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नककटा, नालायक, लंगोट का ढीला… बागेश्वर सरकार के दरबार में आया बरखा दत्त की Mojo स्टोरी का पत्रकार, पर्चा देख कान पकड़कर माँगी माफी

                        बागेश्वर सरकार के मंच पर खुद को मोजो स्टोरी का पत्रकार बताने वाला हर्षित शर्मा
सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें खुद को पत्रकार बताने वाला एक शख्स बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा के बीच कुछ टिप्पणी करता नजर आ रहा है। हालाँकि माइक नहीं होने की वजह से उसकी आवाज स्पष्ट नहीं है। इसके बाद बागेश्वर सरकार उसे मंच पर बुलाते हैं। वह खुद को पत्रकार बताते हुए कहता है कि दिल्ली से आया है और ‘मोजो स्टोरी’ से जुड़ा हुआ है। मोजो स्टोरी वामपंथन पत्रकार बरखा दत्त की अगुवाई में चल रहा है।

यह शख्स अपना नाम हर्षित शर्मा बताता है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि जब पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस कथित पत्रकार का पर्चा निकालते हैं तो वह थोड़ी देर के लिए निरुत्तर हो जाता है। वह हाथ जोड़ने लगता है। कान पकड़कर माफी माँगता है। शुरुआत में शर्मा कहता है कि वह दिल्ली से कथा कवर करने आया है। बाद में वह बताता है कि वह छतरपुर की कथा में आई एक महिला की मृत्यु को लेकर सवाल पूछने आया है। इस बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने चिर-परिचित अंदाज में नककटा, नालायक, ठठरी बाँधने जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते भी दिखते हैं।

आप वीडियो की शुरुआत में देख सकते हैं कि खुद को पत्रकार बताने वाला शर्मा मंच के नीचे से कुछ टिप्पणी करता है। इस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने खास अंदाज में बोलते हुए कहते हैं, “क्या मैं तुम्हारा नौकर हूँ? अर्जी लगाओ और सीताराम जपो। तुम्हें बोलने की तमीज नहीं है। तुम अपने कक्का (परिजन) को बुला लो मैं उनका भी और तुम्हारा भी बता दूँगा कि तुम लंगोट के ढीले हो। तुम कम नहीं हो। तुम प्लांटेड हो।” इसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उसे मंच पर बुलाते हैं।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इसके बाद पत्रकार को मंच पर बुलाकर सवाल करते हैं कि तुम्हें बीच में बोलने के लिए किसने कहा? इस पर पत्रकार कहता है कि यह उसने अपनी इच्छा से किया। फिर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर फिर पूछते हैं कि इसके पीछे कौन है?

इसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पत्रकार को दो कागज दिखाते हुए कहते हैं कि क्या वह बता सकता है कि इन दोनों पर क्या लिखा है? इस पर पत्रकार कहता है कि उसे नहीं पता। इस पर शास्त्री कहते हैं तुम्हें जो पूछना है इस पर वही लिखा है। फिर वह पत्रकार का परिचय पूछते हैं। इस पर वह अपना नाम हर्षित शर्मा और खुद को मोजो स्टोरी का पत्रकार बताता है।

इसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कहते हैं कि उन्होंने मोजो स्टोरी के बारे में कभी नहीं सुना। लेकिन जब वह दरबार में बैठे थे तब दो पर्चे पहले ही लिखकर रख लिए थे। इसके बाद वह पहले से लिखा हुआ एक कागज पत्रकार को दिखाते हुए पढ़ते हैं, “एक व्यक्ति परीक्षा लेने आएगा। बदतमीजी करेगा। नालायक है। उसको बुलाने की जरूरत नहीं। ठिकाने लगा देना है। टीम मोजो से आएगा। पर्चा नहीं देना है।”

इसके बाद शास्त्री दूसरा कागज दिखाते हुए कहते हैं तुम्हारा एक और पर्चा रखा हुआ है। इसके बाद पत्रकार सवाल पूछने की कोशिश करता है। लेकिन इससे पहले ही धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रोकते हुए कहते हैं कि उन्हें सब पता है। आरोप लगते रहते हैं। फिर पत्रकार ने उनकी कथा में आई महिला की मृत्यु को लेकर सवाल पूछने के साथ ही कहा कि क्या लोगों का यह मानना जरूरी है कि वह सिर्फ आपके पास आकर ही ठीक होंगे या फिर डॉक्टर के पास जाना भी जरूरी है। इस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दूसरा कागज दिखाते हुए पढ़ते हैं, “यहाँ परेशान व्यक्ति आ सकते हैं। चिंता न करें, दुआ, दवा और कृपा सबकी आवश्यकता है।” इस वीडियो में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कहने पर ‘मोजो स्टोरी’ का पत्रकार बार-बार माफी माँगता दिखाई देता है।

