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हिंडनबर्ग के साथ मिलकर देश में आर्थिक अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस

हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर करारा प्रहार किया है। कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए बीजेपी ने कहा है कि हिंडनबर्ग के साथ मिलकर कांग्रेस देश में आर्थिक अराजकता फैलाना चाहती है। बीजेपी के सीनियर लीडर रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट देश में आर्थिक अराजकता और आर्थिक अस्थिरता फैलाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हिंडनबर्ग के साथ मिलकर काम कर रही है और वो देश को आर्थिक रूप से कमजोर करने की साजिश में शामिल हैं।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि तीसरी बार हारने के बाद कांग्रेस पार्टी, इंडी गठबंधन के लोग और उनको प्रमोट करने वाले टूलकिट के लोग भारत को आर्थिक रूप से अस्थिर करने के षड्यंत्र में जुटे हुए हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट शनिवार को रिलीज होती है, रविवार को हल्ला मचता है ताकि सोमवार को पूरे कैपिटल मार्केट को अस्थिर कर दिया जाए। इसके पीछे क्या वजह रही इसे समझना जरूरी है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हिंडनबर्ग में जॉर्ज सोरोस ने निवेश किया है, जो भारत के खिलाफ नियमित प्रोपेगेंडा चलाते हैं और मोदी सरकार को बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बहुत तेज गति से बढ़ रही है। सभी रेटिंग एजेंसियां भारत के ग्रोथ रेट को बेहतर आंक रही हैं। निवेशक अपने रिटर्न से बहुत खुश हैं। लेकिन कुछ लोगों को यह बात पच नहीं रही है।

बीजेपी सांसद ने कहा कि मोदी से नफरत करते करते वह आज हिंदुस्तान से नफरत करने लगी है। राहुल गांधी और उनका टूलकिट गैंग देश से नफरत करने लगा है। अगर भारत का स्टॉक मार्केट गड़बड़ होगा तो यहां के छोटे निवेशक परेशान होंगे। आज भारत में करोड़ों की संख्या में छोटे निवेशक हैं। क्या कांग्रेस पार्टी चाहती है​ कि देश को फिर से कंट्रोल राज में ले आया जाए, जब भारत को दाने-दाने के लिए परेशान होना पड़ा था।

उन्होंने कहा कि टूलकिट वालों को भारत के विकास से कोई मतलब नहीं है, लेकिन कांग्रेस पार्टी को क्या हो गया है? जिसने 55 साल तक देश में राज किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में एक है टूलकिट पॉलिटिक्स और दूसरी है चिट पॉलिटिक्स। कांग्रेस चिट पॉलिटिक्स कर रही है। कोई से कहीं चिट मिल जाए, कांग्रेस पार्टी की टूलकिट और चिट पालिटिक्स शुरू हो जाती है।

बीजेपी नेता ने कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में जो आरोप लगाए गए सेबी प्रमुख ने उसका जवाब दे दिया है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के देखरेख में अपनी जांच पूरी करने के बाद सेबी ने हिंडनबर्ग के खिलाफ जुलाई में एक नोटिस दिया था। अपने बचाव में जवाब देने की बजाय हिंडनबर्ग ने ये रिपोर्ट पेश की है, जो पूरी तरह आधारहीन है।

रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाते हुए कहा कि मनमोहन सिंह के 10 साल के शासन के दौरान खूब स्कैम हुए। 2G स्कैम, अगस्ता वेस्टलैंड स्कैम, कोयला स्कैम, कॉमनवेल्थ स्कैम उस समय ऐसी रिपोर्ट क्यों नहीं आती थी? ये दिखाता है कि कांग्रेस और टूलकिट गैंग की मंशा क्या है। जिसे हम सफल नहीं होने देंगे।

बीजेपी सांसद ने कहा कि मुझे गर्व है कि आज भी भारत का स्टॉक मार्केट स्टेबल है। पिछली बार जब यह हुआ तो, दो दिन में रिकवर कर गया। सुप्रीम कोर्ट की जांच के बाद और रिकवर कर गया। लगता है भारत के निवेशक कांग्रेस और हिंडनबर्ग की मिलिभगत को समझ गए हैं। इसीलिए बाजार पर इस साजिश का असर नहीं पड़ा है।

अमेरिका और ब्रिटेन शेख हसीना को शरण देने से मना करके अंतरराष्ट्रीय बाजार में नंगे हो गए; टूल किट बड़े स्तर पर काम कर गया; शेख हसीना की 15 साल की देश के लिए मेहनत मिट्टी कर दी जाएगी

