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'हिटमैन' बिभव को बचाने उतरा केजरीवाल का टूलकिट गैंग ; जबकि पहले ही रायता संजय सिंह के द्वारा फैलवा दिया गया है


दिल्ली के विवादित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बात बात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने वाला केजरीवाल खुद चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनका टूलकिट गैंग एक्टिव हो गया है। आम आदमी पार्टी टूलकिट गैंग में शामिल कई पत्रकार अब पक्षकार की तरह पेश होकर केजरीवाल के पीए विभव कुमार का बचाव करने के लिए मैदान में कूद पड़े हैं। पार्टी की सांसद सांसद स्वाति मालीवाल ने हाल ही में आरोप लगाए थे कि केजरीवाल के सरकारी आवास पर उनके पीए विभव कुमार ने मारपीट और बदसलूकी की। केजरीवाल के करीबी AAP सांसद संजय सिंह ने स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी की बात कबूल भी की थी। यानि रायता तो 
फैला दिया और रायता भी ऐसा फैलाया जो समेटा भी नहीं जा सकता है। संजय सिंह ने यह भी कहा था कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने घटना का संज्ञान लिया है और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई की बात तो दूर विभव कुमार केजरीवाल के लखनऊ दौरे पर उनके साथ दिखा। इससे लोगों में काफी गुस्सा है। 
खुजलीवाल ने कवि विश्वास को बाहर निकाला, आनंद कुमार ने खुजलीवाल का बचाव किया
खुजलीवाल ने आनंद को बाहर निकाला, प्रशांत प्रदूषण ने खुजलीवाल का बचाव किया
खुजलीवाल ने प्रदूषण को बाहर निकाला, भकंदर यादव ने खुजलीवाल का बचाव किया
खुजलीवाल ने भकंदर को बाहर निकाला,कालुतोष ने बचाव किया
खुजलीवाल ने कालूतोष को बाहर निकाला, स्वाति(मालू) मालीवाल ने बचाव किया
-अब स्वाति को बाहर निकाला गया, आतिशी मार्लेना आदि इसका बचाव कर रही हैं।
यह चक्र चलता रहेगा क्योंकि खुजलीवाल किसी के दोस्त नहीं हैं।

केजरीवाल की मंत्री आतिशी मर्लेना का यह कहना कि संजय सिंह ने पहले एक ही पक्ष को सुनकर कहा था। जबकि संजय सिंह स्वाति से मिलने जाता है बाद में। संजय सिंह द्वारा बयान क्या अपने आप दिया ऐसा नहीं बल्कि मामले को शांत करने अरविन्द के ही कहने पर दिया गया था। खैर, चुनाव का तो काम हो गया, आज दिल्ली में होने वाली राहुल गाँधी की चुनावी सभा में कांग्रेस ने केजरीवाल को नहीं बुलाया। कांग्रेस अच्छी तरह समझ गयी कि मुख्यमंत्री आवास में हुई इस घटना का चुनाव पर कितना अधिक असर पड़ने वाला है, इसलिए केजरीवाल से दूरी बनाना ही कांग्रेस की इज्जत बचाने के पक्ष में है। यह भी सुनने में आ रहा है कि पंजाब में केजरीवाल पार्टी को मात देने कांग्रेस स्वाति मालीवाल के मुद्दे को हर मीटिंग, रैली और चुनावी सभा में उछाले। 

लोकसभा चुनाव के दौरान लोगों के गुस्से को देखते हुए टूटकिट गैंग को सक्रिय कर दिया गया है। टूटकिट गैंग के पक्षकार ट्वीट कर विभव कुमार और केजरीवाल को कैरेक्टर सर्टिफिकेट देने लगे हैं। टूलकिट गैंग के सभी ट्वीट करीब-करीब एक ही तरह के हैं जिसमे लिख गया है कि “अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार को मैं 13 साल से जानता हूं। वो बेहद सरल, सहज और शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं।आज तक किसी से मारपीट करना तो दूर, किसी पर चिल्लाते भी नहीं देखा। जो भी पत्रकार उनको जानते हैं, मेरी बात से सहमत होंगे। ऐसे में स्वाति मालिवाल जैसी महिला से ‘मारपीट’ जैसी बात…. जबकि बिभव कुमार और स्वाति मालिवाल Activism के दिनों से दोस्त हैं। मैं स्वाति मालिवाल के आरोप पर कुछ नहीं बोल रहा, वैसे भी FIR हो ही गई है जांच में सारा मामला सामने आएगा ही। लेकिन मुख्यमंत्री निवास के ड्राइंग रूम में इस तरह की ‘मारपीट’ की कहानी अभी स्वाति मालिवाल की तरफ़ से आई है, अभी दूसरा पक्ष भी सामने आना बाकी है।” ‘टूलकिट गैंग के इन पक्षकारों के सफाई सर्टिफिकेट से लोग भड़क गए हैं और सोशल मीडिया पर इन्हें लताड़ लगा रहे हैं। आप भी देखिए लोग क्या कह रहे हैं-


