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तेलंगाना : ’15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो’ वाले अकबरुद्दीन ओवैसी के सामने नहीं लूँगा शपथ, वो रजाकारों का वंशज: भाजपा विधायक टी राजा सिंह


हाल ही में संपन्न हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव में चुनकर आए विधायकों को शपथ दिलाने के लिए AIMIM के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी को प्रोटेम स्पीकर बनाने के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने कहा है कि वह प्रोटेम स्पीकर बनाए गए अकबरुद्दीन ओवैसी के हाथों कभी भी विधायक पद की शपथ नहीं लेंगे।

टी राजा सिंह ने कहा है कि ओवैसी कासिम रिजवी के वंशज हैं, जो हैदराबाद के निजाम की रजाकार सेना के मुखिया थे। इन रजाकारों ने तेलंगाना के लोगों का नरसंहार किया था। ऐसे में वह अकबरुद्दीन के स्पीकर की कुर्सी पर रहते शपथ नहीं ले सकते। गौरतलब है कि नई विधानसभा या नई संसद के चुने जाने पर किसी वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम यानी अस्थाई स्पीकर बनाया जाता है, जो सभी विधायकों या फिर सांसदों को उनके पद की शपथ दिलाता है।

प्रोटेम स्पीकर स्थायी स्पीकर के चुने जाने तक काम करता है। अकबरुद्दीन ओवैसी हैदराबाद की चंद्रायानगुट्टा सीट से विधायक चुनकर आए हैं। जबकि टी राजा सिंह हैदराबाद की ही गोशामहल सीट से पुनः विधायक चुने गए हैं।

टी राजा सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अगुवाई वाली नई नवेली कॉन्ग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस का कहना था कि भाजपा और भारत राष्ट्र समिति आपस में मिले हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब साफ-साफ दिख रहा है कि कौन किससे मिला हुआ है और कौन नहीं।

टी राजा सिंह तेलंगाना में भाजपा के फायर ब्रांड नेता हैं, जो अक्सर अपने बयानों की वजह से चर्चा में बने रहते हैं। जबकि अकबरुद्दीन ओवैसी सांसद असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई हैं और उन्हें विवादित बयान देने के चक्कर में जेल की हवा भी खानी पड़ चुकी है।

भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने कहा है कि वह इस सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे और अकबरुद्दीन ओवैसी के सामने कभी भी शपथ नहीं लेंगे। वह अगले दिन स्पीकर के चेंबर में जाकर शपथ ले लेंगे। विधायक टी राजा सिंह का कहना है कि वह ऐसे व्यक्ति के सामने शपथ कैसे ले सकते हैं, जिसने यह कहा था कि यदि 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दी जाए तो हिंदुओं का खात्मा कर दिया जाएगा।

वर्ष 2012 में अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक विवादित बयान दिया था कि मुसलमान 25 करोड़ हैं और हिंदू 100 करोड़ लेकिन अगर 15 मिनट के लिए देश में पुलिस हटा दी जाए तो बता दिया जाएगा कि कौन कितना ताकतवर है।

राजा सिंह का कहना है कि वह भाजपा के विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे और इस पर बात करेंगे कि अन्य नए चुने हुए विधायक उनकी बात से सहमत हैं या नहीं। भाजपा ने हाल ही में संपन्न हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव में आठ सीटें जीती हैं, जो अब तक उसका राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

इससे पहले वर्ष 2018 के चुनाव में केवल राजा सिंह ही भाजपा से जीत पाए थे। इससे पहले शुक्रवार (8 दिसम्बर 2023) को तेलंगाना की गवर्नर सौन्दरराजन ने अकबरुद्दीन ओवैसी को प्रोटेम स्पीकर बनाने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था क्योंकि वह तेलंगाना विधानसभा में सबसे वरिष्ठ विधायक हैं।

अकबरुदीन ओवैसी चन्द्रयानगुट्टा से छठी बार विधायक चुने गए हैं। वह शनिवार (09 दिसम्बर 2023) तक के लिए ही स्पीकर रहेंगे और इस दौरान नया स्थायी स्पीकर चुन लिया जाएगा।

