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पाकिस्तान के बाद अब चीन का MFN दर्जा समाप्त करने का दबाव

RSS economic wing SJM urges PM Narendra Modi to withdraw 'most favoured nation' status of China
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में अडंगा लगाने के बाद चीन के खिलाफ पूरे देश में रोष बना हुआ है। पूरा देश में सरकार से चीन के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करने की मांग कर रहा है। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आर्थिक शाखा स्वदेशी जागरण मंच ने भी मोदी सरकार से चीन का मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा समाप्त करने की मांग की है।
ज्ञात हो, अभी कुछ वर्ष पूर्व स्वदेशी जागरण मंच द्वारा चीन उत्पादनों के बहिष्कार का अभियान चलाया था, जगह-जगह नुक्कड़ सभाएँ कर चीन उत्पादनों से भारतीय व्यवसाय को हो रहे नुकसान से अवगत कराने का सफल प्रयास किया था। जिससे चीन को आर्थिक संकट गहराने लगा था। लेकिन किन्ही कारणों से उस अभियान में शिथिलता आते ही भारत में पुनः चीनी उत्पादनों की भरमार हो गयी। भारत से लाभ कमाकर ये पाकिस्तान का समर्थन कर विश्व के आतंकवाद के विरुद्ध प्रहारों का विरोध कर रहा है। 
स्वदेशी जागरण मंच की नुक्कड़ सभा 
चीनी सामान के आयात पर बढ़ाया जाए टैरिफ
SJM के अखिल भारतीय सह संयोजक अश्विनी महाजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चीन का MFN दर्जा समाप्त करने की मांग की है। पत्र में महाजन  RSS के सर्वे का हवाला देते हुए कहा है कि चीन से आयात होने वाले सामानों पर भारत में बेहद कम टैरिफ लगता है। अब चीन को सबक सिखाने के लिए आयातित सामान पर टैरिफ को तत्काल बढ़ाया जाना चाहिए। महाजन ने कहा है कि चीन से भारत को 76 अरब डॉलर करीब 5.27 लाख डॉलर का सामान भेजा जाता है। जबकि भारत से चीन भेजे जाने वाले सामान की मात्रा काफी कम है। इससे भारत को काफी व्यापार घाटा होता है। 
चीन पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर काफी दबाव
संयुक्त राष्ट्र में मसूद को बचाने के लिए पाकिस्तान का साथ देने के बाद भारत सरकार पर चीन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर काफी दबाव बना हुआ है। कई संगठनों का कहना है कि भारत को चीन के खिलाफ कुछ कड़े आर्थिक कदम जरूर उठाने चाहिए। कुछ जानकारों का कहना है कि भारत को सबसे पहले चीन से आने वाले सामान पर आयात शुल्क बढ़ाना चाहिए।
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पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर देश भर में लोगों का रोष और आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है । लोग इस बार पाकिस्तान पर कड़....

अमेरिका पहले ही बढ़ा चुका है टैरिफ
अमेरिका और चीन के बीच काफी समय से तनाव चल रहा है। अमेरिका चीन की एकपक्षीय कारोबार नीतियों का विरोध कर रहा है। इसको लेकर अमेरिका चीन से आयात होने वाले सामानों पर टैरिफ शुल्क को बढ़ा चुका है। जानकारों का कहना है कि चीन को सबक सिखाने के लिए भारत को भी अमेरिका जैसा टैरिफ बढ़ाने वाला कदम उठाना चाहिए। आपको बता दें कि मसूद अजहर मामले के बाद अमेरिका खुलकर भारत के समर्थन में आ गया है और आतंक के खिलाफ कार्रवाई के लिए दूसरे कड़े कदम उठाने की बात कही है।

भारत की कार्रवाई से बर्बादी की कगार पर पाकिस्‍तान

Pakistan Tradeपाकिस्तान समर्थित जैश ए मोहम्मद ने 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला किया था। इस हमले में 44 जवान शहीद हो गए थे। इस आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को चौतरफा घेरना शुरू कर दिया है। भारत की ओर से की गई इस घेराबंदी के कारण अब पाकिस्तान आर्थिक रूप से बर्बादी की कगार पर आ गया है। यह बात खुद पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी मीडिया कर रही है।
MFN दर्ज समाप्त होने से व्यापार ठप
पुलवामा हमले के बाद भारत ने सबसे पहली कार्रवाई के रूप में पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा समाप्त किया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान से आयात होने वाले सामान पर 200 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया था। इससे पाकिस्तान से भारत आने वाले सामान पर पूरी तरह से रोक लग गई है। दोगुना टैक्स होने के कारण पाकिस्तान के व्यापारी भारत में अपना सामान नहीं बेच पा रहे हैं। इससे व्यापारियों को रोजाना करीब 100 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आपको बता दें कि पाकिस्तान हर साल करीब 3500 करोड़ रुपए का सामान बेचता है।

