Showing posts with label #surrender. Show all posts
Showing posts with label #surrender. Show all posts

पाकिस्तानी फौज कर रही BLA के सामने सरेंडर, डरे जवानों ने छुट्टी माँगी: बलोच एक्टिविस्ट का दावा - रस्सियों से बँधे हाथ और मुँह पर नकाब

                                    बलूचिस्तान में पाकिस्तानी फौज ( फोटो साभार- x@miryarbaluch)
आतंकवादियों को पालने वाला पाकिस्तान क्या आतंकवाद की ट्रेनिंग के अलावा अपने फौजियों को युद्ध लड़ने की ट्रेनिंग नहीं देता? पाकिस्तान आर्मी चीफ ये जो मैडल लटकाये घूमते हैं ये मैडल क्या गलियों में होती लड़ाइयों को जीत कर मिलते हैं? भारत के साथ हुए युद्धों में मार खाई और Operation Sindoor में पीटने के बाद तो आर्मी चीफ मुनीर फील्ड मार्शल बन गया। गजब मुल्क है पाकिस्तान, जहां लड़ाई हारने पर जीत का जश्न मनाया जाता है।  

अब बलूचिस्तान के कई इलाकों में बलोच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी फौजियों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया है। ये दावा बलूचिस्तान के एक्टविस्ट मिर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर किया है।

उन्होंने एक्स पर लिखा है कि “जो फौजी आत्मसमर्पण कर रहे हैं उन्हें पाकिस्तानी सेना गिरफ्तार कर कोर्ट मार्शल कर रही है। इन फौजियों को कोर्ट-मार्शल की कार्यवाही के लिए पंजाब, कराची और इस्लामाबाद निर्वासित किया जा रहा है।”

उनका कहना है कि अब हालात ये हो गए हैं कि पाकिस्तान के कई फौजी अपनी जान बचाने के लिए बलूचिस्तान न जाना पड़े, इसके लिए जुगत लगा रहे हैं। कई ने आपातकालीन छुट्टी की माँग की है। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान की फौज की हालत कितनी पस्त है। वहीं बलूचिस्तान को आजाद करने की माँग कर रहे बीएलए के हौसले बुलंद हो गए हैं।

दावा किया जा रहा है कि बलूचों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेकपोस्ट बना लिए हैं और फौजी वाहनों पर कब्जा कर लिया है। पाकिस्तानी फौज के हथियार और दूसरे सामान भी जब्त कर लिए हैं।

सबसे अहम बात है कि बीएलए ने सामरिक रूप से काफी अहम सुरब के खिसोन दून क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जो क्वेटा, कराची और ग्वादर को जोड़ता है। यह पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है। कराची के लिए ऊर्जा और आपूर्ति सुरब से होकर ही जाता है।

शहबाज-मुनीर अमेरिका में हैं

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर इस वक्त अमेरिका के दौरे पर हैं। इस दौरान बलुचिस्तान के दुर्लभ खनिज को निकालने के लिए अमेरिका से पाकिस्तान डील करने जा रहा है। लेकिन ताजा घटनाक्रम से ये तय हो गया है कि ये दुर्लभ खनिज अब पाकिस्तान के कब्जे में पूरी तरह नहीं है। क्योंकि दो खनिज समृद्ध क्षेत्रों पर बीएलए का कब्जा हो गया है। इसको लेकर बलूच नेता और एक्टविस्ट मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

उन्होंने लिखा, “कल रात बलूच रक्षा और सुरक्षा इकाइयों ने सुरब और कलात के दो महत्वपूर्ण जिलों पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर चौकियां स्थापित कर दीं हैं। कब्जा करने वाली सेना (पाक आर्मी) के दो वाहनों को हथियारों और रसद के साथ जब्त कर लिया गया है। यह इस बात का और सबूत है कि बलूच आंदोलन मजबूत हो रहा है और कब्जा करने वाली पाकिस्तानी फौज अपना नियंत्रण खो चुकी हैं।”

