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भगवान राम पर की अपमानजनक टिप्पणी, हिंदू लड़के ने दिया जवाब तो भड़क गए कट्टरपंथी: नासिक में ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाते हुए भीड़ ने किया उपद्रव

                        नासिक में मुस्लिम भीड़ की हिंसा (ऑपइंडिया द्वारा हासिल की गईं तस्वीरें)
महाराष्ट्र में नासिक शहर के जय भवानी इलाके में गुरुवार (4 अप्रैल 2024) को हजारों मुस्लिमों की भीड़ ने सर तन से जुदा के नारे लगाए और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचा। मुस्लिमों ने सिटी लिंक बसों और हिंदुओं के निजी वाहनों पर भी हमले किए। भीड़ ने संकेत सौदागर नाम के एक लड़के पर इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद की बेटी फातिमा पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगाया है।

रमज़ान के महीने में शहर के मुस्लिम इकट्ठा होकर इस हिंदू व्यक्ति के लिए मौत की सज़ा की माँग की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा करके कहा गया कि सौदागर ने फातिमा अल-ज़हरा के खिलाफ टिप्पणी करके गंभीर अपराध किया है और वह ‘सर तन से जुदा’ सजा का हकदार है। पोस्ट की तस्वीरें और वीडियो ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त किए गए हैं।

झगड़े की शुरुआत मुस्लिम समुदाय द्वारा बताई जा रही है। ऑपइंडिया को एक्सक्लूसिव तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक, घटना पिछले हफ्ते की है। नासिक में हिंदू समुदाय आगामी रामनवमी उत्सव (17 अप्रैल) की तैयारी कर रहा है। इस दौरान सौदागर समेत हिंदू समुदाय के लोगों ने तैयारियों के बारे में इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना शुरू कर दिया, लेकिन मुस्लिम समुदाय के लोगों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ।

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक स्थानीय हिंदू ने ऑपइंडिया को बताया कि मुस्लिमों हिंदुओं द्वारा पोस्ट की गई तैयारियों वाले पोस्ट पर भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी शुरू कर दी। इनमें ‘ख्वाजा’ नाम का एक लड़का भी शामिल था। उन्होंने अन्य मुस्लिमों के साथ मिलकर आगामी हिंदू त्योहार रामनवमी की तैयारियों का अपमान किया करना शुरू कर दिया।

                                                       संकेत सौदागर के खिलाफ प्रदर्शन

विपिन (बदला हुआ नाम) ने बताया, “शुरुआती लड़ाई केवल दो व्यक्तियों के बीच थी। सौदागर भगवान राम का अपमान सहन नहीं कर सके। फिर उन्होंने मुस्लिमों को उन्हीं के शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद की बेटी फातिमा अल-ज़हरा के बारे में कुछ टिप्पणी की। मुस्लिम यही चाहते थे।”

विपिन ने आगे कहा, “उन्होंने (मुस्लिमों ने) भगवान राम के बारे में गलत टिप्पणी करके लड़ाई शुरू कर दी और हिंदू लड़के को यह अनुचित कदम उठाने के लिए मजबूर किया। इस पोस्ट के स्क्रीनशॉट को मुस्लिमों ने अपने समूहों में साझा किया, जिसके कारण वे सौदागर की मौत की माँग करने के लिए इकट्ठा हो गए।”

                                                      मुस्लिम भीड़ द्वारा बस में तोड़फोड़

उन्होंने कहा कि हिंसा भड़कने के बाद मुस्लिमों ने भगवान राम के खिलाफ की गई सभी टिप्पणियों को हटा दिया। इसके साथ ही सौदागर द्वारा उन्हें और उनके समुदाय को निशाना बनाने के लिए उनके पोस्ट के स्क्रीनशॉट ले लिए। उत्पाद के दौरान मुस्लिमों की भीड़ ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया।

विश्व हिंदू परिषद ने इस घटना का संज्ञान लिया और शहर के पुलिस को पत्र लिखकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। अपने पत्र में विश्व हिंदू परिषद ने लिखा, “कुछ व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ पोस्ट कीं। उसके बाद उन्होंने कामान को नष्ट कर दिया जो देवी तुलजाभवानी मंदिर समारोह के लिए स्थापित किया गया था।”

