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पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के निशाने पर हिन्दुओं को शाहबाज़ शरीफ द्वारा दिवाली की बधाई देने पर भड़के कट्टरपंथी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार (20 अक्टूबर 2025) को X पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखकर दीपावली की बधाई दी। इस संदेश में उन्होंने शांति, करुणा और सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया। वो पाकिस्तान जहाँ हिंदू प्रताड़ित है, महिलाएँ असुरक्षित हैं और सनातन के धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है, वहाँ के प्रधानमंत्री की बातें सोशल मीडिया यूजर्स को हजम नहीं हुईं और उन्होंने शहबाज को आड़े हाथों ले लिया।

शहबाज शरीफ ने क्या कहा?

शहबाज ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “दीपावली के शुभ अवसर पर, मैं पाकिस्तान और दुनिया भर में हमारे हिंदू समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।” उन्होंने आगे लिखा, “जैसे दीपावली के प्रकाश से घर और दिल रोशन होते हैं, यह त्योहार अंधकार को दूर करे, सद्भावना बढ़ाए और हम सभी को शांति, करुणा और साझा समृद्धि के भविष्य की ओर मार्गदर्शन करे।”

शहबाज ने आगे लिखा, “दीपावली की भावना, जो अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और निराशा पर आशा का प्रतीक है, हमें हमारे समाजों के सामने आने वाली चुनौतियों, असहिष्णुता से लेकर असमानता तक को पार करने के लिए सामूहिक संकल्प लेने की प्रेरणा देती है। आइए हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि हर नागरिक, चाहे किसी भी धर्म या पृष्ठभूमि का हो, शांति से जीवन यापन कर सके और प्रगति में योगदान दे सके।”

सीधे वॉट्सऐप ही कर दो: यूजर्स ने शहजाब को लगाई लताड़

पाकिस्तान में हिंदुओं पर हमले और उनकी प्रताड़ना को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने शहजाब शरीफ को जमकर लताड़ लगाई है। एक X यूजर ने उनके बधाई संदेश पर जवाब देते हुए लिखा, “सीधे पाकिस्तान के हिंदुओं को वॉट्सऐप (पर ही मेसेज) कर दो। वहाँ बमुश्किल ही हिंदू बचे हैं।”

पत्रकार आदित्य राज कौल ने भी शहबाज को जमकर लताड़ा। उन्होंने X पर लिखा, “पहलगाम में हिंदुओं को मारने के बाद अब उन्हें दिवाली की बधाई दे रहे हैं। शर्मनाक है पाकिस्तान। उन्होंने पाकिस्तान में हिंदू, ईसाई और सिख समुदाय को लगातार मार डाला और जबरन धर्म बदलवाया। अहमदियों पर भी हर हफ्ते हमला होता है। दुनिया का सबसे खराब और आतंक पसंद देश।”

अधिकारी और लेखक प्रणव महाजन ने शहबाज को जवाब देते हुए लिखा, “इतना लंबा संदेश देखकर अच्छा लगा लेकिन शब्द खाली लग रहे हैं। एक इंसान की असली पहचान ये होती है कि उसके कहने और करने में कितना अंतर है। आपके मामले में ये अंतर तो धरती और सूरज के बीच की दूरी से भी ज्यादा है।”

उन्होंने आगे लिखा, “आप ‘अंधकार पर उजाला’ की बात करते हैं लेकिन आपके शासन में पाकिस्तान के हिंदू घरों की रोशनी लगातार बुझती जा रही है। जबरन धर्म परिवर्तन, मंदिरों का अपमान, हिंदू लड़कियों का अपहरण हो रहा है।”

पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचारों का कुचक्र

बँटवारे के बाद से ही पाकिस्तान में हिंदुओं पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। सामाजिक-आर्थिक भेदभाव से लेकर उनके धार्मिक अधिकारों को भी आतंकिस्तान में छीना जा रहा है। पिछले हफ्ते की ही बात है जब पाकिस्तान में एक नाबालिग हिंदू का जबरन अपहरण किया गया, उसका धर्म बदलवाया गया और उसका पाकिस्तान के एक ड्रग्स तस्कर से निकाह करवा दिया गया। यह ड्रग तस्कर पहले से ही शादीशुदा था और 7 बच्चों को अब्बू था।

