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हैदराबाद : बिजली चोरी के गढ़ में ओवैसी की पार्टी के नेता मोहम्मद आजम ने बिजली कर्मचारी को पीटा, साथियों से भी पिटवाया

हैदराबाद में बिजली विभाग के कर्मचारी की AIMIM नेता द्वारा पिटाई का वीडियो वायरल (चित्र साभार- @prashantchiguru)
सोशल मीडिया पर सोमवार (3 जुलाई, 2023) से हैदराबाद का बता कर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोगों को एक व्यक्ति को पीटते देखा जा सकता है। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रमुख हमलावर का नाम मोहम्मद आज़म है जो ‘ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)’ का नेता है। बाकी हमलावर मोहम्मद आज़म के साथी हैं जो बिजली चोरी की जाँच करने गए कर्मचारी को पीटते दिखाई दे रहे हैं।

50 सेकेण्ड के इस वीडियो को ‘@prashantchiguru’ हैंडल वाले यूजर ने शेयर किया है। वीडियो में सफेद और काले रंग की चेक शर्ट पहने AIMIM नेता दिन-दहाड़े बीच सड़क पर बिजली विभाग के एक कर्मचारी की पिटाई की शुरुआत करता है। थोड़े ही समय बाद उसके साथी भी पीड़ित को पीटना शुरू कर देते हैं। आस-पास से गुजर रहे लोगों में से किसी ने भी बिजली विभाग के कर्मचारी को बचाने की हिम्मत नहीं की। हालाँकि, मारपीट देख कर लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई थी।

वीडियो शेयर करने वाले ट्विटर यूजर ‘@prashantchiguru’ ने यह भी बताया कि कैसे पुराने हैदराबाद में 50% बिजली खपत का कोई हिसाब ही नहीं है। इस चोरी के चलते बिजली विभाग को हर दिन 70 लाख रुपए का नुकसान होने की भी जानकारी दी गई है। यूजर ने इसे ओवैसी के संरक्षण में हो रही गुंडागर्दी बताया है। घटनास्थल के तौर पर कारवाँ विधानसभा क्षेत्र की मेहबूब कॉलोनी बताया गया है जहाँ पीड़ित बिजली की चोरी रोकने के लिए गया था। हमलावरों में AIMIM नेता के अन्य पारिवारिक सदस्यों के भी शामिल होने का दावा किया गया है।

वीडियो शेयर करने वाले व्यक्ति ने हैदराबाद पुलिस और तेलंगाना के DGP से आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग भी की है। यूजर ने यह भी दावा किया है कि जिस प्रकार से भारतीय लोग पाकिस्तान की यात्रा करने से डरते हैं वैसे ही सरकारी अधिकारी और कर्मचारी पुराने हैदराबाद में जाने से कतराते हैं।

पुराने हैदराबाद में बिजली चोरी जैसी शिकायतें बड़े स्तर पर आती हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2022 में तेलंगाना स्टेट सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (TSSPDCL) के अंतर्गत आने क्षेत्रों में 64,245 मामले दर्ज किए गए। यह संख्या साल 2021 में दर्ज केसों से 3000 ज्यादा थी। ऊर्जा विभाग के अधिकारी भी इसे एक बड़े समस्या बताते हुए कहते हैं कि बिजली कंपनियों को इस चोरी के चलते हर साल राजस्व का लगभग 10 प्रतिशत नुकसान हो रहा है।

तेलंगाना : भाजपा को बड़ी कामयाबी, पहली बार जीती MLC सीट

भारतीय जनता पार्टी को तेलंगाना में बड़ी कामयाबी मिली है। पहली बार एमएलसी चुनाव में पार्टी को जीत मिली है। महबूबनगर रंगारेड्डी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एवीएन रेड्डी ने जीत हासिल की है। इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हैं। जीत पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत राज्य भाजपा के नेताओं ने खुशी जाहिर की है।

एमएलसी का चुनाव 13 मार्च 2023 को हुआ था। 16 मार्च 2023 को सुबह 8 बजे शुरू हुई वोटों की गिनती देर रात तक जारी रही। चुनाव के दौरान 25,868 वोट यानी 90 प्रतिशत से भी ज्यादा वोट डाले गए थे। जीत के लिए 12,709 वोटों की जरूरत थी। 21 राउंड की मतगणना के बाद भाजपा उम्मीदवार एवीएन रेड्डी को 13,436 वोट मिले। चुनाव में कुल 21 उम्मीदवार मैदान में थे। मुकाबला जी. चेन्ना केशव रेड्डी और एवीएन रेड्डी के बीच था।

भाजपा को मिली इस शानदार जीत पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एवीएन रेड्डी और भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “महबूबनगर रंगारेड्डी एमएलसी टीचर्स सीट पर ऐतिहासिक जीत के लिए एवीएन रेड्डी को बधाई। लोगों ने एक बार फिर से बीआरएस को छोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के साथ खड़े होने का फैसला किया है।”

तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बांदी संजय ने ट्विटर पर लिखा है कि यह तेलंगाना के एमएलसी चुनाव में भाजपा की पहली जीत है। इस चुनाव से साबित हो गया है कि राज्य के लोग भारत राष्ट्र समिति (BRS) के खिलाफ हैं। खासकर सरकारी कर्मचारियों और पढ़े-लिखे तबके में सत्ताविरोधी लहर चल रही है। यह सफलता धर्म के पक्ष में खड़े शिक्षकों की है।

बांदी संजय ने केसीआर की सरकार को शिक्षक विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भी इसी तरह के नतीजे सामने आने वाले हैं। इस जीत से हमें शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की प्रेरणा मिली है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने भी एवीएन रेड्डी और पार्टी के राज्य नेतृत्व को जीत पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत भ्रष्ट, विकास विरोधी, वंशवादी और अभिमानी बीआरएस के खिलाफ जनादेश को दर्शाता है।

विधानसभा चुनाव से पहले एमएसली सीट पर भाजपा की यह जीत बेहद अहम मानी जा रही है। साल के अंत तक होने वाले असेंबली चुनावों के लिए भाजपा पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी के शीर्ष नेता लगातार राज्य के दौरे पर हैं। ऐसे में इस जीत से कार्यककर्ताओं का मनोबल बढ़ा है।

हैदराबाद : 27 साल की लेडी टीचर को 16 साल के अपने ही छात्र से ‘प्यार’… पुलिस ने होटल से धरा

प्रतीकात्मक चित्र
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 27 वर्षीय एक महिला टीचर अपने नाबालिग छात्र के साथ फरार हो गई। छात्र की उम्र 16 साल है। इस मामले में नाबालिग छात्र और महिला टीचर दोनों के परिजनों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। आख़िरकार 27 फरवरी 2023 को पुलिस ने दोनों को खोज निकाला। टीचर का कहना है कि उसके परिवार वाले शादी के लिए लड़का देख रहे थे लेकिन वो अपने उसी छात्र से प्यार करती थी, जिसके साथ वो भाग गई थी। अधिकारियों द्वारा टीचर और छात्र दोनों की काउंसिलिंग करवाई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला टीचर ने पुलिस के आगे अपना अपराध कबूल कर लिया है। 4 मार्च 2023 को छात्र और उनकी टीचर को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था। इस दौरान टीचर ने अपने छात्र से प्यार करने की बात स्वीकार की। छात्र के साथ भागने की वजह महिला टीचर ने अपने परिजनों द्वारा अपनी शादी के लिए दूसरा लड़का खोजा जाना बताया। टीचर के मुताबिक उन पर परिजनों का कहीं और शादी का लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

यह मामला गाछीबौली थाने में दर्ज हुआ था। अधिकारियों के काउंसिलिंग के दौरान टीचर को छात्र के नाबालिग होने की जानकारी दी गी। उन्होंने बताया कि अगर महिला ने छात्र के साथ आगे भी रहना जारी रखा तो उस पर अपहरण की धाराओं के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। दोनों को समझाने के बाद उनके घर भेज दिया गया।