चार साल में सबसे ज्यादा महंगाई
पुलवामा हमले के बाद भारत की ओर से की गई घेराबंदी का दूसरा असर यह है कि पाकिस्तान में इस समय महंगाई दर बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई है। यह चार साल बाद सबसे ज्यादा है। पाकिस्तान के अखबार डॉन के अनुसार, MFN का दर्जा खत्म होने के बाद पाकिस्तान मं जरूरी चीजों की किल्लत बढ़ गई है। इससे उनकी कीमतें आसमान छू रही हैं। इस कारण महंगाई दर बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई है। पाकिस्तान के सांख्यिकी ब्यूरो की ओर 40 शहरों और 76 बाजारों से एकत्र 487 वस्तुओं की खुदरा कीमतों के आधार पर महंगाई दर घोषित की गई है। 

150 रुपए किलो के पार पहुंचा टमाटर

जैश ए मोहम्मद की ओर से सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तान को भेजे जाने वाले जरूरी सामानों पर रोक लगा दी है। इससे इन सामानों की कीमत दोगुने से ज्यादा हो गई है। डॉन अखबार के अनुसार, इस समय पाकिस्तान में टमाटर 150 रुपए प्रति किलो, हरी मिर्च 37 रुपए किलो और अनार की कीमतें 11.24 फीसदी बढ़ गई हैं। पाकिस्तान भारत से हरी सब्जी, ड्राई फ्रूट, फ्यूल आदि चीजों को आयात करता है।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार ज्ञात हो, जब अमेरिका सरकार ओसामा बिन लादेन के पीछे पड़ी थी, तब कई बार यह अफवाह फैलाई गयी .....

Pakistani Rupeeबुरे दौर में पाकिस्तानी रुपया

भारत की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बेरूखी के कारण इस समय पाकिस्तान का रुपया अपने निचले स्तर पर चला गया है। इस समय एक डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया 139 के स्तर तक पहुंच गया है। आतंकी फंडिग के कारण पाकिस्तान इस समय फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में पहुंच गया है। यदि वह आतंकियों के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाता है तो कभी भी ब्लैक लिस्ट में पहुंच सकता है।

पाकिस्तान को ऋण नहीं दे रही अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं

आतंक के खिलाफ भारत की मजबूत लड़ाई के कारण आज तमाम अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं पाकिस्तान को ऋण देने से कतरा रही हैं। भारत की नीतियों के कारण आज पाकिस्तान का सबसे गहरा दोस्त चीन भी उसकी मदद करने के लिए आगे नहीं आ पा रहा है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण ही पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन को दो दिन बाद ही रिहा करना पड़ा। 

भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तान से लिया बदला, लौटा दिया करोड़ों का सीमेंट

Pulwama Attack
पाकिस्तान आकाओं ने शायद सपने में भी नहीं सोंचा होगा कि पुलवामा में दहशतगर्दी करने की इतनी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। कारगिल यद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लगाए प्रतिबन्धों ने भी शायद पाकिस्तान को इतना आर्थिक नुकसान पहुंचाया, जितना की अब। अंग्रेजी में एक कहावत है "hit below the belt", जिसे भारत के व्यापारी वर्ग ने चरितार्थ कर दिखाया है। जिससे पाकिस्तान को भविष्य में भी आर्थिक संकट से लड़ना पड़ सकता है। अब तो सऊदी अरब ने मदद कर दी, फिर भी आखिर कब तक अन्य मुस्लिम देश भी पाकिस्तान की तिजोरियों में डॉलर डालते रहेंगे। सबकी एक सीमा होती है। आतंकवाद के सभी शिकार है।  
पुलवामा हमले के बाद कई भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तान (Pakistan) से व्यापार करने से इनकार कर दिया है। अब इसमें सीमेंट व्यापारियों का नाम भी जुड़ गया है। भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तान से सीमेंट के आयात पर रोक लगा दी है। उन्होंने पाकिस्तान से आए सीमेंट के 600-800 कंटेनरों को वापस कर दिया है। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक फिलहाल यह कंटेनर कराची पोर्ट, कोलंबो और दुबई पोर्ट पर पड़े हैं।