सिंध क्षेत्र की एक हिंदू अधिकार कार्यकर्ता ने दावा किया कि यह ऐसा इस क्षेत्र में एक महीने के भीतर चौथा मामला था। ऐसी घटनाएं जिन्हें सुनकर लोग सिहर जाएँ पाकिस्तान में आए दिन होती रहती हैं। हिंदू लड़कियों को निशाना बना जा रहा है और पुलिस ऐसे मामले में कार्रवाई तो छोड़िए शिकायत दर्ज करने तक की जहमत नहीं उठाती है।

पाकिस्तान के अत्याचारों की दास्तां ऐसी ही कि लगता नहीं है कि कोई आदमी ऐसा कृत्य कर भी सकता है। पाकिस्तान से भागकर भारत आए एक परिवार ने बताया था कि उन्हें काफिर कहा जाता था और तिलक लगाकर बाहर निकलने में भी डर लगता था। परिवार ने बताया कि जब में पाकिस्तान में थे तो एक हिंदू लड़के की मुस्लिम से लड़ाई हो गई तो मामले को धर्म पर लाया गया, उसके साथ मारपीट की गई और हिंदू लड़के के हाथ-पैरों के नाखून तक भीड़ ने उखाड़ लिए।

हिंदुओं का अपहरण, महिलाओं का रेप-जबरन धर्मांतरण और निकाह उस पाकिस्तान में आम चीजें हो गई हैं जिसका प्रधानमंत्री दीपावली पर शांति का संदेश दे रहा है। इस साल के मार्च में केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया था कि किस तरह पाकिस्तान में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं।

केंद्र सरकार ने कहा था, “पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ अत्याचार की खबरें आई हैं, जिनमें हिंदू भी शामिल हैं। धमकी, अपहरण, उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और जबरन विवाह जैसी घटनाएँ सामने आई हैं, जो उन्हें पलायन करने के लिए मजबूर करती हैं।”

इसके अलावा हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमले और मंदिरों का अपमान भी आम बात हो गई है। मंदिरों को तोड़ने, उनकी संपत्ति हड़पने और पूजा की जगहों को बंद करने जैसी घटनाएँ लगातार सामने आती रहती हैं। पाकिस्तान में हिंदू परिवार अक्सर शिक्षा, नौकरी और व्यवसाय में अवसरों से वंचित तक रह जाते हैं।

यूरोपियन टाइम्स की एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान में ईसाइयों, हिंदुओं और अहमदिया मुसलमानों समेत सभी अल्पसंख्यकों पर मानवाधिकार हनन लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान की तथाकथित लोकतांत्रिक संस्थाएँ पूरी तरह से कमजोर हो गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अहमदिया मुसलमानों को हत्याओं, मनमानी गिरफ्तारियों और यहाँ तक कि उनके पूजा स्थलों और कब्रिस्तानों को अपवित्र करने का सामना करना पड़ा है।

कल अपने पिता को यौन शोषण के आरोप से अपमानित करने वाली स्वाति का ही उसके आका ने घसीट-घसीट कर पीट दिया; चुनावी मौसम में बीजेपी समेत सारी पार्टियां खामोश क्यों? अगर यही कांड बीजेपी मुख्यमंत्री के घर हुआ होता तो कितना शोर मच रहा होता

