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दिवाली पर टूटा पिछले 10 साल का रिकॉर्ड, 1.25 लाख करोड़ रूपए का कारोबार, चीनी कंपनियों को 50 हजार करोड़ रूपए की चपत

दिवाली पर हुई रिकॉर्ड खरीदारी (फोटो: अमर उजाला)
हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक दीपावली पर इस बार जबरदस्त खरीदारी हुई है। इस मौके पर 1.25 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जिसने खरीदारी के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने यह जानकारी दी। CAIT ने उम्मीद जताई है कि आगे भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए इसी तरह का सकारात्मक माहौल बना रहेगा।
हैदराबाद के कोंडापुर स्थित बीकानेर स्वीट्स में भी लोगों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का भी भरपूर आनंद लिया। पेट्रोल डीजल के बड़े दामों के आगे 42 रूपए का ब्रेड पकोड़ा भी सस्ता दिख रहा था। लोगों के बैठकर खाने की जगह भी कम पड़ रही थी।  दिल्ली में गेंदा फूल भी 400 रूपए किलो, गुलाब 800 रूपए किलो और कमल गट्टा 80 रूपए का एक बिक गया। जबकि अगले ही दिन वही फूल 30/35 रूपए किलो, कमल गट्टा 10 रूपए का एक बिक रहा था। 
व्यापारी भी कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई करने में नहीं चुके।

कोरोना संकट के बाद दिवाली पर बाजार में छाई रौनक अर्थव्यवस्था की गति का संकेत है। पिछले साल कोरोना के कारण दिवाली पर बाजार में खामोशी छाई रही थी। हालाँकि, देश में कोरोना का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। CAIT द्वारा दी जानकारी के मुताबिक, पिछले एक दशक में दिवाली के दौरान की गई खरीदारी का का यह उच्चतम स्तर है। CAIT ने कहा है कि इस दिवाली पर देशवासियों ने जमकर खरीदारी की है।

दरअसल, CAIT चीन में बने सामानों को लेकर देशवासियों को समय-समय पर जागरूक करने का काम करते रहा है। इस साल भी संस्था ने यह अभियान चलाया था। CAIT ने कहा कि बीते साल की तरह इस साल भी संगठन ने चीन में निर्मित उत्पादों के बहिष्कार के लिए लोगों से अपील की थी। इसके साथ ही इसने कारोबारियों से भी चीन के सामानों को आयात नहीं करने के लिए कहा था। CAIT का अनुमान है कि इससे चीनी व्यापारियों को तकरीबन 50,000 करोड़ रुपये का कारोबारी नुकसान हुआ है।

इससे पहले CAIT ने अनुमान लगाया था कि दिवाली पर इस साल लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होगा, जबकि साल के अंत तक उपभोक्ताओं द्वारा खर्च के रूप में करीब 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। CAIT ने अपने बयान में कहा कि इस साल दिवाली पर लोगों में नया उत्साह देखने को मिला। बाजारों में उपभोक्ताओं की भीड़ से ऐसा लगा कि लोग इस बार दो साल की खरीदारी एक साथ कर रहे हैं।

वहीं, CAIT के सचिव जनरल प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि की संस्था की रिसर्च विंग ने हाल ही में 20 बड़ों शहरों में इस मुहिम को लेकर सर्वे किया था। इस सर्वे में सामने आया कि भारतीय आयातकों ने चीनी निर्यातकों के साथ दिवाली के सामान, पटाखों या दूसरी किसी चीज का भारी-भरकम ऑर्डर नहीं किया। संस्था ने नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता,  चेन्नै, लखनऊ, चंडीगढ़, रायपुर, नागपुर, जयपुर, भुवनेश्वर, अहमदाबाद, राँची, गुवाहाटी, पटना, भोपाल, जम्मू बेंगलुरु, हैदराबाद, मदुरै और पुडुचेरी में यह सर्वे कराया था।

चीनी माल के बहिष्कार करने से चीन को नुकसान नहीं होगा : पी. चिदंबरम, कांग्रेस नेता

