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बीवी के ऑर्केस्ट्रा पर डांस और देह व्यापार से मना करने पर नसीम अहमद ने कहा तलाक-तलाक-तलाक

औरत को मात्र एक मनोरंजन और भोग की वस्तु समझने वालों की कोई कमी नहीं। आखिर ऐसे लोगों पर कब लगाम  लगेगी?
उत्तर प्रदेश के वाराणसी से तीन तलाक का एक हैरान करने वाला मामला आया है। खबर है कि वहाँ एक मुस्लिम महिला ने थाने में उसके शौहर के विरुद्ध शिकायत दी। महिला ने बताया कि उसके शौहर ने इसलिए तलाक दे दिया क्योंकि उसने देह व्यापार में घुसने से और ऑर्केस्ट्रा में नाचने से मना कर दिया था।

अब पीड़िता ने पुलिस थाने में इस संबंध में अपने शौहर नसीम अहमद, उसकी अम्मी और दो बहनों के ख़िलाफ़ शिकायत दी है। पुलिस के मुताबिक महिला ने बताया कि साल 2007 में उसका निकाह जौनपुर जिले के मुंगरा बादशाहपुर इलाके में रहने वाले नसीम अहमद से हुआ था। इसके बाद दोनों के 3 बच्चे हुए- 2 बेटे और 1 बेटी। महिला का आरोप है कि साल 2015 में नसीम और उसके घरवालों ने उसके अब्बा से 2 लाख रुपए माँगे थे जबकि उसके अब्बा एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं।

नसीम पर आरोप है कि वो अपनी बीवी से ऑर्केस्ट्रा शो में डांस करने के लिए दबाव बनाता था और उसे देह व्यापार में ढकेलने के लिए मजबूर करता था। महिला ने बताया कि ससुराल वालों के अत्याचार से बचाने के लिए उसकी अम्मी ने ससुराल में 5000 रुपए देने शुरू कर दिए थे ताकि उसे किसी तरह मजबूर न किया जाए।

बावजूद इतनी कोशिशों के नसीम के घरवालों ने अगस्त 2021 में महिला को घर से निकाल दिया। वह बार-बार अपने शौहर से घर बुलाने को कहती रही। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। हाल में जब उसने फोन किया तो उसे तलाक-तलाक-तलाक कहकर रिश्ता तोड़ दिया गया।

देहरादून में तीन तलाक

कुछ दिन पहले देहरादून से एक तीन तलाक का मामला प्रकाश में आया था। उस समय बीवी ने आरोप लगाया था कि शौहर दहेज के लिए उसे आए दिन ताने मारता था। उसकी शक्ल सूरत पर नकारात्मक कमेंट करता था। विरोध करने पर दूसरी निकाह की धमकी देता था। आरोप था कि शौहर ने उससे अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। फिर तीन तलाक दे घर से निकाल दिया। पीड़िता का कहना था कि मई 2021 में उसकी सास की मौत के बाद प्रताड़ना और अधिक बढ़ गई। पटेल नगर के इंस्पेक्टर देवेंद्र चौहान के अनुसार महिला की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। आरोपित शौहर पर तीन तलाक देने और अप्राकृतिक संबध बनाकर कर उत्पीड़न की भी धाराएँ लगाई गई थी।