अरविंद केजरीवाल को दी गई जमानत भारत के इतिहास में न्यायपालिका द्वारा किए गए पक्षपातपूर्ण और अन्यायपूर्ण निर्णयों का एक ज्वलंत उदाहरण है। यह निराशाजनक और विकृत फैसला हमारी न्यायिक प्रणाली की निष्पक्षता के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करता है। अब यह धोखेबाजों, अपराधियों और यहां तक ​​कि आतंकवादियों के लिए भी राहत पाने के लिए एक मिसाल के रूप में काम करेगा। मिलोर्ड, केजरीवाल के लिए अटूट क्षमादान, जिसे पश्चिमी देशों का भी समर्थन मिला, भयावह है। इस तरह के अन्याय के सामने, निष्पक्षता को महत्व देने वाले प्रत्येक भारतीय के लिए अपनी असहमति व्यक्त करना अनिवार्य है। अपनी आवाज की ताकत को कम मत आंकिए. भूकंपीय परिवर्तन छोटी-छोटी गड़गड़ाहट के साथ शुरू होते हैं। तर्क और विचार तथा वाणी की स्वतंत्रता की लड़ाई में शामिल हो जाइए। भारत में न्यायपालिका सीआईए, आईएसआई, पीआरसी, भारत विरोध और भारत के खिलाफ अन्य सभी के प्रभाव में है। HC और SC न्यायाधीशों के चयन की कॉलेजियम प्रणाली का परिणाम। संपूर्ण न्यायपालिका 300 मक्खियों द्वारा संचालित और नियंत्रित होती है और प्रत्येक न्यायाधीश चाचा, चाची, बेटा, बहू, ससुर आदि हैं
अरविन्द केजरीवाल को interim bail देने वाली सुप्रीम कोर्ट पीठ 13 मई, 2024 को उनके भोले-भाले केजरीवाल ने अपने शीश महल में अपनी महिला राज्य सभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ किया, बताना पड़ेगा क्या यह अपराध की श्रेणी में नहीं आता? इतना ही नहीं, 6 साल पहले आपके इसी केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की भी सिसोदिया, अमानतुल्लाह आदि के साथ मिलकर पिटाई की थी। ऐसी हरकत कोई शरीफ नहीं कर सकता। स्वाति केजरीवाल की इतनी वफादार थी, जो इशारा मिलने पर किसी भी सीमा को लांध सकती है। सर्जिकल स्ट्रीक के दिनों की घटना याद है, इसी स्वाति ने आर्मी का मनोबल तोड़ने अपने ही पिता पर यौन शोषण का इल्जाम लगाया था। यह सब किसके कहने पर कहा, सभी political pundit जानते हैं। मजे की बात यह है कि पार्टी में सभी महिलाएं भी खामोश है क्यों? कारण कुछ भी हो क्या मुख्यमंत्री आवास में महिला का शोषण होता रहेगा? वैसे पार्टी के इतिहास को खंखालने में कोली कांड भी हो चुका है।  
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास में उनकी ही पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई हुई। अरविंद केजरीवाल कुछ ही दिनों पहले तिहाड़ जेल से निकले हैं और चुनाव खत्म होने पर उन्हें फिर से आत्मसमर्पण करना है, ऐसे में उनके लिए मुश्किलें और बढ़ती ही जा रही हैं। सोमवार (13 मई, 2024) को सिविल लाइंस पुलिस थाने में आई PCR कॉल में स्वाति मालीवाल की तरफ से कहा था कि उनके साथ मारपीट हो रही है। इसके बाद वो थाने भी पहुँची थीं।
क्या कारण है स्वाति पुलिस को फ़ोन करती है, थाने जाती है, लेकिन FIR नहीं लिखवाती? कारण राज्य सभा से इस्तीफा देने की आड़ में बहुत ही संगीन मसला है, जिस पर पार्टी तक ने मुंह में दही जमा लिया है। डर है जिसका पर्दाफाश होते ही पार्टी एकदम झाड़ू के तिनकों की तरह हवा हवाई हो जाएगी? Jaipur Dialogue चैनल पर RPN Singh, पूर्व RAW अधिकारी ने सुप्रीम पीठ पर कुछ ज्वलंत प्रश्न किए। जिनसे पीठ तो क्या समस्त सुप्रीम कोर्ट इंकार नहीं कर सकती। अजित भारती ने भी अपने चैनल पर गंभीर मुद्दे उठाये हैं।  

हालाँकि, स्वाति मालीवाल बिना कोई लिखित शिकायत दर्ज कराए वहाँ से निकल गई थीं। इस प्रकरण में उन्होंने फोन कॉल पर विभव कुमार का नाम लिया था, जो अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव हैं और एक विवादित अधिकारी रहे हैं। मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि स्वाति मालीवाल द्वारा अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद उनके पक्ष में खुल कर आवाज़ न उठाने और जेल में उनसे एक बार भी मिलने नहीं जाने के कारण उनसे नाराज़गी है।

