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‘अकेले में लगाता था जबरन गले, गंदे ढंग से छूता था’: 22 साल की महिला ने पादरी बजिंदर पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

                                            पादरी बजिंदर सिंह (साभार: X/AskAnshul)
पंजाब के कपूरथला में 22 साल की एक महिला ने पादरी बजिंदर सिंह पर उसकी किशोरावस्था में यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पंजाब पुलिस ने शुक्रवार (28 फरवरी) को ईसाई प्रचारक बजिंदर के खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी देने और पीछा करने का मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता दिसंबर 2017 से पादरी बजिंदर सिंह की मंडली में शामिल हो रही थी।

पीड़िता 2020 तक पादरी की ‘वर्शिप टीम’ का हिस्सा गई। बकौल पीड़िता, उसका फ़ोन नंबर लेकर पीड़िता उसे अश्लील मैसेज भेजना शुरू कर दिया। उस समय वह 17 की साल थी। FIR में लिखा है, “मैं उससे डरने लगी, लेकिन माता-पिता से बताने में कतराती थी। 2022 में उसने मुझे रविवार को अपने केबिन में बैठाने लगा। जब मैं अकेली होती तो वह मुझे जबरन गले लगाता और गंदे तरीके से छूता था।”

पीड़ित महिला ने बताया, “जब मैं कॉलेज जाती थी तो वह अपनी कार से मेरा पीछा करने लगा। वह मुझे धमकी देता था कि अगर मैंने उससे शादी नहीं की या इस बारे में अपने माता-पिता को बताया तो वह मेरे माता-पिता और भाई को मरवा देगा। इसके बाद मुझे घबराहट के दौरे पड़ने लगे।” पीड़िता ने बताया कि पादरी बजिंदर सिंह ने उससे शादी करना चाहता था, जबकि वह पहले से ही शादीशुदा था।

पीड़िता का कहना है कि पादरी की धमकियों और उत्पीड़न से उसे पैनिक अटैक आने लगे। इसके कारण उसे 3 अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ा। पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि मार्च 2023 में एक अन्य ईसाई प्रचारक राजा सिंह से शादी से पहले पादरी बजिंदर ने उसे धमकाया था। उसने अपने चर्च के अध्यक्ष से उसकी माँ से बात करवाकर चुप रहने के लिए धमकाया था।

पादरी बजिंदर सिंह ‘चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ चलाता है। इस पादरी को लोग ‘चमत्कारी उपचार’ के लिए भी जानते हैं, जो लोगों को ईसाई धर्म में लुभाने के लिए यह पादरी आजमाता है। पादरी बजिंदर को इससे पहले जुलाई 2018 में पंजाब के जीरकपुर में एक महिला से बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उससे भी पहले वह हत्या के एक मामले में जेल में बंद था।

केरल : केक खिलाया, पोर्न दिखाया…फिर किया 13 साल के नाबालिग का यौन उत्पीड़न

प्रतीकात्मक तस्वीर
केरल के तिरुवनंतपुरम में एक पादरी ने नाबालिग बच्चे का यौन शोषण कर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। केरल पुलिस ने शुक्रवार (19 जनवरी,2024) को कट्टक्कडा के पेंटेकोस्टल चर्च के इस पादरी को कोर्ट में पेश किया। यहाँ से आरोपित को न्यायायिक हिरासत में भेज दिया।

इस पादरी के खिलाफ POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 59 साल के इस पादरी की पहचान रविन्द्रनाथ के तौर पर की गई। रविन्द्रनाथ ने 13 साल के बच्चे को पहले अपनी बातों से फुसलाया। इसके बाद उसका यौन शोषण किया।

ये घटना आरोपित को हिरासत में लेने से दो दिन पहले 17 जनवरी 2024 की है। बताते चलें कि इस लड़के को इसकी माँ छोड़ कर चली गई है। वो अपनी अपनी दादी के साथ रहता है।

घटना के दिन बच्चे की दादी अस्पताल गई थीं। इसी का फायदा उठाकर पादरी ने बच्चे को बहकाया- फुसलाया और अपने घर ले गया। घर ले जाकर पादरी ने उसे केक खिलाया। उसने कथित तौर पर उसे टैबलेट पर अश्लील फोटो दिखाईं और फिर उसका यौन उत्पीड़न किया।

दक्षिण भारत में पादरियों के बच्चों और औरतों के यौन शोषण करने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले बीते साल तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में एक महिला ने नींद की 40 गोलियाँ निगल आत्महत्या की कोशिश की थी। महिला ने पादरी के यौन शोषण से तंग थी।

आरोपित पादरी 39 साल जगन था। उसका महिला से पहचाना चर्च में प्रार्थना के लिए आने-जाने के दौरान हुआ था। इससे पहले मार्च 2023 में तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक पादरी नर्सिंग छात्रा के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

आंध्र प्रदेश : ‘भारत के दो हिस्से करो, एक हिस्सा ईसाइयों को दो… इसके बाद हम आपको परेशानी नहीं देंगे’: पादरी उपेंद्र राव


बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल के उप निदेशक पादरी उपेंद्र राव की एक वीडियो वायरल हुई है। इस वीडियो में उन्हें भारत को दो हिस्सों में विभाजित करने की माँग करते हुए सुना जा सकता है।

वीडियो में वह कहते हैं, “हम प्रिय नेता पीडी सुंदर राव के नेतृत्व में ऑल इंडिया ट्रू क्रिश्चियन काउंसिल की ओर से माँग करते हैं कि भारत को दो हिस्सों में विभाजित किया जाना चाहिए और ईसाइयों को एक अलग देश के तौर पर एक आधा हिस्सा दिया जाना चाहिए।”

हैरान करने वाली इस वीडियो को एससी/एसटी राइट्स फोरम ने अपने ट्विटर पर साझा किया है। इसमें पादरी आगे कहता है, “इसके बाद (विभाजन के बाद) हम आपको परेशानी नहीं देंगे।” ये वीडियो 24 अगस्त को शेयर की गई थी।

पादरी के उपेंद्र राव कथित तौर पर तेलंगाना और महाराष्ट्र के लिए अखिल भारतीय सच्चे ईसाई परिषद के राज्य अध्यक्ष भी हैं। उनकी वीडियो वायरल होने के बाद जब AITCC का फेसबुक खंगाला गया तो मालूम हुआ कि पेज 2019 से लगभग बंद पड़ा हुआ है, मगर, उससे पहले के पोस्ट देखें तो पता चलता है कि संगठन ने कुछ कार्यक्रमों की तस्वीर साझा की हुई हैं। इसमें एक में दिखाया है कि कैसे AITCC ने “GOD’s servant” को बाइक स्पॉन्सर की।

धर्मांतरण और ईसाईकरण का कारोबार भारत के कई हिस्सों में फैला हुआ है। आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, तेलंगाना इसके उदाहरण हैं। कई मिशनरी तमाम तरह के हथकंडे अपना कर गरीबों को इसका शिकार बना रहे हैं। हमने पहले की रिपोर्टस में बताया भी था कि पुलिस ने ऐसे ही मामले में तीन पादरियों पर मुकदमा दर्ज किया था। ये पादरी सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीर पोस्ट करके उन्हें अनाथ बताकर धन इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे थे। रैकेट का खुलासा पिछले माह कृष्ण जिले के थुक्कुलुर के ग्रामीणों ने किया था। कार्रवाई में एक पादरी को हिरासत में लिया गया था जबकि बाकी दो फरार होने में सफल हो गए थे।

केरल : नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में 74 वर्षीय पादरी गिरफ्तार

                        यौन उत्पीड़न के आरोप में 74 वर्षीय पादरी गिरफ्तार (साभार: TNM)
केरल के एर्नाकुलम जिले की कुन्नाथुनाडु पुलिस ने फरवरी 20, 2021 को 74 वर्षीय ईसाई पादरी मैथ्यू को एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में 
गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपित को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस ने कहा कि मैथ्यू पर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के कई प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। कुन्नाथुनाडु पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, “ये अपराध कहाँ पर हुआ या फिर इससे संबंधित अन्य जानकारी का हम खुलासा नहीं कर सकते हैं क्योंकि इससे बच्ची की पहचान उजागर हो जाएगी।”

आरोपित मैथ्यू इडुक्की जिले के कोन्नथडी के पास मुक्कदम का निवासी है। पुलिस के अनुसार, अपराध जनवरी माह में हुआ था और लड़की की माँ ने घटना के बारे में कुन्नाथुनाडु पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने बताया कि आरोपित धार्मिक मामलों का प्रचार करने के लिए घर-घर में जाता था।

हिन्दुओं के देवी देवताओं को लात मारकर साधारण ग्रामों को ‘Christ Villages’ (क्राइस्ट विलेज) बनाने वाले ईसाई पादरी प्रवीण चक्रवर्ती को आँध्र प्रदेश की CID टीम ने 13 जनवरी 2021 को गिरफ्तार किया था। उसके व उसके संगठन साइलम ब्लाइंड सेंटर (Sylom Blind Centre’) के खिलाफ LRPF (Legal Rights Protection Forum) ने साल 2019 में गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज करवाई थी।

पादरी के ख़िलाफ़ विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और पूजा स्थल में अपराध करने के लिए आईपीसी की विभिन्न धाराओं- 153 ए, 153 बी (1) (सी), 505 (2), 295 ए, 124 ए और 115 के तहत आरोप लगाए गए। उसके ऊपर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 f के तहत भी मामला दर्ज हुआ।

वहीं केरल के कोट्टयम के सेंट पायस कॉन्वेंट में रहने वालीं सिस्टर अभया की सदिंग्ध परिस्थितियों में मौत के 28 साल बाद तिरुवनंतपुरम की सीबीआई अदालत ने बुधवार (दिसंबर 23, 2020) को एक पादरी फादर थॉमस और नन सिस्टर सेफी को उनकी हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। 

सीबीआई अदालत ने प्रत्येक पर पाँच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कैथोलिक चर्च के फादर थॉमस कोट्टूर और सिस्टर सेफी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) एवं 201 (सबूतों के साथ छेड़छाड़ करना) के तहत दिसंबर 22, 2020 को दोषी पाया था। अदालत ने फादर कोट्टूर को भारतीय दंड संहिता की धारा 449 (अनधिकार प्रवेश) का दोषी भी पाया। फादर कोट्टूर को पूजापुरा की केंद्रीय जेल भेजा गया, जबकि सिस्टर सेफी को यहाँ अत्ताकुलनगारा महिला जेल भेजा गया