Showing posts with label Justin Trudeau. Show all posts
Showing posts with label Justin Trudeau. Show all posts

‘5 दिन में देश छोड़ो’: ट्रूडो के खालिस्तानी तुष्टिकरण के बाद भारत ने कनाडा के राजनयिक को निकाला

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडाई हाई कमिश्नर कैमरून मैक्के को तलब कर के अपने फैसले के बारे में बताया
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर खालिस्तानी आतंकवादी की हत्या का आरोप भारत पर मढ़ने और भारतीय राजनयिक को कनाडा से वापस भेजने के बाद अब भारत ने भी कड़े कदम उठाए हैं। भारत ने दिल्ली स्थित कनाडाई दूतावास के एक वरिष्ठ राजनयिक को भारत छोड़ने का आदेश दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है कि उसने भारत में कनाडा के हाई कमिश्नर कैमरून मैक्के (Cameroon Mackay) को तलब करके उन्हें इस बात की जानकारी दी है। भारत ने कनाडाई राजनयिक को 5 दिनों के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया है।

बीते एक वर्ष में यह तीसरा ऐसा मौका है जब कनाडा के हाई कमिश्नर को भारतीय विदेश मंत्रालय ने तलब किया है। इससे पहले जुलाई और मार्च महीने में भी उन्हें तलब किया गया था जो कि दर्शाता है कि दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हैं।

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, “कनाडा के भारत में हाई कमिश्नर को आज तलब किया गया था और उन्हें एक कनाडाई राजनयिक के भारत से निष्कासन के निर्णय की जानकारी दी गई। उक्त राजनयिक को 5 दिनों के भीतर भारत छोड़ने को कहा गया है। यह निर्णय कनाडाई राजनयिकों की भारत विरोधी गतिविधियों में बढती संलिप्तता और उनके भारत के आंतरिक मामले बढ़ते दखल के प्रति भारत की चिंताओं को दर्शाता है।”

इससे पहले कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कनाडाई संसद में भारतीय राजनयिक के कनाडा से निष्कासन की सूचना दी थी। बीते कुछ वर्षों से कनाडा के खालिस्तानी आतंकवादियों के संरक्षण को लेकर भारत से सम्बन्ध काफी निचले स्तर पर चले गए हैं।

आतंकवादी निज्जर की हत्या का दोषारोपण भारत पर करके कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो अपनी खीझ जाहिर कर रहे हैं। वह कनाडा के खालिस्तानियों का तुष्टिकरण करना चाहते हैं। खालिस्तानियों के दबाव में आए ट्रूडो को हाल ही में G20 में भी कोई ख़ास तवज्जो नहीं मिली थी।

भारत ने निष्कासित किए जाने वाले कनाडाई राजनयिक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, जबकि कनाडा ने यह जानकारी दी है कि उसने कनाडा में ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW)’ के मुखिया पवन कुमार राय को निष्कासित किया गया है। हालाँकि, अंग्रेजी समाचार वेबसाइट मिंट की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारत से निष्काषित होने वाले कनाडाई राजनयिक, कनाडा की ख़ुफ़िया एजेंसी के भारत में मुखिया ओलिवर सिल्विस्टर हैं।

कनाडा : चर्च द्वारा संचालित सबसे बड़े बोर्डिंग स्कूल में 215 आदिवासी बच्चों के मिले अवशेष, 4100+ की मौत का है रिकॉर्ड

                                                 कम्पलूस इंडियन रेजिडेशियल स्कूल (साभार: Reuters)
कनाडा के एक बंद पड़े बोर्डिंग स्कूल के परिसर में 215 आदिवासी बच्चों के अवशेष बरामद हुए हैं। इनमें से कुछ की उम्र तीन साल तक की बताई जा रही है। शुक्रवार (मई 28, 2021) को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस संबंध में जानकारी देते हुए इसे हृदय विदारक बताया।

Tk’emlups te Secwepemc जनजाति ने बताया कि ब्रिटिश कोलंबिया में 1978 से बंद पड़े कमलूप्स इंडियन रेजीडेंशियल स्कूल (KIRS) में बच्चों के अवशेषों की बरामदगी हुई है। इन्हें रडार विशेषज्ञों की मदद से जमीन से निकाला गया। समुदाय के प्रमुख रोसने कासिमिर ने अपना एक बयान जारी कर कहा, “हमें समुदाय के बारे में एक जानकारी थी जिसे हम सत्यापित करने में सक्षम थे।” उन्होंने बताया कि इस समय हमारे पास उत्तर से अधिक प्रश्न हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस संबंध में ट्वीट कर कहा, “Kamloops Indian Residential School से जो खबर मिली, वह हृदय विदारक है। यह हमारे देश के इतिहास के उस काले और शर्मनाक अध्याय की दर्दनाक याद दिलाता है। मैं इस दुखद समाचार से प्रभावित सभी लोगों के बारे में सोच रहा हूँ। हम आपके लिए यहाँ हैं।”

जानकारी के मुताबिक ईसाई चर्चों और कनैडियन सरकार द्वारा संचलित किया जाने वाले कनाडा आवासीय स्कूल तंत्र का KIRS सबसे बड़े बोर्डिंग स्कूलों में से एक था। इस स्कूल के बारे में मौजूद जानकारी बताती है कि यहाँ आदिवासी बच्चों को सभ्य बनाने के नाम पर ईसाइयत का पाठ पढ़ाया जाता था और उनकी भाषा व संस्कृति को नष्ट किया जाता था।

                                      ईसाइयत के उद्देश्य से चलाए जा रहे स्कूल के बारे में जानकारी
रिपोर्ट कहती हैं कि सन् 1883 से 1998 में यहाँ 1.5 लाख आदिवासी बच्चे अपने परिवारों से अलग करके इन स्कूलों में डाले गए। इसके बाद इन स्कूलों में सांस्कृतिक नरसंहार हुआ। ये सारे खुलासे Truth and Reconciliation Commission की 2015 की एक रिपोर्ट में होते हैं।

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बच्चों को यहाँ शारीरिक शोषण, बलात्कार, कुपोषण व अन्य अत्याचारों से गुजरना होता था। रिपोर्ट कहती है कि इस आवासीय स्कूल में रहने के दौरान 4100 बच्चों की मौत हुई। लेकिन कनाडा के सबसे बड़े आवासीय स्कूल में दफनाए गए इन 215 बच्चों का रिकॉर्ड इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।

इससे पहले इस आवासीय स्कूल प्रणाली के लिए कनाडा की सरकार ने 2008 में माफी माँगी थी। वहीं इस संबंध में Tk’emlúps te Secwepemc Nation ने कहा कि वह उन लोगों से जुड़े है जिनके बच्चे इस में स्कूल गए थे। जाँच को लेकर उन्हें लग रहा है कि जून के मध्य तक प्रारंभिक निष्कर्ष मिलने की उम्मीद है।