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विपक्ष की गुलाम मीडिया प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों को बरगलाया, 5 लाख रूपए की सहायता राशि को बता रही 5,000 रूपए, क्यों?

                          उत्तरकाशी हादसे का जायजा लेने पहुँची सीएम पुष्कर धामी (फोटो साभार: TOI)
आखिर मीडिया विपक्ष की गुलाम बन क्यों विपक्ष की तर्ज पर जनता को गुमराह कर रही है? आखिर इस गुलाम मीडिया को जहर खोलने या फ़ैलाने से क्या मिल रहा है? इस बेशर्म मीडिया को जख्मों पर मरहम लगाने की बजाए नमक छिड़कते शर्म नहीं आयी? एक तो धराली की जनता प्राकृतिक आपदा से परेशान है, क्यों उनकी परेशानी का मजाक उड़ाया जा रहा है? क्या इस गुलाम मीडिया की आत्मा मर गयी है? नेताओं और उनकी पार्टियों को तो गन्दी सियासत करनी है, ये गुलाम क्यों जख्मों पर नमक छिड़क कर कौन-सी सियासत खेल रहे हैं?        

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गाँव में बादल फटने के बाद जो स्थिति पैदा हुई उससे निपटने के लिए धामी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पीड़ितों को सहायता देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है। खुद मुख्यमंत्री प्रभावित इलाके में जाकर पीड़ितों से मिल रहे हैं, उन्हें मदद का आश्वसन दे रहे हैं। बावजूद इसके मीडिया में एक खबर सामने आई है जिसमें दावा है कि धामी सरकार की ओर से पीड़ितों को मात्र 5000 रुपए दिए गए हैं और वह इससे नाराज होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस खबर की सच्चाई क्या है… आइए जानें और ये भी देखें कि जिन स्थानीयों के नाम पर धामी सरकार पर सवाल उठ रहे हैं वो जमीन पर क्या प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

हकीकत यह है कि 05 अगस्त 2025 को धराली गाँव में तबाही के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ितों के लिए शोक संवेदनाएँ व्यक्त की। यहाँ तक की गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना की जानकारी लेने के लिए सीएम से बात की थी। सीएम ने पीड़ितों के लिए ₹5 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की भी घोषणा कर दी।

सीएम ने यह जानकारी 09 अगस्त 2025 को एक्स/ट्विटर एक पोस्ट कर दी। उन्होंने लिखा था कि धराली गाँव में आई आपदा से ग्रसित लोगों को ₹5 लाख की राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों के मकान, जमीन, खेती और अन्य नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है, जिसके मुआवजे का वितरण भी हम शीघ्र शुरू करेंगे।

सीएम ने यह जानकारी दी कि 09 अगस्त 2025 को दी और यह भी लिखा कि मुआवजा प्रक्रिय़ा शीघ्र शुरू की जाएगी। लेकिन इस बात को 24 घंटे भी नहीं बीते कि मीडिया में अलग प्रोपेगेंडा चालू हो गया। खबरें फैली कि स्थानीय लोगों को ₹5 हजार की सहायता राशि दी गई, जबकि सीएम ने तो ₹5 लाख का वादा किया था।

इन खबरों को चलाने के लिए शिकार भी घटना से ग्रस्त ग्रामीणों को बनाया गया। खबरें चलाई गई कि ग्रामीण सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जबकि यह दावा एक झटके में झूठा साबित हो गया। जब सीएम धामी को धराली गाँव की ही एक महिला राखी बाँधती नजर आई।

यह वीडियो धराली गाँव में बादल फटने के हादसे के बाद सीएम धामी के दौरे का है। जब एक महिला अपनी साड़ी के पल्लू से कपड़ा फाड़कर सीएम धामी को राखी बाँधती है। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे महिला सीएम को आशीर्वाद दे रही हैं। इस वीडियो से साफ है कि प्रदेश की जनता का सीएम धामी के लिए काफी स्नेह है।

परंतु मीडिया धराली गाँव में प्रदर्शन की खबरें चलाकर प्रोपेगेंडा सेट करना चाहती है कि उत्तराखंड सरकार हादसे के बाद भी पीड़ितों के लिए कुछ नहीं कर रही है। जबकि हकीकत इस वीडियो में साफ दिखती है। प्रदेश की जनता सीएम धामी द्वारा किए गए प्रयासों पर संतुष्ट हैं।

इससे साफ है कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश पर आए हर संकट के लिए तैयार है। सरकार ने घटनास्थल पर हर नजर बनाई हुई थी, खुद प्रदेश के सीएम पल-पल की जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन और NDRF रेस्क्यु टीम से फोन पर जुड़े रहे। घटनास्थल पर जाकर भी ग्रामीणों से बात की। इसके बावजूद मीडिया ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ प्रोपेगेंडा शुरू कर दिया।

05 अगस्त 2025 को उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गाँव में बादल फटने से दर्दनाक हादसा हो गया। पहाड़ से तेज बहाव से आए पानी में पूरा गाँव डूब गया। घटना में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 50 लोग अब भी लापता है। घटनस्थल पर रेस्क्यु ऑपरेशन जारी है।