सुभाष चन्द्र

आज की खबर है कि अमेरिका और ब्रिटेन ने शेख हसीना को शरण देने से मना कर दिया और अब हो सकता है वह UAE से संपर्क करेगी। अमेरिका और ब्रिटेन दोनों मक्कार देश अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने नंगे हो गए और साबित कर दिया कि चीन और पाकिस्तान के साथ वे भी शेख हसीना के तख्तापलट में शामिल है। 

है न कमाल की बात कि ये दोनों बड़े बड़े अपराधियों को अपने मुल्क में शरण देते हैं लेकिन 3 /4 बहुमत से जीतने वाली प्रधानमंत्री को पहले देश की आवाम को भड़का के हटाया और अब उसे आतंकियों को सौंप देना चाहते हैं।

तस्लीमा नसरीन का एक बयान आज बहुत वायरल हो रहा है जिसमे वह कह रही हैं कि “1999 में शेख हसीना ने इस्लामवादियों को खुश करने के लिए उन्हें बांग्लादेश से निकाल दिया था। जिन लोगों को शेख हसीना ने खुश किया था, आज उन्होंने ही उन्हें देश से निकाल दिया”।

तस्लीमा नसरीन का यह दावा बिल्कुल गलत है क्योंकि वह 1994 में बांग्लादेश को छोड़ चुकी थी और तब शेख हसीना सत्ता में नहीं थी, वह पहली बार प्रधानमंत्री 1996 में बनी थी। 

दुनियाभर के इस्लामिक देश आज खामोश हैं, 57 इस्लामिक देशों में से किसी एक ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जबकि अमेरिका ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों दे “शांतिपूर्ण” प्रदर्शन की अनुमति देते रहने की वकालत की है लेकिन किसी ने हिंदुओं पर हो रही बर्बरता और मंदिरों में तोड़फोड़, मूर्तियों को नष्ट करने और आग लगाने पर कोई एक शब्द नहीं बोला। 

लेखक 
चर्चित YouTuber 
बांग्लादेश का कोर्ट भी कैसे टूल किट का हिस्सा बन गया, जैसे कई बार भारत में भी दिखाई देता है, उसका सीधा उदाहरण सामने है। बांग्लादेश में प्रदर्शन चल ही रहे थे कि हाई कोर्ट ने 2018 में शेख हसीना ने जो Freedom  Fighters के परिवारों के लिए 30% आरक्षण ख़त्म किया था, उसे बहाल कर दिया और यह एक कारण था बड़े पैमाने पर हिंसा फैलने का। 

इतना ही नहीं जब हिंसा ज्यादा भड़की तो कोर्ट ने आग में घी डालने के लिए Freedom Fighters के आरक्षण को ख़त्म करने के साथ साथ 8% विकलांगों का, 10 % महिलाओं का और अक्सर बाढ़ में रहने वाले जिलों का 10% कोटा भी ख़त्म कर दिया।

यही टूक किट का काम था जिसके पीछे विदेशी शक्तियां थी।

शेख हसीना मुझे अभी भी लगता है सेना के संरक्षण में भारत आई है भारत सरकार को confidence में लेकर वरना अगर सेना उसके विरोध में होती तो उसे हेलीकॉप्टर और C-130 प्लेन क्यों देती बल्कि उसे देश भी नहीं छोड़ने देती और गिरफ्तार कर लेती।

अब एक और नंगा होने वाला व्यक्ति है तख्तापलट का मास्टरमाइंड नोबेल प्राइज विजेता मुहम्मद यूनुस जो कह रहा है कि मैं अंतरिम सरकार चलाने के लिए तैयार हूं  और इसे अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया भी जा रहा है।

बांग्लादेश में 1971 में 20% हिन्दू थे जो अब केवल 8% हैं यानी लगभग 1 करोड़ 30 लाख और लगता है जल्दी ही जिहादी उन्हें या तो भगा देंगे या कत्ल कर देंगे।

शेख हसीना के समय में 2010 की गरीबी 11.9% से घटकर 2022 में केवल 5% रह गई, GDP 2022 में 7.15 % हो गई लेकिन अब 5 साल बाद बांग्लादेश पाकिस्तान के साथ हाथ में कटोरा लिए खड़ा होगा बाजार में।  

'हिटमैन' बिभव को बचाने उतरा केजरीवाल का टूलकिट गैंग ; जबकि पहले ही रायता संजय सिंह के द्वारा फैलवा दिया गया है


