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हिन्दू विरोधी कांग्रेस manifesto : क्या कांग्रेस भारत में शरीयत लागु करने का जाल बिछा रही है? मुस्लिम पर्सनल लॉ से समझिए कांग्रेस का खेल; कांग्रेस मैनिफेस्टो हिन्दुओं के लिए है या मुस्लिमों के लिए? क्या मुस्लिम कट्टरपंथियों ने तैयार किया है? सिर्फ हिंदुओं (गैर-मुस्लिमों) की 55% संपत्ति पर कब्जा करेगी, इस्लाम मानने वालों के पास रहेगी 100% दौलत, क्यों?

जो हिन्दू-जैन, बौद्ध,आदि- भारत में दोबारा मुगलों का राज स्थापित करना चाहते हैं, जरूर कांग्रेस को वोट दें। बिल्ली थैले से बाहर आ चुकी है। बहुसंख्यकवाद के विरुद्ध राहुल अक्सर बोलता रहता है। और कांग्रेस में परिवार भक्त हिन्दू चुप्पी साध लेते हैं। देश इन्ही जैसों की वजह से गुलाम बना था। भारत में बहुसंख्यक हिन्दू ही है। लोक सभा चुनाव में जारी अपने मैनिफेस्टो में कांग्रेस साबित कर दिया है कि इसे हिन्दुओं से कोई मतलब नहीं, वापस मुग़ल राज स्थापित करके रहेंगे। जिस तरह हिन्दुओं को मुग़ल राज में जजिया देना होता था, ठीक उसी तर्ज पर हिन्दुओं के खून-पसीने की कमाई पर हिन्दू विरोधी कांग्रेस गिद्ध की नज़र रखे हुए हैं। क्या कांग्रेस और इसको समर्थन करने वालों के बहिष्कार करने का समय आ गया? ऐसी परिवार की गुलामी भी क्या कि चुनाव घोषणा पत्र जारी करने से कांग्रेस में बुद्धिजीवियों ने क्यों नहीं देखा? क्यों राहुल के भाषणों पर लगाम लगाई? इन कांग्रेसियों से पूछो क्या इसका नाम सेकुलरिज्म है? राहुल को अध्यक्ष बनाये जाने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठीक ही कहा था कि 'जितनी जल्दी हो राहुल को अध्यक्ष बनाओ'।   
मैनिफेस्टो में जो लिखा है, सो लिखा है, वही बात राहुल के भाषण में सुन लो। 

हर हिन्दू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद करना चाहिए, जिन्होंने कांग्रेस के इस हिन्दू विरोधी चेहरे को बेनकाब कर दिया। यह मैनिफेस्टो हिन्दुओं के लिए नहीं, मुस्लिम कट्टरपंथियों और टुकड़े-टुकड़े गैंग के मंसूबे पुरे करने के लिए बनाया है?

मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग जाने वालों को ही नहीं मालूम कांग्रेस मैनिफेस्टो में क्या लिखा है और रा

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने वादा किया है कि वो सत्ता में आएँगे, तो अमीरों से पैसे छीन लेंगे और गरीबों में बाँट देंगे। कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने के बाद लोगों की संपत्ति की जाँच कराएगी और अगर संपत्ति ज्यादा होगी, तो उसे सरकार अपने कब्जे में ले लेगी। फिर इस संपत्ति को उन्हें दे देगी, जिनके पास संपत्ति कम है। वैसे सुनने में ये बड़ा क्रांतिकारी आईडिया लगता है, लेकिन हकीकत में कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा ही किसी को नहीं है।

इस बीच, राहुल गाँधी ही नहीं, उनकी माँ सोनिया गाँधी के करीबी और कांग्रेस थिंक टैंक के बड़े चेहरे सैम पित्रोदा ने जले पर नमक छिड़कने और नए जख्म देने की कोशिश करते हुए भारत में अमेरिकी कानून की बात कह दी। उनके मुताबिक, अमेरिका में किसी व्यक्ति के मरने के बाद उसकी संपत्ति का 45 प्रतिशत हिस्सा ही उत्तराधिकारियों को मिलता है, बाकी सरकार ले लेती है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस इस पर भी सोचेगी।