‘इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं धीरेन्द्र शास्त्री’: भारत हिंदू राष्ट्र कभी नहीं बन सकता : घर वापसी पर मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उन पर इस्लाम के खिलाफ प्रचार करने का आरोप लगा है। यह आरोप ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने लगाया है।
धीरेन्द्र शास्त्री के विरोध का मूल कारण अब धीरे-धीरे मुखरित होने लगा है। मुस्लिम कट्टरपंथियों और इनके सियासतखोर कुर्सी के भूखे नेताओं का बेचैन होना स्वाभाविक है। क्योकि ईसाई एवं मुस्लिम बन चुके अगर वापस अपने वास्तविक धर्म में आ गए, इनकी दुकान बंद होने में अधिक समय नहीं लगेगा और इनमे से अधिकतर रोटी-पानी के लिए भी तरसते नज़र आने वाले हैं।  

छत्तीसगढ़ के रायपुर में धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम के मंच पर एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी की थी। शहाबुद्दीन ने मुस्लिम महिला के धर्मान्तरण का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से कार्रवाई की माँग की है। शहाबुद्दीन ने धीरेन्द्र शास्त्री पर नफरत फैलाने का भी आरोप लगाया है। मौलाना ने यह बयान गुरुवार (26 जनवरी 2023) को दिया है।

मौलाना शाहबुद्दीन ने अपना बयान वीडियो के माध्यम से दिया है। अपने बयान की शुरुआत ‘बिस्मिल्लाह-ए-रहमान-ए-रहीम’ से करने के बाद मौलाना ने कहा, “बागेश्वर धाम के संचालक बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने जो तौर-तरीका इख़्तियार किया है, उससे पूरे भारत में नफरत फैल रही है।”

मौलाना ने कहा, “उन्होंने अब तक 328 लोगों का मजहब तब्दील करवाया और वो इस्लाम के खिलाफ नफरत प्रचारित कर रहे हैं। उन्होंने खुद कहा कि हम टोपी वालों को भी सनातनधर्मी बना देंगे। मीडिया चैनलों के सामने इस तरीके की बात कर के प्रसारित करना इस्लाम की तौहीन है। मुसलमानों को इससे सख्त तकलीफ है।”

मौलाना शहाबुद्दीन ने आगे कहा, “मेरी भारत सरकार से गुजारिश है कि वो धर्मान्तरण के खिलाफ क़ानून लाई है तो इस्लाम को बदनाम करने वाले ऐसे बाबाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और इन्हें रोका जाए।”

हिंदू राष्ट्र को लेकर मौलाना ने कहा, “कुछ लोग भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की बात कह रहे हैं। मैं दावे से कहता हूँ कि हिंदुस्तान एक जम्हूरी मुल्क है। यह आईन (कानून) और संविधान से चलता है। यहाँ के रहने वाले संविधान के हिसाब से रहते हैं। इसलिए ये देश कभी भी न तो हिन्दू राष्ट्र बन सकता है और न ही मुस्लिम राष्ट्र। इसलिए जो ऐसा ख्वाब देख रहे वो सपने देखना बंद कर दें।”

CAA विरोध में ऐसे भड़काऊ नारे क्यों लगे?

भारत में कट्टरपंथी जब सब तरफ से घिर जाते हैं, तब इनको संविधान दिखाई देता, वरना भारत गुलाम-ए-मुफ्तफा बनाने में अपना समर्थन देते समय भारतीय संविधान याद नहीं आता। CAA के विरोध में जब हिन्दुत्व को कलंकित किया जा रहा था, तब किसी को संविधान याद नहीं आया। खूब बिरयानी और फलों का नाश्ता दिया जा रहा था। वास्तव अब इन छद्दम संविधान की बात और गंगा-जमुनी तहजीब जैसे भ्रामिक नारों से जनता को मुर्ख बनाया जा रहा था।    

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी आला हजरत बरेली से जुड़े हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अगर कोई मुस्लिम धर्मगुरु धर्मान्तरण करवा रहा होता तो उसे 24 घंटे के अंदर जेल भेज दिया गया होता।

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ताबीज- झाड़-फूंक और चंगाई सभा ठीक तो धीरेंद्र शास्त्री गलत कैसे?

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ताबीज- झाड़-फूंक और चंगाई सभा ठीक तो धीरेंद्र शास्त्री गलत कैसे?

