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26 जनवरी को खालिस्तानी झंडा फहराने पर आतंकी समूह SFJ देगा $2.5 लाख

                        किसान आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के लिए खालिस्तानी समूह का संदेश
किसान आंदोलन की आड़ में खालिस्तानियों ने खुल कर ऐलान कर दिया है कि 26 जनवरी 2021 को जो कोई भी खालिस्तान का झंडा इंडिया गेट पर लहराएगा, उसे $2.5 लाख से नवाजा जाएगा। स्वतंत्र पत्रकार आदित्य राज कौल ने अपने ट्विटर पर सिख फॉर जस्टिस नाम के खालिस्तानी आतंकी समूह के बयान को साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी।

उन्होंने लिखा, “सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने एक बयान में सिंघू सीमा पर प्रदर्शन कर रहे पंजाब के किसानों से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड को बाधित करने के लिए इंडिया गेट पर खालिस्तान का झंडा उठा कर विरोध प्रदर्शन करने को कहा है। SFJ ने इसके लिए $ 250,000 के इनाम का ऐलान किया है।”

कौल द्वारा शेयर किए गए बयान में देख सकते हैं कि SFJ पंजाब के किसानों से चाहता है कि वह अपना विरोध दर्ज करवाएँ लेकिन 26 जनवरी को एक बार खालिस्तान का झंडा भी फहरा दें। आतंकी समूह का कहना है कि जो कोई भी ऐसा करेगा उसे कानूनी सहायता दी जाएगी और यूके में बतौर शरणार्थी रहने का प्रबंध भी किया जाएगा।

बयान में किसानों को यह कहकर भी लालच दी गई है कि वह चाहें तो पर्मानेंट अपने परिवार के साथ या जो कोई भी राजनीतिक मत जैसे खालिस्तानी झंडे को फहराहने का समर्थन करने के कारण अत्याचार का शिकार हो रहा है, उन सबके साथ वहाँ बस सकता है।

 

इस बयान में एसएफजे के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नू की वीडियो मैसेज का उल्लेख है जिसमें उसने पंजाब किसानों के प्रदर्शन और खालिस्तान के जनमत संग्रह को शांतिपूर्ण कैंपेन कहा है। साथ ही ये भी कहा है कि भारत सरकार की ओर से अनदेखी, इन्हें दबाने की प्रक्रिया, इन्हें हिंसा में बदल सकती है।

एक ओर जहाँ खालिस्तानी समूह ने 11 जनवरी 2021 को बयान जारी करके अपना झंडा फहराहने की बात कही है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार खालिस्तानियों की प्रदर्शन में घुसपैठ को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर सकती है। मंगलवार को सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्हें खूफिया ब्यूरो से खबर मिली है कि खालिस्तानी इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।

SFJ जैसे समूह किसान आंदोलन के प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने में लगे हुए हैं। हालिया बयान से पता चलता है कि उन्हें पैसे और विदेशी नागरिकता का लोभ दिया जा रहा है। आतंकी समूह उनसे कह रहा है कि दुनिया के कानून आपके साथ हैं। यदि भारत सरकार आप पर उंगली उठाती है, तो आपको और आपके परिवारों को संयुक्त राष्ट्र कानूनों के तहत विदेशों में लाया जाएगा।

हरियाणा में हथियारों संग गिरफ्तार खालिस्तानी आतंकी SFJ से जुड़े तार

                                   खालिस्तानी आतंकी समूह सिख फॉर जस्टिस (साभार: zee news)
हरियाणा पुलिस ने हाल ही में करनाल से दो हथियारबंद खालिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था जो ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) के लिए काम कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वह अमेरिकी मूल के गुरमीत सिंह के संपर्क में थे। खालिस्तानी गुरमीत सिंह ने इनके खाते में मनीग्राम (MoneyGram) के ज़रिए लाखों रुपए भेजे थे। 

