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विभव कुमार की तलाश में जुटी दिल्ली पुलिस, स्वाति मालीवाल बोलीं- मैं कहती रही छोड़ दो, लेकिन वह मारता और गाली देता रहा


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर ‘शीशमहल’ में DCW (दिल्ली महिला आयोग) की अध्यक्ष और AAP (आम आदमी पार्टी) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई हुई, जिसका आरोप लगा खुद दिल्ली CM के PA (निजी सचिव) रहे विभव कुमार पर। ये तीनों ही ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन (IAC)’ के दिनों से ही साथी रहे हैं। अब AAP के एक अन्य राज्यसभा सांसद संजय सिंह को DCW की सदस्य वंदना सिंह के साथ स्वाति मालीवाल के घर भेजा गया ताकि वो ‘मांडवली’ कर सकें।

अरविंद केजरीवाल के पर्सनल सेक्रेट्री के खिलाफ स्वाति मालीवाल ने प्राथमिकी दर्ज करवा दी है। उन्होंने घटना के 81 घंटे बाद 2.5 पेज की शिकायत पुलिस को दी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि विभव ने उनके चेहरे, पेट और छाती पर 5-6 बार मारा। घसीट-घसीट कर मारना और बाल खींचना आदि। शायद इसी कारण उस दिन वह मेडिकल के लिए तैयार नहीं हुई और अगर उसी दिन मेडिकल  होता, निश्चितरूप से केजरीवाल और विभव के लिए संकट गहराता जा सकता है, क्योकि ताजी चोट अधिक प्रभावी होती है, 3/4 बाद होने वाली मेडिकल में। अगर देखा जाए तो यहाँ भी अप्रत्यक्षरूप से मालीवाल ने केजरीवाल को बचाया है।  

मालीवाल ने अपनी शिकायत में बताया, “मैं सीएम आवास के ड्रॉइंग रूम तक गई और वहाँ इंतजार कर रही थी, तभी उनका पर्सनल स्टाफ आया और गालियाँ देने लगा। बिना किसी उकसावे के थप्पड़ मारा। मैंने शोर मचाया और कहा कि मुझे छोड़ दो,जाने दो। लेकिन वह मारता रहा।”

जब वह शोर मचा रही थी, केजरीवाल, सुनीता या परिवारजन चीखें सुनकर क्यों नहीं उसके बचाव में आए, या समझा जाए कि केजरीवाल के कहने पर केजरीवाल के सामने जुल्म हुआ? इसका खुलासा तो ड्राइंग रूम में लगे CCTV से हो पायेगा। 

स्वाति मालीवाल के अनुसार पर्सनल स्टाफ उन्हें गालियाँ देता रहा, धमकियाँ देता रहा और ‘देख लेंगे, निपटा देंगे’ जैसे शब्द भी कहे। इसके बाद उसने पहले चेहरे पर मारा, फिर पेट पर मारा। मालीवाल के मुताबिक इसी के बाद वो भाग कर बाहर आईं और पुलिस को फोन किया।

उनकी इस शिकायत के बाद स्पेशल सेल की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था सहित कई मसलों पर स्वाति मालीवाल से बात की। स्पेशल सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद कुशवाहा खुद मालीवाल के घर उनके बयान दर्ज करने के लिए पहुँचे। पुलिस करीब 4 घंटे उनके आवास पर रही।

सारी बात सुनने समझने के बाद पुलिस ने स्वाति मालीवाल के बयान के आधार पर विभव कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 506स 509, 323 और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर की, फिर उन्हें मेडिकल के लिए एम्स लेकर आया गया। वहाँ उनका चेक अप हुआ। रात में 3 बजे जब वो घर लौटीं तो एक वीडियो सामने आई इसमें वह अपने घर में लड़खड़ाते हुए घुसती दिखीं। जिसे देख उस शंका को बल मिल रहा है कि पेट से नीचे भी पैरों से पिटाई की। यह अब मेडिकल रिपोर्ट ही बताएगी। 

FIR रजिस्टर करने के बाद नॉर्थ डिस्ट्रिक की पुलिस टीम और क्राइम ब्रांच की पूरी 10 टीमें पूरे केस की जाँच में जुटी हुई है। इस क्रम में एक टीम विभव से पूछताछ के लिए उनके घर पहुँची। हालाँकि वह वहाँ नहीं मिले। उन्हें 16 मई को केजरीवाल के साथ लखनऊ एयरपोर्ट पर देखा गया था। वहीं राष्ट्रीय महिला महिला आयोग ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए विभव कुमार से आज सुबह 11 बजे पेश होने को कहा है।

स्वाति मालीवाल ने पुलिस अपनी शिकायत देने के बाद एक्स पर भी पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा, “मेरे साथ जो हुआ वो बहुत बुरा था। मेरे साथ हुई घटना पर मैंने पुलिस को अपना स्टेटमेंट दिया है। मुझे आशा है कि उचित कार्रवाई होगी। पिछले दिन मेरे लिए बहुत कठिन रहे हैं। जिन लोगों ने प्रार्थना की उनका धन्यवाद करती हूँ। जिन लोगों ने चरित्र हनन करने की कोशिश की, ये बोला कि दूसरी पार्टी के इशारे पर कर रही है, भगवान उन्हें भी खुश रखे। देश में अहम चुनाव चल रहा है, स्वाति मालीवाल ज़रूरी नहीं है, देश के मुद्दे ज़रूरी हैं। BJP वालों से ख़ास गुज़ारिश है इस घटना पे राजनीति न करें।”

स्वाति मालीवाल के साथ 13 मई को यह घटना घटी थी। उस दिन दो कॉल पुलिस के पास उनके नाम से आई थी जिसमें उन्होंने मारपीट की जानकारी दी थी। इसके बाद वो थाने भी गईं लेकिन बिन शिकायत दिए लौट आईं और फिर मीडिया में कुछ नहीं कहा। उनकी चुप्पी से तमाम सवाल उठ रहे थे। हालाँकि अब उन्होंने जब अपनी शिकायत पुलिस को दे दी है तो पुलिस ने विभव के खिलाफ केज को दर्ज कर लिया है। वहीं दूसरी ओर स्वाति मालीवाल के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।


कल अपने पिता को यौन शोषण के आरोप से अपमानित करने वाली स्वाति का ही उसके आका ने घसीट-घसीट कर पीट दिया; चुनावी मौसम में बीजेपी समेत सारी पार्टियां खामोश क्यों? अगर यही कांड बीजेपी मुख्यमंत्री के घर हुआ होता तो कितना शोर मच रहा होता

अरविंद केजरीवाल को दी गई जमानत भारत के इतिहास में न्यायपालिका द्वारा किए गए पक्षपातपूर्ण और अन्यायपूर्ण निर्णयों का एक ज्वलंत उदाहरण है। यह निराशाजनक और विकृत फैसला हमारी न्यायिक प्रणाली की निष्पक्षता के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करता है। अब यह धोखेबाजों, अपराधियों और यहां तक ​​कि आतंकवादियों के लिए भी राहत पाने के लिए एक मिसाल के रूप में काम करेगा। मिलोर्ड, केजरीवाल के लिए अटूट क्षमादान, जिसे पश्चिमी देशों का भी समर्थन मिला, भयावह है। इस तरह के अन्याय के सामने, निष्पक्षता को महत्व देने वाले प्रत्येक भारतीय के लिए अपनी असहमति व्यक्त करना अनिवार्य है। अपनी आवाज की ताकत को कम मत आंकिए. भूकंपीय परिवर्तन छोटी-छोटी गड़गड़ाहट के साथ शुरू होते हैं। तर्क और विचार तथा वाणी की स्वतंत्रता की लड़ाई में शामिल हो जाइए। भारत में न्यायपालिका सीआईए, आईएसआई, पीआरसी, भारत विरोध और भारत के खिलाफ अन्य सभी के प्रभाव में है। HC और SC न्यायाधीशों के चयन की कॉलेजियम प्रणाली का परिणाम। संपूर्ण न्यायपालिका 300 मक्खियों द्वारा संचालित और नियंत्रित होती है और प्रत्येक न्यायाधीश चाचा, चाची, बेटा, बहू, ससुर आदि हैं
अरविन्द केजरीवाल को interim bail देने वाली सुप्रीम कोर्ट पीठ 13 मई, 2024 को उनके भोले-भाले केजरीवाल ने अपने शीश महल में अपनी महिला राज्य सभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ किया, बताना पड़ेगा क्या यह अपराध की श्रेणी में नहीं आता? इतना ही नहीं, 6 साल पहले आपके इसी केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की भी सिसोदिया, अमानतुल्लाह आदि के साथ मिलकर पिटाई की थी। ऐसी हरकत कोई शरीफ नहीं कर सकता। स्वाति केजरीवाल की इतनी वफादार थी, जो इशारा मिलने पर किसी भी सीमा को लांध सकती है। सर्जिकल स्ट्रीक के दिनों की घटना याद है, इसी स्वाति ने आर्मी का मनोबल तोड़ने अपने ही पिता पर यौन शोषण का इल्जाम लगाया था। यह सब किसके कहने पर कहा, सभी political pundit जानते हैं। मजे की बात यह है कि पार्टी में सभी महिलाएं भी खामोश है क्यों? कारण कुछ भी हो क्या मुख्यमंत्री आवास में महिला का शोषण होता रहेगा? वैसे पार्टी के इतिहास को खंखालने में कोली कांड भी हो चुका है।  
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास में उनकी ही पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई हुई। अरविंद केजरीवाल कुछ ही दिनों पहले तिहाड़ जेल से निकले हैं और चुनाव खत्म होने पर उन्हें फिर से आत्मसमर्पण करना है, ऐसे में उनके लिए मुश्किलें और बढ़ती ही जा रही हैं। सोमवार (13 मई, 2024) को सिविल लाइंस पुलिस थाने में आई PCR कॉल में स्वाति मालीवाल की तरफ से कहा था कि उनके साथ मारपीट हो रही है। इसके बाद वो थाने भी पहुँची थीं।
क्या कारण है स्वाति पुलिस को फ़ोन करती है, थाने जाती है, लेकिन FIR नहीं लिखवाती? कारण राज्य सभा से इस्तीफा देने की आड़ में बहुत ही संगीन मसला है, जिस पर पार्टी तक ने मुंह में दही जमा लिया है। डर है जिसका पर्दाफाश होते ही पार्टी एकदम झाड़ू के तिनकों की तरह हवा हवाई हो जाएगी? Jaipur Dialogue चैनल पर RPN Singh, पूर्व RAW अधिकारी ने सुप्रीम पीठ पर कुछ ज्वलंत प्रश्न किए। जिनसे पीठ तो क्या समस्त सुप्रीम कोर्ट इंकार नहीं कर सकती। अजित भारती ने भी अपने चैनल पर गंभीर मुद्दे उठाये हैं।  