ओवरसीज कांग्रेस के मुखिया सैम पित्रोदा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “अमेरिका में एक विरासत कर (इनहेरिटेंस टैक्स) है। अगर किसी व्यक्ति के पास 100 मिलियन डॉलर है और जब वह मरता है तो वह केवल इसका 45% ही अपने बच्चों को दे सकता है, 55% सरकार के खजाने में जाता है। इस कानून के अनुसार, आपने अपने समय में सम्पत्ति बनाई और अब इसे जनता के लिए छोड़ दीजिए। पूरी नहीं तो कम से कम आधी तो जनता के लिए छोड़ ही दें। मुझे ये एकदम सही लगता है।”

इसके बाद सैम पित्रोदा ने इस कानून की वकालत में कहा, “भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है, भारत में अगर किसी के पास 10 बिलियन डॉलर (लगभग 82,000 करोड़ रूपए) हैं और वह मरता है तो उसके बच्चों को पूरे 10 बिलियन डॉलर मिलते हैं। जनता को उसमे से कुछ नहीं मिलता। यह कुछ मामले हैं जिन पर बहस और विचार होगा। जब हम सम्पत्ति दोबारा से बाँटने के बारे में बात करेंगे तो इसका मतलब नए कानून और नीतियों पर बात करना होगा।”

सैम पित्रोदा ने आरोप लगाया कि भारत के लोग अपने नौकरों को पैसा नहीं बांटते बल्कि उस पैसे से दुबई और विदेश घूमने टहलने जाते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस यदि सत्ता में आती है तो वह नौकरों और घर में काम करने वालों को कितना पैसा दिया जाए इसके लिए भी नियम बनाएगी।

सिर्फ हिंदुओं पर ही असर?

कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में दावा किया है कि वो सारे ‘वर्सनल लॉ’ वापस लाएगी। वो शरिया के भी पक्ष में है। वो तीन तलाक के भी पक्ष में है और तमाम वो गैर-हिंदू कानून, जिस पर कोर्ट रोक लगा चुकी है और मोदी सरकार कानून बना चुकी है, वो उन्हें वापस लाएगी। वो आर्टिकल 370 भी वापस लाएगी और 35ए भी। इसका सीधा सा मतलब है कि पहले की तरह ही जम्मू-कश्मीर में पूरे देश से अलग कानून चलने लगेगा। मुस्लिमों के सारे विवादों, जिसमें उत्तराधिकार कानून भी है, वो सब पर्सनल लॉ के दायरे में आ जाएँगे, जबकि इससे उलट बीजेपी यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिका संहिता की बात कर रही है।
कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद हिंदुओं (क्योंकि मुस्लिमों के कानून अछूते रहेंगे) के उत्तराधिकार नियम में बदलाव लाया जाएगा, जिसमें हिंदुओं की मौत की सूरत में उसका 55 प्रतिशत हिस्सा सरकार के हाथ में चला जाएगा। और वेल्थ री-डिस्ट्रीब्यूशन के नाम पर वो अन्य लोगों में बाँट दिया जाएगा। ये तो वही बात हो गई, जिंदगी के साथ भी कॉन्ग्रेस की वसूली और मरने के बाद भी वसूली। यानी फर्क सिर्फ हिंदुओं पर पड़ेगा और उन समुदायों पर, जिन पर हिंदुओं के कानून लागू होते हैं। खासकर संपत्ति का मामला, जिसमें हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन धर्म जैसे सनातनी हैं।