किसान प्रदर्शन के शुरू होते ही, प्रदर्शन पर अराजक तत्वों द्वारा कब्जे के समाचार आने लगे थे, वह शंका अब दूर हो चुकी है। यदि वह अपने मकसद में सफल हो जाते निश्चित रूप से देश में नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में हुए हिन्दू विरोधी दंगों से कहीं अधिक भयानक दंगे हो रहे होते। जो 1984 से कहीं अधिक गाँधी हत्या के बाद हुए चितपावन ब्राह्मणों के हुए भयंकर नरसंहार से भी अधिक भयानक हो सकते थे। और इस प्रदर्शन को समर्थन दे रहे सियासतखोर नेता और पार्टियां विधवा विलाप कर रहे होते। केंद्र सरकार के साथ-साथ किसानों के दायित्व है कि आंदोलन में सम्मिलित ऐसे अराजक तत्वों को तुरंत पुलिस के हवाले करें, इसी में उनका और देश का हित है।  

पूछताछ में दोनों आरोपितों ने यह भी बताया कि गुरमीत सिंह ने उन्हें हथियार खरीदने और दो ऐसे लोगों की हत्या करने का आदेश दिया था जिन्होंने कथित तौर पर सिख धर्म के विरुद्ध बोला था। दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़ गिरफ्तार किए गए खालिस्तानियों का नाम तेजप्रकाश (काका) और आकाशदीप सिंह (सोनू) है। दोनों लुधियाना के रहने वाले हैं। हरियाणा की स्पेशल टास्क फ़ोर्स ने इनके पास से कई हथियार और ज़िंदा कारतूस बरामद किए हैं।

 

हरियाणा पुलिस ने इन खालिस्तानी आतंकियों को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वे हथियार खरीदकर वापस लौट रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे दो शिवसेना नेताओं (सुधीर सूरी और गुरशरणमंद) पर हमले की योजना बना रहे थे। वह फेसबुक के ज़रिए SFJ के गुरमीत सिंह से लगातार संपर्क में थे। गुरमीत सिंह ने इन दोनों को उनके कट्टरपंथी विचारों की वजह से योजना में शामिल किया था। गुरमीत सिंह ने दोनों को हथियार खरीदने के लिए MoneyGram से पैसे भेजे थे। दोनों खालिस्तानी आतंकियों को यूएपीए की धारा 10 और 13, आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54, 59 और आईपीसी की धारा 120बी के तहत गिरफ्तार किया गया है। 

 SFJ के इन दो आतंकियों की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब किसान आंदोलन में इस प्रतिबंधित संगठन की घुसपैठ को लेकर लगातार आशंकाएँ जताई जा रही है।

किसान आंदोलन पर खालिस्तानियों का कब्ज़ा 

पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए थे जिससे यह स्पष्ट था कि किसान आंदोलन पर खालिस्तानी तत्वों का कब्ज़ा हो चुका है और इससे देश की आंतरिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।कई खालिस्तानी आतंकी किसानों के भेस में प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे और इंदिरा गाँधी की हत्या के मुद्दे पर अपनी पीठ थपथपाते हुए नज़र आए। इसके अलावा वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धमकी देते हुए नज़र आए और कहा कि किसानों की माँग पूरी नहीं हुई तो उनका भी वही हाल होगा। किसान आंदोलन के बीच तमाम अराजक तत्वों ने खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए और कट्टरपंथियों को रिहा करने की माँग उठाई थी।

इसके बाद पंजाब के किसानों को भड़काने के आरोप में SFJ की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। फ़िलहाल सुरक्षा एजेंसियाँ SFJ की संदिग्ध भूमिका को लेकर जाँच कर रही हैं। इसी बीच ऐसी बातें भी सामने आ रही हैं कि खालिस्तान समर्थक तत्वों ने किसान आंदोलन को हाइजैक कर लिया है। पाकिस्तान प्रायोजित खालिस्तानी संगठन SFJ ने कुछ समय पहले ऐलान किया था कि पंजाब और हरियाणा के जो किसान खालिस्तान का समर्थन करेंगे उन्हें 1 मिलियन डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा।