो उनका गृह क्षेत्र भी हैं, के हांसलपुर चौराहे के पास से पकड़ा गया। उसे आज रात क्राइम ब्रांच की लॉक अप में रखा जाएगा और 19 जनवरी को छुट्टी का दिन होने के कारण जज के आवास पर पेश किया जाएगा।”
Gujarat:Congress leader Hardik Patel was produced before the magistrate in Ahmedabad&has been sent to judicial custody till January 24. He was arrested near Viramgam (Ahmedabad district) after a non-bailable warrant was issued against him in connection with a sedition case today. pic.twitter.com/4tLIukrwca— ANI (@ANI) January 18, 2020
इसके बाद, हार्दिक पटेल को शनिवार देर रात अहमदाबाद में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहाँ से पटेल को 24 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बता दें कि अदालत ने सुनवाई के दौरान बार-बार अनुपस्थित होने के कारण पटेल के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया गया था।
हार्दिक पटेल को इससे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जुलाई 2016 में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था। नवंबर, 2018 में हार्दिक पटेल और अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे, लेकिन इसी बीच पटेल ने 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले ही कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
25 अगस्त 2015 को अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान में हुई विशाल पाटीदार आरक्षण समर्थक रैली के बाद राज्य में हुई तोड़फोड़ और हिंसा को लेकर यहाँ की क्राइम ब्रांच ने उसी साल अक्टूबर में हार्दिक पटेल सहित कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। हिंसा के दौरान आंदोलनकारियों ने कई सरकारी बसों, पुलिस चौकियों और अन्य सरकारी संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया था, जिसमें एक पुलिसकर्मी सहित लगभग दर्जन भर बेगुनाह लोग मारे गए थे। पुलिस ने आरोप पत्र में हार्दिक और उनके सहयोगियों पर चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए और हिंसा फैलाने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया था।

