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केजरीवाल के मंत्री इमरान हुसैन पर ऑक्सीजन कालाबाज़ारी करने पर टॉप ट्रेंड कर रहा है #OxygenChorAAP

दिल्ली में कोरोना बेकाबू है। लोग ऑक्सीजन की कमी से परेशान हैं। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को दिल्ली हाईकोर्ट फटकार भी लगा चुकी है। ऑक्सीजन की कमी से जहां कोरोना मरीज मर रहे हैं, श्मशान और कब्रिस्तानों में लाशों की लाइन लग रही है, वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी नवनीत कालरा और मंत्री इमरान हुसैन पर ऑक्सीजन कालाबाज़ारी करने का आरोप लगा है। अब जिस तरह केजरीवाल के करीबी ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी में सामने आने से लगता है, कि मोदी सरकार को बदनाम कर लाशों पर राजनीति की जा रही है। फिर जब ऑक्सीजन ऑडिट करने का केजरीवाल सरकार द्वारा विरोध करना ही केजरीवाल की घिनौनी सियासत को प्रमाणित कर दिया है। जब पुणे में ऑडिट होते ही रोज की 30 टन ऑक्सीजन की बचत हो रही है। 
दिल्ली पुलिस ने खान मार्केट के जिस खान चाचा रेस्टोरेंट में छापेमारी करके सैकड़ों ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बरामद किए हैं, उसका मालिक नवनीत कालरा केजरीवाल का करीबी बताया जा रहा है। इसी कालरा को केजरीवाल ने दिल्ली निर्माता बताया था। स्पष्ट है, जिस धूर्त को केजरीवाल निर्माता बताए और उसके मंत्री कभी राशन कार्ड तो कभी ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी में शामिल हों, उस स्थिति में यह भी स्पष्ट हो रहा है कि केजरीवाल कैसी मानसिकता से हैं, किसी को अब बताने की जरुरत नहीं। जो मुख्यमंत्री केजरीवाल पंजाब और उत्तर प्रदेश चुनाव दिमाग में रख काम कर रहा हो, उस केजरीवाल से पंजाब और उत्तर प्रदेश की जनता को पूछना चाहिए कि "जब दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी थी, तब क्या पंजाब के लिए दिल्ली वालों की ज़िंदगियों से खिलवाड़ किया जा रहा था?" क्यों?" सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो:  

अभी तक फ्री का माल खाने वाले जिस अरविन्द केजरीवाल को क्रांतिकारी मुख्यमंत्री बताते थे, उन्हें भी अब ज्ञात इस क्रांतिकारी मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की मानसिकता और मिठ्ठा बनकर लूट-खसोट करने की आदत भी मालूम हो गयी होगी। कल तक जिसे आरोप बताया जाता था, उन्हें केजरीवाल देखिए स्वयं सिद्ध कर रहे हैं। अगर केजरीवाल वास्तव में क्रांतिकारी हैं, 'क्या कभी केजरीवाल ने निगम पार्षद से लेकर सांसद तक को हर महीने मिलने वाली करोड़ों की सुख-सुविधाओं और पेंशन बंद करने के लिए भूख हड़ताल की?'  

इतना ही नहीं केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के विधायक इमरान हुसैन पर भी ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने का आरोप लगा है। केजरीवाल सरकार में मंत्री इमरान हुसैन दिल्ली दंगे के आरोपी ताहिर हुसैन का भाई है। कालाबाजारी में आप के करीबी नवनीत कालरा और विधायक इमरान हुसैन का नाम आने के बाद सोशल मीडिया पर #OxygenChorAAP टॉप ट्रेंड कर रहा है…

केजरीवाल को बसपा प्रमुख मायावती की भी फटकार 

देश में कोरोना महामारी की हालत सबसे ज्यादा दिल्ली में खराब है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोरोना से पैदा स्थिति पर काबू पाने में विफल रहे हैं। केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर सिर्फ मोहल्ला क्लिनिक बना कर दुनिया भर में वाहवाही लूटने की कोशिश की लेकिन कोरोना संकट काल में यह वैक्सीन लगाने के भी काम नहीं आ रहा है। पिछली बार की तरह इस कार्यकाल में भी बेड और ऑक्सीजव प्लांट लगाने की दिशा में भी केजरीवाल सरकार ने कोई काम नहीं किया। ऐसे में केजरीवाल के हाथ जोड़ते ही पहले की तरह इस बार भी दिल्ली से लोगों का पलायन शुरू होने पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने आप प्रमुख को तगड़ी फटकार लगाई।