इस्लाम में इस तरह से होता है विरासत का बंटवारा

इस्लाम में संपत्ति का बंटवारा शरीयत एक्ट 1937 के जरिए होता है। इसके लिए उत्तराधिकारी पर्सनल लॉ के तहत तय होते हैं। किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसकी संपत्ति में बेटे, बेटी, विधवा और माता-पिता को हिस्सा मिलता है। बेटी को बेटे से आधी संपत्ति देने का प्रावधान है। विधवा को संपत्ति का छठाँ हिस्सा मिलता है। ये चौथाई या आठवाँ हिस्सा भी हो सकता है। कोई सीधा उत्तराधिकारी न होने की सूरत में चौथाई, बेटा-पोता होने पर आठवाँ हिस्सा।
वैसे मुस्लिम परिवार में जन्मे बच्चे को जन्म के साथ ही संपत्ति में अधिकार नहीं मिलता है। इसके लिए जरूरी है कि किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसके उत्तराधिकारी अंतिम संस्कार करें। उसके सारे कर्ज चुकाए। इसके बाद संपत्ति की कीमत या वसीयत निर्धारित की जारी है और फिर शरिया कानून के अनुसार संपत्ति को रिश्तेदारों में बाँटा जाता है। एक बात और खास है, वो है संपत्ति का सरकार के कब्जे में न जाना। न ही कोई व्यक्ति अपनी पूरी संपत्ति का वसीयत कर सकता है और न ही सरकार किसी मुस्लिम की पूरी संपत्ति को कब्जा कर सकती है, क्योंकि मुस्लिमों में उत्तराधिकार के लिए पति-पत्नी, माता-पिता, बेटा-बेटी, दूसरी-तीसरी पत्नी, पोता-पोती सबकी हिम्मेदारी लग सकती है, लेकिन पूरी संपत्ति वसीयत नहीं की जा सकती।
हालाँकि अब कांग्रेस सैम पित्रोदा के बयान से पलड़ा झाड़ती दिख रही है। एक तरफ तो जयराम रमेश सैम पित्रोदा को गुरु और मार्गदर्शक बताकर उनके बयान को ‘निजी’ बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ सैम अपने बयान को तोड़ने मरोड़ने का आरोप लगा रहे हैं, साथ ही कह रहे हैं कि वो बस उदाहरण दे रहे थे। ये अलग बात है कि उदाहरण देने के बाद उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि हम भारत में इस तरह की चीजों के बारे में सोच सकते हैं। खैर, अब लोकसभा चुनाव का मंच सज चुका है। जनता के हाथ में फैसले की ताकत है। अब ये जनता ही तय करेगी कि उसे पूरे देश में एक समान कानून व्यवस्था चाहिए या फिर बहुसंख्यकों की संपत्तियों को छीनने की बात करने वाली पार्टी की सत्ता।

कांग्रेस का manifesto ही कांग्रेस का काल बनेगा; हर शांतिप्रिय चाहे वह हिन्दू, मुस्लिम, सिख एवं ईसाई हो कांग्रेस से दुरी बनाए

कल प्रधानमंत्री जी ने एक भाषण दिया था.. कांग्रेस की Wealth Distribution स्कीम के बारे में... इसमें यह भी कहा गया था कि हमारा पैसा छीन कर घुसपैठियों को दे दिया जाएगा। 

अब समाज के एक वर्ग ने इस पर हल्ला मचा दिया है.... लोग कह रहे हैं कि PM Communal हैं.... देश को तोड़ने की बात कर रहे हैं। लेकिन जो देश में communalism फैला रहा है, उस पर चुप्पी क्यों? अंग्रेज़ों के राज से देश को साम्प्रदायिकता की आग में झोंका जाता है। उसका मूल कारण है, समस्या की जड़ में जाओ, पागलों की तरह बीजेपी, आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद् को गाली मत दो, आने वाली पीडियां कोसेंगी तुम्हे। हर शांतिप्रिय चाहे वह हिन्दू, मुस्लिम, सिख या ईसाई ध्यान से कांग्रेस मैनिफेस्टो को देखिए। क्या कांग्रेस का मैनिफेस्टो देश को सही दिशा में लेकर जाने वाला है? और जो सोंच रहे हैं कि बीजेपी को हराकर कांग्रेस को लाना है, they are living in fools paradise. फ्रेंच ज्योतिष ने 1555 में अपनी भविष्यवाणी में स्पष्ट लिख दिया था कि 2014 के बाद भारत(हिन्द) कभी पीछे मुड़कर नहीं देखेगा। संकट आएंगे लेकिन बहादुरी के साथ हिंदुत्व का परचम लेकर बढ़ता जायेगा।  

