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गिलानी की लाश पर पाकिस्तानी झंडा, वीडियो सामने आने के बाद FIR

पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया था गिलानी का शव (फोटो: geo.tv)
जम्मू-कश्मीर के कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को दफनाने से पहले उनके पार्थिव शरीर को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया था। पाकिस्तानी मीडिया ने 2 सितंबर को इसकी जानकारी दी।

अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिलानी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटने और राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के आरोप में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बडगाम में 4 सितंबर को अज्ञात लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस बीच बडगाम जिले के नरकारा में पथराव की छिटपुट घटना को छोड़कर पूरी घाटी में शांति रही। बताया जा रहा है कि दर्जन भर से अधिक अराजक तत्वों को गिरफ्तार किया गया है।

पाकिस्तानपरस्त ऐसे लोगों पर केंद्र सरकार को सख्ती से पेश आना चाहिए। इनके बैंक खाते आदि को सील करना चाहिए। कश्मीर में पाकिस्तानपरस्त सामने आ चुके हैं, जबकि कश्मीर से बाहर हज़ारों में हैं। 

गिलानी को दफनाने से पहले का एक वीडियो सामने आया है। इसमें उनके शव को पाकिस्तानी झंडे से लपेटा हुआ दिखाया गया है। शव के चारों तरफ कई अन्य लोग भी मौजूद हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएँ हैं। बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस शव को अपने कब्जे में लेने के लिए आगे बढ़ी, दिवंगत अलगाववादी नेता के सहयोगियों ने झंडा हटा दिया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने UAPA के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी का लंबी बीमारी के बाद  सितंबर 1, 2021 देर रात निधन हो गया था। उनके शव को हैदरपोरा के एक कब्रिस्तान में दफनाया गया है।

श्रीनगर के पुराने इलाके और हैदरपोरा में पाबंदियाँ अभी भी जारी हैं। हैदरपोरा में गिलानी के घर की ओर जाने वाले सभी रास्ते सील हैं। शनिवार सुबह से इंटरनेट सेवाएँ फिर से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने यातायात बहाल करने के साथ ही तीन दिन से फँसे वाहनों को निकाला।

गिलानी ने कभी भी कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं माना। सन् 1990 में उन्होंने अलगाववाद की राजनीति करने वालों के लिए एक मंच तैयार किया था, जिसका नाम ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस रखा गया था। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के विरुद्ध तमाम गुट शामिल हो गए।

सैयद अली शाह गिलानी पर अक्सर पाकिस्तान को फंडिंग के जरिए कश्मीर में अलगाववाद भड़काने के आरोप लगे हैं। उसके विरुद्ध कई केस भी दर्ज हुए हैं। NIA और ED ने टेरर फंडिंग के मामले में जाँच की थी, जिसमें उनके दामाद समेत कई रिश्तेदारों से पूछताछ हुई थी।

गिलानी की मौत पर पाकिस्तानी झंडे वाले कनेक्शन को समझना है तो इमरान खान के दर्द को समझिए। भारत में एक आदमी मरता है और पाकिस्तान का प्रधानमंत्री ट्वीट करके अपने देश के झंडे को आधी ऊँचाई पर फहराने (राष्ट्रीय मातम) का संदेश देता है। मुसलमान-मुसलमान/आतंकी-आतंकी वाला यह कनेक्शन शायद ही कभी खत्म हो।

हिंसा के लिए गिलानी के दामाद को महबूबा मुफ्ती के करीबी पारा ने दिए थे 5 करोड़ रूपए

बुरहान वानी को मार गिराए जाने के बाद कश्मीर घाटी में हिंसा जारी रखने के लिए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह उर्फ अल्ताफ फंटूश को पाँच करोड़ रुपए दिए गए थे। पैसे जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के करीबी और पीडीपी नेता वहीद उर रहमान पारा ने दिए थे। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने इसका खुलासा विशेष अदालत में हाल ही में दायर की गई चार्जशीट में किया है।

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का पोस्टर ब्वाय बुरहान वानी 2016 में मारा गया था। पारा को जनवरी में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैय्यबा जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के साथ संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकवादी समूहों को धन मुहैया कराने के रैकेट में शामिल होने के आरोप में जुलाई 2017 में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद शाह पहले ही न्यायिक हिरासत में है।