MI5 ने किया अलर्ट : कहीं कैश तो कहीं सेक्स, औरतों को हथियार बना विदेशी नेताओं को फाँस रहा चीन: ब्रिटिश संसद में भी ‘चीनी घुसपैठ’

                                       अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन में भी चीनी जासूस का खुलासा
दुनिया भर में ‘औरतों’ को हथियार बना कर जासूसी करने वाला चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। कुछ समय पहले अमेरिका की मीडिया रिपोर्ट्स ने खुलासा किया था कि वहाँ ‘चीनी जासूस’ नेताओं से रिश्ते बनाकर गोपनीय सूचनाएँ निकलवा रही है। अब ऐसी ही खबर ब्रिटेन से आई है। ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI5 ने हाल में चीन की घटिया करतूत से पर्दा उठाते हुए बताया कि कैसे लेबर पार्टी को करोड़ों का चंदा देने वाली चीनी महिला पर जासूसी के शक हैं।

 MI5 ने अलर्ट जारी कर कहा है कि चीन सरकार की एजेंट ब्रिटेन की संसद में एक्टिव है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस चीनी महिला का नाम क्रिस्टीन ली है। एजेंसी के दावे के मुताबिक कई ब्रिटिश सांसद इस चीनी जासूस के जाल में फँसे हैं और एक पूर्व सांसद से उसके नजदीकी संबंध भी रहे हैं। अलर्ट में कहा गया है,  “ली ने सीसीपी के यूनाइटिड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट के साथ समन्वय में गुप्त रूप से काम किया और उसके ब्रिटेन में राजनीतिक हस्तक्षेप गतिविधियों में शामिल होने का अनुमान लगाया गया है।”

ली ने कथिततौर पर कई बार में लेबर पार्टी को सैकड़ों हजारों पाउंड का दान दिया है। इसके अलावा उसके कंजर्वेटिव पार्टी से भी संबंध रहे हैं। वह डेविड कैमरन के पीएम रहते हुए उनसे मिली थी। मालूम हो कि ब्रिटिश खुफिया एजेंसी ने इस बात को भी साफ किया कि इस चीनी जासूस को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और न ही उसे देश से निकाला गया है। लेकिन इस संबंध में ब्रिटिश संसद के स्पीकर की सुरक्षा टीम ने सभी सांसदों को संदेश भेज दिया है। ली के बारे में जानकारी है कि वो पेश से एक वकील है और लंदन में चीनी दूतावास की पूर्व मुख्य कानूनी सलाहकार भी। इसके अतिरिक्त वह इंटर पार्टी चाइना ग्रुप सचिव भी है।

अमेरिका और नेपाल में चीन का हनीट्रैप

उल्लेखनीय है कि साल 2020 में खबर आई थी कि चीनी जासूस क्रिस्टीन फेंग उर्फ फेंग फेंग (Fang Fang) ने अमेरिकी नेताओं से जिस्मानी रिश्ते बनाकर उनसे गोपनीय सूचनाएँ निकालने की कोशिश की। Axios डॉटकॉम ने खुलासा किया था कि चीन की जासूस मानी जाने वाली क्रिस्टीन फेंग ने कैलिर्फोनिया के नेताओं को निशाना बनाया था।

इनमें प्रतिष्ठित डेमोक्रेटिक सांसद और संसद की इंटेलीजेंस कमिटी के सदस्य एरिक स्वैलवेल (Eric Swalwell) भी थे। कथिततौर पर फेंग के 2015 में अमेरिका छोड़ने से पहले स्वैलवेल के साथ अंतरंग संबंध थे। हालाँकि स्वैलवेल लगातार इस सवाल से बचते रहे थे कि उन्होंने सेक्स के बदले उन्होंने फेंग के साथ ‘गोपनीय जानकारी’ साझा की थी या नहीं।

ब्रिटेन अमेरिका के अलावा चीन ने महिला के बूते नेपाल पर भी अपना दबदबा कायम करने का प्रयास किया था। नेपाल में चीन की राजदूत होऊ यांगी को लेकर खबरें आईं थी कि उन्होंने वहाँ की सरकार में जबर्दस्त प्रभाव बनाया था। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और आर्मी चीफ जनरल पूर्ण चंद्र थापा उनकी कठपुतली थे।