केजरीवाल की क्लास लेते हुए मायावती ने कहा कि आपके हाथ जोड़ते ही लोग दिल्ली से पलायन करने लगे। इस तरह का नाटक आपने पहले भी किया था। मायावती ने ट्वीट किया, ‘केवल हाथ जोड़कर दिल्ली के सीएम का यह कहना कि दिल्ली से लोग पलायन न करें, यही नाटक कोरोना के दौरान् पहले भी किया गया था। यह सब अब महाराष्ट्र, हरियाणा व पंजाब आदि राज्यों में भी देखने के लिए मिल रहा है। अब पंजाब में लुधियाना से भी लोग काफी पलायन कर रहे हैं, यह अति-दुःखद।’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा,’यदि यहाँ कि राज्य सरकारें इनमें विश्वास पैदा करके इनकी जरूरतों को समय से पूरा कर देतीं तो फिर ये लोग पलायन नहीं करते और अब यहाँ कि राज्य सरकारें इस मामले में अपनी कमियों को छिपाने हेतु किस्म-किस्म की नाटकबाजी कर रही हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। ‘

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ऑक्सीजन पर केजरीवाल सरकार से सवाल पूछने पर 7 पत्रकारों को AAP ने वॉट्सऐप ग्रुप से बाहर निकाला

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ऑक्सीजन पर केजरीवाल सरकार से सवाल पूछने पर 7 पत्रकारों को AAP ने वॉट्सऐप ग्रुप से बाहर निकाला

बीएसपी सुप्रीमो ने अगले ट्वीट में कहा, ‘साथ ही, पूरे देश में सर्वसमाज में से खासकर गरीबों, दलितों व आदिवासी समाज के लोगों को ‘‘फ्री‘‘ में वैक्सीन दी जानी चाहिये। इसके साथ-साथ, ऐसे समय में इनकी आर्थिक मदद भी जरूर की जानी चाहिये। बी.एस.पी. की केन्द्र व सभी राज्य सरकारों से भी पुनः यह माँग।’


ऑक्सीजन पर केजरीवाल सरकार से सवाल पूछने पर 7 पत्रकारों को AAP ने वॉट्सऐप ग्रुप से बाहर निकाला

जब से मीडिया को विज्ञापनों से खरीदने की बात उजागर होने पर अरविन्द केजरीवाल की तरह यू-टर्न लेने पर अब अपने चहिते पत्रकारों से नाराज होने लगे हैं। ऑक्सीजन मुद्दे पर केजरीवाल के करीबी नवनीत कालरा और मंत्री इमरान हुसैन के फार्म हाउस से जब्त ऑक्सीजन पर प्रश्न पूछे जाने से इतने नाराज हो गए हैं कि AAP के व्हाट्सअप ग्रुप से निकालना शुरू कर दिया है। दूसरे सोशल मीडिया पर इमरान द्वारा अपने फार्म हाउस में ऑक्सीजन रखने का जो साम्प्रदायिकता से भरा बयान वायरल हो रहा है, जिसकी पुष्टि नहीं हो पायी है, यदि इसी तरह हिन्दू-मुस्लिम का किसी भाजपा नेता ने दे दिया होता, निश्चित रूप से भारत में एक नया बबाल खड़ा हो गया होता। हाँ, अगर इमरान का वायरल हुआ बयान सच है, तो हिन्दुओं को इमरान ही नहीं, आम आदमी पार्टी से भी दूरी बना लेनी चाहिए। फिर चाहे केजरीवाल सड़क पर बैठ हनुमान चालीसा पढ़े, राहुल गाँधी की तरह एक मंदिर से दूसरे मंदिर जाकर माथा टेके। 
लंबे समय तक मीडिया के चहेते रहे अरविंद केजरीवाल इन दिनों पत्रकारों से नाराज हैं। न्यूजलॉन्ड्री की एक रिपोर्ट बताती है कि उन्होंने अपने ऑफिशियल वॉट्सएप ग्रुप से हिंदुस्तान टाइम्स के 7 पत्रकारों को बाहर का रास्ता सिर्फ इसलिए दिखा दिया क्योंकि उनके पेपर में AAP की आलोचना करने वाला एक लेख प्रकाशित हुआ था। क्या केजरीवाल अपने झूठ के पुरंदों से जनता को भ्रमित करने वाली खबरे एवं लेख प्रकाशित करवाना चाहते हैं? कभी नागरिकता संशोधक कानून विरोध में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और रोहिंग्यों को बचाने शाहीन बाग बनवाना, और कृषि कानून दिल्ली में लागू करने के बावजूद यू-टर्न लेकर वापस लेकर किसान आंदोलन के समर्थन में कूद कर जनता को गुमराह करने का ही काम करते रहे हैं। बस चुनावों में जनता को ये फ्री तो कभी वो फ्री का लालच देकर सत्ता हथियाते रहो। 