पाक को होगा 8 करोड़ डॉलर का नुकसान

पाकिस्तान सालाना तौर पर भारत को 7 से 8 करोड़ डॉलर (500-572 करोड़ रुपए) की सीमेंट बेचता है। व्यापारियों के इस कदम से पाकिस्तान को यह नुकसान उठाना पड़ेगा। हाल ही में भारत ने पाकिस्तान से आने वाले सभी उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी 200 फीसदी बढ़ा दी है। बिना ड्यूटी के पाकिस्तान से आने वाले एक टन सीमेंट की कीमत 44 डॉलर (3415 रुपए) होती है।

पाकिस्तानी सीमेंट का प्रमुख इंर्पोटर है भारत

मौजूदा वित्त वर्ष में जुलाई से जनवरी के बीच पाकिस्तान ने भारत को 6.48 लाख टन सीमेंट का निर्यात किया। जबकि 2017-18 में 12.12 लाख टन सीमेंट का निर्यात किया। ऑल पाकिस्तान सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स असोसिएशन के मुताबिक पाकिस्तान ने 2007-08 में भारत को सीमेंट निर्यात करना शुरू किया। 2016-17 में पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा भारत को 12.53 लाख टन सीमेंट निर्यात किया।

Indiaछुआरे भी नहीं खरीदेगा भारत

भारत हर साल पाकिस्तान से 14.5 लाख डॉलर (1,036 करोड़ रुपए) में 2.1 लाख टन छुआरे खरीदता है। पुलवामा हमले के बाद भारतीय व्यापारियों ने छुआरे भी खरीदने से मना कर दिया है।

ट्रेड बैलेंस है भारत के पक्ष में

दोनों देशों के बीच ट्रेड बैलेंस 1.36 अरब डॉलर (9.72 लाख करोड़ रुपए) का है और यह भारत के पक्ष में है। 2017-18 में पाकिस्तान ने भारत को 48.4 करोड़ डॉलर (3461 करोड़ रुपए) का एक्सपोर्ट किया, जबकि भारत ने पाकिस्तान को 1.8 अरब डॉलर (12.8 हजार करोड़ रुपए) का एक्सपोर्ट किया।

पाक से छीना मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा

पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट बैठक में पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म करने का फैसला लिया गया। मोस्ट फेवर्ड नेशन का मतलब सबसे अधिक तरजीही देश होता है। विश्व व्यापार संगठन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों के आधार पर व्यापार के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाता है। एमएफएन दर्जा प्राप्त देश को इस बात का आश्वासन दिया जाता है कि उसे व्यापार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। भारत ने पाकिस्ताव को 1996 में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाएगा। 2016 में भारत और पाकिस्तान ने बीच करीब 2.89 बिलियन डॉलर का कारोबार था। इसमें बड़ा हिस्सा भारत से पाकिस्तान होने वाले निर्यात का है। हालांकि, अभी तक पाकिस्तान ने भारत को यह दर्जा दिया है।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार पुलवामा में आतंकवादी हमले के पांच दिन बीत जाने के…

भारत को ये 5 आइटम बेचकर अरबों कमाता है पाकिस्तान

Pulwama attack- Narendra Modiपुलवामा अटैक (Pulwama Attack) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खासा बढ़ गया है। इसका असर कंगाली के कगार पर खड़े पाकिस्तान पर खासा गहरा होने जा रहा है। दरअसल पाकिस्तान भारत को एक्सपोर्ट के माध्यम से अरबों की कमाई करता है। वहीं भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दे रखा था, जिसके चलते उसे ड्यूटी से छूट भी मिल रही थी। हालांकि भारत ने अब यह दर्जा वापस ले लिया है। ऐसे में हम यहां उन 5 आइटम्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें भारत को एक्सपोर्ट करके वह अच्छी कमाई करता रहा है।

Pulwama attack- Imran Khanपाकिस्तान की बढ़ती जा रही है कमाई

इन दिनों पाकिस्तान कंगाली की हालत से गुजर रहा है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। इसलिए उसे चीन और सऊदी अरब जैसे अपने मित्रों के आगे हाथ फैलाने को मजबूर होना पड़ा है। इसके अलावा आईएमएफ भी उसे मदद देने के लिए कड़ी शर्तें लगा रहा है। हालांकि पुलवामा अटैक (Pulwama Attack) से पहले तक उसे भारत से अच्छी कमाई हो रही थी। इस वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर 2018-19 में पाकिस्तान ने भारत को 2670 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट किया, जो बीते साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 25 फीसदी ज्यादा रहा था। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान पाकिस्तान ने भारत को 3,150 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट किया था।

