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अमेरिका और ब्रिटेन शेख हसीना को शरण देने से मना करके अंतरराष्ट्रीय बाजार में नंगे हो गए; टूल किट बड़े स्तर पर काम कर गया; शेख हसीना की 15 साल की देश के लिए मेहनत मिट्टी कर दी जाएगी

सुभाष चन्द्र

आज की खबर है कि अमेरिका और ब्रिटेन ने शेख हसीना को शरण देने से मना कर दिया और अब हो सकता है वह UAE से संपर्क करेगी। अमेरिका और ब्रिटेन दोनों मक्कार देश अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने नंगे हो गए और साबित कर दिया कि चीन और पाकिस्तान के साथ वे भी शेख हसीना के तख्तापलट में शामिल है। 

है न कमाल की बात कि ये दोनों बड़े बड़े अपराधियों को अपने मुल्क में शरण देते हैं लेकिन 3 /4 बहुमत से जीतने वाली प्रधानमंत्री को पहले देश की आवाम को भड़का के हटाया और अब उसे आतंकियों को सौंप देना चाहते हैं।

तस्लीमा नसरीन का एक बयान आज बहुत वायरल हो रहा है जिसमे वह कह रही हैं कि “1999 में शेख हसीना ने इस्लामवादियों को खुश करने के लिए उन्हें बांग्लादेश से निकाल दिया था। जिन लोगों को शेख हसीना ने खुश किया था, आज उन्होंने ही उन्हें देश से निकाल दिया”।

तस्लीमा नसरीन का यह दावा बिल्कुल गलत है क्योंकि वह 1994 में बांग्लादेश को छोड़ चुकी थी और तब शेख हसीना सत्ता में नहीं थी, वह पहली बार प्रधानमंत्री 1996 में बनी थी। 

दुनियाभर के इस्लामिक देश आज खामोश हैं, 57 इस्लामिक देशों में से किसी एक ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जबकि अमेरिका ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों दे “शांतिपूर्ण” प्रदर्शन की अनुमति देते रहने की वकालत की है लेकिन किसी ने हिंदुओं पर हो रही बर्बरता और मंदिरों में तोड़फोड़, मूर्तियों को नष्ट करने और आग लगाने पर कोई एक शब्द नहीं बोला। 

लेखक 
चर्चित YouTuber 
बांग्लादेश का कोर्ट भी कैसे टूल किट का हिस्सा बन गया, जैसे कई बार भारत में भी दिखाई देता है, उसका सीधा उदाहरण सामने है। बांग्लादेश में प्रदर्शन चल ही रहे थे कि हाई कोर्ट ने 2018 में शेख हसीना ने जो Freedom  Fighters के परिवारों के लिए 30% आरक्षण ख़त्म किया था, उसे बहाल कर दिया और यह एक कारण था बड़े पैमाने पर हिंसा फैलने का। 

इतना ही नहीं जब हिंसा ज्यादा भड़की तो कोर्ट ने आग में घी डालने के लिए Freedom Fighters के आरक्षण को ख़त्म करने के साथ साथ 8% विकलांगों का, 10 % महिलाओं का और अक्सर बाढ़ में रहने वाले जिलों का 10% कोटा भी ख़त्म कर दिया।

यही टूक किट का काम था जिसके पीछे विदेशी शक्तियां थी।

शेख हसीना मुझे अभी भी लगता है सेना के संरक्षण में भारत आई है भारत सरकार को confidence में लेकर वरना अगर सेना उसके विरोध में होती तो उसे हेलीकॉप्टर और C-130 प्लेन क्यों देती बल्कि उसे देश भी नहीं छोड़ने देती और गिरफ्तार कर लेती।

अब एक और नंगा होने वाला व्यक्ति है तख्तापलट का मास्टरमाइंड नोबेल प्राइज विजेता मुहम्मद यूनुस जो कह रहा है कि मैं अंतरिम सरकार चलाने के लिए तैयार हूं  और इसे अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया भी जा रहा है।

बांग्लादेश में 1971 में 20% हिन्दू थे जो अब केवल 8% हैं यानी लगभग 1 करोड़ 30 लाख और लगता है जल्दी ही जिहादी उन्हें या तो भगा देंगे या कत्ल कर देंगे।

शेख हसीना के समय में 2010 की गरीबी 11.9% से घटकर 2022 में केवल 5% रह गई, GDP 2022 में 7.15 % हो गई लेकिन अब 5 साल बाद बांग्लादेश पाकिस्तान के साथ हाथ में कटोरा लिए खड़ा होगा बाजार में।