चार्जशीट में कहा गया है कि पारा जुलाई 2016 में मुठभेड़ में वानी के मारे जाने के बाद अल्ताफ अहमद शाह के संपर्क में था और उसे यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कश्मीर घाटी पूरी तरह अशांत रहनी चाहिए। पथराव और हिंसात्मक घटनाएँ व्यापक पैमाने पर होनी चाहिए। 

अपने वकील के माध्यम से पारा इन आरोपों से इनकार कर रहा है और दावा कर रहा है कि उसे राजनीतिक कारणों से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अदालत ने पूरक चार्जशीट में नाम न होने पर उसे जमानत दे दी थी। इसके बाद कश्मीर में काउंटर इंटेलिजेंस विंग द्वारा उसे फिर गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में है। श्रीनगर में एनआईए अदालत ने उनकी जमानत खारिज कर दी थी। पीडीपी ने पहले दावा किया था कि केंद्र सरकार पारा पर एक रणनीति के तहत दबाव बना रही थी कि वह पाला बदल कर भाजपा में शामिल हो जाए।

इससे पहले एनआईए की चार्जशीट से यह बात सामने आई थी कि पारा कश्मीर में पत्थरबाजों का गैंग चलाता था। आतंकियों के लिए हथियारों का भी इंतजाम करता था। वहीद उर रहमान सहित 3 लोगों के खिलाफ दायर एक चार्जशीट में बताया गया है कि पीडीपी नेता ‘पत्थरबाजी’ का रैकेट चलाता था और दक्षिण कश्मीर में हथियार की तस्करी का काम भी करता था।

चार्जशीट के अनुसार, पारा ने दक्षिण कश्मीर में पत्थरबाजी का रैकेट चलाया, जिसे उसने साल 2010-11 में संगठित किया था। उसने पॉलिटिकल माइलेज पाने के लिए पुलवामा में ऐसे 20-25 लड़कों को इकट्ठा किया था जो पत्थरबाजी में शामिल थे। इसके अलावा चार्जशीट में बताया गया है पारा ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी कमांडर अबू दुजाना को 10 लाख रुपए की फंडिंग उपलब्ध कराई थी। वह नियमित रूप से आतंकियों और अलगाववादियों कि फंडिंग कर रहा था, ताकि घाटी में स्थिति खराब बनी रहे। साथ ही चार्जशीट में PDP द्वारा आतंकियों और अलगगववादियों के तुष्टीकरण की नीति के बारे में भी खुलासा किया गया है।

ये पूरा मामला हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ पकड़े गए डीएसपी दविंदर सिंह व अन्य की गिरफ्तारी से जुड़ा है। जाँच में येपाया गया है कि इरफान शफी मीर, दविंदर सिंह और सैयद नवीद मुश्ताक के साथ पारा इस अपराधिक साजिश में शामिल था।

हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी पर कसा शिकंजा, दिल्ली में प्रॉपर्टी जब्त