पी चिदंबरम
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
आज भारत को स्वतंत्र हुए इतने वर्ष हो गए, परन्तु आत्मनिर्भर नहीं बन पाया, क्यों? पहले सोने की चिड़िया से चर्चित देश कृषिप्रधान देश बना और अब घोटालाप्रधान देश, क्यों? इसका मुख्य कारण है भारत में जयचन्दों यानि स्लीपर सैल्स का होना। 1962 में हुए चीन से युद्ध के दौरान कम्युनिस्ट पार्टी चीन के समर्थन में खड़ी थी, भारत के पक्ष में नहीं। और कांग्रेस इस पार्टी के हम प्याला हम निवाला बन देश के वास्तविक इतिहास को धूमिल करने में व्यस्त रहते, चीन को भारत की धरती को हथियाने का अवसर दिया जाता रहा। आज चीन से असली लड़ाई अपनी खोई जमीन को वापस लेने की है। ठीक इसी भांति पाकिस्तान द्वारा कश्मीर का हिस्सा हड़पने को वापस लेने की है। लेकिन भारत में छुपे जयचन्द छद्दम देशप्रेमी बन जनता को छलने वाले चीन और पाकिस्तान के समर्थन में शोर मचाकर जनता को भ्रमित करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। 
यदि आज महात्मा गाँधी जीवित होते और विदेशी सामान की होली जला रहे होते, निश्चित रूप से छद्दम देशप्रेमियों के विरोध का सामना करना पड़ता।   
चीन के साथ हालिया तनाव के बीच देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मॉंग जोर पकड़ती जा रही है। लेकिन, पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है चीन के सामान का बहिष्कार करने से चीन की अर्थव्यवस्था को नुकसान नहीं होगा।
20 जून, 2020 को चिदंबरम ने कहा कि हमें जितना संभव हो सके उतना आत्मनिर्भर बनना चाहिए, लेकिन हम बाकी दुनिया से अलग नहीं हो सकते। भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जारी रखनी चाहिए और चीनी वस्तुओं का बहिष्कार नहीं करना चाहिए।
चिदंबरम ने कहा कि चीनी सामानों का बहिष्कार करने से चीन की अर्थव्यवस्था को नुकसान नहीं होगा। जब हम भारत की रक्षा जैसे बहुत गंभीर मामलों पर चर्चा कर रहे हैं, तो हमें बहिष्कार जैसे मुद्दों को बीच में नहीं लाना चाहिए।

नोएडा में करीब 20 हजार MSME ने निर्माण प्रक्रिया में चीनी उत्पादों और उपकरणों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इसी तरह कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने भी चीनी उत्पादों के बहिष्कार की अपील की है।
पिछले दिनों गलवान में चीनी सैनिकों के धोखे से किए गए हमले में 20 सैनिक बलिदान हो गए थे। हालॉंकि भारतीय सैनिकों ने इस का मुॅंहतोड़ जवाब दिया था और चीन के 43 सैनिकों के मरने की खबर भी है। इस घटना को लेकर भी कई कांग्रेस नेता अनर्गल प्रलाप अलाप चुके हैं।
कारगिल से कांग्रेस पार्षद जाकिर हुसैन ने तो इस घटना का हवाला देकर सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसका ऑडियो वायरल होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
उससे पहले कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रह चुके हुसैन दलवई ने कहा था कि इस घटना में चीन की तरफ से कोई सैनिक नहीं मरा है। भारतीय सेना को अपमानित करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें वहाँ लाठी लेकर क्यों भेजा गया, क्या वहाँ आरएसएस की कोई शाखा थी? महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता दलवई ने कहा कि भारत-चीन के बीच हुई झड़प में चीन की तरफ से कोई सैनिक नहीं मरा, सिर्फ हमारे जवान मारे गए हैं।
उन्होंने कहा, “हमने जवानों को लाठियाँ देकर क्यों बॉर्डर पर भेजा, क्या वहाँ RSS की शाखा थी? ऐसा है तो सैनिकों को क्यों आरएसएस के लोगों को ही बॉर्डर पर भेजो। वे सीमा पर पहरा देंगे।”
आरएसएस के कुछ पदाधिकारियों से इस विषय पर चर्चा करने पर जवाब मिला कि "यदि सरकार ने ऐसा किया तो ये लोग सेना के मन में संशय पैदा करना का कोई अवसर नहीं छोड़ेंगे। दूसरे यह कि जब भी देश पर कोई विपदा आने पर अन्य पार्टियों की अपेक्षा आरएसएस कार्यकर्ता ही अग्रिम भूमिका निभाता रहा है। इतिहास इसका गवाह है किसी प्रमाण की जरुरत नहीं।"  
इतना ही नहीं राजनीतिक पार्टी डीएमके (DMK) के आधिकारिक ‘कलैगनार टीवी’ (Kalaignar TV) पर प्रसारित एक शो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वरवणई सेंथिल (Varavanai Senthil) नाम के होस्ट को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हुए चीनी आक्रामण का बचाव करते देखा जा सकता है।
वीडियो में टीवी एंकर सेंथिल को चीन का समर्थन करते हुए करते हुए सुना जा सकता है कि भारतीयों के खिलाफ पीएलए सैनिकों द्वारा किया गया हमला मोदी सरकार की कुछ नीतियों की प्रतिक्रिया थी, विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करना।
इंटेलिजेंस एजेंसीज द्वारा 52 चाइनीज़ ऐप्स को रेड फ्लैग 
भारत की इंटेलिजेंस एजेंसियों की ओर से करीब 52 चाइनीज ऐप्स को रेड फ्लैग किया गया है और खतरनाक माना गया है। इन ऐप्स में TikTok, UC Browser, Xender और Shareit भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय इंटेलिजेंस ने चीन से जुड़े ऐसे ऐप्स को यूजर्स की सेफ्टी और प्रिवेसी को लेकर चिंताजनक माना है। ऐसे ऐप्स की लिस्ट में कुछ सबसे पॉप्युलर नाम भी शामिल हैं और इनकी मदद से डेटा विदेश के सर्वर्स पर भेजा जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे में सरकार की ओर से चीन के ऐप्स को या तो ब्लॉक किया जाए या फिर यूजर्स को इनका इस्तेमाल बंद करने की सलाह दी जाए। यह बात इंटेलिजेंस इनपुट्स के हवाले से कही गई है कि इस ऐप्स की मदद से भारतीयों का डेटा चोरी किया जा रहा था। ये रिपोर्ट्स भारत और चीन के बीच तनाव के दौरान सामने आई हैं। इंटेलिजेंस एजेंसी की ओर से दी गई यह सलाह नैशनल सिक्यॉरिटी काउंसिल सेक्रेटेरियट की ओर से कही गई बात से भी जुड़ी है। रिपोर्ट में किसी अनाम गर्वर्मेंट ऑफिशल के हवाले से भी कहा गया है कि देश की सुरक्षा के लिए चाइना से जुड़े ऐप्स खतरा साबित हो सकते हैं।
ढेरों पॉप्युलर ऐप्स लिस्ट में
इंटेलिंजेंस की ओर से जिन ऐप्स को रेड फ्लैग दिखाया गया है, उनमें TikTok, Vault-Hide, Vigo Video, Weibo, WeChat, SHAREit, UC News, UC Browser, BeautyPlus, Helo, LIKE, Kwai, ROMWE, SHEIN, NewsDog, Photo Wonder, APUS Browser, VivaVideo- QU Video Inc, Perfect Corp, CM Browser और Virus Cleaner (Hi Security Lab) शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन ऐप्स की जांच की जा रही है।
शाओमी के कई ऐप्स शामिल
लिस्ट में शामिल बाकी चाइनीज ऐप्स Mi Community, DU recorder, YouCam Makeup, Mi Store, 360 Security, DU Battery Saver, DU Browser, DU Cleaner, DU Privacy, Clean Master - Cheetah, CacheClear DU apps studio, Baidu Translate, Baidu Map, Wonder Camera, ES File Explorer, QQ International, QQ Launcher, QQ Security Centre, QQ Player, QQ Music, QQ Mail, QQ NewsFeed, WeSync, SelfieCity, Clash of Kings, Mail Master, Mi Video call-Xiaomi और Parallel Space भी हैं। ये सभी ऐप्स अलग-अलग तरह से यूजर्स का डेटा स्टोर करते हैं।