दरअसल यह मामला 16 फरवरी 2023 का है। इस दिन हैदराबाद के ही चंदा नगर इलाके में रहने वाली टीचर अपने घर से स्कूल के लिए निकली पर वो लौट कर नहीं आईं। एक दिन बाद 17 फरवरी को टीचर के परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दी। पुलिस वाले महिला टीचर की तलाश कर रहे थे। इस दौरान 20 फरवरी 2023 को उसी स्कूल के क्लास 10 में पढ़ने वाले एक नाबालिग की भी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई। शिकायत के दौरान छात्र के परिजनों ने आशंका जताई कि महिला टीचर उसे अपने साथ ले गई होगी।

नाबालिग छात्र के परिवार वालों ने बताया कि उन्हें उसी क्लास के अन्य छात्रों से टीचर से उसकी नजदीकी की जानकारी मिली थी। कुछ ही महीनों पहले दोनों काफी घुल-मिल गए थे। पुलिस ने इस शिकायत पर जाँच शुरू की। इधर महिला टीचर छात्र को लेकर बेंगलुरु गई, जहाँ वो 2 अलग-अलग होटलों में रुके। बताया जा रहा है कि टीचर और छात्रों दोनों के पास पैसों की तंगी थी, इसलिए वो वापस हैदराबाद लौट आए। यहाँ वो सस्ते लॉज में रुक रहे थे, जहाँ से पुलिस ने दोनों को खोज निकाला।

हैदराबाद : दंगों की ISI साजिश नाकाम: 3 आतंकी गिरफ्तार-3 फरार

साभार- ANI
हैदराबाद पुलिस ने तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। तीन आतंकी फरार हैं। ये आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे थे। भीड़-भाड़ वाले इलाके में ग्रेनेड फेंक कर सांप्रदायिक तनाव भड़काने की जिम्मेदारी इन्हें दी गई थी।

गिरफ्तार आतंकियों की पहचान अब्दुल जाहिद, माज हसन फारुख और मोहम्मद समीउद्दीन के तौर पर हुई है। इनकी गिरफ्तारी रविवार (2 अक्टूबर 2022) को हुई। अब्दुल जाहिद पहले भी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। उसका संबंध लश्कर-ए-तैय्यबा से बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि ज़ाहिद को 4 ग्रेनेड दिए गए हैं। वह हैदराबाद में आतंकी हमले की तैयारी कर रहा है। पुलिस को जाहिद के साथियों के बारे में भी इनपुट मिले थे। जाहिद पर पूर्व में भी एक सार्वजनिक समारोह में ग्रेनेड फेंकने का आरोप है। लिहाजा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मलकपेट इलाके की घेराबंदी की और तीन आतंकियों को धर दबोचा।

हैदराबाद पुलिस के मुताबिक जाहिद पाकिस्तानी आकाओं से निर्देश ले रहा था। वह हैदराबाद में कट्टरपंथ का प्रसार कर स्थानीय युवाओं की भर्ती में भी लगा था। जाहिद साल 2002 में हैदराबाद के दिलसुख नगर स्थित साईबाबा मंदिर, मुंबई के घाटकोपर बम विस्फोट, 2005 में मुंबई टास्क फोर्स ऑफिस और हैदराबाद के बेगमपेट में हमले में भी शामिल रहा है। उसने साल 2004 में सिकंदराबाद के गणेश मंदिर के पास भी विस्फोट करने की कोशिश की थी।

पुलिस ने गिरफ्तार आतंकियों के पास से 4 हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। इनके पास से करीब 5.40 लाख रुपए कैश भी मिले हैं। साथ ही 5 मोबाइल फोन और एक बाइक भी बरामद की गई है।

तेलंगाना : ‘हैदराबाद में चलेगा हमारा राज’: भाजपा MLA के लिए लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे ; राम भक्तों की सुनवाई क्यों नहीं होती

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष बंदी संजय कुमार गिरफ्तार (बाएँ), विधायक टी राजा सिंह (दाएँ) ने हिन्दुओं के लिए उठाई आवाज़
तेलंगाना पुलिस ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उधर विधायक टी राजा सिंह ने पूछा है कि राम भक्तों की कोई सुनवाई क्यों नहीं है? 23 अगस्त, 2022 को भाजपा तेलंगाना में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है और पार्टी के कार्यकर्ता जगह-जगह सड़कों पर उतरे हुए हैं। सत्ताधारी TRS की विधान पार्षद कलवाकुन्तल कविता के हैदराबाद स्थित आवास के बाहर से भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिसका पार्टी विरोध कर रही है।

असल में ये मामला दिल्ली में शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें आम आदमी पार्टी नेता और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम सामने आया है। उनके कई ठिकानों पर CBI की छापेमारी भी हुई है। इसी घोटाले में TRS महिला नेता कविता का नाम भी जुड़ा है। 2014-19 के बीच वो निजामाबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुकी हैं। बंदी संजय कुमार जब गिरफ्तार किए गए, तब वो जगाँव में एक धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ी रोक कर इस गिरफ़्तारी का विरोध किया।

इसके बाद तेलंगाना पुलिस हिंसक हो उठी और भाजपा कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया। पुलिस की लाठीचार्ज में कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इससे एक दिन पहले कलवाकुन्तल कविता के हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। वो राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी भी हैं। प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यकर्ताओं को न सिर्फ TRS कार्यकर्ताओं ने खदेड़ा, बल्कि पुलिस ने भी उन्हें पीटा और गिरफ्तार किया।

विधायक T राजा सिंह ने हिन्दू देवी-देवताओं को निशाना बनाए जाने को लेकर उठाया सवाल

उधर भाजपा विधायक टी राजा सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा है कि जब हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर चुटकुले सुनाए जाते हैं और उन्हें निशाना बनाया जाता है, तब ऐसी कोई FIR नहीं होती। उन्होंने कहा कि आज उनके खिलाफ राज्य में जगह-जगह FIR किए जा रहे हैं, लेकिन क्या हमारे राम, भगवान नहीं हैं? क्या हमारी सीता माँ नहीं है? बता दें कि मुस्लिम भीड़ उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर रही है। उनके खिलाफ ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगे।
उन्होंने कहा, “आज तेलंगाना में भगवान राम और माँ सीता के भक्त पूछ रहे हैं कि हमारे देवी-देवताओं पर बदजुबानी करने वालों को पुलिस की सुरक्षा क्यों मिलती है? उसे ऐसी सुरक्षा दी जाती है, जैसी देश के प्रधानमंत्री को भी न मिले। आप जनता को किस तरह का सन्देश देना चाहते हैं?” उनका इशारा मुनव्वर फारूकी की तरफ था। पुलिस की भारी तैनाती के बीच उसका कॉमेडी शो कराया गया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और माँ सीता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोलने वालों का यहाँ सम्मान है, उनके भक्तों की कोई इज्जत नहीं है।
‘हैदराबाद में चलेगा हमारा राज’: टी राजा सिंह के खिलाफ सड़कों पर उतरे कट्टरपंथी, पुलिस के सामने लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे
तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक टी राजा सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उनपर कट्टरपंथियों ने आरोप लगाया है कि उनकी वीडियो में पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया गया।
वीडियो 22 अगस्त की रात मुनव्वर फारूकी के शो के खिलाफ बनाई गई थी। इसी में टी राजा सिंह ने पैगंबर मोहम्मद को और उनके निकाह लेकर विवादित टिप्पणी की। इसे देखने के बाद मुस्लिम भड़क गए और देर रात सड़कों पर कट्टरपंथियों की ऐसी भीड़ देखने को मिली जो ‘खुलेआम सर तन से जुदा’ के नारे लगा रही थी।
एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर सैयद कशफ द्वारा इस भीड़ का नेतृत्व किया गया और हैदराबाद कमिश्नर ऑफिस के बाहर ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा-सर तन से जुदा’ के नारे लगते रहे। कशफ को कहते सुना गया, “हैदराबाद को हम लोग कंट्रोल करते हैं।”
आजतक की रिपोर्ट बताती है कि कट्टरपंथियों की यह भीड़ पूरी रात सड़क पर डटी थी और सुबह होने पर इन्होंने नमाज पढ़ी। फिर अपनी माँग करने लगे। वहीं हैदराबाद पुलिस ने इस मामले के संज्ञान में आते ही ये केस दायर किया।
दबीरापुरा थाने में आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 505 (1)(b)(c), 505 (2), 506 के तहत केस को दर्ज हुआ और आज सुबह टी राजा सिंह की गिरफ्तारी हुई।
टी राजा सिंह ने इस बीच ये बयान भी दिया कि उन्होंने अपनी वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया है। उनकी वीडियो को गलत लिया जा रहा है। इसलिए वह एक और वीडियो साझा करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि हर एक्शन का एक रिएक्शन होता है।
टी राजा सिंह ने हैदराबाद में मुनव्वर फारूकी का शो रद्द करवाने के लिए लगातार बयान दे रहे थे। लेकिन 22 अगस्त को उन्होंने फारूकी की हिंदू विरोधी कॉमेडी पर निशाना साधते हुए एक वीडियो बनाई और जिसमें बात करते करते वह एक बुजुर्ग व्यक्ति की बात बताने लगे। मुस्लिमों ने उसे सीधा पैगंबर मोहम्मद से जोड़ा और सैंकड़ों की तादाद में सड़कों पर आ गए।
ये क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल है। मुस्लिम इसे देख भड़क रखे हैं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग जगह से हिरासत में लिया है। सबको बशीर बाग समेत अन्य नजदीकी थानों में रखा गया है। अन्य पार्टियों के नेता कह रहे हैं कि भाजपा नेता ने राज्य की शांति भंग करने का प्रयास किया है। उन्हें विधानसभा से सस्पेंड करने की माँग हो रही है।