Syed Ali Shah Geelani
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। आय कर विभाग ने अप्रैल 1 को हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष गिलानी का दिल्ली स्थित फ्लैट जब्त कर लिया। पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों का नकेल घाटी के अलगाववादी नेताओं पर कसता जा रहा है। गिलानी का यह फ्लैट मालवीय नगर के पास खिड़की एक्सटेंशन में है। इसके साथ ही आय कर विभाग ने उनके संपत्तियों के हस्तांतरण पर भी रोक लगा दी है। गिलानी 3,62,62,160 रुपए नहीं चुका पाए हैं।
हुर्रियत नेता पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। पिछले महीने यानी मार्च में प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध रूप से 10,000 अमेरिकी डॉलर के विदेशी मुद्रा रखने के जुर्म में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी पर ₹14.40 लाख का जुर्माना लगाया था। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष यासीन मलिक के खिलाफ भी इस तरह की कार्यवाही होने के आसार हैं
पीटीआई के पास उपलब्ध आदेश की प्रति के मुताबिक, यह फ्लैट दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित है और विभाग के कर वसूली अधिकारी (टीआरओ) ने 1996-97 से लेकर 2001-02 के बीच कथित तौर पर ₹3.62 करोड़ आयकर का भुगतान करने में विफल रहने पर इस घर को सील कर दिया। इसके अनुसार विभाग ने आयकर अधिनियम की धारा 222 के तहत यह कार्रवाई की और इसके अंतर्गत हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता द्वारा संपत्ति के हस्तांतरण पर रोक रहेगी। 
गिलानी सहित हुर्रियत नेताओं पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी भावनाएं भड़काने का आरोप है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) घाटी के अलगाववादी नेताओं के खिलाफ जांच भी कर रही है। आरोप है कि हुर्रियत नेता पाकिस्तानी के इशारे पर घाटी में युवकों को भारत विरोधी गतिविधियों और सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी के लिए उकसाते हैं। 
पुलवामा में गत 14 फरवरी सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए। इस आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने अलगावादी नेताओं के खिलाफ अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। सरकार ने अलगाववादी नेताओं को दी गई सुरक्षा वापस ले ली है। सुरक्षा हटाए जाने के बाद अलगाववादी नेताओं ने कहा कि उन्होंने कभी सुरक्षा की मांग नहीं की थी। 
टीआरओ आयकर विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई शाखा है और यह इरादतन कर न चुकाने के मामलों से निपटती है। अधिकारी बकाया कर के भुगतान के लिए संपत्ति जब्त कर सकते हैं और आगे उसकी नीलामी भी कर सकते हैं। इस संबंध में 29 मार्च को गिलानी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया गया था। इस आवास में गिलानी के दामाद की भी हिस्सेदारी बताई जा रही है। आयकर विभाग द्वारा गिलानी के खिलाफ शिकायत करने के बाद ईडी ने जाँच शुरू की।

: Office of the Tax Recovery Officer attaches Kashmiri Separatist Syed Ali Shah Geelani's Khirki Extension, Malviya Nagar property. Prohibits him from transferring the property as he has failed to pay Rs 3,62,62,160. (file pic)
सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में कार्रवाई करते हुए कुछ समय पहले मीर वाइज उमर फारूक के घर से हॉट लाइन बरामद की। बताया गया कि मीर वाइज इस हॉट लाइन का इस्तेमाल पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बातचीत करने के लिए करते थे। समझा जाता है कि आने वाले समय में जांच एजेंसियां गिलानी के अलावा अन्य अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई कर सकती हैं।

हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी पर 14.40 लाख रुपए का जुर्माना

Syed Ali Shah Geelaniजम्मू-कश्मीर के अलागवावादी नेताओं पर भारतीय जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घाटी के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत 14.40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा ईडी ने 10 हजार डॉलर (करीब सात लाख रुपए) जब्त किए हैं। यह रकम साल 2002 में गिलानी के श्रीनगर स्थित आवास पर आयकर विभाग की छापे के दौरान पकड़ी गई थी। 
केंद्रीय जांच एजेंसी ने 87 वर्षीय अलगाववादी नेता को फेमा के अलग-अलग प्रावधानों के तहत नोटिस भेजा था। यही नहीं ईडी जेकेएलएफ के पूर्व चेयरमैन यासीन मलिक के पास से मिली अवैध विदेशी मुद्रा को जब्त करने के साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाएगा। मलिक के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही जारी है। बता दें कि एनआईए और अन्य एजेंसियां घाटी में टेरर फंडिंग की जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस दौरान अलगाववादी नेताओं से पूछताछ की है। 
पुलवामा में गत 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले के बाद अलगावादी नेताओं के खिलाफ भारत सरकार ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। सरकार ने अलगाववादी नेताओं को दी गई सुरक्षा वापस ले ली। सुरक्षा हटाए जाने के बाद अलगाववादी नेताओं ने कहा कि उन्होंने कभी सुरक्षा की मांग नहीं की थी। हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान समर्थक कहा जाता है। इन पर आरोप है कि ये घाटी में अलगाववादी भावनाओं को भड़काने के साथ-साथ सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंकने के लिए युवाओं को पैसे देते हैं। 
ED Sources: Enforcement Directorate will also impose a penalty and confiscate the illegal acquisition of foreign exchange recovered from Yasin Malik, former Chairman of JKLF. The adjudication proceedings against Yasin Malik are in progress
सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में कार्रवाई करते हुए कुछ समय पहले मीर वाइज उमर फारूक के घर से हॉट लाइन बरामद की। बताया गया कि मीर वाइज इस हॉट लाइन का इस्तेमाल पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बातचीत करने के लिए करते थे।