मौलाना शहाबुद्दीन ने यह भी कहा कि अगर छत्तीसगढ़ सरकार धीरेन्द्र शास्त्री पर एक्शन नहीं लेगी तो वो अदालत का रुख करेंगे। मौलाना ने धीरेन्द्र शास्त्री की मंच से कही कई बातों को इस्लाम को कमजोर करने की साजिश करार दिया है।

‘बाप को बाप कहना घातक तो यह रहना चाहिए’: बाबा बागेश्वर ने ‘कट्टरता’ पर लल्लनटॉप की बाँधी ‘ठठरी’

आखिर भारत में ही क्यों हिन्दू धर्म का विरोध किया जाता है? हिन्दू धर्म को अपमानित किया जाता है? जब बेशर्म हिन्दू ही 'हिन्दू आतंकवाद' और 'भगवा आतंकवाद' के नाम से हिन्दू को अपमानित करने वाले हिन्दुओं को किस संतान की श्रेणी में डालेंगे? कोई हिन्दू कुछ बोल देगा, एकदम सारे चील-कौए निकल आते हैं, लेकिन जब दूसरे मजहब के लोग जहरीली बोल निकालते हैं, तब बेशर्मों के मुंह में दही जम जाती है, शर्म करो। असली जहरीले और देश के दुश्मन यही लोग हैं। पहचानो इन मीर ज़ाफरों और जयचन्दों को, और परिवार सहित सामाजिक बहिष्कार होना जरुरी है। जिस हिसाब से हिन्दू जागृति होनी शुरू है, संभव है वह दिन भी दूर नहीं।  

इंडिया टुडे ग्रुप के पोर्टल दी लल्लनटॉप (The Lallantop) ने बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक इंटरव्यू किया है। लल्लनटॉप उन संस्थानों में है जो श्याम मानव के आरोपों के बाद ‘बागेश्वर सरकार’ के मीडिया ट्रायल में आगे था। वैसे श्याम मानव के आरोपों को खारिज करते हुए नागपुर पुलिस पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को क्लीनचिट दे चुकी है।

करीब 44 मिनट के इस इंटरव्यू में लल्लनटॉप के पत्रकारों ने बागेश्वर पीठाधीश्वर को अपनी मंशा के साथ घेरने की पूरी कोशिश की है। लेकिन उन्होंने अपने चिर परिचित मुस्कुराने के अंदाज में इन सवालों की ठठरी बाँधकर लल्लनटॉप पत्रकारों की बोलती बंद कर दी।

कट्टरता फैलाने के आरोपों पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “हम मानते हैं कि पूरी दुनिया में सबसे प्राचीन धर्म सनातन है। इसलिए सब सनातनी हैं। बाकी को हम धर्म नहीं पंथ मानते हैं। हम चादर या फादर के विरोधी नहीं हैं। हम अपने धर्म के कट्टर हैं।” इस पर लल्लनटॉप के पत्रकार ने पूछा यदि आप अपने धर्म के कट्टर हैं तो उनके विरोधी नहीं हुए? इस सवाल के जवाब में धीरेंद्र कृष्ण ने कहा, “यदि वे विरोध मान रहे हैं तो यह उनका दृष्टिकोण है। उनको अपने धर्म का कट्टर होना चाहिए। हम अपने धर्म को मान रहे हैं ये हमारी कट्टरता है। हम किसी के विरोधी नहीं हैं।”

इसके बाद पत्रकार कहता है कि कट्टरता तो घातक हो सकती है। इस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “यदि दावे के साथ बाप को बाप मानना घातक है तो अच्छी बात है।” उन्होंने आगे कहा है, “यदि कट्टरता के साथ बाप को बाप कहना घातक है तो फिर इस दुनिया का प्रत्येक वह व्यक्ति घातक है, जो अपने बाप को बाप कहता है। भगवान राम इस दुनिया के प्रत्येक हिंदू व्यक्ति के पिता हैं, परमपिता हैं, जगदीश्वर हैं, जगन्नाथ हैं तो वो बाप हैं। इसलिए, ललकार कर बाप को बाप कहना यदि लल्लनटॉप की नजर में घातक है तो ये घातकपन रहना चाहिए। ऐसे में तो प्रत्येक व्यक्ति घातक है।” https://www.facebook.com/100088185814024/videos/2737651276366786/

इंटरव्यू के आखिरी हिस्से में जिसे आप 39 मिनट के बाद सुन सकते हैं बागेश्वर धाम में होने वाले सामूहिक विवाह आयोजन और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खुद के विवाह को लेकर भी सवाल किया गया।

जब पत्रकार पूछता है कि आपको विवाह का आदेश मिल गया है तो उसके जवाब में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि वे विवाह करेंगे। गृहस्थ परंपरा में जाएँगे। उन्होंने यह भी कहा कि ईसाई मिशनरी उनको टारगेट करते रहेंगे। वे कुछ भी साजिश कर सकते हैं। वे कहते हैं कि साधु को गिराने के दो तरीके हैं। पैसा और स्त्री। पैसा हम लेते नहीं और गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने उनके दूसरे ट्रिक को भी खत्म कर देंगे।