हालाँकि, स्वाति मालीवाल बिना कोई लिखित शिकायत दर्ज कराए वहाँ से निकल गई थीं। इस प्रकरण में उन्होंने फोन कॉल पर विभव कुमार का नाम लिया था, जो अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव हैं और एक विवादित अधिकारी रहे हैं। मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि स्वाति मालीवाल द्वारा अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद उनके पक्ष में खुल कर आवाज़ न उठाने और जेल में उनसे एक बार भी मिलने नहीं जाने के कारण उनसे नाराज़गी है।

3 बार दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष रह चुकीं स्वाति मालीवाल हाल ही में कई दिनों तक अमेरिका में रह कर आई हैं और अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद जब उनकी पार्टी सड़क पर थी तब वो परिदृश्य से गायब थीं। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन इस मामले में पहले से ही जेल में हैं। वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह जमानत पर बाहर हैं। बताया जा रहा है कि स्वाति मालीवाल के AAP से संबंध अब ठीक नहीं हैं।

‘Daily Pioneer’ में प्रकाशित सौम्या शुक्ला की रिपोर्ट के अनुसार, स्वाति मालीवाल को पार्टी द्वारा राज्यसभा सांसदी से इस्तीफा देने को कहा गया है। स्वाति मालीवाल थाने आई थीं, लेकिन उन्हें फिर एक फोन कॉल आया और वो बाद में आने की बात कह कर चली गईं। उन्होंने फोन पर कहा था कि वो अभी ठीक स्थिति में नहीं हैं, इसीलिए बाद में रिपोर्ट दर्ज कराएँगी। थाने में उन्हें कहा गया था कि FIR दर्ज कराने के लिए मेडिकल परीक्षण ज़रूरी है।

इसके बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से उनसे संपर्क करने की कोशिशें सफल नहीं हो पा रही हैं। पुलिस स्टेशन में वो रोने भी लगी थीं। दिल्ली CMO या AAP की तरफ से अब तक इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) स्पष्ट कर चुका है कि वो इस मामले की जाँच के लिए एक टीम भेजेगी, साथ ही दिल्ली पुलिस से कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट तलब करेगी। अब इस मामले में ये समझते हैं कि पुलिस आगे क्या कर सकती है।