ये लेख 6 मई को अखबार में छपा। इसकी हेडलाइन Anatomy of Capital oxygen crisis: 5 things Delhi govt didn’t get right है। इसमें मुख्यत: बताया गया कि कैसे AAP सरकार ऑक्सीजन सप्लाई करने में विफल हुई, कैसे वह दिल्ली में ऑक्सीजन का वितरण नहीं कर पाई, कैसे उन्होंने ऑक्सीजन रिफिलिंग सिलेंडर के बारे में जागरूकता नहीं फैलाई, कैसे मरीजों की मदद के लिए कोई सेंट्रालाइज्ड नंबर नहीं तैयार किया, कैसे दिल्ली में पीएसए प्लांट लगाने को मना किए गए और कैसे दूसरी लहर में सरकार ने रिस्पॉन्स किया।

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित इस रिपोर्ट को स्वेता गोस्वामी ने लिखा था। इसे पढ़ने के बाद अरविंद केजरीवाल के मीडिया कॉर्डिनेटर विकास योगी ने 7 रिपोर्टरों को ग्रुप से बाहर का रास्ता दिखा दिया। IANS पत्रकार नवनीत मिश्रा ने AAP की इस हरकत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया।

नवनीत ने लिखा, “जिस रिपोर्टर ने कोरोना प्रबंधन में दिल्ली सरकार की 5 बड़ी लापरवाही उजागर की,उसे प्रवक्ता ने आधिकारिक मीडिया वॉट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया। क्या दिल्ली सरकार की यही है अभिव्यक्ति की आजादी? कुछ साल पहले 1 टीवी पत्रकार को भी ऐसे बाहर किया गया था। दिल्ली सरकार को सच्चाई बतानी चाहिए।”

स्क्रीनशॉट में नजर आने वाला ग्रुप AAP का ऑफिशियल मीडिया ग्रुप है, जिसमें 150 से ज्यादा पत्रकार जुड़े हुए हैं। सरकार इस पर प्रेस रिलीज और हेल्थ बुलेटिन आदि भेजती है। लेकिन ध्यान देने वाली बात है कि AAP की इस बचकाना हरकत पर केवल कुछ लोगों ने आवाज उठाई। बाकी सबने इस पर चुप्पी साधी हुई है।

न्यूजलॉन्ड्री से बातचीत में पत्रकारों ने दिल्ली सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये को उजागर किया और बताया कि कैसे पत्रकारों को इस तरह ग्रुप से निकालने संबंधी सवाल करने पर वह उन मीडियाकर्मियों को भी जवाब नहीं दे रहे, जिन्हें वो पर्सनली जानते हैं। पत्रकारों ने यह भी बताया कि भले ही केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस रोज करते हों, लेकिन किसी पत्रकार को कॉन्फ्रेंस में उनसे सवाल पूछने की आजादी नहीं है।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जहाँ चुनिंदा लोगों ने पत्रकारों को बाहर करने पर अपनी आवाज उठाई, वहीं कई वरिष्ठ पत्रकार ग्रुप में ऐसे भी रहे, जिन्होंने केजरीवाल सरकार की नजरों में उतरने से बचने के लिए मौन धारण किए रखा।