3 बार दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष रह चुकीं स्वाति मालीवाल हाल ही में कई दिनों तक अमेरिका में रह कर आई हैं और अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद जब उनकी पार्टी सड़क पर थी तब वो परिदृश्य से गायब थीं। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया और मंत्री रहे सत्येंद्र जैन इस मामले में पहले से ही जेल में हैं। वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह जमानत पर बाहर हैं। बताया जा रहा है कि स्वाति मालीवाल के AAP से संबंध अब ठीक नहीं हैं।

‘Daily Pioneer’ में प्रकाशित सौम्या शुक्ला की रिपोर्ट के अनुसार, स्वाति मालीवाल को पार्टी द्वारा राज्यसभा सांसदी से इस्तीफा देने को कहा गया है। स्वाति मालीवाल थाने आई थीं, लेकिन उन्हें फिर एक फोन कॉल आया और वो बाद में आने की बात कह कर चली गईं। उन्होंने फोन पर कहा था कि वो अभी ठीक स्थिति में नहीं हैं, इसीलिए बाद में रिपोर्ट दर्ज कराएँगी। थाने में उन्हें कहा गया था कि FIR दर्ज कराने के लिए मेडिकल परीक्षण ज़रूरी है।

इसके बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से उनसे संपर्क करने की कोशिशें सफल नहीं हो पा रही हैं। पुलिस स्टेशन में वो रोने भी लगी थीं। दिल्ली CMO या AAP की तरफ से अब तक इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) स्पष्ट कर चुका है कि वो इस मामले की जाँच के लिए एक टीम भेजेगी, साथ ही दिल्ली पुलिस से कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट तलब करेगी। अब इस मामले में ये समझते हैं कि पुलिस आगे क्या कर सकती है।

अगर स्वाति मालीवाल लिखित शिकायत दायर नहीं करती हैं तो फिर दिल्ली पुलिस PCR कॉल के आधार पर FIR दर्ज कर सकती है। विभव कुमार और अरविंद केजरीवाल, दोनों 2007 में स्थापित ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ (IAC) वाले दिनों से ही अरविंद केजरीवाल के साथ हैं और 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन में भी सक्रिय थे। दिल्ली पुलिस के पास एक विकल्प है कि वो स्वाति मालीवाल को मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के लिए कहे।

अवलोकन करें:- 

दिल्ली : 6 साल बाद फिर कलंकित CM House, तब अंशु प्रकाश, मुख्य सचिव की पिटाई, अब खासमखास स्वाति मालीवाल ; क

PCR कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, स्वाति मालीवाल ने कहा, “मैं अभी CM के घर पर हूँ। उन्होंने अपने PA विभव कुमार से बुरी तरह पिटवाया है।” इसके बाद सिविल लाइंस के SHO 6, फ्लैग स्टाफ रोड स्थित अरविंद केजरीवाल के घर पहुँचे। स्वाति मालीवाल ऑटो से थाने से वापस गई थीं। स्वाति मालीवाल को हाल ही में AAP के स्टार प्रचारकों की सूची से भी हटा दिया गया है। भाजपा नेताओं ने भी एक महिला के साथ मारपीट के खिलाफ आवाज़ उठाई है।

पश्चिम बंगाल : TMC छोड़ कांग्रेस ज्वाइन करने पर सत्ताधारी दल के गुंडों ने महिला को नंगा कर पीटा