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‘हिन्दू राष्ट्र बनाने वाले कितने आए और चले गए’: मौलाना तौकीर रज़ा का बागेश्वर धाम पर निशाना

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‘हिन्दू राष्ट्र बनाने वाले कितने आए और चले गए’: मौलाना तौकीर रज़ा का बागेश्वर धाम पर निशाना

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री किसी से नाम नहीं जोड़ने को कहते हैं, बावजूद लल्लनटॉप का पत्रकार जया किशोरी का जिक्र करता है। इसके जवाब में बागेश्वर सरकार ने कहा कि उनकी देखने की दृष्टि बहन की है। साथी ही बताया कि जया किशोरी से उन्होंने आज तक न कभी बात की है। न कभी उनसे मिले हैं।

‘यहाँ भाई-बहन की आपस में शादी नहीं होती’: बागेश्वर धाम के मंच पर सुल्ताना बेगम ने अपनाया हिन्दू धर्म

                                                             फोटो क्रेडिट: बागेश्वर धाम सरकार फेसबुक पेज
बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेन्द्र शास्त्री (Mahant Pandit Dhirendra Shastri) के मँच पर 21 जनवरी 2023 को एक मुस्लिम महिला सुल्ताना बेगम (Sultana Begum) ने सनातन धर्म अपना लिया। धीरेन्द्र शास्त्री ने इनदिनों छत्तीसगढ़ में अपना दरबार लगाया हुआ है। वहीं पर सुल्ताना बेगम ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपना लिया। उल्लेखनीय है कि पंडित धीरेन्द्र शास्त्री पर कुछ लोग अंधविश्वास फैलाने के आरोप लग रहे थे।

इस संबंध में ‘रिपब्लिक टीवी’ ने एक ट्वीट किया है, जिसमे मुस्लिम महिला सनातन धर्म को स्वेच्छा से अपनाती हुई देखी जा सकती है। वीडियो में 26 सेकेंड के बाद पंडित धीरेन्द्र शास्त्री कहते हैं कि आज यह बहन ने अपनी इच्छा से बालेश्वर बालाजी का चमत्कार देखकर और सनातन हिंदू धर्म को सर्वोपरि मानकर हिंदू धर्म में आना चाह रही हैं। इसके बाद मुस्लिम महिला कहती हैं, “मेरा नाम सुल्ताना है। मैं छतीसगढ़ बिलासपुर से हूँ। मेरे पिता का नाम आमिर खान है और माता का नाम सरवरी बेगम है। मैं मूर्ति पूजा करती हूँ, इसलिए मेरे घर वालों ने मुझे त्याग दिया है। मुझे ये लोग कहते हैं कि मैं मुस्लिम के नाम पर कलंक हूँ। मरूँगी तो जहन्नुम जाऊँगी।”

महिला आगे कहती हैं, “मेरा मन बोलता है कि हिन्दू धर्म से अच्छा कोई धर्म हो ही नहीं सकता है। क्योंकि यह धर्म सभ्यता वाला धर्म है, संस्कारों वाला धर्म है। इसमें भाई-बहन में शादियाँ नहीं होती। इसमें औरतों की जिंदगी बर्बाद नहीं होती। इसमें तीन तलाक नहीं होता। इसमें एक बार शादी होती है सात फेरों की, जिसमें सिंदूर का महत्व होता है, मंगलसूत्र का महत्व होता है। पूरे सोलह श्रृंगार का महत्व होता है। मैं लड्डू गोपाल की भी पूजा करती हूँ।”

इस संबंध में बागेश्वर धाम सरकार के फेसबुक पेज से भी पोस्ट किया गया है। पोस्ट के कैप्शन में लिख है, “आज (21 जनवरी, 2023) दिव्य दरबार में बागेश्वर धाम सरकार के मंच पर मुस्लिम महिला ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया।”    

कुछ दिन पहले जब महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराष्ट्र गए थे तो वहाँ कथा के समापन के बाद ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के राष्ट्रीय संयोजक श्याम मानव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। साथ ही, उन्होंने कहा था कि उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चुनौती थी। इसलिए वे दो दिन पहले ही नागपुर से भाग गए। वहीं पूरे विवाद पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि उनकी प्रेरणा से लोग सनातन धर्म में वापसी कर रहे हैं।

इसलिए, मिशनरी के लोग करोड़ों खर्च कर उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। वहीं अब धीरे-धीरे महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को मिल रहा समर्थन बढ़ता जा रहा है। बाबा रामदेव भी अब उनके समर्थन में आगे आ गए हैं।