दिल्ली के विवादित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बात बात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने वाला केजरीवाल खुद चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनका टूलकिट गैंग एक्टिव हो गया है। आम आदमी पार्टी टूलकिट गैंग में शामिल कई पत्रकार अब पक्षकार की तरह पेश होकर केजरीवाल के पीए विभव कुमार का बचाव करने के लिए मैदान में कूद पड़े हैं। पार्टी की सांसद सांसद स्वाति मालीवाल ने हाल ही में आरोप लगाए थे कि केजरीवाल के सरकारी आवास पर उनके पीए विभव कुमार ने मारपीट और बदसलूकी की। केजरीवाल के करीबी AAP सांसद संजय सिंह ने स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी की बात कबूल भी की थी। यानि रायता तो 
फैला दिया और रायता भी ऐसा फैलाया जो समेटा भी नहीं जा सकता है। संजय सिंह ने यह भी कहा था कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने घटना का संज्ञान लिया है और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई की बात तो दूर विभव कुमार केजरीवाल के लखनऊ दौरे पर उनके साथ दिखा। इससे लोगों में काफी गुस्सा है। 
खुजलीवाल ने कवि विश्वास को बाहर निकाला, आनंद कुमार ने खुजलीवाल का बचाव किया
खुजलीवाल ने आनंद को बाहर निकाला, प्रशांत प्रदूषण ने खुजलीवाल का बचाव किया
खुजलीवाल ने प्रदूषण को बाहर निकाला, भकंदर यादव ने खुजलीवाल का बचाव किया
खुजलीवाल ने भकंदर को बाहर निकाला,कालुतोष ने बचाव किया
खुजलीवाल ने कालूतोष को बाहर निकाला, स्वाति(मालू) मालीवाल ने बचाव किया
-अब स्वाति को बाहर निकाला गया, आतिशी मार्लेना आदि इसका बचाव कर रही हैं।
यह चक्र चलता रहेगा क्योंकि खुजलीवाल किसी के दोस्त नहीं हैं।

केजरीवाल की मंत्री आतिशी मर्लेना का यह कहना कि संजय सिंह ने पहले एक ही पक्ष को सुनकर कहा था। जबकि संजय सिंह स्वाति से मिलने जाता है बाद में। संजय सिंह द्वारा बयान क्या अपने आप दिया ऐसा नहीं बल्कि मामले को शांत करने अरविन्द के ही कहने पर दिया गया था। खैर, चुनाव का तो काम हो गया, आज दिल्ली में होने वाली राहुल गाँधी की चुनावी सभा में कांग्रेस ने केजरीवाल को नहीं बुलाया। कांग्रेस अच्छी तरह समझ गयी कि मुख्यमंत्री आवास में हुई इस घटना का चुनाव पर कितना अधिक असर पड़ने वाला है, इसलिए केजरीवाल से दूरी बनाना ही कांग्रेस की इज्जत बचाने के पक्ष में है। यह भी सुनने में आ रहा है कि पंजाब में केजरीवाल पार्टी को मात देने कांग्रेस स्वाति मालीवाल के मुद्दे को हर मीटिंग, रैली और चुनावी सभा में उछाले। 

लोकसभा चुनाव के दौरान लोगों के गुस्से को देखते हुए टूटकिट गैंग को सक्रिय कर दिया गया है। टूटकिट गैंग के पक्षकार ट्वीट कर विभव कुमार और केजरीवाल को कैरेक्टर सर्टिफिकेट देने लगे हैं। टूलकिट गैंग के सभी ट्वीट करीब-करीब एक ही तरह के हैं जिसमे लिख गया है कि “अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार को मैं 13 साल से जानता हूं। वो बेहद सरल, सहज और शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं।आज तक किसी से मारपीट करना तो दूर, किसी पर चिल्लाते भी नहीं देखा। जो भी पत्रकार उनको जानते हैं, मेरी बात से सहमत होंगे। ऐसे में स्वाति मालिवाल जैसी महिला से ‘मारपीट’ जैसी बात…. जबकि बिभव कुमार और स्वाति मालिवाल Activism के दिनों से दोस्त हैं। मैं स्वाति मालिवाल के आरोप पर कुछ नहीं बोल रहा, वैसे भी FIR हो ही गई है जांच में सारा मामला सामने आएगा ही। लेकिन मुख्यमंत्री निवास के ड्राइंग रूम में इस तरह की ‘मारपीट’ की कहानी अभी स्वाति मालिवाल की तरफ़ से आई है, अभी दूसरा पक्ष भी सामने आना बाकी है।” ‘टूलकिट गैंग के इन पक्षकारों के सफाई सर्टिफिकेट से लोग भड़क गए हैं और सोशल मीडिया पर इन्हें लताड़ लगा रहे हैं। आप भी देखिए लोग क्या कह रहे हैं-