न्यूजलॉन्ड्री की रिपोर्ट में पत्रकार का हवाला देते हुए लिखा गया, “ग्रुप में 150 से अधिक पत्रकार हैं और उनमें से बहुत वरिष्ठ संवाददाता हैं। लेकिन कुल 6 लोगों ने निष्कासन पर सवाल उठाया, बाकी सभी चुप रहे।” आगे पत्रकार के हवाले से कहा गया, “यह बहुत स्पष्ट है कि कोई भी सरकार को दुखी नहीं करना चाहता है। शायद वे डरते हैं कि उन्हें जानकारी नहीं मिलेगी या फिर उनका संगठन उनके बोलने पर उनका समर्थन नहीं करेगा।”

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‘केजरीवाल सहित AAP के सभी मंत्रियों के घरों की तलाशी हो, मिल सकते हैं कई ऑक्सीजन सिलिंडर’

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‘केजरीवाल सहित AAP के सभी मंत्रियों के घरों की तलाशी हो, मिल सकते हैं कई ऑक्सीजन सिलिंडर’

कोरोना संकट के बीच दिल्ली ऑक्सीजन की कमी के कारण बेहाल है। लेकिन AAP पार्टी इस समय भी उन मीडियाकर्मियों पर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं जिन्होंने इन हालातों के लिए उन्हें जिम्मेदार कहा। अभी कुछ समय पहले ही एक आरटीआई में खुलासा हुआ था कि अरविंद केजरीवाल ने साल 2021 के शुरुआती तीन महीनों में कैसे 150 करोड़ रुपए आरटीआई में उड़ा दिए। वहीं 2 साल में एड पर 800 करोड़ का खर्च किया गया।

दिल्ली: खान चाचा रेस्टोरेंट से जब्त हुए 96 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर; फरार मालिक नवनीत कालरा था केजरीवाल का खास मेहमान

                                       दिल्ली के 'खान चाचा रेस्टोटेन्ट' से मिले 96 ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर
कोरोना और ऑक्सीजन की कमी से बेहाल दिल्ली में ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स की बड़ी कालाबाजारी सामने आई है। दिल्ली के सबसे पॉश इलाकों में से एक खान मार्केट में पुलिस ने कई बड़े रेस्टॉरेंट्स में छापेमारी की। इस छापेमारी में बड़ी संख्या में ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर जब्त हुए। यहाँ स्थित ‘खान चाचा रेस्टॉरेंट’ से 96 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर बरामद किए गए। बड़ी संख्या में मेडिकल उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

साउथ दिल्ली पुलिस की छापेमारी में टाउन हॉल रेस्टॉरेंट से भी 9 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर जब्त किए गए। पुलिस ने ‘खान चाचा रेस्टोरेंट’ को सील कर दिया है। रेस्टोरेंट के मालिक नवनीत कालरा की पुलिस को तलाश है। ‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 3 नामी-गिरामी रेस्टोरेंट पर छापेमारी कर के 524 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स जब्त किए हैं। इतनी बड़ी संख्या में ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स मिलने से हड़कंप मच गया है।

केंद्र दे रहा 700 mt फिर कमी क्यों?

दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी और इससे जुड़े मामले पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ दिल्ली के लोग ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स की तलाश में इधर-उधर धक्के खा रहे हैं, अकेले खान मार्केट से 400 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स को ब्लैक में तीन से चार गुना अधिक दाम पर बेचा जा रहा है।

तजिंदर बग्गा ने कहा कि आज के समय में ऐसा अपराध करना ‘जघन्य’ की श्रेणी में आता है और इसके लिए फाँसी की सजा भी कम है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार दिल्ली में 700 MT ऑक्सीजन अलॉट कर रही है, लेकिन कई अस्पतालों में फिर भी ऑक्सीजन की कमी के कारण मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि जब मुंबई में 200 MT ऑक्सीजन ही दिया जा रहा है, फिर भी वहाँ कोई कमी नहीं है पर दिल्ली में अधिक मिलने पर भी स्थिति ठीक नहीं है।

