Showing posts with label Telangana elections 2018. Show all posts
Showing posts with label Telangana elections 2018. Show all posts

तेलंगाना चुनाव: सत्‍ता में आने पर हर साल 1 लाख गाय मुफ्त बांटेगी : भाजपा

तेलंगाना में बीजेपी का वादा, सत्‍ता में आने पर हर साल 1 लाख गाय मुफ्त बांटेगी
आर.बी.एल.निगम,हैदराबाद 
भाजपा ने तेलंगाना में 7 दिसंबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में हर साल एक लाख गाय मुफ्त बांटने का वादा किया है। भाजपा की चुनाव घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष एनवीएसएस प्रभाकर ने यहां नवम्बर 17 को कहा कि गांवों में त्योहारों और अन्य अवसरों पर उन लोगों को गायें बांटे जाने का प्रस्ताव है, जो इसकी मांग करेंगे। हाल ही में भंग की गई राज्य विधानसभा में विधायक रहे प्रभाकर ने कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में गायों की उपयोगिता गिनाते हुए कहा कि "एक अन्य प्रस्ताव लघु - भारत भाषायी कल्याण बोर्ड स्थापित करने का है"
उन्होंने कहा कि बोर्ड अन्य राज्यों से आजीविका की तलाश में हैदराबाद आने वाले भाषायी अल्पसंख्यकों के कल्याण का ध्यान रखेगा चुनाव घोषणापत्र औपचारिक रूप से अगले हफ्ते जारी किए जाने की संभावना है। घोषणापत्र समिति ने इससे पहले शराब की बिक्री का नियमन करने का प्रस्ताव करते हुए दावा किया था कि इसकी बेरोकटोक उपलब्धता और उपभोग ने कई सामाजिक समस्याएं और कानून व्यवस्था की समस्या पैदा की है
अवलोकन करें:--

About this website
nigamrajendra.blogspot.com
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार, हैदराबाद गुलाबी रंग को आमतौर पर महिलाओं से…
घोषणापत्र में राज्य परिवहन की बसों पर त्योहारों के समय अधिभार हटाने और सबरीमला सहित मंदिरों की यात्रा पर जाने वालों को मुफ्त परिवहन मुहैया करने का प्रस्ताव किया गया है। घोषणापत्र समिति ने पेट्रोल और डीजल पर कर में पूर्ण छूट, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कोचिंग और प्रति परिवार हर महीने छह रुपए में सुरक्षित पेयजल मुहैया करने जैसे अन्य प्रस्ताव किए हैं

तेलंगाना: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की पत्नी सुबह बीजेपी में शामिल हुईं, देर रात फिर कांग्रेस में लौटीं

तेलंगाना: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की पत्नी सुबह बीजेपी में शामिल हुईं, देर रात फिर कांग्रेस में लौटीं
दल बदलू पद्मिनी रेड्डी कांग्रेस छोड़ भाजपा में, वापस कांग्रेस में 
तेलंगाना में अक्टूबर 11 को बड़ा राजनीति घटनाक्रम देखने को मिला. तेलंगाना में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सी. दामोदर राजनरसिम्हा की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता पद्मिनी रेड्डी सुबह बीजेपी में शामिल हुई लेकिन देर रात फिर से कांग्रेस में लौट आईं. राजनरसिम्हा अविभाजित आंध्रप्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी के मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री थे. राजनरसिम्हा वर्तमान में तेलंगाना चुनाव में कांग्रेस के घोषणापत्र की समिति के प्रभारी हैं.
राजनरसिम्हा की वरिष्ठता को देखते हुए, पद्मिनी के बीजेपी में शामिल हो जाने से कांग्रेस को बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा था. जाहिर है बीजेपी के लिए यह बहुत बड़ा मौका था. बीजेपी में पद्मिनी रेड्डी का स्वागत करते हुए राज्य इकाई के अध्यक्ष के. लक्ष्मण ने कहा कि मेडक क्षेत्र में सामाजिक कार्यों और महिलाओं के बीच कार्यों के माध्यम से उन्होंने काफी ख्याति अर्जित की है.
उन्होंने कहा कि पद्मिनी रेड्डी एनडीए सरकार के अच्छे कार्यों की सराहना करती हैं इसलिए वह पार्टी में शामिल हुई हैं. लक्ष्मण ने कहा कि एनडीए सरकार ने महिलाओं के हितों में कई कदम उठाए जिसमें ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, मातृत्व छुट्टी में बढ़ोतरी आदि शामिल हैं. बीजेपी महासचिव पी. मुरलीधर राव ने पद्मिनी के पार्टी में शामिल होने से जुड़ा ट्वीट भी किया. 
Padmini Reddy is an educated & well informed woman. is a party which respects and believes in woman empowerment.
When she approached to join & work for the party, certainly we couldn't have asked her, to get her husband's permission for the same. @BJP4Telangana
राव के ट्वीट पर मची कांग्रेस में खलबली 
राव के ट्वीट के बाद कांग्रेस खेमे में खलबली मच गई. पूरा आलाकमान रेड्डी को मनाने पर जुट गया. बीजेपी की खुशियां जल्द ही काफूर हो गईं देर रात वह फिर से अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में आ गईं. पद्मिनी रेड्डी ने घर वापसी पर कहा कि उन्होंने पार्टी में वापस लौटने का निर्णय लिया क्योंकि उनके कार्यकर्ता दुखी थे. 
अवलोकन करें:--

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और हैदराबाद की चन्द्रायणगुट्टा विधानसभा सीट से विध.....