कांग्रेस की स्थापना किसने की अंग्रेज़ ने। आज़ादी के बाद कांग्रेस की बागडोर किसके हाथ में है नेहरू-गाँधी परिवार के हाथ। ये परिवार क्या हिन्दू है? केवल हिन्दू धर्म में दाह संस्कार होता है। सच्चाई जानने के लिए पढ़िए नीचे दिए लिंक को :

The Story of Two Lals--Motilal & Jawaharlal
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
The Story of Two Lals--Motilal & Jawaharlal
Jawahar Lal Nehru Moti Lal Nehru SOMETIME back I used to receive a pamphlet titled “ SHAKTI SANDESH ” published from Calcutta a...

सोंचिये देश की सबसे पुरानी जिस पार्टी को छोटी-छोटी पार्टियों के साथ मिलकर अपनी साख बचाने के लिए चुनाव लड़ना पड़ रहा हो, इससे ज्यादा कांग्रेस की दुर्गति और क्या होगी। उन क्षेत्रीय पार्टियों को कांग्रेस मैनिफेस्टो देख अपने आपको अलग कर लेने में ही भलाई है, क्योकि सोनिया परिवार ने पार्टी को आत्महत्या करने की ओर धकेल किया है। अपना दामन बचा सकते हो तो बचा लो। 

राहुल तो कांग्रेस का आखिरी बहादुर शाह ज़फर बनने को आतुर है। ज़फर तो फिर बादशाह रहा, लेकिन राहुल तो मात्र एक सांसद। ज़फर अपनी शायरी और मदिरा में मस्त रहा लेकिन नहीं मालूम मीर ज़ाफ़र क्या गुल खिला रहा है। परिणाम अंग्रेजों ने हकूमत हथिया ली। और भारत अंग्रेजो का गुलाम बन गया। ठीक उसी दिशा में राहुल कांग्रेस को लेकर चल निकला है। और ये मैनिफेस्टो कांग्रेस को ले डूबेगा।   

जानिए सच क्या है?

पहले तो आप राहुल गाँधी की speech सुन लीजिये। वह खुल कर बोल रहे हैं कि उनकी सरकार बनने के बाद एक Wealth Survey कराया जायेगा। जैसे जाति Census की बात हो रही है.. और उसके बाद आंकड़ों के हिसाब से Wealth को distribute कर दिया जायेगा।

आपको यह छोटी मोटी बात लग रही होगी... लेकिन आपको यह concept समझने के लिए Carl Marx की Wealth Distribution थ्योरी और Functional Income Distribution थ्योरी को पढ़ना पड़ेगा और फिर उसे भारत के Perspective में देखना पड़ेगा.... कुछ concep…

Dear salaried class, professionals and business owners 

Imagine returning home at 6pm after days of hard work, only to find a sarkari notice stating that your savings and assets are ten times over the poverty line. As a result, the govt will be confiscating two-thirds of your assets for redistribution to the poor under the Jawaharlal Nehru National Wealth Redistribution Scheme.

 

इतिहास ज्ञात होना चाहिए -: अधाधुंध कांग्रेस की आलोचना करते जाना ठीक नहीं है। कांग्रेस की उपलब्धियां भी जाननी चाहिए और देखिए।

कौन कहता है की कांग्रेस ने पिछले 65 सालों में कुछ काम नही किया ? बहुत किया, लेकिन मुसलमानों के लिए ?