                                         विश्व हिंदू परिषद का पुलिस को लिखा गया पत्र

अपने पत्र में विश्व हिंदू परिषद ने आगे लिखा, “उन्होंने (मुस्लिमों ने) मंदिर के कमान पर पथराव किया और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया। इसके अलावा, उन्होंने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, वाहनों और सार्वजनिक बसों में तोड़फोड़ की। नासिक शहर का मौजूदा माहौल चिंताजनक है। हम उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करते हैं।”

नवीनतम अपडेट के अनुसार, पुलिस ने किसी के धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर सौदागर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाला मुस्लिम शख्स फरार बताया जा रहा है।

(सिद्धि सोमानी की यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। विस्तार से पढ़ने से इस लिंक पर क्लिक करें।)

कर्नाटक : SDPI के चाँद पाशा ने ज्ञानवापी वाले जज को बताया ‘RSS का जूता चाटने वाला’, SI तनवीर हुसैन ने विरोध करने वालों पर ही कर दी FIR

वाराणसी के जज पर अभद्र टिप्पणी के खिलाफ कर्नाटक में लामबंद हुए वकील (फोटो साभार: द साउथ फर्स्ट/टाइम्स नाउ)
पिछले महीने वाराणसी की जिला अदालत ने ज्ञानवापी ढाँचे के व्यास जी तहखाना में पूजा का अधिकार हिंदुओं को दिया था। इस फैसले के बाद कर्नाटक के रामनगर में एक नया बखेड़ा शुरू हो गया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार फैसला सुनाने वाले जज को लेकर वकील चाँद पाशा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पाशा प्रतिबंधित इस्लामी संगठन PFI की राजनीतिक विंग SDPI से भी जुड़ा हुआ है। उसकी टिप्पणी का विरोध करने वाले वकीलों पर SI तनवीर हुसैन द्वारा FIR करने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।

यह मामला एक अभद्र फेसबुक पोस्ट से जुड़ा हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार SDPI से जुड़े वकील चाँद पाशा ने वाराणसी कोर्ट के जज के निर्णय पर प्रश्न उठाते हुए एक पोस्ट किया। उसने हिंदुओं को व्यास जी तहखाना में पूजा करने की अनुमति देने वाले जज को कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ‘जूता चाटने वाला’ बताया था।

इसको लेकर रामनगर के वकीलों ने चाँद पाशा के खिलाफ इजूर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पाशा को जिले के अधिवक्ता संघ से निकाले जाने की माँग भी हुई। इसको लेकर जब मीटिंग बुलाई गई तो उसमें विवाद हो गया। आरोप है कि पाशा ने इस मीटिंग में खलल डाला।

वकीलों ने आरोप लगाया है कि पाशा और उसके समर्थकों ने उत्पात मचाया। इसके बाद पाशा के एक साथी रफीक खान ने विरोध करने वाले वकीलों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इस पर इजूर थाने के SI तनवीर हुसैन ने 10 वकीलों समेत 40 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली।

वकीलों ने तनवीर पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने रामनगर में जिला कलेक्टर के दफ्तर के बाहर धरना देकर तनवीर को निलंबित किए जाने की माँग की है। इसको लेकर वकीलों ने रामनगर में रैली भी निकाली। वकीलों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और स्थानीय विधायक MA इकबाल हुसैन के दबाव में काम कर रहा है।

रामनगर की इस घटना पर अब राज्य में राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। भाजपा और जेडीएस ने राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे वकीलों का समर्थन किया है। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक आर अशोक ने आरोप लगाया है कि SI तनवीर हुसैन राष्ट्रविरोधी ताकतों को मदद दे रहा है। अशोक ने कहा कि चाँद पाशा लगातार ऐसे ही अभद्र बयान देता रहा है और उसके खिलाफ जिले में 12 शिकायतें दर्ज हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेन्द्र ने भी इस मामले पर राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस को चाँद पाशा को गिरफ्तार करना चाहिए था, क्योंकि उसने न्यायपालिका पर अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि तनवीर हुसैन को ऊपर से किसी ताकत का समर्थन हासिल है, क्योंकि उसने एक राष्ट्र विरोधी के साथ खड़े होने का काम किया है। इसकी उन्होंने जाँच की माँग की है।

चाँद पाशा को तो गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन वकील अपनी माँग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि इस मामले में तनवीर हुसैन ने सही आचरण नहीं दिखाया इसलिए उसे भी निलंबित किया जाना चाहिए। इसको लेकर आज (21 फरवरी 2024) बेंगलुरु में प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।