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‘इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं धीरेन्द्र शास्त्री’: भारत हिंदू राष्ट्र कभी नहीं बन सकता : घर वापसी पर मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उन पर इस्लाम के खिलाफ प्रचार करने का आरोप लगा है। यह आरोप ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने लगाया है।
धीरेन्द्र शास्त्री के विरोध का मूल कारण अब धीरे-धीरे मुखरित होने लगा है। मुस्लिम कट्टरपंथियों और इनके सियासतखोर कुर्सी के भूखे नेताओं का बेचैन होना स्वाभाविक है। क्योकि ईसाई एवं मुस्लिम बन चुके अगर वापस अपने वास्तविक धर्म में आ गए, इनकी दुकान बंद होने में अधिक समय नहीं लगेगा और इनमे से अधिकतर रोटी-पानी के लिए भी तरसते नज़र आने वाले हैं।  

छत्तीसगढ़ के रायपुर में धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम के मंच पर एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी की थी। शहाबुद्दीन ने मुस्लिम महिला के धर्मान्तरण का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से कार्रवाई की माँग की है। शहाबुद्दीन ने धीरेन्द्र शास्त्री पर नफरत फैलाने का भी आरोप लगाया है। मौलाना ने यह बयान गुरुवार (26 जनवरी 2023) को दिया है।

मौलाना शाहबुद्दीन ने अपना बयान वीडियो के माध्यम से दिया है। अपने बयान की शुरुआत ‘बिस्मिल्लाह-ए-रहमान-ए-रहीम’ से करने के बाद मौलाना ने कहा, “बागेश्वर धाम के संचालक बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने जो तौर-तरीका इख़्तियार किया है, उससे पूरे भारत में नफरत फैल रही है।”

मौलाना ने कहा, “उन्होंने अब तक 328 लोगों का मजहब तब्दील करवाया और वो इस्लाम के खिलाफ नफरत प्रचारित कर रहे हैं। उन्होंने खुद कहा कि हम टोपी वालों को भी सनातनधर्मी बना देंगे। मीडिया चैनलों के सामने इस तरीके की बात कर के प्रसारित करना इस्लाम की तौहीन है। मुसलमानों को इससे सख्त तकलीफ है।”

मौलाना शहाबुद्दीन ने आगे कहा, “मेरी भारत सरकार से गुजारिश है कि वो धर्मान्तरण के खिलाफ क़ानून लाई है तो इस्लाम को बदनाम करने वाले ऐसे बाबाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और इन्हें रोका जाए।”

हिंदू राष्ट्र को लेकर मौलाना ने कहा, “कुछ लोग भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की बात कह रहे हैं। मैं दावे से कहता हूँ कि हिंदुस्तान एक जम्हूरी मुल्क है। यह आईन (कानून) और संविधान से चलता है। यहाँ के रहने वाले संविधान के हिसाब से रहते हैं। इसलिए ये देश कभी भी न तो हिन्दू राष्ट्र बन सकता है और न ही मुस्लिम राष्ट्र। इसलिए जो ऐसा ख्वाब देख रहे वो सपने देखना बंद कर दें।”

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भारत में कट्टरपंथी जब सब तरफ से घिर जाते हैं, तब इनको संविधान दिखाई देता, वरना भारत गुलाम-ए-मुफ्तफा बनाने में अपना समर्थन देते समय भारतीय संविधान याद नहीं आता। CAA के विरोध में जब हिन्दुत्व को कलंकित किया जा रहा था, तब किसी को संविधान याद नहीं आया। खूब बिरयानी और फलों का नाश्ता दिया जा रहा था। वास्तव अब इन छद्दम संविधान की बात और गंगा-जमुनी तहजीब जैसे भ्रामिक नारों से जनता को मुर्ख बनाया जा रहा था।    

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी आला हजरत बरेली से जुड़े हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अगर कोई मुस्लिम धर्मगुरु धर्मान्तरण करवा रहा होता तो उसे 24 घंटे के अंदर जेल भेज दिया गया होता।

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मौलाना शहाबुद्दीन ने यह भी कहा कि अगर छत्तीसगढ़ सरकार धीरेन्द्र शास्त्री पर एक्शन नहीं लेगी तो वो अदालत का रुख करेंगे। मौलाना ने धीरेन्द्र शास्त्री की मंच से कही कई बातों को इस्लाम को कमजोर करने की साजिश करार दिया है।