मुर्शिदाबाद में TMC के गुंडों ने महिला नेत्री को नग्न कर पीटा (चित्र साभार: आज तक बांग्ला)
मणिपुर पर हंगामा बड़पाने वाले, बंगाल, राजस्थान, झाड़खंड पर चुप्पी साधे हैं? क्या इन प्रदेशों में महिला का कोई सम्मान नहीं? जितना अधिक महिलाओं का शोषण हंगामा करने वालों के राज्यों में हो रहा है, उतना शायद किसी अन्य राज्य में नहीं। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गुंडों पर एक महिला को नग्न कर पीटने का आरोप लगा है। घटना रविवार (23 जुलाई 2023) की बताई जाती है। कथित तौर पर पीड़ित महिला पहले टीएमसी में ही थी। कांग्रेस ज्वाइन करने के कारण उसे पीटा गया। महिला को बचाने की कोशिश करने पर कांग्रेस के दो अन्य कार्यकर्ताओं की पिटाई करने की भी बात कही जा रही। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शुक्र मनाइए कि महेंद्र कपूर का गाया हुआ एवं मनोज कुमार पर फिल्माया हुआ फ़िल्म "यादगार" का ये गीत आज नहीं बना। न जाने कितने ही लोगों की भावनाएँ आहत हो जाती, मामला न्यायालय में पहुँच जाता। वो दौर कुछ और था जब ऐसे गीत बना करते थे, लोकप्रिय भी होते थे। किसी की भावना पर चोट लगने जैसी कोई बात ही नही होती थी, सभी गीत और सिनेमा को एन्जॉय करते थे।
एक तारा बोले तुन तुन
क्या कहे ये तुमसे सुन सुन
एक तारा बोले तुन तुन
क्या कहे ये तुमसे सुन सुन
बात है लम्बी मतलब गोल
खोल न दे ये सबकी पोल
तो फिर उसके बाद
एक तारा बोले
तुन तुन सुन सुन सुन
एक तारा बोले तुन तुन
क्या कहे ये तुमसे सुन सुन
एक तारा बोले
तुन तुन तुन तुन तुन
मंदिर से लोग घबराते हैं
मंदिर से लोग घबराते हैं
और रोज़ क्लब में जाते हैं
लोग भक्ति भजन सब भूल गए
और फ़िल्मी गाने गाते हैं
और फ़िल्मी गाने गाते हैं
जब धर्म नहीं और शर्म नहीं
कोई भी अच्छा कर्म नहीं
तो फिर उसके बाद
एक तारा बोले
तुन तुन तुन तुन तुन
एक तारा बोले तुन तुन
कहे ये तुमसे सुन सुन
एक तारा बोले
तुन तुन तुन तुन तुन
दो किस्म के नेता होते हैं
इक देता है इक पाता है
हो हो एक देश को लूट के खाता है
इक देश पे जान लुटाता है
हो हो एक ज़िंदा रह कर मरता है
इक मर कर जीवन पाता है
इक मारा तो नामो निशान ही नहीं
इक यादगार बन जाता है
इक यादगार बन जाता है
भगवान् करे मेरे देश के
सब नेता ही बन जाएँ ऐसे
थोड़े से लाल बहादुर हों
थोड़े से हों नेहरू जैसे
थोड़े से हों नेहरू जैसे
राम न करे मेरे देश को
राम न करे मेरे देश को
कभी भी ऐसा नेता मिले
जो आप भी डूबे देश भी डूबे
जनता को भी ले डूबे
अरे जनता को भी ले डूबे
वोट लिया और खिसक गया
जब कुर्सी से चिपक गया
तो फिर उसके बाद उसके बाद
एक तारा बोले तुन तुन तुन तुन
क्या कहे ये तुमसे सुन सुन
एक तारा बोले तुन तुन तुन तुन
आज तक बांग्ला के मुताबिक घटना मुर्शिदाबाद के गाँव बुरवान की है। बताया जा रहा है कि पीड़िता पहले तृणमूल कांग्रेस की सदस्य थी। इस बार पंचायत चुनाव में उसे टिकट नहीं मिला। इसके चलते महिला ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। थोड़े समय बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गई। जब इसकी जानकारी TMC के गुंडों को हुई तो उन्होंने महिला को बेरहमी से मारा। आज तक बांग्ला से पीड़िता ने कहा कि पिटाई से पहले आरोपितों ने उन्हें नंगा कर दिया था।

 

पीड़ित महिला के मुताबिक उन पर हमले के बाद अफरातफरी का माहौल बन गया था। लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रित किया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित मालवीय ने इस घटना को लेकर ममता सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा, “एक और दिन। पश्चिम बंगाल के बुरवान (मुर्शिदाबाद) में एक और महिला के साथ मारपीट की गई और उसे निर्वस्त्र किया गया।” अमित मालवीय ने भी महिला पर TMC गुंडों के हमले की वजह पीड़िता का कांग्रेस को समर्थन करना बताया है।

अमित मालवीय ने इस घटना पर ममता बनर्जी और राहुल गाँधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। बताते चलें कि यह घटना तब घटी है, जब मणिपुर के वायरल वीडियो में 2 महिलाओं के साथ हुई निर्ममता से देश विचलित है।