GST हटाने की बात कहकर फंसे राहुल गांधी

Confederation of All India Traders slams Rahul gandhi statement on abolishing GST
सत्ता में आने पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) हटाने का बयान देकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी फंस गए हैं। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने राहुल गांधी के इस बयान की कड़ी आलोचना की है। कैट का कहना है कि राहुल अपने राजनीतिक फायदे के लिए GST हटाने की बात कर रहे हैं।
राहुल के पास नहीं वैकल्पिक व्यवस्था
कैट के महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने मार्च 24 को एक बयान जारी कर रहा कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सत्ता में आने पर GST खत्म करने की बात कह रहे हैं। खंडेलवाल ने कहा कि राहुल के पास GST का कोई विकल्प नहीं है। राहुल यह बात केवल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं और व्यापारियों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं। चेतावनी देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि राहुल अपनी राजनीति के लिए व्यापारियों का इस्तेमाल ना करें, नहीं तो आगामी चुनाव में व्यापारी कांग्रेस को करारा जवाब देंगे।
कांग्रेस की प्राथमिकता में नहीं रहे व्यापारी
दिल्ली में व्यापारियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि देश में आजादी से अब तक सबसे ज्यादा कांग्रेस ने शासन किया है। लेकिन व्यापारी कभी भी कांग्रेस की प्राथमिकता में नहीं रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में व्यापारियों के साथ कभी भी न्याय नहीं हुआ। खंडेलवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान राहुल गांधी कितनी बार व्यापारियों से मिले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में देश के व्यापारी बद से बद से बदतर हो गए थे जो आज तक नहीं संभल पाए हैं।

दिल्ली के सभी थोक बाजार में एक साथ लग गई चीन के सामान की होली, करोड़ों का माल स्वाह

Holi of Chinese goods burnt in Delhi Marketआर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
हाल ही में चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में चौथी बार मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने पर वीटो का उपयोग करने और एक लम्बे अर्से से पाकिस्तान की हर प्रकार की मदद करने पर देशवासियों का चीन के प्रति गुस्सा प्रकट करने के लिए देश के व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आवाहन पर आज दिल्ली के सदर बाजार इलाके में बारा चौक पर व्यापारियों, हॉकर्स, छोटे कारोबारियों और ग्राहकों ने चीनी सामानों की होली जलाई। भारत में बड़े पैमाने पर चीनी सामान का उपयोग होता है। हर त्योहार के पहले चीनी सामान से बाजार अटे रहते हैं। चीनी सामान सस्ता होने के कारण भारत में बिकता है। दिल्ली सहित देश भर के विभिन्न राज्यों में व्यापारी संगठनो ने 1500 से अधिक स्थानों पर चीनी वस्तुओं की होली जलाई और चीन के बने सामान का बहिष्कार करने का संकल्प लिया। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था के चौकीदार है और इस दृष्टि से अब भारत में चीन के व्यापार को और अधिक पनपने नहीं दिया जाएगा । जो भी देश भारत की सुरक्षा के खिलाफ खड़ा होगा व्यापारी उसका बहिष्कार करेंगे
लगभग एक वर्ष पूर्व चीनी उत्पाद के विरोध
में हुई स्वदेशी जागरण मंच की गोष्ठी  
व्यापारिक संगठनों को अब यह निर्णय करना होगा कि "भविष्य में भी जब तक चीन आतंकवाद और आतंकवाद को पालने वाले देश पाकिस्तान का समर्थन करता रहेगा, भारत में चीन से एक सुई तक नहीं आएगी।"  तब इस होली का होगा देश को लाभ, अन्यथा चीन से सामान मँगवाकर जला देने से चीन को तो कीमत मिल गयी, उसकी तरफ से सामान जलाओ, दान करो या फिर महँगा या सस्ता बेचो, चीन को अपने मॉल की कीमत मिल गयी।  

China Holiतोड़ेगा चीन की आर्थिक कमर


देश भर में व्यापारियों ने बेहद उत्साह और जबरदस्त रोष के साथ चीनी सामान की होली जलाते हुए चीन को कड़ा सन्देश दिया  राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम बाज़ार और चीनी सामान के हब के रूप में जाने वाले सदर बाजार के बारा टूटी चौक पर दिल्ली के विभिन्न भागों के हजारों व्यापारियों, लघु उद्यमिओं, हॉकर्स, उपभोक्ताओं आदि ने चीन के बने सामान का एक टीला बनाकर उसकी होली जलाई और नारे लगाते हुए चीन को चेतावनी दी की फॉर भारत में पाकिस्तान द्वारा चलाई जा रही आतंकी गतिविधियों में पाक की मदद करना बंद करे नहीं तो भारत का व्यापार जो चीन के लिए विश्व का सबसे बड़ा बाज़ार है के व्यापारी भारतीय बाज़ार से चीन को खदेड़ देंगे ! प्रर्दशनकारी व्यापारी अपने हाथों में पत्तियां लिए हुए थे जिन पर लिखा था " भारत को सोने की चिड़िया बनाना है - अब चीन को बाजार से हटाना है ", " पाक समर्थक चीन को सबक-चीनी सामान का बहिष्कार ", " चीन से बने सामान को खरीदना या बेचना - अपने जवानों का उत्साह कम करना ", "चीनी सामान का बहिष्कार -तोड़ेगा चीन की आर्थिक कमर " जैसे पट्टियों द्वारा अपने रोष और आक्रोश का प्रदर्शन कर रहे थे

