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बेंगलुरु : ओड़िया साइनबोर्ड देख भड़का कन्नड़ गुंडा, धमकी से डर कर रेस्टोरेंट मालिक ने बोर्ड उतारा

                                                                           ओडिया खाना
कर्नाटक के बेंगलुरु में स्थानीय भाषा के चलते एक और विवाद सामने आया है। यहाँ ‘डिलिशियस पखाल (Delicious pakhal)’ नाम के ओड़िया रेस्टोरेंट के मालिक को एक कन्नड़ भाषी आदमी ने आकर धमकी दी कि वो रेस्टोरेंट के ऊपर से उस साइनबोर्ड को हटाए जिसमें ओड़िया भाषा में रेस्टोरेंट का नाम लिखा है।

राहुल गाँधी द्वारा खोली गयी 'मौहब्बत की दुकान' में बिकने वाले माल की असलियत सामने आती ही रहती है। जब 'मौहब्बत की  दुकान' का ये हाल है नफरत की दुकान का होने पर क्या होता अंदाजा लगाया जा सकता है।    

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कार में बैठा युवक रेस्टोरेंट के कर्मचारी को बुलाता है और पूछताछ शुरू करता है। वह पूछता है कि आखिर बोर्ड पर ओड़िया भाषा में रेस्टोरेंट का नाम क्यों लिखा है?

दिलचस्प बात ये है कि ये सवाल वो व्यक्ति तब करता है जब रेस्टोरेंट पर कन्नड़ भाषा में भी रेस्टोरेंट का नाम साफ लिखा था। व्यक्ति का रवैया परखते हुए रेस्टोरेंट का कर्मचारी बहुत सहजता से जवाब देता है, “इस रेस्टोरेंट में ओडिशा का खाना मिलता है। यह खाना 90 फीसदी ओड़िया लोगों के लिए होता है इसलिए इस साइनबोर्ड को लगाया गया है।”

अजीब बात ये है कि ओड़िया रेस्टोरेंट में काम करने वाला कर्मचारी पूरी तरह से कन्नड़ में बात कर रहा था, फिर भी उस कार सवार का गुस्सा बढ़ता गया। उसने कर्मचारी को धमकी दी कि वह अपने रेस्टोरेंट से ओड़िया भाषी बोर्ड हटा दे, क्योंकि वो एक हफ्ते बाद आकर दोबारा देखेगा।

उसने कहा, “बेंगलुरु में काम करने के लिए कन्नड़ भाषा और कन्नड़ लोगों को पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। क्या आपने अन्य राज्यों को हमारी भाषा में बोर्ड लगाने की अनुमति देते देखा है? यहाँ उस भाषा की अनुमति नहीं है। इसे हटा दें। मैं एक हफ़्ते में वापस आऊँगा।”

इस घटना के बाद उस रेस्टोरेंट के मालिक ने किसी विवाद से बचने के लिए अपने रेस्टोरेंट से वो बोर्ड हटा दिया जिसकी नई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर हैं। लेकिन, इस बीच लोग पुरानी वीडियो को शेयर करते हुए कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। खुद कन्नड़ भाषी लोग ये कह रहे हैं कि जब रेस्टोरेंट का मालिक कन्नड़ में बात कर रहा है, साइनबोर्ड सिर्फ मार्केटिंग के लिए लगाया है तो दिक्कत क्या है? वो लोग ओड़िया व्यंजन परोसते हैं तो इतना तो किया ही जा सकता है।