टोपी और सीटी दूंगा करें देश की चौकीदारी : अकबरुद्दीन ओवैसी ने साधा मोदी पर निशाना

आम चुनाव 2019 के लिए राजनीतिक दल कमर कस चुके हैं। बयानों के जरिए एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। ये बात अलग है कि राजनेताओं की जुबां फिसल रही है। मतदाताओं के दिलों पर राज करने के लिए शायद उन्हें बदजुबानी बेहतर हथियार नजर आ रहा है। इसी कड़ी में अकबरुद्दीन ओवैसी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साथा।
अकबरुद्दीन ओवैसी, हैदराबाद से एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई है और वो भी उनकी तरह जहर उगलते हैं। एक जनसभा में उन्होंने कहा कि ये समझ के बाहर है कि पीएम नरेंद्र मोदी हैं क्या। कभी वो चायवाल बन जाते हैं, तो अब वो दूसरे रूप में नजर आ रहे हैं। इस चुनाव से ठीक पहले वो चौकीदार बन चुके हैं।
AIMIM's Akbaruddin Owaisi in Hyd y'day: I've seen on Twitter 'Chowkidar Narendra Modi'.He should also mention 'Chowkidar' in his Aadhaar card, &passport.Want a PM not a 'Chaiwala','Pakodewala'...If Modi is interested,he should come to me,I'll offer him a Chowkidar's cap&a whistle
अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि चायवाला बनकर उन्होंने देश को गुमराह किया और अब चौकीदार बन कर वही काम कर रहे हैं। पीएम मोदी जब चायवाला बने तो उस वक्त मैंने कहा कि चाय की केतली, चुल्हा मैं दूंगा चाय बनाकर वो पिलाएं। पीएम मोदी वो शख्स हैं जो कभी नाले की गैस से पकौड़ा बनाते हैं। और अब जब वो चौकीदार बन चुके हैं तो वो उन्हें टोपी और सीटी देंगे। ये बेहतर होता कि पीएम नरेंद्र मोदी टोपी और गले में सीटी बांधकर देश की चौकीदारी करें। 
इससे पूर्व असदुद्दीन ओवैसी ने पुलवामा आतंकी हमले पर तंज कसा था कि "मोदी बीफ बिरयानी खाकर सो गए थे।" यानि हालत यह हो गयी है की मोदी विरोध में किसी को कुछ नहीं सूझ रहा कि लोकसभा चुनाव हैं, जनता को क्या कहकर वोट लें, और क्या कहकर मोदी सरकार का विरोध करें।  

‘इतना मारूंगा(मोदी को) कि कान से खून निकलने लगेगा’ : विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी


तेलंगाना से आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के भाई और विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी  को भगाने का बयान देकर जिस विवाद की शुरुआत की, उसकी आंच अब प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचती हुई दिखाई दे रही है।
हैदराबाद के चारमिनार विधानसभा क्षेत्र में रैली को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक बयान दे डाला। उन्होंने कहा, ”चाय वाले, हमें मत छेड, चाय-चाय चिल्लाते हो, याद रखो इतना बोलूंगा-इतना मारूंगा कि कान में से खून निकलने लगेगा। उन्होंने आगे कहा कि चाय वाला हमेशा चिल्लाता रहता है, कभी नरम चाय, कभी गरम चाय, कभी चाय की चीनी, कभी चाय की चायपत्ती, जब देखो तब चाय…चाय…चाय….।
इसके साथ ही ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ पर भी हमला करते हुए कहा कि, ”आज एक और आया, वो कैसे-कैसे कपडे पहनता है, तमाशे जैसा दिखता है। किस्मत से चीफ मिनिस्टर भी बन गया, कह रहा है निजाम की तरह ओवैसी को भगाऊंगा, अरे तू क्या, तेरी हैसियत क्या, तेरी बिसात क्या, तेरे जैसे 56 आए और चले गए, अरे ओवैसी को छोड़ो, उसकी आने वाली 1000 नस्लें भी तुझसे लडेंगे। अकबरुद्दीन पहले भी हिन्दुओं के विरुद्ध बोलते रहे हैं। 

क्या है मामला ?

हैदराबाद में दिसम्बर 2 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा। योगी ने कहा था कि भाजपा सत्ता में आई तो हैदराबाद से भागना पडे़गा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा था, अगर भाजपा सत्ता में आती है तो मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ओवैसी को उसी तरह तेलंगाना से भागना पडेगा, जैसे निजाम को हैदराबाद से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
भाग्य नगर वर्तमान हैदराबाद 
ओवैसी को डर है कि यदि आंध्र प्रदेश हो या तेलंगाना, यहाँ भाजपा सत्ता में आ गयी, निश्चित रूप से हमारी दुकान यानि पार्टी पर संकट के गहरे काले बादल मंडराने लगेंगे। भाग्य लक्ष्मी मन्दिर जहाँ वर्षों से घंटी नहीं बजती थी, केन्द्र में सत्ता परिवर्तन होते ही, भाग्य लक्ष्मी मन्दिर में बंधी घंटी आरती के समय बजनी आरंम्भ हो गयीं। किसी प्रधानमन्त्री के कार्यकाल में यह सम्भव नहीं हुआ, जो नरेन्द्र मोदी के प्रधानमन्त्री बनने पर ही सम्भव हो पाया, जो प्रमाणित करता है कि तुष्टिकरण की सियासत खेलने वालों के अन्तिम संस्कार की तैयारी। यही कारण है, समस्त तुष्टिकरण पुजारी एकजुट होकर मोदी को शिकस्त देने के लिए विधवा विलाप कर रहे हैं। ज्ञात हो, हैदराबाद का असली नाम भाग्य नगर है।     

तेलंगाना चुनाव: अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ विद्यार्थी परिषद की मुस्लिम महिला को उतार सकती है बीजेपी

तेलंगाना चुनाव: अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ इस मुस्लिम महिला को उतार सकती है बीजेपीऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और हैदराबाद की चन्द्रायणगुट्टा विधानसभा सीट से विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी की राह तेलंगाना चुनाव में इस बार मुश्किल हो सकती है. छोटे ओवैसी के नाम से मशहूर अकबरुद्दीन अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहते हैं. बीजेपी इस बार सैयदा शहजादी को उनके खिलाफ मैदान में उतार सकती है. अभी हैदराबाद विश्वविधालय में विद्यार्थी परिषद् अपना परचम फैराया है। 
शहजादी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी हुई हैं और हाल ही में उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने हाल ही में तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष के. लक्ष्मण समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी ज्वॉइन की थी. 
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की छात्र इकाई अखिल भारतीय परिषद (एबीवीपी) ने आठ साल के लंबे अंतराल के बाद हैदराबाद यूनिवर...

शहजादी अपने तेजतर्रा भाषणों के लिए जानी जाती हैं. संघ की विचाराधारा का खुलकर समर्थन करती रही हैं. एबीवीपी में उनकी छवि फायरब्रांड छात्र नेता की रही है. शहजादी एमआईएम पार्टी के प्रमुख असुद्दीन ओवैसी का खुलकर विरोध कर चुकी हैं. इस संबंध में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के एक नेता का कहना है, "चन्द्रायणगुट्टा में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां विशिष्ट वर्ग और शिक्षित मुस्लिम रहते हैं. वे निश्चित रूप से बीजेपी का समर्थन करेंगे."
चार बार से विधायक हैं अकबरुद्दीन
अकबरुद्दीन ओवैसी पिछले चार बार से विधायक हैं. पहला चुनाव 1999 में लड़ा था. इसके बाद, 2004, 2009 और 2014 के चुनाव में इसी सीट से जीत दर्ज की. अकबरुद्दीन को हराना आसान नहीं है. 2014 के चुनाव में, एमआईएम नेता को 80,393 वोट मिले थे.  पिछले तीन विधानसभा चुनाव में मजलिस बचाओ तहरीक के डॉ. खयाम खान लगातार अकबरुद्दीन का सामना कर रहे हैं. हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिल रही. 
टीआरएस का समर्थन कर रही है एमआईएम
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में एमआईएम अध्यक्ष असुद्दीन ओवैसी टीआरएस का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी विधानसभा चुनाव में 5 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी. ओवैसी कई बार दोहरा चुके हैं कि टीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव फिर से राज्य की कमान संभालेंगे.