1. मिनरल फ्यूल्स, मिनरल ऑयल्स और उनसे बनने वाले प्रोडक्ट, मिनरल वैक्स

चालू वित्त वर्ष यानी 2018-19 में अप्रैल-नवंबर की अवधि के दौरान 785 करोड़ रुपए के इन आइटम्स का पाकिस्तान से भारत को एक्सपोर्ट किया गया, जो एक साल पहले समान अवधि की तुलना में लगभग दोगुने से ज्यादा है। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 में यह आंकड़ा 535 करोड़ रुपए रहा था।
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भारत आज लहूलुहान है आतंकी हमारे देश के बेटों को मार रहे हैं, यह हमारी आंत में खंजर की तरह है। इस समय जो अहिंसा और शांति की बात करता है उसके मुंह पर कालिख पोती जानी चाहिए, उसे गधे पर बैठा कर घुमाना चाहिए और तमाचे लगाने चाहिए। --कंगना
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में फरवरी 14 की शाम को हुए हमले में जैश के आतंकवादी ने विस्...

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जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच स.....

2. इडिबल फ्रूट एंड नट्स, पील या खट्टे फल या नीबू

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर की अवधि के दौरान 560 करोड़ रुपए के इन आइटम्स का पाकिस्तान से भारत को एक्सपोर्ट किया गया, जो एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में लगभग 15 फीसदी ज्यादा है। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान यह आंकड़ा 727 करोड़ रुपए रहा था।
3. नमक, सल्फर, पत्थर, प्लास्टरिंग मैटेरियल, चूना और सीमेंट
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर की अवधि के दौरान 477 करोड़ रुपए के इन आइटम्स का पाकिस्तान से भारत को एक्सपोर्ट किया गया, जो एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में लगभग 5 फीसदी ज्यादा है। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान 678 करोड़ रुपए के इन आइटम्स का एक्सपोर्ट किया गया था।
4. अयस्क, स्लैग और ऐश
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर की अवधि के दौरान 101 करोड़ रुपए के इन आइटम्स का पाकिस्तान से भारत को एक्सपोर्ट किया गया, जो एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में लगभग 5 फीसदी ज्यादा है। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान यह आंकड़ा 144 करोड़ रुपए रहा था।
5. कॉटन
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर की अवधि के दौरान 77 करोड़ रुपए का कॉटन पाकिस्तान से भारत को एक्सपोर्ट किया गया, जो एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में लगभग 70 फीसदी ज्यादा है। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान यह आंकड़ा 70 करोड़ रुपए रहा था।    (स्रोतः विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT))

MFN का दर्जा छिनने से कंगाल पाकिस्‍तान की टूटेगी 'कमर', होगा खरबों का नुकसान

modi, imranजम्मू और कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच संबंधों में तनाव और बढ़ गया है. इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई कैबिनेट कमेटी और सिक्‍योरिटी की बैठक में पाकिस्‍तान से मोस्‍ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लेने का बड़ा फैसला लिया गया. भारत के इस कदम से कंगाली से गुजर रहे और कर्जे में डूबे पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था को बड़ा झटका लग सकता है. यहां यह बताना बेहद जरूरी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 के आंकड़े के मुताबिक़, करीब 2.60 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है. ऐसे में पाक को भारत के साथ कारोबारी लिहाज से बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा. 

पाकिस्तान ने आईएमएफ और अन्य देशों से मदद की लगाई है गुहार 

बता दें कि हाल ही में यूएई ने पाकिस्तान की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। वहीं हाल ही में पाकिस्तान में सऊदी अरब किंग सलमान ने दौरा किया, जिन्हें भारत भी आना है। पाकिस्तान आईएमएफ से मदद की गुहार लगा रहा है। लेकिन भारत की तरफ से मोस्ड फेवर्ड नेशन का दर्जा छिनने और प्रायोजित आतंकवाद फैलाने से उसके यहां आने वाले पाकिस्तान के निवेश पर असर पड़ सकता है। 
आइये जानते हैं क्‍या है मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का मतलब और इसके मायने...
दरअसल, मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का मतलब है सबसे ज्‍यादा तरजीही वाला देश. MSN का दर्जा मिलने के बाद दर्जा प्राप्‍त देश को इस बात का आश्‍वासन रहता है कि उसे कारोबार में कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. विश्‍व व्‍यापार संगठन (डब्‍ल्‍यूटीओ) और अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार नियमों के आधार पर बिजनेस में सबसे अधिक तरजीह वाले देश (एमएफएन) का दर्जा दिया जाता है. डब्ल्यूटीओ बनने के साल भर बाद भारत ने पाकिस्तान को 1996 में एमएफएन का दर्जा दिया था, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से भारत को ऐसा कोई दर्जा नहीं दिया गया था.

