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उत्तर प्रदेश : प्रयागराज में पादरी ने बेटे संग मिलकर हिंदू प्रिंसिपल का किया बलात्कार

        कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल ने बिशप और उनके बेटे पर गैंगरेप का लगाया आरोप (साभार: Dainik Bhaskar)
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ‘डायसिस ऑफ लखनऊ’ के अंतर्गत संचालित कॉन्वेंट स्कूल बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज की हिंदू महिला प्रिंसिपल से गैंगरेप का मामला सामने आया है। प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि नौकरी से निकालने की धमकी देते हुए संस्था के चेयरमैन बिशप मॉरिस एडगर दान, उनके बेटे एलन दान और सेक्रेटरी राकेश चत्री ने बलात्कार किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित प्रिंसिपल ने कर्नलगंज थाने में 23 मई 2026 को 4 लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में प्रिंसिपल ने बताया कि बिशप और उनके साथियों ने उनसे यह भी कहा कि तुम्हें ऊपर के अधिकारियों को संतुष्ट करना है तभी तुम्हारी नौकरी बची रहेगी। प्रिंसिपल ने इस मामले में अपने पूर्व पति विशान नोवेल सिंह को भी शामिल बताया है।

पुलिस के मुताबिक, प्रिंसिपल मूलरूप से बिहार की रहने वाली है, जो करीब 15 साल पहले प्रयागराज आई थी। यहाँ कटरा के एक स्कूल में वह हेडमिस्ट्रेस रहीं, तभी से वह यहाँ काम कर रही हैं। महिला ने बताया कि उसका दो साल पहले पति से तलाक हो चुका है। आरोपित उनके तलाकशुदा होने का फायदा उठाते हैं और एक साल से शारीरिक उत्पीड़न कर रहे हैं।

पीड़िता ने नौकरी जाने के डर से इस बारे में किसी को खुलकर नहीं बताया। उन्होंने बताया कि 07 मई 2026 को बिशप मॉरिस एडगर दान ने उन्हें फोन करके सेक्रेटरी राकेश चत्री के घर जाने को कहा, लेकिन उन्होंने मना किया तो गंदी-गंदी गालियाँ देने लगा और नौकरी से भी निकालने की धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपितों ने पूर्व प्रिंसिपल को भी इसी तरह टॉर्चर कर स्कूल से निकाल दिया था।

मामले में एसीपी कर्नलगंज विमल किशोर मिश्र ने बताया कि पीड़ित प्रिंसिपल की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मामले की जाँच में जुट गई है। महिला की भी मेडिकल जाँच और बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महाकाल मंदिर, सैन्य अड्डे, रेलवे स्टेशन सब उड़ाएँगे, जैश कमांडर के नाम से धमकी: कहा- मध्य प्रदेश और राजस्थान को खून से रंग देंगे, जिहादियों की मौत का बदला लेंगे

                             जयपुर रेलवे स्टेशन और उज्जैन का महाकाल मंदिर (साभार: जागरण/ईटीवी)
कहते हैं कि लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष बहुत जरुरी है, लेकिन जब से देश में विपक्ष मजबूत हुआ है, जेहादियों ने सिर उठाना शुरू कर दिया है। कहीं ट्रेन लाइनो पर पत्थर या लोहे की सरिए रख ट्रेन को नुकसान पहुँचाना, जम्मू में आतंकवादी गतिविधियों का बढ़ना आदि। यानि देश में विपक्ष का मजबूत होना देश के लिए नुकसानदायक साबित होकर जनता के जीवन को जोखिम डाल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में उसी जनता के जीवन को जोखिम में डाला जा रहा है जिसने खटाखट के लालच में इनको वोट दिया।      

राजस्थान में हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन के सुपरिटेंडेंट को मंगलवार (1 अक्टूबर 2024) को चिट्ठी भेजकर कई जगह बम ब्लास्ट करने की धमकी दी गई। टारगेट के तौर पर महाकाल मंदिर सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई रेलवे स्टेशनों के नाम लिखे हैं। ब्लास्ट के लिए 30 अक्टूबर और 2 नवम्बर का समय दिया गया है। धमकाने वाले ने अपना नाम जम्मू-कश्मीर से मोहम्मद सलीम और खुद को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार की शाम हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन के सुपरिटेंडेंट नागेंद्र सिंह को पीले रंग का एक लिफाफा मिला। चिट्ठी डिप्टी सुपरिटेंडेंट जगत नारायण के नाम से भेजी गई थी। इस पत्र पर हनुमानगढ़ पोस्ट ऑफिस की मुहर और तारीख 30 सितंबर है। जिस डाकखाने से यह चिट्ठी आई है उसका कोड 1440 है। इसकी मुहर में पंजाबी भाषा में कुछ लिखा हुआ है। जब इसे खोला गया तो उसमें सीरियल ब्लास्ट की धमकी लिखी हुई थी।

पत्र में राजस्थान के साथ मध्य प्रदेश को भी खून से रंग देने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने खुद को जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर सलीम बताया है। उसने लिखा, “हे खुदा मुझे माफ कर। जम्मू-कश्मीर में मारे जा रहे हमारे जिहादियों की मौत का बदला जरूर लेंगे। हम ठीक 30 अक्टूबर को जयपुर, जोधपुर, अलवर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, बूंदी, उदयपुर, बीकानेर, जयपुर मंडल, मध्य प्रदेश के भी रेलवे स्टेशन, 2 नवम्बर को उज्जैन महाकाल मंदिर, जयपुर के कई धार्मिक स्थानों, रेलवे स्टेशन और सैन्य अड्डों को बम से उड़ा देंगे।”

पत्र में राजस्थान के साथ मध्य प्रदेश को भी खून से रंग देने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने खुद को जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर सलीम बताया है। उसने लिखा, “हे खुदा मुझे माफ कर। जम्मू-कश्मीर में मारे जा रहे हमारे जिहादियों की मौत का बदला जरूर लेंगे। हम ठीक 30 अक्टूबर को जयपुर, जोधपुर, अलवर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, बूंदी, उदयपुर, बीकानेर, जयपुर मंडल, मध्य प्रदेश के भी रेलवे स्टेशन, 2 नवम्बर को उज्जैन महाकाल मंदिर, जयपुर के कई धार्मिक स्थानों, रेलवे स्टेशन और सैन्य अड्डों को बम से उड़ा देंगे।”

लाइनिंग वाली कॉपी पर हाथ से लिखी गई इस चिट्ठी के अंत में खुदा हाफिज लिख गया है। रेलवे के एक कर्मचारी का दावा है कि पत्र में जैश-ए-मोहम्मद जिंदाबाद और पाकिस्तान जिंदाबाद जैसे नारे भी लिखे हुए थे। फिलहाल इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। नागेंद्र सिंह ने इसकी सूचना राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को दी। पुलिस ने इस चिट्ठी लेकर जाँच शुरू कर दी है।

‘कांग्रेस नेता फैला रहे भ्रम, अमित शाह ने 150 जिलाधिकारियों को किया कॉल तो सबूत दिखाएँ’ : जयराम रमेश को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस; याद करवा दिया booth capturing mastermind नेहरू की

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार (1 जून 2024) को अपने X हैंडल पर एक विवादित पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने दावा किया था कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कई जिलों के DM को सीधे कॉल करके धमका रहे हैं। जयराम रमेश ने यह भी दावा किया था कि अब तक 150 जिलाधिकारियों से अमित शाह की बात हो चुकी है। अब इस पोस्ट का चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने नोटिस जारी करके जयराम रमेश से इस दावे के सबूत माँगे हैं। इन सबूतों के साथ कांग्रेस नेता को जवाब देने के लिए रविवार (2 जून) तक का समय दिया गया था। जवाब देने के बजाय जयराम रमेश ने उलटे चुनाव आयोग की ही निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस की इस 'hit & run' पर हैरानीं की बात नहीं, केजरीवाल की आम आदमी पार्टी पर इसी हरकत पर काम कर रही है। दूसरे, कांग्रेस द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जिलाधिकारियों से बात होने की बात पर देश का पहला चुनाव याद आ जाता है, जिसके विषय में शीर्षक "बूथ कैप्चरिंग का मास्टरमाइंड जवाहर लाल नेहरू" में विस्तार से लिख चूका हूँ। नीचे दिए लिंक पर पढ़िए। जब जवाहर लाल नेहरू देश में हुए प्रथम आम चुनाव में उत्तर प्रदेश की रामपुर सीट से पराजित घोषित हो चुके कांग्रेसी प्रत्याशी मौलाना अबुल कलाम आजाद को किसी भी कीमत पर जबरजस्ती जिताने के आदेश दिये थे। उनके आदेश पर उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री पं गोविन्द वल्लभ पन्त ने रामपुर के जिलाधिकारी पर घोषित हो चुके परिणाम बदलने का दबाव डाला और इस दबाव के कारण प्रशासन ने जीते हुए हिन्दू महासभा के प्रत्याशी विशन चन्द्र सेठ की मतपेटी के वोट मौलाना अबुल के पेटी के डलवाकर दुबारा मतगणना करवाकर मौलाना अबुल को जीता दिया।

जवाहर लाल नेहरू : बूथ कैप्चरिंग का मास्टरमाइंड
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर लाल नेहरू देश में हुए प्रथम आम चुनाव में
  

दरअसल, जयराम रमेश ने शनिवार (1 जून) को अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “निवर्तमान गृह मंत्री आज सुबह से ज़िला कलेक्टर्स से फ़ोन पर बात कर रहे हैं। अब तक 150 अफ़सरों से बात हो चुकी है। अफ़सरों को इस तरह से खुल्लमखुल्ला धमकाने की कोशिश निहायत ही शर्मनाक है एवं अस्वीकार्य है। याद रखिए कि लोकतंत्र धमकियों से नहीं बल्कि जनादेश से चलता है। 4 जून को आ रहे जनादेश के अनुसार नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और भाजपा सत्ता से बाहर होगी। I.N.D.I. गठबंधन विजयी होगा। अफ़सरों को किसी प्रकार के दबाव में नहीं आना चाहिए व संविधान की रक्षा करनी चाहिए। उन पर हमारी नजर है।”

जयराम रमेश द्वारा की गई इसी पोस्ट के अगले दिन रविवार (2 जून) को भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारी सुमन कुमार दास ने उन्हें नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि आचार संहिता के दौरान सभी जिलाधिकारी सीधे तौर पर चुनाव आयोग को रिपोर्ट कर रहे हैं लेकिन अब तक किसी ने भी इस प्रकार की कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। आयोग ने बताया है कि जयराम रमेश द्वारा किए गए दावों से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। चुनाव आयोग ने कॉन्ग्रेस नेता से 2 जून तक उनके दावों को प्रमाणित करने वाले सबूत देने को कहा है।

खुद को मिली इस नोटिस पर जयराम रमेश ने सीधे-सीधे कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने चुनाव आयोग की ही निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े कर दिए। दावों का सबूत पेश करने के बजाय जयराम रमेश आरोप लगाने लगे कि चुनाव आयोग उन शिकायतों पर ध्यान नहीं देता जो भाजपा के विरोध में की जाती हैं। टाइम्स नाउ से बात करते हुए उन्होंने यह भी साफ़ नहीं किया कि वो चुनाव आयोग की इस नोटिस का क्या और कब जवाब देंगे।