व्यापारियों ने कहा, हम हैं आर्थिक चौकीदार, नहीं पनपने देंगे चीन का व्यापार

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की चीन की पाकिस्तान समर्थक करतूतों से देश के व्यापारी बेहद नाराज़ है ! परोक्ष रूप से चीन भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की मदद करता है ! उन्होंने सरकार से मांग की की अब चीन को सबक सिखाने की बेहद जरूरत है और उसके लिए चीन से हो रहे व्यापार पर कुछ आर्थिक प्रतिबन्ध लगाने चाहिए । उन्होंने कहा की चीन से ज्यादातर सामान में खिलोने, त्योहारी वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, हार्डवेयर, कुछ वस्तुओं का रॉ मटेरियल, बिजली का सामान, दैनिक उपयोग की वस्तुएं आदि ज्यादातर आयात होती हैं जिनमें बहुत अधिक तकनीक नहीं होती है ! सस्ता होने के कारण उपभोक्ता चीन का माल खरीदता है ! यदि देश के घरेलू व्यापार को थोड़ा बढ़ावा और पैकेज दिया जाए तो हम चीन से अच्छा माल कम दाम पर बना सकते हैं ! सरकार इस के लिए एक पैकेज की घोषणा करे जिससे देश के व्यापारी और उद्यमी चीनी माल का मुकाबला कर सकें।

चीन से आयात होने वाली वस्तुओं पर कम से कम 300 % से लेकर 500 % प्रतिशत की कस्टम ड्यूटी लगा देनी चाहिए

भरतिया एवं खंडेलवाल ने यह भी कहा की चीन से आयात होने वाली वस्तुओं पर कम से कम 300 % से लेकर 500 % प्रतिशत की कस्टम ड्यूटी लगा देनी चाहिए जिससे चीन से आयात होने वाले सामान में कमी आये वहीँ दूसरी ओर भारतीय बंदरगाहों पर चीन से आने वाले प्रत्येक माल की कड़ी जांच हो और आयात हुए माल का सही मूल्य आँका जाए क्योंकि बड़ी मात्रा में चीन से जो सामान आता है उसकी बिलिंग वास्तविक कीमत से काफी कम होती है । सरकार ऐसे माल को जब्त करे और फिर उस माल की खुली बोली लगाए ! सरकार को राजस्व की चोरी का पता चलेगा और सही राजस्व प्राप्त हो सकेगा ।

चीनी सामान खरीदने से होने वाले नुक्सान के बारे में बताते हुए चीनी सामान का बहिष्कार करने का आग्रह किया जाएगा

भरतिया एवं खंडेलवाल ने कहा की कैट चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का एक राष्ट्रीय अभियान शुरू कर रहा है जिसमें व्यापारियों को समझाया जाएगा की किस प्रकार चीनी सामान बेचकर हम परोक्ष रूप से पाकिस्तान द्वारा आतंकी गतिविधियां चलाने में उसकी मदद कर रहे हैं , इसलिए चीनी सामान खरीदना बंद करें वहीँ दूसरी ओर उपभोक्ताओं के बीच भी एक चेतना अभियान चलाया जाएगा जिसमें उनको चीनी सामान खरीदने से होने वाले नुक्सान के बारे में बताते हुए चीनी सामान का बहिष्कार करने का आग्रह किया जाएगा । उन्होंने कहा की देश के करोड़ों व्यापारियों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा और चीन से व्यापार बंद करने का आग्रह करते हुए उस पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश होगी!
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इस वेबसाइट का परिचय

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चीन भले ही वैश्विक ताकत के तौर पर भारत को अपना प्रतिस्पर्धी मानता रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों स.....

कैट इस अभियान में किसान, लघु उद्यमी, उपभोक्ता, ट्रांसपोर्ट, हॉकर्स, स्वयं उद्यमी, महिला उद्यमी एवं अन्य वर्गों के राष्ट्रीय संगठनों को जोड़कर एक संयुक्त अभियान चलाएगा।

पाकिस्तान के साथ खड़े चीन के सामान की भारत जलेगी होली

Pulwama Attack : Traders will oppose Chinese goods nowपुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर देश भर में लोगों का रोष और आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है । लोग इस बार पाकिस्तान पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई चाहते हैं ताकि देश से आतंकवाद का सफाया हो सके और इसी क्रम में पाकिस्तान के साथ ही अब लोगों का गुस्सा चीन के प्रति बढ़ता ही जा रहा है क्योंकि चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा समर्थक है और आर्थिक सहित हर प्रकार की सहायता पाकिस्तान को लगातार दे रहा है जो बड़े रूप से भारत के खिलाफ इस्तेमाल होती है । इस स्थिति को देखते हुए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दिल्ली सहित देश भर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है । कैट ने घोषणा की है कि आगामी होली पर देश के सभी राज्यों  के बाज़ारों में 19 मार्च को चीनी सामान की होली जलाई जाएगी । कैट ने सरकार से यह भी मांग की है की संविधान की धारा 370 एवं 35 ए को समाप्त कर कश्मीर और देश के बाकी राज्यों में एक समानता लाई जाए।
चीन को सबक सिखाने का समय 
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने आज यहाँ उपरोक्त घोषणा करते हुए कहा की अब वक़्त आ गया है जब चीन को पाकिस्तान का समर्थक होने का खामियाजा भुगतना चाहिए । उन्होंने कहा की कैट ने देश भर के व्यापारियों के बीच चीनी सामान के बहिष्कार का राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है जिसके अंतर्गत व्यापारियों से आग्रह किया जाएगा की चाहे कुछ भी हो जाए कोई व्यापारी चीन का बना सामान न तो बेचेगा और न ही खरीदेगा । वहीँ दूसरी ओर व्यापारी अपने ग्राहकों के माध्यम से देश भर में इस सन्देश को फैलाएंगे । इस सम्बन्ध में कैट उपभोक्ता, ट्रांसपोर्ट, लघु उद्योग, किसान, हॉकर्स सहित अन्य वर्गों के संगठनों का सहयोग भी लेगा।
चीन से आता है 5 लाख करोड़ का सामान 
देश में प्रतिवर्ष चीन से लगभग 75 बिलियन डॉलर (5.33 लाख करोड़ रुपए) का सामान आयात होता है और यदि इस आयात में कमी आ जाए तो चीन को निश्चित रूप से बड़ा आर्थिक नुकसान होगा क्योंकि चीन के लिए दुनिया भर में भारत सबसे बड़ा बाज़ार है और इस अभियान के अंतर्गत चीनी वस्तुओं के इस्तेमाल पर यदि लोग रोक लगाते हैं तो निश्चित तौर पर चीन के आयात में बड़ी कमी आएगी और चीन का आर्थिक ढांचा कहीं न कहीं बिगड़ेगा । कैट ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की है की चीन से आयात होने वाले सामान पर 300 से 500 प्रतिशत की कस्टम ड्यूटी लगाई जाए जिससे चीन से आयात को हतोत्साहित किया जा सके।
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धारा 370 एवं धारा 35 ए को तुरंत समाप्त करने की मांग 
खंडेलवाल ने सरकार से यह भी मांग की है की कश्मीर को देश की मुख्या धारा से जोड़ने एवं अन्य राज्यों के साथ बराबरी पर रखने के लिए संविधान की धारा 370 एवं धारा 35 ए को तुरंत समाप्त किया जाए और इसके लिए संसद का विशेष अधिवेशन बुलाया जाए । पूरे देश की यह मांग है। सरकार को अब इस मामले में कतई देर नहीं करनी चाहिए । कैट ने यह भी सुझाव दिया की जम्मू काश्मीर में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था कायम करने के लिए जम्मू, लेह लद्दाख एवं कश्मीर को तीन राज्यों में विभाजित कर देना चाहिए जिससे तीनों राज्यों का बेहतर तरीके से विकास हो सके । कैट ने यह भी मांग की है की जम्मू में लागू टोल टैक्स को भी खत्म कर देना चाहिए । देश भर में अकेले जम्मू में टोल टैक्स लगा गए है जो जीएसटी के मूल विचार एक देश-एक कर व्यवस्था के खिलाफ है।