उधर, इस घटनाक्रम से मायूस बीजेपी ने कहा कि वह पद्मिनी रेड्डी के फैसले का सम्मान करते हैं. तेलंगाना बीजेपी के प्रवक्ता ने कहा, "पद्मिनी रेड्डी शिक्षित महिला हैं. बीजेपी ऐसी पार्टी है जो महिला सशक्तिकरण में विश्वास करती है. जब उन्होंने बीजेपी में शामिल होने और कार्य करने की इच्छा जताई तो हमें पूछ लेना चाहिए था कि उन्होंने अपने पति से अनुमति ली है या नहीं. हम फिर भी उनके फैसले का सम्मान करते हैं." 
सत्ता की भूख कब क्या करवा दे, कहना असंभव है? लेकिन पद्मिनी रेड्डी का गिरगिट की रंग बदलना सिद्ध करता है कि दल बदलुओं पर विश्वास नहीं करना चाहिए। जिस दिन इनको लाभान्वित पद नहीं, उसी दिन किस डाल पर बैठ जाएं, पता नहीं। ऐसे दल बदलुओं से देशभक्ति की कामना करना भी व्यर्थ है। ऐसे लोग 56 भोग के लालच में कब क्या कदम उठा, अपने स्वार्थ के लिए कब दुश्मन से समझौता कर लें। प्रमाण सार्वजनिक है। जनता को भी चाहिए चुनावों में दलबदलुओं का बहिष्कार करे, चाहे वह दलबदलू किसी भी पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में हो।   

तेलंगाना चुनाव: अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ विद्यार्थी परिषद की मुस्लिम महिला को उतार सकती है बीजेपी

तेलंगाना चुनाव: अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ इस मुस्लिम महिला को उतार सकती है बीजेपीऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और हैदराबाद की चन्द्रायणगुट्टा विधानसभा सीट से विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी की राह तेलंगाना चुनाव में इस बार मुश्किल हो सकती है. छोटे ओवैसी के नाम से मशहूर अकबरुद्दीन अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहते हैं. बीजेपी इस बार सैयदा शहजादी को उनके खिलाफ मैदान में उतार सकती है. अभी हैदराबाद विश्वविधालय में विद्यार्थी परिषद् अपना परचम फैराया है। 
शहजादी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी हुई हैं और हाल ही में उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने हाल ही में तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष के. लक्ष्मण समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी ज्वॉइन की थी. 
अवलोकन करें:--
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की छात्र इकाई अखिल भारतीय परिषद (एबीवीपी) ने आठ साल के लंबे अंतराल के बाद हैदराबाद यूनिवर...

शहजादी अपने तेजतर्रा भाषणों के लिए जानी जाती हैं. संघ की विचाराधारा का खुलकर समर्थन करती रही हैं. एबीवीपी में उनकी छवि फायरब्रांड छात्र नेता की रही है. शहजादी एमआईएम पार्टी के प्रमुख असुद्दीन ओवैसी का खुलकर विरोध कर चुकी हैं. इस संबंध में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के एक नेता का कहना है, "चन्द्रायणगुट्टा में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां विशिष्ट वर्ग और शिक्षित मुस्लिम रहते हैं. वे निश्चित रूप से बीजेपी का समर्थन करेंगे."
चार बार से विधायक हैं अकबरुद्दीन
अकबरुद्दीन ओवैसी पिछले चार बार से विधायक हैं. पहला चुनाव 1999 में लड़ा था. इसके बाद, 2004, 2009 और 2014 के चुनाव में इसी सीट से जीत दर्ज की. अकबरुद्दीन को हराना आसान नहीं है. 2014 के चुनाव में, एमआईएम नेता को 80,393 वोट मिले थे.  पिछले तीन विधानसभा चुनाव में मजलिस बचाओ तहरीक के डॉ. खयाम खान लगातार अकबरुद्दीन का सामना कर रहे हैं. हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिल रही. 
टीआरएस का समर्थन कर रही है एमआईएम
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में एमआईएम अध्यक्ष असुद्दीन ओवैसी टीआरएस का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी विधानसभा चुनाव में 5 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी. ओवैसी कई बार दोहरा चुके हैं कि टीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव फिर से राज्य की कमान संभालेंगे.