अगर स्वाति मालीवाल लिखित शिकायत दायर नहीं करती हैं तो फिर दिल्ली पुलिस PCR कॉल के आधार पर FIR दर्ज कर सकती है। विभव कुमार और अरविंद केजरीवाल, दोनों 2007 में स्थापित ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ (IAC) वाले दिनों से ही अरविंद केजरीवाल के साथ हैं और 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन में भी सक्रिय थे। दिल्ली पुलिस के पास एक विकल्प है कि वो स्वाति मालीवाल को मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के लिए कहे।

अवलोकन करें:- 

दिल्ली : 6 साल बाद फिर कलंकित CM House, तब अंशु प्रकाश, मुख्य सचिव की पिटाई, अब खासमखास स्वाति मालीवाल ; क

PCR कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, स्वाति मालीवाल ने कहा, “मैं अभी CM के घर पर हूँ। उन्होंने अपने PA विभव कुमार से बुरी तरह पिटवाया है।” इसके बाद सिविल लाइंस के SHO 6, फ्लैग स्टाफ रोड स्थित अरविंद केजरीवाल के घर पहुँचे। स्वाति मालीवाल ऑटो से थाने से वापस गई थीं। स्वाति मालीवाल को हाल ही में AAP के स्टार प्रचारकों की सूची से भी हटा दिया गया है। भाजपा नेताओं ने भी एक महिला के साथ मारपीट के खिलाफ आवाज़ उठाई है।

दिल्ली : AAP सांसद स्वाति मालीवाल को केजरीवाल ने पिटवाया, CM के घर पर हुई मारपीट: मीडिया रिपोर्ट, दिल्ली पुलिस जाँच में जुटी


आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के घर पर पुलिस बुलाई है। स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार पर मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें CM आवास के भीतर पीटा गया।

सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल अपने जेल जाने पर अपनी जगह अपनी पत्नी सुनीता को सौंपने के पक्ष में हैं, जिसका पार्टी में ही बहुत विरोध है। लेकिन केजरीवाल को किसी पर विश्वास नहीं। इस बीच स्वाति ने मुख्यमंत्री पद के अपना नाम जैसे ही रखा, स्वाति पर अभद्र गोली गलोच के साथ खूब मार पिटाई हो गयी। जिससे वह शंकाएं सच होती नज़र आ रही है कि केजरीवाल के जेल जाने पर ख़त्म हो जाएगी। लेकिन आज की हरकत से लगता है कि जून 2 को दोबारा जेल जाने से पहले ही आम आदमी पार्टी टूट जाएगी? क्योकि स्वाति के साथ मारपीट होना बहुत कुछ कह रहा है। स्वाति केजरीवाल के लिए किसी भी सीमा तक जाकर कुछ भी तैयार को रहने वाली वफादार है। राज्य सभा भी उसी का नतीजा है।  

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार (13 मई, 2024) को AAP की राज्यसभा सांसद CM आवास पहुँची थीं। यहाँ उनके साथ केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार ने मारपीट की। उन पर हमला किया। इसके बाद मालीवाल ने दिल्ली पुलिस को फोन किया।

CM आवास पर मारपीट की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम पहुँची। बताया गया कि स्वाति मालीवाल CM आवास से निकल कर पुलिस थाने भी पहुँच गईं। बताया गया कि यह मारपीट की घटना सोमवार सुबह 10 बजे CM आवास के भीतर हुई।

IndiaTV ने डिलीट किया ट्वीट 

स्वाति मालीवाल ने पुलिस को एक फोन कॉल में यह भी कहा कि विभव कुमार ने उनके साथ मारपीट मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के कहने पर की। बताया गया कि इस मामले में दो बार फोन किया गया। यह भी बताया गया कि पुलिस के पहुँचने पर स्वाति मालीवाल मौके पर नहीं मिली। वह दिल्ली के सिविल लाइन्स थाने पहुँच चुकी थी।

केजरीवाल, उनके निजी सचिव विभव कुमार और स्वाति मालीवाल ने अभी आधिकारिक रूप से इस मामले में कुछ नहीं कहा है। दिल्ली पुलिस ने भी इस विषय में कोई जानकारी नहीं दी है। उत्तरी दिल्ली के DCP भी सिविल लाइन्स थाने में पहुँचे हुए हैं।

जिन विभव कुमार पर स्वाति मालीवाल को पीटने का आरोप लगा है उन्हें विजिलेंस हटाने की कार्रवाई कर चुकी है, विजिंलेंस ने कहा था कि उनकी नियुक्ति नियमानुरूप नहीं थी। बिभव कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सरकारी अधिकारी को उसके कामकाज से रोकने और नुकसान पहुँचाने का मामला दर्ज है।