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राजस्थान : गैंगरेप के बाद ज़िंदा बच्ची को भट्ठी में डाल कर जलाया… 400 पन्नों की चार्जशीट से खुलासा

                             जिन्दा जला दी गई थी नाबालिग गैंगरेप पीड़िता: राजस्थान पुलिस (साभार-TOI)
राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित नरसिंगपुर में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार (2 सितंबर, 2023) को चार्जशीट दायर किया जिसमें पता चला कि 14 वर्षीय लड़की को जब कोयले की भट्टी में जलाया गया था तब वह जीवित थी। चार्जशीट के अनुसार, लगभग एक महीने के बाद उसके अवशेष राजस्थान के भीलवाड़ा में एक कोयला भट्ठी के अंदर पाए गए थे। नाबालिग के साथ गैंगरेप के बाद जिन्दा जला दिया गया था। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 400 पृष्ठों से अधिक लम्बी चार्जशीट में 11 अपराधियों में से 9 के नाम शामिल हैं। जिसे जाँच अधिकारी (आईओ) और कोटारी डिप्टी पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर बिश्नोई द्वारा शाहपुरा जिले में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अदालत में प्रस्तुत किया गया था। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि अपराध में शामिल दो किशोरों के खिलाफ अलग से आरोप पत्र दायर किया जाएगा।

14 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप के बाद न सिर्फ उसकी हत्या कर दी गई, बल्कि शव को कोयले की भट्ठी में डाल कर जला दिया गया था। घटना 2 अगस्त को भीलवाड़ा के कोटारी की है, जो अब शाहपुरा जिले का हिस्सा है जबकि इसके बारें में पता 3 अगस्त को लगा था। वहीं इस मामले में राजस्थान के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि इस भयानक घटना ने जाँच अधिकारी को बहुत मुश्किल में डाल दिया था। यह अपनी तरह का एक कठिन मामला है। 

क्योंकि, नाबालिग किशोरी के कुछ जले हुए शरीर के हिस्सों को भट्टी से निकाला गया था, जबकि अन्य को इधर-उधर ले जाकर फेंक दिया गया था, जिन्हें खोजने और सावधानीपूर्वक एकत्र करने और गहन फोरेंसिक जाँच में पुलिस को बहुत ही कठनाई का सामना करना पड़ा। 

इस मामले में दूसरी बड़ी कठिनाई वैजाइनल स्वाब सैंपल के अभाव में सामूहिक बलात्कार को साबित करना था। पुलिस टीम ने अपराध को साबित करने के लिए फोरेंसिक पेशेवरों से आरोपितों के नमूने इकट्ठा करने में सहायता माँगी। सभी साक्ष्यों के आलोक में यह साबित किया गया कि पीड़िता को आग में जलाने से पहले पेट्रोलियम आदि ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग किया गया था।

पूरा मामला 

राजस्थान के भीलवाड़ा में बुधवार (2 अगस्त, 2023) को 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप कर कोयला भट्टी में जलाने का मामला सामने आया था। मृतक लड़की अपनी माँ के साथ बकरियाँ चराने गई थी। दोपहर में माँ बकरी लेकर घर वापस आ गई। लेकिन लड़की घर नहीं पहुँची थी। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी जब लड़की घर नहीं पहुँची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गाँव के खेतों से लेकर आसपास के रिश्तेदारों तक के घर तलाश के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा था।
लगातार जारी तलाश के बीच रात करीब 10 बजे गाँव के बाहर कालबेलियों के डेरे के पास कोयला बनाने वाली एक भट्टी जलती दिखाई दी। चूँकि बारिश के दिनों में भट्टी नहीं जलाई जाती है। ऐसे में लोगों को शक हुआ। इस पर भट्टी के पास जाकर देखने पर वहाँ लड़की के जूते पड़े दिखाई दिए। साथ ही भट्टी में लड़की के हाथ में पहना हुआ चाँदी का कड़ा और हड्डी के टुकड़े मिले। इसके बाद ग्रामीणों कालबेलियों को पकड़कर उनसे पूछताछ की। इस पर तीन लोगों ने गैंगरेप कर भट्टी में जलाने की बात कही।
पुलिस की जाँच में यह सामने आया है कि आरोपित नाबालिग लड़की को पकड़कर दोपहर करीब 2 बजे तक उसके साथ गैंगरेप करते रहे। इसके बाद जब उसके लापता होने की सूचना फैली तो आरोपितों ने लड़की को मारने का प्लान बनाया। इसके लिए सबसे पहले उन लोगों ने अपनी पत्नियों को इसकी सूचना दी। फिर पत्नियों की सहायता से लड़की को भट्टी में डालकर जला दिया। बाद में अधजला सिर और छाती का हिस्सा भट्टी से निकाल कर तालाब में फेंक दिया। आरोपितों ने 4 महीने पहले मृतक लड़की के पिता से खेत किराए पर लिया था। इसके बाद वे वहीं झोपड़ी बनाकर रह रहे थे।

केरल : नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में 74 वर्षीय पादरी गिरफ्तार

                        यौन उत्पीड़न के आरोप में 74 वर्षीय पादरी गिरफ्तार (साभार: TNM)
केरल के एर्नाकुलम जिले की कुन्नाथुनाडु पुलिस ने फरवरी 20, 2021 को 74 वर्षीय ईसाई पादरी मैथ्यू को एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में 
गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपित को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस ने कहा कि मैथ्यू पर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के कई प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। कुन्नाथुनाडु पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, “ये अपराध कहाँ पर हुआ या फिर इससे संबंधित अन्य जानकारी का हम खुलासा नहीं कर सकते हैं क्योंकि इससे बच्ची की पहचान उजागर हो जाएगी।”

आरोपित मैथ्यू इडुक्की जिले के कोन्नथडी के पास मुक्कदम का निवासी है। पुलिस के अनुसार, अपराध जनवरी माह में हुआ था और लड़की की माँ ने घटना के बारे में कुन्नाथुनाडु पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने बताया कि आरोपित धार्मिक मामलों का प्रचार करने के लिए घर-घर में जाता था।

हिन्दुओं के देवी देवताओं को लात मारकर साधारण ग्रामों को ‘Christ Villages’ (क्राइस्ट विलेज) बनाने वाले ईसाई पादरी प्रवीण चक्रवर्ती को आँध्र प्रदेश की CID टीम ने 13 जनवरी 2021 को गिरफ्तार किया था। उसके व उसके संगठन साइलम ब्लाइंड सेंटर (Sylom Blind Centre’) के खिलाफ LRPF (Legal Rights Protection Forum) ने साल 2019 में गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज करवाई थी।

पादरी के ख़िलाफ़ विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और पूजा स्थल में अपराध करने के लिए आईपीसी की विभिन्न धाराओं- 153 ए, 153 बी (1) (सी), 505 (2), 295 ए, 124 ए और 115 के तहत आरोप लगाए गए। उसके ऊपर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 f के तहत भी मामला दर्ज हुआ।

वहीं केरल के कोट्टयम के सेंट पायस कॉन्वेंट में रहने वालीं सिस्टर अभया की सदिंग्ध परिस्थितियों में मौत के 28 साल बाद तिरुवनंतपुरम की सीबीआई अदालत ने बुधवार (दिसंबर 23, 2020) को एक पादरी फादर थॉमस और नन सिस्टर सेफी को उनकी हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। 

सीबीआई अदालत ने प्रत्येक पर पाँच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कैथोलिक चर्च के फादर थॉमस कोट्टूर और सिस्टर सेफी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) एवं 201 (सबूतों के साथ छेड़छाड़ करना) के तहत दिसंबर 22, 2020 को दोषी पाया था। अदालत ने फादर कोट्टूर को भारतीय दंड संहिता की धारा 449 (अनधिकार प्रवेश) का दोषी भी पाया। फादर कोट्टूर को पूजापुरा की केंद्रीय जेल भेजा गया, जबकि सिस्टर सेफी को यहाँ अत्ताकुलनगारा महिला जेल भेजा गया