उन्होंने अमेरिका को दुर्लभ खनिज के समझौते को लेकर पाकिस्तान से नहीं बल्कि सीधे बलूचिस्तान से बात करने की भी सलाह दी है।

हमास चीफ याह्या सिनवार को 72 हूरों के पास पहुंचा इजरायल ने गाजा में शांति का दिया खुला ऑफर, बोले नेतन्याहू- बंधकों को वापस करो, हथियार डालो, कल समाप्त हो जाएगा युद्ध

नेतन्याहू ने सिनवार को 7 अक्टूबर हमले का जिम्मेदार ठहराया है (चित्र साभार; Times of israel)
इजरायल में नरसंहार के मास्टरमाइंड याहया सिनवार को ठिकाने लगाए जाने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपना बयान जारी किया है। नेतन्याहू ने कहा है कि सिनवार की मौत गाजा में चल रहे युद्ध का अंत नहीं बल्कि युद्ध के अंत की शुरुआत है।

बेंजामिन नेतन्याहू ने याहया सिनवार के मारे जाने के बाद शुक्रवार (18 अक्टूबर, 2024) को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, “एक साल पहले 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के आतंकी सरगना याहया सिनवार ने एक नरसंहार की शुरुआत की थी। यह इजरायल की आजादी और होलोकॉस्ट के बाद अब तक का सबसे खतरनाक हमला था।”

नेतन्याहू ने आगे बताया, “सिनवार के आतंकियों ने 1200 निर्दोष लोगों को मार दिया। इनमें बच्चे, बूढ़े, होलोकॉस्ट से बचने वाले लोग शामिल थे। उन्होंने महिलाओं का रेप किया, पुरुषों के सर काटे। उन्होंने बच्चों को जलाया और 251 लोगों को बंधक बना लिया। अब इस आतंकी हमले का सरगना मारा जा चुका है, याहया सिनवार मर चुका है।”

बेंजामिन नेतन्याहू ने सिनवार की मौत के बारे में बताते हुए कहा, “उसे राफा के भीतर इजरायली सुरक्षा बलों के बहादुर जवानों ने मार गिराया। यह गाजा के भीतर युद्ध का अंत नहीं है बल्कि यह युद्ध के अंत की शुरुआत है। मेरा गाजा के लोगों के लिए एक सीधा संदेश है, यह युद्ध आज कल सकता है अगर हमास अपने हथियार डाल दे और हमारे बंधको को लौटा दे।”

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बताया कि हमास ने अभी 101 लोगों को बंधक बना रखा है, इनमें इजरायली नागरिकों के अलावा दूसरे देशों के नागरिक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल सबको वापस छुडवा कर उनके घर पहुंचाएगा, यह उसकी गारंटी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई हमास की मदद करेगा तो ढूंढ कर मारा जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ ईरान ने एक आतंक की धुरी बनाई थी, जो अब खत्म हो रही है। उन्होंने कहा, “नसरल्लाह की मौत हो चुकी है, उसके डिप्टी मोहसिन की मौत हो चुकी है। हनियेह की मौत हो चुकी है और दाईफ की भी मौत हो चुकी है और अब सिनवार भी मारा जा चुका है। ईरान की आतंकी रिजीम जल्द ही खत्म होगी।”

इससे पहले बुधवार (17 अक्टूबर, 2024) को इजरायली सुरक्षा बलों (IDF) ने राफा के भीतर एक इमारत में हमास के मुखिया याहया सिनवार को मार गिराया। याहया सिनवार के मारे जाने का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में वह इजरायली सुरक्षाबलों से घिरा हुआ दिखाई पड़ता है।

सिनवार को जुलाई, 2024 में ही हमास का मुखिया बनाया गया था। सिनवार, इस्माइल हानियेह की मौत के बाद हमास का मुखिया बना था। खान युनिस के एक कैंप में पड़ा होने वाला सिनवार 7 अक्टूबर के हमले का मास्टरमाइंड था और हमास-ईरान को नजदीक लाने में उसकी प्रमुख भूमिका थी।