• पाकिस्तान बनाया, मुसलमानों के लिए,

• बांग्लादेश बना, मुसलमानों के लिए,

• धारा 370 लागू हुई, मुसलमानों के लिए।

• अल्पसंख्यंक बिल आया, मुसलमानों के लिए।

• मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बना, मुसलमानों के लिए।

• अल्पसंख्यंक मंत्रालय बना, मुसलमानों के लिए।

•वक़्फ़ बोर्ड बनाया, मुसलमानों के लिए।

•अल्पसंख्यंक विश्वविद्यालय बना, मुसलमानों के लिए।

• देश का बंटवारा धार्मिक आधार पर हुआ, मुसलमानों के लिए।

• Places of worship Act लाये, मुसलमानों के लिए।

• Anti communal violence bill दो बारी संसद में पेश किया परंतु BJP ने पास नहीं होने दिया, …

 "जिसकी जितनी आबादी उसका उतना हक़"

आइये इसका मतलब समझिए।

आप एक लाख कमा के 2 बच्चे करो, वो बीस हज़ार कमा के 10 बच्चे करेंगे।

कांग्रेस सरकार एक लाख बीस हज़ार रुपए को 12 बच्चों में बाट देगी।

आपको मिलेगा बीस हज़ार, उनको मिलेगा एक लाख।

क्योंकि, जिसकी जितनी आबादी उसका उतना हक़। यह मैं नहीं कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र बोल रहा।।

कांग्रेस इस देश का संसाधन मुसलमानो को किस कदर देना चाहती थी की 2005 में मनमोहन सिंह ने मुसलमानो को यह देश सौपने  के लिए और हिंदुओं को बर्बाद करने के लिए सच्चर कमीशन बनाया 

सच्चर कमीशन ने करीब 350 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को दिया था

सच्चर कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार 

1-मुसलमानो को दलित और ST क्लास में आरक्षण दिया जाए

 2-मुसलमान बच्चों की पढ़ाई फ्री हो 

मुसलमान बच्चों को किताब कॉपी मुफ्त में दिया जाए 

3-एमबीबीएस इंजीनियरिंग और आईआईटी में मुसलमानो के लिए अलग से आरक्षण हो 

4-बैंक मुसलमान को बिना किसी गारंटी  के लोन दें और यदि मुसलमान लोन न चुका सके तो बैंक उसे पर कोई कार्रवाई न करें 

5-राज्य सरकार  बोर्ड निगम में ज्यादा से ज्यादा मुसलमान को लाने के लिए 30% सीट मुसलमान को दें 

6-केंद्र सरकार कानून बनाए जिससे सभी राज्य की विधानसभाओं में काम से कम 40% मुसलमानो को सीट रिजर्व किया जाए 

7-और केंद्र कानून बनाए जिससे संसद में दोनों सदनों में 30% मुस्लिम सांसद बनकर आए 

8-मुसलमानो को व्यापार करने के लिए हर शहरों में अलग इंडस्ट्रियल जोन बनाई जाए उनको मुफ्त में बिजली मिले और उन्हें 10 साल तक सभी टैक्स में माफ किया जाए ताकि वह अपना बिजनेस कर सकें 

9-मुसलमान लड़कियों की शादी में सरकार ₹500000 की मदद करें

10-मुसलमानो को विदेश पढ़ने के लिए हर साल सरकार कम से कम 10000 मुसलमान बच्चों को स्कॉलरशिप दे

11-मुस्लिम इलाकों में बैंक खोले जाए जो मुसलमान को मुफ्त में लोन दें मुसलमान के लिए अलग से ईट और पॉलिटेक्निक खोले जाएं जिसमें सिर्फ मुसलमान बच्चे पढ़ें

12-जिस भी निर्वाचन  क्षेत्र में मुस्लिम 20% से ऊपर हो उसे चुनाव क्षेत्र को दलित या आदिवासियों के लिए लोकसभा या विधानसभा के लिए रिजर्व ना किया जाए बल्कि उनको मुसलमान के लिए रिजर्व किया जाए

14-मदरसों की डिग्री को डिफेंस, सिविल और बैंकिंग एग्जाम के लिए मान्य करने की व्यवस्था करना।

15- हर एक मुसलमान को सरकार निजी कार बाइक या कमर्शियल वाहन खरीदने के लिए बिना ब्याज के लोन दें