इस दर्जे से किसी देश को क्‍या लाभ होते हैं...
यह दर्जा दो देशों के मध्‍य कारोबार में दिया जाता है. इससे अंतर्गत दोनों मुल्‍क एक दूसरे को आयात और निर्यात में विशेष छूट देते हैं. विश्‍व व्‍यापार संगठन के सदस्‍य देश खुले व्‍यापार और बाजार के नियमों में बंधे हुए हैं, लेकिन एमएफएन के नियमों के तहत देशों को विशेष छूट दी जाती है. 

भारत-पाक के बीच इन चीजों का है बड़ा कारोबार
भारत और पाकिस्‍तान के बीच सीमेंट, चीनी, रुई, सब्जियों, ऑर्गेनिक केमिकल, चुनिंद फल, ड्राई फ्रूट्स, मिनरल ऑयल, स्टील जैसी कमोडिटीज़ और वस्तुओं का कारोबार दोनों देशों के बीच होता है.

पाक पर आर्थिक तौर पर क्या होगा असर 

उदयोग चैंबर एसोचैम ने कहा कि पाकिस्‍तान को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा देने से दोनों देशों के बीच कारोबार पर खास फर्क नहीं पड़ेगा। दोनों देशों के बीच कारोबार अब भी बेहद कम है। 2015-16 में भारत का कुल व्‍यापार 641 अरब डॉलर रहा है। वहीं पाकिस्‍तान के साथ व्‍यापार मात्र 2.67 अरब डॉलर रहा। पाकिस्‍तान को भारत का निर्यात मात्र 2.17 अरब डॉलर रहा। भारत के कुल निर्यात में यह मात्र 0.83 फीसदी है। वहीं पाकिस्‍तान से भारत का आयात 50 करोड़ डॉलर से भी कम है। यह भारत के कुल आयात का 0.13 फीसदी है। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 15 को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में विकास परियोजना का उद्घाटन किया. विकास परिय.....

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इस हमले में केंद्रीय सुरक्षा बल के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए। सुरक्षाबलों पर यह हमला उस समय हुआ जब उनका काफिला जम्मू...

चीन के लिए पाकिस्तान की मदद नहीं होगी आसान 

सिसोदिया के मुताबिक हमले में मारा गया आतंकी जैश ए मोहम्मद से है और जैश ए मोहम्मद का मुखिया मशूद अजहर है। ऐसे में चीन पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद नहीं कर पाएगा। विश्व के अन्य देशों की तरफ से चीन पर दबाव बनाने में मदद मिलेगी। 
पहले भी हो चुकी है समीक्षा
इससे पहले 2016 में उरी में हुए आतंकी हमले के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हाई लेवल मीटिंग बुलाई थी, जिसमें पाकिस्‍तान को दिए गए एमएफएन के दर्जे की समीक्षा की गई थी. उरी हमले से पहले से भी यह मांग होती रही कि पाकिस्तान से यह दर्जा छीन लिया जाए. हालांकि भारत की तरफ से इसे जारी रखा गया था. 

पुलवामा हमले के बाद कारोबारियों ने खाई कसम, पाकिस्तान के साथ जीवनभर नहीं करेंगे कारोबार

पंजाब के कारोबारियों ने भी कहीं आयात बंद करने की बात

कारोबारियों ने बताया कि पहले भी कई बार आतंकी हमलों के बाद कुछ दिनों के लिए कारोबार बंद हो जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद कारोबार फिर से शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार ऐसा कदापि नहीं होगा। हालांकि, टमाटर का निर्यात पिछले कई महीनों से बंद है। भारत के पंजाब में पाकिस्तान से सटे कई शहरों से सीमेंट का आयात किया जाता है, लेकिन वहां के कारोबारी भी अब हर हाल में इसे बंद करने जा रहे हैं। 

भारत-पाकिस्तान के बीच 2 अरब डॉलर से ज्यादा का कारोबार

पाकिस्तान और भारत के बीच 2 अरब डॉलर से अधिक का कारोबार होता है। इनमें भारत की हिस्सेदारी अधिक है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच 35 अरब डॉलर से अधिक के कारोबार की संभावना है। निर्यातकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे तौर पर 2 अरब डॉलर का कारोबार होता है, लेकिन दुबई और अन्य देशों के माध्यम से यह कारोबार काफी अधिक है। (एजेंसीज इनपुट्स)