तेलंगाना : क्या जूनियर NTR होंगे तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री?

                                                                                                               साभार: अमित शाह का ट्विटर
साउथ के मशहूर एक्टर्स में से एक जूनियर एनटीआर की हाल में हैदराबाद में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई। इसकी तस्वीरें अमित शाह ने अपने ट्विटर पर शेयर की। उन्होंने बताया कि जूनियर एनटीआर के साथ उनकी मुलाकात बहुत अच्छी रही।

शाह ने ट्वीट में लिखा, “एक बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता और तेलुगु सिनेमा के रत्न, जूनियर एनटीआर के साथ हैदराबाद में अच्छी बातचीत हुई।”

जूनियर एनटीआर ने इस ट्वीट की प्रतिक्रिया में अमित शाह का धन्यवाद दिया और बताया कि उनको गृह मंत्री से मिलकर बहुत अच्छा लगा।

जूनियर एनटीआर साउथ के मशहूर हीरो में से एक हैं। उन्होंने हाल में आरआरआर जैसी सुपरहिट फिल्म दी है। इसके अलावा वह धार्मिक वेशभूषा के कारण भी चर्चा में रहते हैं। तेलंगाना चुनावों को नजदीक देख लोग अमित शाह के साथ उनकी तस्वीरों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वही साझा तस्वीरों को धड़ाधड़ लाइक मिल रहे हैं। खबर लिखने तक शाह द्वारा शेयर तस्वीरों को 65 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके थे।

कुछ लोगों एनटीआर की सभ्यता देख उनकी तारीफ कर रहे हैं। उन्हें तेलुगु सिनेमा और भारतीय सिनेमा का सितारा कह रहे हैं। ‘जय NTR- जय NTR’ लिख रहे हैं। तो कुछ लोग इसे राजनीति से जोड़ देख रहे हैं।  यूजर हैरानी से पूछ रहे हैं, “क्या जूनियर एनटीआर के राजनीति में आने के कोई चांस हैं?”

अरुण सिंह कहते हैं, “अगले मुख्यमंत्री जूनियर एनटीआर”

एक यूजर कहता है, “भारतीय राजनीति का नया दौर शुरू होने जा रहा है।” वहीं कुछ इसे कह रहे हैं ‘अन्ना का दौर शुरू होने वाला है।

एक यूजर कहता है, “ये तो बस शुरुआत है। ये आदमी हमारी उम्मीदों से भी ऊँची उड़ान को भरेगा।”

करण लिखते हैं, “एक शेर दूसरे शेर से मिल रहा है।”

जूनियर एनटीआर टीडीपी संस्थापक दिवंगत एनटी रामाराव के पोते हैं। आखिरी बार वह चुनावों के समय 2009 में सक्रिय देखे गए थे। इसके बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली। लेकिन अब अमित शाह और उनकी मुलाकात के बाद लोगों को लग रहा है कि आने वाले समय में वह बीजेपी का साथ देंगे।

नशे की हालत में प्रमोशन, गणपति बप्पा के जयकारे, देवी-देवताओं के अपमान

बिग बॉस तेलुगु (Bigg Boss Telugu) की एक्स कंटेस्टेंट सरयू रॉय (Sarayu Roy) को देवी-देवताओं का अपमान करने और हिंदुओं की भावनाएँ भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। हैदराबाद पुलिस ने 9 फरवरी 2022 को रॉय को उसके तीन दोस्तों के साथ गिरफ्तार किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) का आरोप है कि सरयू ने पिछले साल रिलीज हुई अपनी शॉर्ट फिल्म के प्रमोशन के दौरान हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया था। VHP के जिला अध्यक्ष चपुरी अशोक ने तेलंगाना के सिर्सिल्ला में सरयू के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया था कि सरयू और उसके साथी कलाकारों ने हिंदू समुदाय और महिलाओं को नीचा दिखाया था। इसके बाद पुलिस ने ‘बिग बॉस’ की एक्स कंटेस्टेंट के खिलाफ FIR दर्ज की थी। बाद में यह मामला बंजारा हिल्स थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। अब उसी मामले में सरयू को गिरफ्तार किया गया है।

सोशल मीडिया पर उनके थाने में घुसने के कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं। हालाँकि सरयू ने रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। वह केवल पूछताछ के सिलसिले में पुलिस स्टेशन गई थीं।

सरयू और उसके साथियों को शॉर्ट फिल्म के प्रमोशन के दौरान नशे की हालत में गणपति बप्पा मोरिया के नारे लगाते हुए देखा गया था। सरयू राय तेलुगु बिग बॉस सीजन 4 में नजर आई थीं। वह टीवी में भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने तेलुगु के ‘पर्चम’, ‘गंगवार’ जैसे शोज में भी काम किया है। वह यूट्यूब की जानी मानी कंटेंट क्रिएटर भी हैं। यूट्यूब पर उनके चैनल 7Arts के 1.3 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं।

मेवात के बाद अब हैदराबाद में निकाह धड़ाधड़, मस्जिदों में लंबी लाइन

मोदी सरकार कोई भी कानून बनाए मुस्लिम समाज में इतनी अधिक खलबली मच जाती है, जिसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। क्या कारण है कि किसी कानून से इन्हे क्यों डर सताता है? विपरीत इसके जब बैंकों में मोदी सरकार द्वारा रूपए जमा करवाए जाते हैं या फ्री में राशन मिलने की बात हो, सबसे आगे ये ही शांतिप्रिय होते हैं। अब इसे इनका दोगलापन न कहा जाए तो क्या कहा जाए। 
केंद्र की मोदी सरकार ने हाल ही में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल करने का प्रस्ताव पास किया था। हकानून नहीं बना है। लेकिन इसकी आहट से ही मुस्लिम समुदाय में अफरातफरी दिख रही है। वे जल्दी से जल्दी लड़कियों का निकाह करना चाहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसके कारण हैदराबाद के पुराने शहर की मस्जिदें व्यस्त और गुलजार हैं।

जल्दबाजी में किए जा रहे इन निकाहों में शामिल दुल्हनों की उम्र 18 से 20 साल के बीच बताई जा रही है। पहले इनमें से अधिकांश का निकाह 2022-2023 में होना तय था। लेकिन शादी की न्यूनतम उम्र से जुड़ा नया कानून आने के डर से अब उनके परिजन इंतजार नहीं करना चाहते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस बाबत ओल्ड सिटी में रहने वाले कम से कम आधा दर्जन परिवारों से बात की, जिन्होंने इसी कारण से अपनी बेटियों की निकाह की तारीख बदली है। रिपोर्ट में कहा गया है कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से निकाह के बावजूद परिवारों ने ‘विदाई’ की रस्म को फिलहाल टाल दिया है।

19 साल के एक लड़की की अम्मी समरुन्निसा ने TOI से बात करते हुए कहा कि उनकी तीन बेटियाँ हैं, जिनमें से एक विकलांग है। ऐसे में वह अपनी एक बेटी की शादी के लिए दो साल और इंतजार कैसे कर सकती है? वहीं बाबानगर की एक महिला ने बताया कि उसके पति कमाने के लिए श्रीलंका गए हैं और वह उनके वापस आने के बाद 2022 के मध्य में अपनी बेटी का निकाह करना चाह रही थी, लेकिन बिल के बारे में सुनने के बाद उसे जल्दबाजी में यह कदम उठाना पड़ा है। 

इसी तरह रहमत अली ने 26 दिसंबर को अपनी बेटी का निकाह किया और उसकी विदाई 4-5 महीने में करेंगे, क्योंकि अभी उनके पास बेटी को फर्नीचर, गहने या कपड़े आदि देने के लिए पैसे नहीं हैं। वहीं चंद्रयानगुट्टा निवासी एक जोड़ा अपनी बेटी की शादी के लिए केसीआर सरकार की ‘शादी मुबारक’ योजना पर निर्भर है। 2014 में टीआरएस सरकार ने यह योजना शुरू की थी। यह योजना एससी, एसटी, ईबीसी या अल्पसंख्यकों को 1 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देती है। योजना के लाभ के लिए लड़कियों की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

इलाके के एक स्थानीय नेता फ़िरोज़ खान ने बताया कि इसी योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार निकाह करवा रहे हैं, ताकि वो जल्द से जल्द इसके लिए आवेदन कर सकें। वहीं बिल को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु और अमरत-ए-मिल्लत-ए-इस्लामिया तेलंगाना और आंध्र के अमीर (प्रमुख) मौलाना जफर पाशा का कहना है कि यह मुस्लिम पर्सनल लॉ में ‘घुसपैठ’ के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में एक मुस्लिम लड़की यौवन प्राप्त करने के बाद शादी कर सकती है।

हाल ही में हरियाणा के मेवात से भी ऐसी ही खबर सामने आई थी। यहाँ के मुस्लिम बहुल वाले नूँह क्षेत्र में लोग ऐसे लड़कों की तलाश में हैं, जो 2 दिन में निकाह करने के लिए तैयार हो जाए। इमामों के पास दूल्हा बताने की इतनी माँग बढ़ गई है कि अब इस संबंध में अजान के समय घोषणा भी होती सुनी गई है। नूँह जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष साजिद इस कानून को लेकर कहा था, “हम इस पर आपत्ति जताते हैं। ये उनके लिए ठीक है जो पढ़ी लिखी हैं और जीवन में कोई उद्देश्य रखती हैं, लेकिन जिनका कोई उद्देश्य नहीं है, वह अनपढ़ हैं, उन्हें उनके माता-पिता शादी न होने पर भार समझते हैं।“

हैदराबाद का नाम बदलकर ‘भाग्यनगर’ करने की माँग तेज

                                                    साभार: द टेलीग्राफ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) का नाम बदलकर ‘भाग्यनगर’ (Bhagyanagar) करने की माँग तेज कर दी है। माना जा रहा है कि अगले साल 5 जनवरी से 7 जनवरी के बीच संघ और बीजेपी के बीच होने वाली समन्वय बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ बीजेपी के महासचिव बीएल संतोष समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे।

आरएसएस ने खुद इसकी जानकारी ट्विटर के जरिए दी है। खास बात यह रही है कि संघ ने अपने ट्वीट में हैदराबाद को भाग्यनगर के नाम से जिक्र किया है। संघ के ट्वीट में लिखा गया, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सम्बंधित समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्र में कार्यरत विविध संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की समन्वय बैठक अगले माह 5 से 7 जनवरी 2022 को भाग्यनगर (हैदराबाद), तेलंगाना में आयोजित हो रही है।”

हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर करने की माँग कोई नई नहीं है। इससे पहले भी समय-समय पर इसकी माँग उठती रही है। साल 2020 में हैदराबाद के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी हैदराबाद का नाम भाग्यनगर करने की माँग की थी। 29 नवंबर 2020 को हैदराबाद के मलकजगिरी क्षेत्र में भाषण देते हुए उन्होंने कहा था, “कुछ लोग मुझसे पूछ रहे थे कि क्या हैदराबाद का नाम बदल कर भाग्यनगर किया जा सकता है? मैंने कहा क्यों नहीं? मैंने उनसे कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने के बाद जब हमने फैजाबाद का नाम अयोध्या किया और इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया तो भाग्यनगर के रूप में हैदराबाद का नाम क्यों नहीं बदला जा सकता है?”

इसके साथ ही सीएम योगी ने भाग्यनगर का मतलब भी समझाते कहा था कि इसका अर्थ विकास का प्रतीक होता है। यहीं नहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भी हैदराबाद शहर को भाग्यनगर करने की बात कही थी।

हैदराबाद : मलद्वार (Rectum) में 7.3 KG सोना छिपाकर दुबई से ला रहे थे सूडानी, 2 महिलाओं सहित 4 गिरफ्तार

              हैदराबाद एयरपोर्ट पर 7.3 KG सोना तस्करी कर रहे सूडान के 4 नागरिक गिरफ्तार (चित्र सांकेतिक)
हैदराबाद एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी करने के आरोप में शुक्रवार (10 दिसम्बर) को 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार सभी आरोपित सूडान के नागरिक हैं। आरोपितों में 2 पुरुष और 2 महिलाएँ शामिल हैं। ये सभी आरोपित अपनी गुदा (rectum) में सोने को छिपा कर ला रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी आरोपित दुबई से भारत पहुँचे थे। शक के आधार पर अधिकारियों ने रोक कर इनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान इनके पास से 7.3 किलोग्राम सोना बरामद किया गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 3.60 करोड़ रुपये आँकी गई है। बरामद किए गए सोने को कस्टम एक्ट 1962 के तहत ज़ब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार करने के बाद आरोपितों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

इसी अक्टूबर में हैदराबाद एयरपोर्ट पर ही रिचार्जेबल लालटेन में पेस्ट के रूप में लाए जा रहे 6 किलोग्राम से अधिक सोने को बरामद किया गया था। जुलाई में चेन्नई में कस्टम विभाग ने एक व्यक्ति से 1.2 किलोग्राम सोने का पेस्ट के साथ पकड़ा था। उसने भी 810 ग्राम सोना गुदा (Rectum) में छिपा रखा था। खास बात ये है कि वह आरोपित भी दुबई से ही आया था।

हैदराबाद : ‘वसीम रिजवी जहाँ भी दिखे, गला काट कर लाओ, 50 लाख रुपए दूँगा’ – मर्डर करने वाले का केस भी लड़ूँगा : कांग्रेस नेता का ऐलान

कांग्रेस नेता मोहम्मद फिरोज खान ने वसीम रिजवी के सिर पर
रखा 50 लाख रुपए का इनाम
हैदराबाद के कांग्रेस नेता मोहम्मद फिरोज खान ने ‘शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड’ के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी (अब जितेंद्र नारायण स्वामी) के सिर पर 50 लाख रुपए का इनाम रखा है। ये वीडियो 10 दिन पुराना है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि वसीम रिजवी ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति धाम में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के मार्गनिर्देशन में न सिर्फ हिन्दू धर्म अपना लिया, बल्कि जीते-जी अपना अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी पूरी कर ली।

मोहम्मद फिरोज खान हैदराबाद से कांग्रेस के टिकट पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमें वो ऐलान करते दिख रहे हैं कि जो भी सैयद वसीम रिजवी का सिर कलम करेगा, उसे 50 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। इस वीडियो को सबसे पहले 25 नवंबर, 2021 को ‘Voiceup Media’ नामक यूट्यूब चैनल ने शेयर किया था। इस वीडियो में मोहम्मद फिरोज खान वसीम रिजवी को लेकर अभद्र और गाली वाली भाषा का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