BJP कार्यकर्ता के यौन उत्पीड़न का भी आरोप

इससे पहले पश्चिम बंगाल में भाजपा की ग्राम सभा उम्मीदवार ने TMC गुंडों पर नग्न कर पूरे गाँव में घुमाने का आरोप लगाया था। ANI के मुताबिक घटना 8 जुलाई 2023 (शनिवार) को हावड़ा जिले के दक्षिण पंचला में घटी थी। तब पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा की महिला नेत्री ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्टी के हेमंत रॉय पर अपने 40-50 साथियों के साथ हमला करने का आरोप लगाया था। शिकायत में पीड़िता ने हेमंत के अलावा नूर आलम, संजू दास, रणबीर पांजा, सुकमल पांजा और अल्फी एसके को भी नामजद किया था।
शिकायत में पीड़िता ने बताया था, “उन्होंने मेरी छाती और सिर पर लाठियों से वार किया। बाद में मुझे मतदान केंद्र से बाहर धकेल दिया। टीएमसी ग्राम सभा उम्मीदवार ने सुकमल पांजा और अली शेख को मेरी साड़ी और अंतः वस्त्रों को फाड़ने के लिए उकसाया। सबके आगे छेड़छाड़ की गई और मुझे नग्न होने के लिए मजबूर किया गया।”
21 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित मालवीय ने महिला उत्पीड़न की एक अन्य घटना का भी जिक्र किया। यह घटना पश्चिम बंगाल के डोमजूर इलाके की है। यहाँ उन्होंने पीड़िता द्वारा दर्ज शिकायत के स्क्रीनशॉट को भी शेयर किया था, जिसमें पीड़िता ने टीएमसी के अरुण ठाकुर और शुवंकर मलिक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। शिकायत में पीड़िता ने कहा था, “उन्होंने काउंटिंग के दिन मेरे प्राइवेट पार्ट्स छुआ और मुझे पीटा।”
भाजपा की महिला कार्यकर्ता ने अपनी शिकायत पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। शिकायत में घटनास्थल के CCTV फुटेज की भी जाँच करवाने की माँग की गई थी।

हैदराबाद : हॉस्टल में छात्र हिमांक बंसल को पीटा, लगवाए ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे: गुप्तांग पर लातें मारी

पीड़ित हिमांक बंसल और उसके कमरे में घुसकर मारपीट करता हुआ आरोपित (फोटो साभार: वायरल वीडियो का स्क्रीनग्रैब)
12 नवंबर, 2022 को सुबह से ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हैदराबाद के ‘ICFAI फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन (IFHE)’ के एक छात्र हिमांक बंसल को कॉलेज के अन्य छात्रों द्वारा द्वारा पीटते हुए ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया जा रहा था।

आज भारत में इस्लामिक कट्टरपंथी शायद अपनी सीमा को पार कर रही है। हैदराबाद में पैंगबर को लेकर निजी चैट सार्वजनिक होने पर हिंदू छात्र को 20 लोगों ने बेरहमी से पीटा। आरोप है कि मुस्लिम लड़कों ने पीटकर लगवाए अल्लाह हू अकबर के नारे। प्राइवेट पार्ट पर लात मारी, वीडियो बनाया और जान से मारने की धमकी दी। कहाँ है #mob lynching, #intolerance, #not in my name,गंगा-जमुनी तहजीब के ढोंगी नारे और संविधान की दुहाई देने वाले आदि गैंग कहाँ है? किसी बीजेपी शासित राज्य किसी मुस्लिम के अप्रिय घटना होने पर पिकनिक मनाने पहुँचने वाले छद्दम धर्म निरपेक्ष किस बिल में घुसे बैठे हैं? क्या इन सबके घरों में कोई मातम है, जो किसी की आवाज़ नहीं निकल रही। क्योकि पिटने वाला हिन्दू है और हैदराबाद भाजपा शासित नहीं।