तजिंदर बग्गा ने पूछा कि केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली को दी जा रही ऑक्सीजन कहाँ भेजा जा रही है? उन्होंने सवाल दागा कि कहीं इस ऑक्सीजन को जानबूझ के तो ब्लैक मार्केट में नहीं भेजा जा रहा? नवनीत कालरा के बारे में उन्होंने कहा कि 2020 में जब AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में तीसरी बार शपथ ली थी, तब ‘खास मेहमानों’ की सूची में नवनीत कालरा का नाम भी था।

केजरीवाल के खास मेहमानों में शामिल था नवनीत कालरा 

उन्होंने उस समय के एक अखबार की कटिंग भी दिखाई। तजिंदर बग्गा ने कहा कि केजरीवाल ने तब दिल्ली के 50 लोगों को शपथग्रहण समारोह में बुलाने की बात कही थी और उन सबको ‘दिल्ली का निर्माता’ बताया था। बग्गा ने कहा कि शपथग्रहण समारोह में जिन्हें कभी बुलाया गया था, वो आज ऑक्सीजन की कालाबाजारी में लगे हैं। उन्होंने ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स के बरामद होने पर सीएम केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ऑक्सीजन जा कहाँ रहे हैं, उसका वो जवाब दें।

1 दिन पहले ही लोधी कॉलोनी के एक रेस्टोरेंट व बार से 419 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स जब्त किए गए थे। इन्हें 70,000 रुपए प्रति ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर के दाम पर बेचा जा रहा था। उस मामले में हितेश, गौरव, सतीश और विक्रांत नामक व्यक्तियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। SG तुषार मेहता कोर्ट में बता चुके हैं कि दिल्ली सरकार द्वारा माँगे गए 700 MT ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर से 30 MT ज्यादा ही बुधवार को केंद्र ने दिए हैं।

एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें लोगों को खान चाचा रेस्टोरेंट के बाहर ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर के लिए खड़े देखा जा सकता है। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल और वॉट्ऐसप ग्रुप से ऑर्डर किए गए थे। एक चैट का स्क्रीनशॉट भी सामने आया था, जिसमें नवनीत कालरा ऑक्सीजन की सप्लाई और डिमांड को लेकर बात कर रहा होता है। ‘Nege & Ju’ से ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स की बरमदगी शुरू हुई थी।

इसका मालिक बी नवनीत कालरा ही है। जाना-माना कारोबारी कालरा दयाल ऑप्टिकल्स और ‘Mr Chow’ जैसे प्रतिष्ठानों का मालिक भी है। अपने फेसबुक हैंडल पर वो सेलेब्रिटीज और क्रिकेटरों के साथ तस्वीरें डालता रहता है। दिल्ली पुलिस को पेट्रोलिंग के दौरान रेस्टॉरेंट खुला नजर आया और अंदर संदिग्ध गतिविधियों का शक हुआ, जिसके बाद तलाशी ली गई। अंदर जाने पर एक व्यक्ति लैपटॉप से ऑर्डर लेता हुआ मिला।

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कौन झूठ बोल रहा है -मुख्यमंत्री केजरीवाल या उनका वकील?

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कौन झूठ बोल रहा है -मुख्यमंत्री केजरीवाल या उनका वकील?
ऑक्सीजन संकट पर दिल्ली सरकार की दो तरह की बात! दिल्ली में ऑक्सीजन संक

लोधी कॉलोनी मामले में हुई जाँच के बाद पता चला कि ये लोग चीन से ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर व अन्य मेडिकल उपकरण मँगा रहे थे। इन्हें 20-25 हजार रुपए में खरीदते थे और उसे 70-75 हजार रुपए में बेचते थे। दिल्ली पुलिस कस्टम से संपर्क कर के ये जाँच करने में जुटी है कि ये कहीं व्यक्तिगत उपयोग के लिए खरीद कर (जैसा कि सरकार ने अनुमति दी है) कमर्शियल रूप से तो नहीं बेचे जाते थे। मंडी के कुल्लर फार्म के एक वेयरहाउस का भी पता चला, जहाँ ये ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स स्टोर कर के रखे गए थे।