वीडियो में कांग्रेस नेता कहते हैं, “वसीम रिजवी, 4 महीने से सुन रहा हूँ तेरे को मैं। बर्दाश्त जो है ना, तू ख़त्म कर देगा। ये जहाँ भी दिखे, इसकी हत्या कर दो और इसका गला लेकर मेरे पास आ जाओ। 50 लाख रुपए मेरे से ले लेना। सेशन कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक, इसका मर्डर करने वाले के लिए हर जगह वकील मैं रखूँगा। साथ खड़ा रहूँगा। ऐसे ‘ह%म के %ल्ले’ को और ‘सू&र की औलाद’ को जीने का कोई हक़ नहीं है। जो भी मेरे को सुन रहे, मैं अल्लाह की कसम खा रहा कि मैं तेरा साथ दूँगा।”

हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब वसीम रिजवी का नाम लेकर इस तरह का ऐलान किया गया हो। मार्च 2021 में उनका सिर काट कर लाने पर मुरादाबाद बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता अमीरुल हसन जाफरी ने 11 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि घोषित इनाम की व्यवस्था वह अपने पास से और बार एसोसिएशन के लोगों के माध्यम से एकत्र करेंगे और अगर इसके बाद भी रकम कम पड़ जाती है तो वो अपनी औलाद को बेच देंगे, लेकिन ‘कुरान से छेड़छाड़ करने वाले’ वसीम रिजवी का सिर क़लम करने वाले को पूरा इनाम देकर रहेंगे।

उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ‘वसीम रिजवी’ ने आज (6 दिसंबर 2021) डासना देवी मंदिर में हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया। अब उनका नाम जितेंद्र नारायण स्वामी/ त्यागी किया गया है। इस धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान मंदिर में हवन पूजा और अनुष्ठान हुए और ‘रिजवी’ से जलाभिषेक करवाया गया। मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद ने बताया कि उन्होंने वसीम को त्यागी उपजाति इसलिए दी क्योंकि वह बताना चाहते हैं कि हिंदू धर्म में जाति व्यवस्था कमजोरी नहीं है। वहीं ‘रिजवी’ ने कहा, “मैं अब यति का सिपाही हूँ, सनातन के दुश्मनों से मिल कर लड़ेंगे।”

हैदराबाद : सेंट एंड्रयूज स्कूल में माहवारी पीड़ित दलित के कई बार वॉशरूम जाने पर टीचर ने सारे कपड़े उतरवा दिए

                                                     प्रतीकात्मक 
हैदराबाद के सेंट एंड्रियूज स्कूल (St Andrews School) में एक 15 वर्षीय दलित छात्रा के साथ बदसलूकी की घटना सामने आई है।छात्रा 23 सितंबर को स्कूल में एक पेपर देने गई थी और उस समय उसकी माहवारी भी चल रही थी। ऐसे में उसे पेपर के बीच के कई बार वॉशरूम जाना पड़ा, जिसे देख टीचर को उस पर शक हुआ और टीचर उसे एक आया के साथ वॉशरूम में ले गई। वहाँ उससे उसके कपड़े उतरवाए गए और फिर अंडरगार्मेंट्स उतारने को मजबूर किया गया। टीचर दरअसल ये चेक करना चाहती थी कि कहीं छात्रा ने कपड़ों के भीतर मोबाइल तो नहीं छिपा रखा। अपने इसी शक में उसने लड़की को कपड़े उतारने पर मजबूर कर दिया लेकिन मिला कुछ नहीं। जब छात्रा की माँ को इसका पता चला तो उन्होंने इस संबंध में शिकायत लिखवाई और कार्रवाई की माँग की।

द न्यूज मिनट में प्रकाशित खबर के अनुसार, सेंट एंड्रियूज की छात्रा अनीता (बदला नाम) की माँ सुधा (बदला नाम) की शिकायत पर इस केस को आईपीसी की धारा 354, 504, 509 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2) के तहत दर्ज किया गया है। सुधा ने इस केस में ‘तेलंगाना स्टेट कमीशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स’ को भी सूचित किया है। उनका कहना है कि वो अपनी बेटी के साथ हुए ऐसे बर्ताव से हैरान हैं और उनके अनुसार ये पहली दफा नहीं है जब स्कूल में उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया हो। बीते समय मे भी कई बार अनीता की टीचर ने पूरी क्लास में उलटा-सीधा बोला था। वो कभी कपड़ों पर बोलती थी तो कभी उसकी चाल-ढाल पर।

सुधा के मुताबिक उनकी बेटी को उनकी जाति की वजह से निशाना बनाया गया। वह लोग माला समुदाय के हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षिका का इस तरह से बच्ची के साथ बर्ताव और बीते समय में हुई घटनाएँ कि ये बताती है कि सबकुछ जानबूझकर हुआ। ऐसे में ये मानना भी जायज है कि उसके रंग और जाति की वजह से किया गया। सुधा कहती हैं कि ऐसे बर्ताव का असर उनकी बेटी पर आजीवन रह जाएगा। वो लोग हैरान हैं और शर्मसार भी कि उन्होंने पहले की घटनाओं को जाने दिया। 

वह कहती हैं, “ये शर्मनाक माहौल है जिसे सेंट एंड्रियूज स्कूल ने तैयार किया है। यहाँ बच्चों को बराबर नहीं देखा जाता और उन्हें जीवन भर ट्रॉमा से गुजरने के लिए ढकेला जाता है।” वह बताती है कि उनकी बेटी को एक बार छोटे कपड़े पहनने पर सुनाया गया था जबकि बाकी बच्चे भी वैसे कपड़े पहनके आए थे। वह कहती हैं कि हमेशा अनीता की हर बात के लिए आलोचना हुई। चाहे बात कपड़ों की हो, हेयरस्टाइल की हो या फिर ऑनलाइन क्लास के दौरान नेटवर्क फेल होने के कारण ऑफलाइन होने की। हर बार टीजर ने अनीता को कोसा।

लड़की की माँ कहती हैं कि जब उन्होंने इस संबंध में स्कूल प्रिंसिपल से शिकायत करनी चाही तो उन्हें कहा गया कि वो झूठ बोल रही है और ऐसी कोई घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बेटी पिछले साल कॉपी करते पकड़ी गई थी। सुधा का कहना है कि अगर ऐसा कुछ हुआ भी था तो उन्हें इस बारे में क्यों कुछ नहीं बताया गया। लेकिन इसके बदले उन्हें कोई जवाब नहीं मिला बल्कि उनकी बेटी पर इल्जाम लगते रहे।

सुधा अब बस स्कूल से टीचर के ख़िलाफ़ जाँच चाहती हैं और बेटी को गाली देने और उसको प्रताड़ित करने के लिए  कार्रवाई चाहती हैं। मगर स्कूल लगातार ऐसे किसी भी घटना से मना कर रहा है। प्रिंसिपल पदमाल्या सरमा का कहना है कि उनके स्कूल की जाँच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया। वह कहती हैं कि उन्होंने तो टीचर को बच्ची की तारीफ करते देखा है। वह नहीं मानती कि उनके स्कूल में जाति-पाति से जुड़ी कोई बात हो सकती है। खुद को आर्मी ऑफिसर की पत्नी बताते हुए वह कहती हैं कि वो बच्चों के प्रति प्रोटेक्टिव हैं।

अब पुलिस इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के जरिए छानबीन कर रही है। वहीं अन्य सबूतों पर भी गौर किया जा रहा है। मल्काज़गिरी के डीसीपी रक्षिता के मूर्ति कहते हैं, “मामला अभी जाँच के दायरे में। घटना संबंधी सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।”

इस घटना के बाद अनीता ने 20 अक्टूबर से स्कूल जाना बंद कर दिया है। वो अकेले ऑनलाइन क्लास ले रही है। उसे डर है कि कहीं इस घटना की वजह से उसे स्कूल में किसी से कुछ सुनना न पड़े। कहीं टीचर उससे नाराज न हों या कहीं बच्चे उसका मजाक न उड़ाएँ। वहीं लड़की के घरवालों का पूछना है कि अगर अनीता का रूटीम चेकअप ही किया गया तो फिर उसे बाथरूम में ले जाने की क्या जरूरत थी।

तेलंगाना : काली मंदिर की जमीन पर कब्जा: AIMIM के गुंडों के साथ पुलिस की मिलीभगत का आरोप

          भाजपा नेता ने डीसीपी पर महिलाओं से बदसलूकी करने और कब्जा करने वालों का साथ देने का आरोप लगाया है                                                                                                      (चित्र साभार- हिंदी साक्षी)

काली माता मंदिर विवाद के बाद, तेलंगाना भाजपा के अध्यक्ष बंडी संजय पटेल (Bandi Sanjay Kumar Patel ) ने दिसंबर 16, 2020 को माँग की है कि केसीआर सरकार मंदिरों के स्वामित्व वाली भूमि की रक्षा करे। साथ ही, उन्होंने कब्जाधारियों का साथ देने वाले स्थानीय डीसीपी को निलंबित करने की भी माँग की।

भाजपा नेता ने सवाल किया कि सरकारी (धर्मस्व विभाग) जमीन बचाने की कोशिश करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस कैसे गिरफ्तार कर सकती है? हिन्दू महिलाओं से बदसलूकी और पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए बंडी संजय ने कहा कि आज की घटना से स्पष्ट होता है कि पुलिस कब्जा करने वालों के साथ खड़ी है।

तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा सिंह के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बंडी संजय ने कहा कि अगर सरकार ने 24 घंटे के भीतर इस मुद्दे पर जवाब नहीं दिया, तो मुख्यमंत्री केसीआर को ओल्ड सिटी में मंदिर की जमीन पर भाजपा के आंदोलन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

भाजपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि स्थानीय डीसीपी ने काली माता मंदिर स्थल पर विरोध कर रही महिलाओं के साथ गैरजिम्मेदाराना व्यवहार किया। संजय ने कहा, “पुलिस अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों का साथ देते हुए निचली अदालत के आदेश का समर्थन किया, भले ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ उच्च न्यायालय का आदेश पहले से ही था।”

उन्होंने कहा, “जैसे ही डीसीपी ने मुझे रोका, सैकड़ों एमआईएम के गुंडे इकट्ठा हुए और नारे लगाए। जिस डीसीपी को कानून और व्यवस्था को बनाए रखना था, उसने एमआईएम कार्यकर्ताओं का समर्थन करने की कोशिश की।”

विधायक राजा सिंह ने कहा कि ओल्ड सिटी में सुबह से तमाशा चल रहा था। भू-माफिया काली माता मंदिर से जुड़ी 8 एकड़ और 15 गुंटा जमीन छीनने की कोशिश कर रहे थे, जिसकी कीमत 150 करोड़ रूपए है।

उन्होंने कहा पुलिस अधिकारियों और अतिक्रमणकारियों पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया। रजा सिंह ने कहा कि एंडॉवमेंट डिपार्टमेंट ने निचली अदालत में इस मामले में सुनवाई नहीं की, जिससे पता चलता है कि वे अतिक्रमणकारियों के साथ मिले हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सांप्रदायिक माहौल बनाने की योजना बनाई और इसका दोष भाजपा पर मढ़ने का प्रयास किया, लेकिन वे विफल रहे।

काली मंदिर जमीन पर कब्जे को लेकर हुई थी झड़प

हैदराबाद ओल्ड सिटी के उप्पुगुड़ा कालिका माता मंदिर (Kalika Mata temple, Uppuguda) से जुड़ी करीब 8 एकड़ 13 गुंटा जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, धर्मस्व विभाग की इस जमीन को अपनी बताते हुए एक व्यक्ति के सिटी सिविल कोर्ट से पुलिस प्रोटेक्शन ऑर्डर लेकर आने और घटनास्थल पर पुलिस की मौजूदगी में निर्माण शुरू करने पर भाजपा नेताओं सहित स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य को रोकने की कोशिश की।

इस पर भाजपा नेताओं ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर निर्माण कार्य को रोकने की कोशिश की, तो पुलिस ने भाजपा नेताओं व महिलाओं को घसीटते हुए ले जाकर वाहनों में चढ़ाया, जिसे लेकर वहाँ तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने कहा कि अदालत के आदेशों का ही पालन किया जा रहा था, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि आठ एकड़ और 13 गुंटा जमीन कालिका मंदिर और एक हिंदू कब्रिस्तान की है।

जिस समय विवादित जमीन के चारों ओर बाड़ बनाई जा रही थी, तभी भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग बुधवार को घटनास्थल पर जमा हुए और नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने वहाँ पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें दबीरपुरा और फलकनुमा पुलिस थानों में भेज दिया गया।

इस बीच, एआईएमआईएम कार्यकर्ता बालसेट्टी खेत पहुँछे, जहाँ वे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ भिड़ गए और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंडी संजय को रोकने की कोशिश की, जो कि दबीरपुरा पुलिस स्टेशन जा रहे थे। हालाँकि, मिर्चचौक एसीपी ने हस्तक्षेप किया और दोनों समूहों को वहाँ से खदेड़ दिया।

विधायक राजा सिंह ने बाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक कब्रिस्तान काली माता मंदिर, कंधीगल से सटा हुआ है, जिसमें चंद्ररंगुट्टा निर्वाचन क्षेत्र में 8.23 ​​एकड़ जमीन है। अतीत में, भूमि-अधिग्रहणकर्ताओं और बंदोबस्ती विभाग के अधिकारियों ने तीन बार उस जमीन को अलग करने की कोशिश की थी, जिसे स्थानीय लोगों ने नहीं होने दिया।

राजा सिंह ने कहा कि जब वे इस संपत्ति हथियाने में विफल रहे, तो जमीन हड़पने वालों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और बंदोबस्ती अधिकारियों ने भी मामले में कोई बाधा नहीं डाली। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और एक आदेश प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेशों को लागू करने के बजाय, जमीन हड़पने वालों ने पुलिस सुरक्षा के तहत निचली अदालत के आदेशों को लागू करने की कोशिश की जिस कारण विवाद हुआ।


हैदराबाद नगर निगम चुनाव : TRS को तगड़ा नुकसान, 12 गुना बढ़ी बीजेपी की सीटें, कांग्रेस 2 पर सिमटी

ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) की 150 सीटों पर नतीजों का ऐलान हो चुका है। सामने आए परिणामों में टीआरएस ने 56 सीटें हासिल की है, लेकिन पिछली बार के मुकाबले उसे तगड़ा नुकसान हुआ है। सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन भाजपा का रहा। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को बीजेपी ने तीसरे नंबर पर धकेल दिया है। इन स्थानीय चुनावों के माध्यम से दक्षिण भारत में भाजपा ने दूसरे राज्य में अपना प्रभुत्व दिखाने से आंध्र प्रदेश का रास्ता सुगम करने के साथ-साथ दक्षिण और पश्चिम भारत में होने वाले चुनावों पर भी इसका असर पड़ता दिख रहा है। 

दूसरे, पंजाब में होने वाले चुनावों में भी भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने में सक्षम दिखाई देने का मुख्य कारण है, दलालों को बचाने के चक्कर में किसानों के नाम पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अकाली दल ने खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है, जो इन तीनों में हो रही तू-तू मै-मै से उभर कर आ गयी है।  

भाजपा ने इन चुनावों में 49 सीटें हासिल की है। AIMIM को 43 सीटें मिली है। यानि इस पार्टी को केवल मुस्लिम क्षेत्रों तक ही समेट दिया। कांग्रेस की बात करें तो बिहार चुनाव की तरह हैदराबाद में भी उनका प्रदर्शन निराशजनक है। पार्टी को केवल 2 सीटों पर जीत हासिल हुई है। इसके चलते प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने इस्तीफा दे दिया है।

साल 2016 में हुए चुनावों की तुलना में भाजपा का प्रदर्शन इस बार जबरदस्त रहा है। पिछले चुनावों में भाजपा को मात्र 4 सीटें मिली थी। वहीं टीआरएस जिसे 4 साल पहले 99 सीट मिली थीं, अब 56 सीट पर आ गई है। 2016 में AIMIM को 44 सीट मिली थी।