यह हादसा हिन्दू-मुसलमान चिल्लाने वाले असुदुद्दीन ओवैसी के क्षेत्र की हैं और उनकी आवाज़ तक नहीं आयी, साबित करता है उनका साम्प्रदायिकता चेहरा। टी राजा के विरुद्ध बढ़-बढ़कर चीखने-चिल्लाने वाले ओवैसी क्यों चुप बैठे हैं? क्यों नहीं, इन जेहादियों के खिलाफ बोलते? डर है, कहीं मुस्लिम वोट बैंक हाथ से निकल जाए। भाजपा नेता अब चर्चा है कि जिस कॉलेज में यह घटना हुई है, इसकी मान्यता समाप्त कर ब्लैकलिस्ट किया जाए। ताकि अन्य कॉलेज भी ऐसी किसी भी अन्य दुर्घटना के प्रति सजगता बरते। और जिन उत्पादी छात्रों को कॉलेज से निष्कासित किया गया है, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया, ताकि किसी अन्य कॉलेज में जाने पाएं। इतना ही नहीं, जिस लड़की के प्राइवेट मैसेज के कारण यह दुर्घटना हुई है, उस पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। इन सबके बैंक खातों की जाँच भी जरुरी है।

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में छात्रों के एक गुट द्वारा छात्रावास के कमरे के अंदर हिमांक बंसल को पीटते और धमकाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा है कि हिमांक कमरे में अकेला है और बाकी लोग मिलकर उसके गालों में चाँटे और शरीर के अन्य हिस्सों में पैरों से मार रहे हैं। मारपीट के दौरान हिमांक जिस बेड में बैठा हुआ दिख रहा है, उससे भी उसे नीचे फेंक दिया जाता है।

हमले के बाद, पीड़ित हिमांक बंसल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में उसने कहा है कि कॉलेज ही एक छात्रा दीपाशा शर्मा ने उसे तीन साल छोटी उम्र की लड़की से दोस्ती करने को लेकर ‘Pedophile (बच्चों के प्रति यौन आकर्षण रखने वाला)’ बताया था। इसके बाद हिमांक ने अपने बचाव में दलीलें देते हुए कहा कि उसने अपने से तीन साल छोटी लड़की से यौन संबंध स्थापित करने के लिए दोस्ती नहीं की है।

                                              Times of India, हैदराबाद, 13.11.2022  

हिमांक बंसल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत

अपनी बातों की पुष्टि करने के लिए हिमांक ने इस्लामी साहित्य का भी हवाला देकर बताया कि वह गलत नहीं है। इसके बाद दीपाशा ने हिमांक की बातों को कॉलेज के दूसरे छात्रों तक पहुँचा दिया।

हिमांक ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि छात्रावास के कमरे में 15-20 लोगों ने घुसकर उस पर हमला किया और जबरन ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगवाए। हिमांक का आरोप है कि मारपीट करने आए लड़कों ने उसे निर्वस्त्र करने की भी कोशिश की। यही नहीं, आरोपितों ने उसे और उसके परिवार वालों को भी धमकी दी है। हिमांक ने अपनी शिकायत में अपने साथ हुए हादसे का जिक्र करते हुए सभी आरोपितों के बारे में विस्तार से बताया है।

पीड़ित हिमांक बंसल ने शिकायत के साथ मारपीट के वीडियो और फोटोग्राफिक सबूत भी पुलिस को सौंप दिए हैं। उसकी शिकायत के बाद, साइबराबाद पुलिस ने कहा है कि शंकरपल्ली पुलिस स्टेशन द्वारा 11 नवंबर 2022 को दोषियों के खिलाफ 307, 342, 450, 323, 506, आर/डब्ल्यू 149, आईपीसी और 2011 के रैगिंग निषेध अधिनियम के धारा 4 (I), (II), और (III) के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। कॉलेज ने मारपीट में शामिल छात्रों के साथ-साथ हिमांक बंसल के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है।

‘पैगंबर’ के नाम पर जिंदा जलाने के बाद 4 महिलाओं को नंगा कर बीच बाजार मारा

4 महिलाओं के कपड़े उतार लाठियों से पीटा
पाकिस्तान के फैसलाबाद से चार महिलाओं को निर्वस्त्र (women stripped in Faisalabad) कर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पुलिस ने सोमवार (6 दिसंबर 2021) को बावा चक मार्केट में चार महिलाओं के कपड़े उतार कर उन्हें लाठी-डंडों से मारने और उनका वीडियो बनाने के आरोप में पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है।

फैसलाबाद के पुलिस अधिकारी डॉ. मोहम्मद आबिद खान ने मंगलवार (7 दिसंबर 2021) को पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन डॉट कॉम (Dawn.com) को बताया कि उन्होंने इस मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