 आप गूगल पर सच्चर समिति की सिफारिश से सर्च करके उसे पढ़िए आप चौंक जाएंगे की किस कदर कांग्रेस इसमें लगी थी कि भारत में हिंदुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बनकर मुसलमान को भारत का उच्च क्लास का नागरिक बना दिया जाए

हिंदुओं को भीख मांगने पर मजबूर कर दिया जाए 

Rajasthan Vidhan Sabha 2018: कांग्रेस का घोषणपत्र जारी, किसानों,रोजगार और छात्रों पर फोकस

Rajasthan Congressकांग्रेस पार्टी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नवंबर 29 को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र को 'जन घोषणापत्र' नाम दिया है। इसमें  पार्टी का सबसे ज्यादा फोकस किसानों पर है साथ पार्टी ने रोजगार को लेकर भी तमाम वादे किए हैं इसके अलावा लड़कियों को मुफ्त शिक्षा की बात भी इसमें कही गई है। साथ ही कांग्रेस पार्टी ने ‘स्वास्थ्य के अधिकार’ का प्रावधान करने का भी वादा किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष हरीश चौधरी ने घोषणा पत्र जारी किया. 
कांग्रेस का घोषणा पत्र  राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जारी किया।सचिन पायलट ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो हम 3500 रूपये बेरोजगारी भत्ता देंगे, युवाओं को आसानी से ऋण उपलब्ध कराएंगे और किसानों का कर्जा माफ करेंगे, महिलाओं को निशुल्क शिक्षा देंगे।
घोषणा पत्र में वादा किया है कि कृषि उपकरणों को जीएसटी से बाहर किया जाएगा इसके अलावा बुजुर्ग किसानों को पेंशन की सुविधा भी दी जाएगी। राजस्थान के ज्यादातर लोगों को रोजगार दिया जाएगा, रोजगार के लिए कम दर पर ऋण की व्यवस्था की जाएगी।
घोषणा पत्र जारी करते हुए पीसीसी चीफ सचिन पायलट  ने कहा कि बीजेपी को आभास हो गया है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है. इसलिए बीजेपी अनर्गल बयानबाजी कर रही है। सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस की सरकार पत्रकार संरक्षण अधिनियम लाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी सरकार पत्रकारिता की स्वतंत्र आवाज का दमन करने की कोशिश ना कर सके। 
कांग्रेस के श्रीमुख से पत्रकारिता की स्वतन्त्रता?
कांग्रेस नेताओं के श्रीमुख से पत्रकारिता संरक्षण की बात सुन, आश्चर्य होता है कि जिसने आपातकाल(1975-77) के दिनों में मीडिया को कुचल कर रख दिया था, न जाने कितने समाचार-पत्र, और पत्रिकाएँ बंद कर दी थी। फिर 2004 से 2014 में केन्द्र में सरकार होते हुए मीडिया का किस तरह दुरूपयोग किया गया था। कल जो मीडिया हिन्दुत्व की बात करने, राममन्दिर अथवा अन्य मुद्दों पर संघ, विहिप और भाजपा पर एक से बढ़कर एक पैना तीर तानने से नहीं चूकते थे, केन्द्र में सत्ता परिवर्तन ने आज अधिकतर मीडिया ने वही तीर हिन्दुत्व विरोधियों की ओर तान दिए हैं। कल तक जिन्हे हिन्दुत्व की बात करने पर साम्प्रदायिकता और देश का सौहार्द बिगड़ने का डर सताता था, आज बड़े गर्व के साथ हिन्दुत्व की बात करते नहीं थकते।  
इससे पहले भाजपा का चुनाव घोषणा पत्र (गौरव संकल्प पत्र) नवंबर 27 को जारी किया जा चुका है. भाजपा के घोषणा पत्र में हिंदुत्व के मुद्दे को जगह दी गई है, जिसमें भाजपा के प्रमुख वादे हैं कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को राज्य से बाहर किया जाएगा, जबकि पाकिस्तान से विस्थापित होकर आने वाले हिंदुओं को यहां की नागरिकता प्रदान की जाएगी।