हैदराबाद के नगर निगम चुनावों में भाजपा की ऐसी बढ़त से ट्विटर पर अचानक ‘भाग्यनगर में भगवाधारी’ ट्रेंड करने लगा है। भगवाधारी भाजपा की जीत के लिए इस्तेमाल हो रहा है, जबकि ‘भाग्यनगर’ शब्द का इस्तेमाल हैदराबाद की जगह किया जा रहा है।

ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने ये दावा किया था कि भाग्यनगर शहर का नाम इस मंदिर के कारण पड़ा। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हैदराबाद में एक चुनावी रैली में कहा था, “अगर हम इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर सकते हैं तो हम हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर क्यों नहीं कर सकते हैं।”

हैदराबाद का नाम "भाग्य नगर" करने के आव्हान से भाजपा को सबसे अधिक लाभ हुआ है, क्योकि मुग़ल काल से पहले इसका वास्तविक नाम हैदराबाद ही था। लेकिन कांग्रेस और इसके समर्थक दलों ने तुष्टिकरण नीति पर चलते कभी हैदराबाद का वास्तविक नाम करने के बारे में बोलना तो दूर की बात है, सोंचा तक नहीं। भाजपा विरोधी किसी भी पार्टी ने वास्तविक इतिहास को प्रकाश में लाने के लिए मंथन तक नहीं किया, ये सब बस हिन्दू-मुस्लिम में आज तक व्यस्त हैं। जिस दिन भाजपा तेलंगाना विधान सभा में सत्ता में आ गयी, निश्चित रूप से हैदराबाद अपने वास्तविक नाम से जाना जाएगा।  

इस ऐतिहासिक जीत के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भी तेलंगाना के लोगों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, “तेलंगाना के लोगों को पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की राजनीति करने वाली भाजपा पर विश्वास दिखाने के लिए आभार।” आगे उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष संजय बंदी को शुभकामनाएँ दी और सभी कार्यकर्ताओं को उनके कठोर परिश्रम के लिए सराहा।

वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा हैदराबाद चुनाव का रुझान जो भी हो, लेकिन राष्ट्रवाद का झंडा बुलंद हुआ है। हैदराबाद चुनाव का रुझान प्रयागराज की तरह भाग्यनगर का आ रहा है। हैदराबाद में भ्रष्टाचार और वंशवाद के खिलाफ और राष्ट्रवाद के समर्थन में लोगों ने वोट किया है। फाइनल रिजल्ट जो भी आए, राष्ट्रवाद का झंडा बुलंद रहेगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में भाजपा के पक्ष में रुझान देश की जीत और राष्ट्रवाद की जीत है, यह लोगों की जीत है।

उधर ट्विटर पर सोशल मीडिया यूजर्स की खुशी थमने का नाम नहीं ले रही। लोग कह रहे हैं कि चूँकि इस बार चुनाव की कमान योगी और शाह के हाथ में थी इसलिए ये परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने खुलेआम कहा था कि हैदराबाद का नाम भाग्यनगर किया जाएगा। यूजर्स का कहना है कि अब हैदराबाद में भाजपा की बढ़त बताती है कि वह भारत को एक अच्छी सरकार देने के लिए तैयार हैं।

हैदराबाद : ‘रोहिंग्या पर कार्रवाई करता हूँ तो यही लोग हायतौबा मचाते हैं’: अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने यहाँ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों पर जब वह कार्रवाई करते हैं तो ये लोग (विपक्षी दल) हायतौबा करते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल एक बार लिखकर दें कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या को निकाल दें, फिर मैं कुछ करता हूँ। उन्होंने कहा कि सिर्फ चुनाव में बात करके कुछ नहीं होता। जब पार्लियामेंट में बहस होती है तब ये क्या करते हैं सारे देश ने देखा है।

परिवारवाद पर निशाना 

शाह ने राजनीतिक पार्टियों में परिवारवाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह हैदराबाद को नवाब-निजाम कल्चर से मुक्त कराते हुए इसे आधुनिक शहर बनाना चाहते हैं। हैदराबाद को डायनेस्टी से डेमोक्रेसी की ओर ले जाना चाहते हैं। भ्रष्टाचार से पारदर्शिता की ओर ले जाना चाहते हैं। तुष्टिकरण से विकास की ओर ले जाना चाहते हैं। हैदराबाद का एक बड़ा हिस्सा है, जो खुद को अपमानित महसूस करता है। हम ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं कि किसी की भी हिम्मत नहीं होगी, उन्हें दोयम दर्जे का बनाए।

अमित शाह ने अपने ही बयान से अपनी कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगवा लिया:-  

अमित शाह ने कहा कि हम हैदराबाद को नवाब और निजाम संस्कृति से मुक्त करेंगे और यहाँ मिनी इंडिया बनाएँगे। शाह ने कहा कि हम हैदराबाद को मॉर्डन शहर बनाना चाहते हैं, जो कि निजाम संस्कृति के बंधनों से मुक्त होगा।

गृह मंत्री ने कहा कि आईटी सेक्टर में निवेश से हैदराबाद को बहुत फायदा हो रहा है। पीएम मोदी ने युवाओं के लिए बहुत सारे अवसर पैदा किए हैं और यह विदेशी निवेशकों द्वारा भारत में दिखाए गए विश्वास को दर्शाता है। शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने ‘वर्क फ्रॉम एनिवेयर’ का रास्ता खोला। इस कदम से हैदराबाद में काम कर रहे आईटी प्रोफेशनल्स को सबसे ज्यादा फायदा पहुँचेगा।

वर्तमान म्युनिसिपल विकास में रोड़ा 

शाह ने कहा कि हैदराबाद में आईटी हब बनने की बहुत संभावना है, लेकिन यह तब बनता है जब इसके अनुरूप इन्फ्रास्ट्रक्चर हो। यह बनाने का जिम्मा नगर निकाय होता है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार से इसके लिए अनुदान मिलता है, लेकिन इसका क्रियान्वयन नगर निकाय द्वारा होता है। जिस प्रकार हैदराबाद में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चल रहा है वह आईटी हब बनने का रोड़ा है। उन्होंने केसीआर पर हैदराबाद की जनता के साथ किया वादा नहीं निभाने का आरोप लगाया। साथ ही मोदी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी। शाह ने कहा कि हैदराबाद के लोग बदलाव चाहते हैं। भाजपा के सत्ता में आने के बाद हम हैदराबाद को बाढ़ मुक्त शहर बनाएँगे। उन्होंने कहा कि भाजपा हैदराबाद में आईटी हब बनाएगी जिससे कि शहर में रोजगार के अवसर खुलें। उन्होंने कहा कि बीजेपी जो कहती है वह करती है। शाह ने कहा कि केंद्र ने हैदराबाद को बचा लिया।

अमित शाह ने कहा कि बारिश में शहर में पानी भरने से करीब 60 लाख लोग परेशान हुए। मजलिस के इशारों पर अवैध निर्माण होता है, इससे पानी की निकासी रुकती है। उन्होंने हैदराबाद की जनता को विश्वास दिलाया कि सारे अवैध निर्माण को हटाकर पानी की निकासी सुचारू करेंगे।


तेलंगाना निगम चुनाव : योगी की ओवैसी के गढ़ में सिंह गर्जना ; कर दिया हैदराबाद भगवामय

             ओवैसी के गढ़ में रोड़ शो करते योगी आदित्यनाथ (सभी चित्र साभार एएनआई )
बिहार विधानसभा में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी की निगाह अब तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल पर भी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मोर्चे पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर 28 को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में निकाय चुनाव (ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपिल कॉर्पोरेशन) में मलकजगिरी इलाके में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में सभा के साथ एक रोड शो किया। 

तेलंगाना में पहली बार गगनचुम्बी 'जय श्रीराम' और 'आया आया शेर आया' और 'तेलंगाना में कमल खिलेगा' आदि नारों को सुन बहुत आश्चर्य हुआ। योगी के रोड-शो को देख यह भी आभास हो रहा है कि "क्या कर्नाटक के बाद तेलंगाना दक्षिण भारत का दूसरा राज्य होगा जहाँ भारतीय जनता पार्टी अपना खाता खोल जनता को विकल्प देगी?" क्योंकि अभी तक तेलंगाना में TRS का वर्जस्व होने का कारण जनता के सम्मुख अभी कोई विकल्प नहीं है। TDP और कांग्रेस लगभग शून्य हो चुकी हैं और AIMIM का प्रभुत्व केवल पुराने हैदराबाद तक ही सीमित है, विशेषकर मुस्लिम बहुल क्षेत्र में। अब जनता का रुझान भाजपा की ओर है। इसलिए भाजपा को योगी के समान्तर यहाँ भी काम करने वाला नेता खड़ा करना होगा।