सोशल मीडिया पर चारों महिलाओं का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला में प्रकाश में आया। वायरल वीडियो में एक युवती और एक महिला निर्वस्त्र दिखाई दे रही है। वे दोनों अपने आस-पास के लोगों से विनती करते हुए दिखाई दे रही हैं कि उन्हें बदन ढकने दें, लेकिन वहाँ मौजूद लोग उन्हें लाठियों से पीट रहे हैं।

महिलाएँ रो रही हैं, बार-बार अपने तन को ढँकने के लिए कपड़े माँग रही हैं और रोते हुए उन लोगों से उन्हें जाने देने का अनुरोध कर रही हैं। वीडियो के बैकगाउंड में या अल्लाह या अल्लाह की आवाजें सुनाई दे रही हैं। महिलाओं को नंगा कर पीटने का वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल है, उसे हम यहाँ नहीं दिखा सकते।

पाकिस्तान के मिल्लत टाउन पुलिस स्टेशन में पाँच आरोपितों उस्मान इलेक्ट्रिक स्टोर के मालिक सद्दाम, उसके कर्मचारी फैसल, जहीर, अनवर और सैनिटरी प्रोडक्ट्स के मालिक फकीर हुसैन के अलावा 10 अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपितों पर पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 354-ए (महिला के खिलाफ हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना), 509 (महिला को अपमानित करना या उनका यौन उत्पीड़न करना), 147 (दंगा करने की सजा) और 149 (गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के मुता​बिक, शिकायतकर्ता कचरा उठाने वाली हैं। चारों महिलाएँ फैसलाबाद के बावा चक मार्केट में सोमवार की सुबह करीब 10:30 बजे कचरा उठाने के लिए गई थीं। शिकायत में महिलाओं ने कहा:

”हमें प्यास लगी थी। इसलिए हम उस्मान इलेक्ट्रिक स्टोर के अंदर गए और उनसे पानी की बोतल माँगी। लेकिन इसके मालिक सद्दाम ने हम पर चोरी करने के इरादे से दुकान में घुसने का आरोप लगाया। सद्दाम और अन्य लोगों ने हमें पीटना शुरू कर दिया। वे हमें करीब एक घंटे तक पीटते रहे और निर्वस्त्र कर हमारा वीडियो बनाते रहे। भीड़ में से किसी ने भी इस अत्याचार को रोकने की कोशिश नहीं की।”

इस अमानवीय घटना के कुछ देर बाद पीड़ित महिलाओं के परिवार के कुछ सदस्य घटनास्थल वाले बाजार में पहुँचे। उन्होंने वहाँ मौजूद भीड़ से मदद की गुहार लगाते हुए महिलाओं को छोड़ने को कहा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

चोरी का आरोप और CCTV फुटेज

इसी घटना का एक और वीडियो सामने आया है। इसमें पीड़ित महिलाएँ खुद अपने कपड़े फाड़ती हुई दिखाई दे रही हैं। सीसीटीवी कैमरे में साफ दिख रहा है कि दुकान के अंदर चारों महिलाएँ बुर्के में आती हैं और मालिक के विरोध के बाद भी वहाँ से कुछ सामान उठाकर भागने लगती हैं। तभी वह उन्हें पकड़ लेता है। इस दौरान महिलाओं और दुकान के मालिक पर बीच हाथापाई भी होती है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं कि यह वीडियो महिलाओं की पिटाई से पहले का है या फिर बाद का।
पंजाब पुलिस ने मंगलवार को अपने ट्विटर हैंडल पर उन पाँच आरोपितों की ब्लर फोटो साझा की है। उन्होंने लिखा, ”हमने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।”
पाकिस्तान में ऑन स्पॉट फैसला में विश्वास रखने वाले कट्टरपंथी मुस्लिमों की सोच आप इससे समझ सकते हैं कि एक जीते-जागते इंसान को वो इसलिए जिंदा जला देते हैं क्योंकि उसने एक किताब (इस्लाम मानने वालों के लिए पवित्र कुरान) और उसमें लिखे पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी (सिर्फ आरोप है, कहा तो यह गया कि वो अरबी-फारसी-उर्दू जानता ही नहीं था इसलिए इसमें से किसी भाषा में लिखे एक पन्ने को कुड़ेदान में फेंका) की।