    

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के तेलंगाना के रोड शो में नवंबर 28, 2020 को भारी भीड़ उमड़ी। योगी आदित्यनाथ हैदराबाद में एक दिसंबर को होने वाले निकाय चुनाव (ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपिल कॉर्पोरेशन) भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में रोड शो तथा जनसभा करने के लिए हैदराबाद में हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शाम को हैदराबाद के मलकजगिरी क्षेत्र में एक रोड शो किया। इस दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे लगे और साथ ही सुपरहिट फिल्म बाहुबली का गाना ‘जियो रे बाहुबली’ भी रोड शो में बजता दिखा। योगी के रोड शो में- ‘आया आया शेर आया…. राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की’, योगी-योगी, जय श्री राम, भारत माता की जय और वंदे मातरम के भी गगनभेदी नारे लगाए गए।

रोड शो के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करते हुए हैदराबाद और तेलंगाना के लोगों को जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने की पूरी आजादी दी।”

                                       भगवामय होता हैदराबाद 
योगी ने कहा, “बिहार में, AIMIM के एक नव-निर्वाचित विधायक ने शपथ ग्रहण के दौरान ‘हिंदुस्तान’ शब्द का उच्चारण करने से इनकार कर दिया। वे हिंदुस्तान में रहेंगे, लेकिन जब हिंदुस्तान के नाम पर शपथ लेने की बात आती है, तो वे संकोच करते हैं। यह AIMIM का असली चेहरा दिखाता है।”

ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव के लिए मतदान एक दिसंबर को होगा। सीएम योगी ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के 150 वार्डों के लिए होने वाले चुनावों में प्रचार किया। सीएम योगी आदित्यनाथ के हैदराबाद में चुनाव प्रचार को एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी को सीधी चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है।

ओवैसी ने यहाँ पर चुनाव में 51 प्रत्याशी उतारे हैं। हैदराबाद नगर निगम चुनाव में भी असदुद्दीन ओवैसी ने पुराने हैदराबाद के इलाके की सीटों पर अपनी पार्टी के प्रत्याशी उतारे हैं, जिनमें से पाँच टिकट हिंदुओं को दिए गए हैं। ओवैसी के 10 फीसदी प्रत्याशी हिंदू समुदाय के हैं। ओवैसी की पार्टी के हिंदू समुदाय के प्रत्याशी उन सीटों पर हैं, जहाँ पर हिंदू-मुस्लिम आबादी करीब-करीब बराबर यानी 50-50 फीसदी है और यहाँ विधानसभा सीट पर भी ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के विधायकों का कब्जा है।

योगी के रोड शो से पहले ओवैसी ने कहा था कि अगर बीजेपी सर्जिकल स्ट्राइक करेगी तो एक दिसंबर को वोटर्स डेमोक्रेटिक स्ट्राइक करेंगे। ओवैसी ने किसानों के मुद्दे पर भी केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया था दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के ऊपर ठंड में पानी डाला गया, यह सरकार हर मोर्चे पर फेल है।

‘ओवैसी सूअर का बच्चा… मुसलमानों तुम्हें बिहार की हार मुबारक’ – मुनव्वर राणा ने दी जमकर गाली

फ्रांस घटना पर विवादित बयान देने के बाद से आलोचनाओं का शिकार हो रहे उर्दू शायर मुनव्वर राणा अब बिहार के परिणाम देखकर भी आहत हो गए हैं। उन्होंने ओवैसी की पार्टी को 5 सीट जीतने के लिए तंज भरे अंदाज में बधाई तो दी है लेकिन साथ ही बिहार की जनता को हारा हुआ बताया है।

नवभारत ऑनलाइन को दिए साक्षात्कार में मुनव्वर राणा की हताशा साफ झलक रही है। उन्होंने पहले अपने सोशल मीडिया पर लिखा, “मुसलमानों! तुम्हे औवैसी की जीत और बिहार की हार मुबारक हो। मैं तो शायर हूँ मेरी बात कहाँ मानोगे, तुमने झुठला दिए दुनिया में पयम्बर कितने।”

इसके बाद अपने इंटरव्यू में बताया, “बिहार हार गए, बंगाल भी हारेंगे… फिर 2022 से पहले-पहले हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाएगा।”

मुनव्वर राणा ने एनबीटी ऑनलाइन के हिमांशु तिवारी से बात करते हुए बताया कि आखिर उन्हें यह देखकर कितना दुख हुआ, जब ओवैसी के कारण राजद को हार मिली और एनडीए को फायदा पहुँच गया। उन्होंने कहा कि ओवैसी जैसे लोग हैं, ये डॉक्टर अय्यूब जैसे लोग हैं, जो मुसलमान को हाँका लगाते हैं और फिर भाजपा उनका शिकार करती है।

एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, राणा ने कहा:

“मुझे दुख यह हुआ कि दुनिया की जहीन कौम मानते हैं मुसलमान कि मैं कुरान पढ़ता हूँ, यह करता हूँ, वो करता हूँ। मालूम हुआ कि ये ओवैसी जो सूअर का बच्चा है, यह 5 सीट राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की नेता तेजस्वी यादव से माँग लेता तो मिल जाती…. लेकिन आपको फायदा पहुँचाना है भारतीय जनता पार्टी को।”

वह ओवैसी के लिए कहते हैं, “इनकी 15 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति खड़ी है, इन लोगों को सड़क पर घूमते देखा है हमने, इनके बाप को। यह अंपायर (अकूत धन-दौलत) कहाँ से खड़ा हो गया? यही दलाली करके हुआ है। एक शेर है कि हमारा सानिहा ये है कि हर दौर-ए-हुकूमत में शिकारी के लिए जंगल में हम हाँका लगाते हैं। ये ओवैसी जैसे लोग हैं, ये डॉक्टर अय्यूब जैसे लोग हैं, जो मुसलमानों का हाँका लगाते हैं, फिर भारतीय जनता पार्टी उनका शिकार करती है।”

राजद की हार से निराश मुनव्वर कहते हैं कि उनका मतलब बस यह था कि बिहार में सेकुलर हुकूमत बननी चाहिए। उन्हें दुख इसी चीज है कि अब बिहार के नतीजे तो सामने आ गए हैं। कुछ दिन बाद बंगाल में भी यही होगा।

ओवैसी को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करके हुए राणा कहते हैं कि अगर अखिलेश यादव यूपी में भी उन्हें ऑफर दें तो वह नहीं मानेंगे। उनके पास 15 हजार करोड़ का अंपायर है लेकिन कभी कोई छापा नहीं हुआ। कभी नहीं हुआ।

इसके बाद वह हैदराबाद में आई बाढ़ को लेकर भी ओवैसी पर निशाना साधते हैं, उन्हें गुंडा बताते हैं और मुसलमानों को जाहिल कहते हुए अपनी बात रखते हैं। वह कहते हैं कि हैदराबाद में 83 तालाब थे, इसने सब पटवाकर इमारतें खड़ी कर दीं। जब सैलाब आया तो लोग यही कह रहे थे कि जब पानी को उसका घर नहीं मिलेगा तो वो सड़कों पर ही बहेगा। तो जैसे मजाफाती गुंडा होता है, वैसे ही इसकी हैसियत थी।

वह आगे कहते हैं, अभी आजम खान भी नहीं, अभी कोई है नहीं… इसलिए ये (ओवैसी) जो कहता है, उसे बेवकूफ किस्म के जाहिल मुसलमान सोचते हैं कि वह जैसा कहेंगे, वैसा वह कर देगा। लेकिन क्या ऐसा कहीं हो सकता है? बिहार हार गए, बंगाल भी हारेंगे और बंगाल हारने के बाद में 2022 से पहले-पहले हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाएगा। इस बात को लिख लीजिए और एक साल बाद देख लीजिएगा।