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उत्तर प्रदेश : साढ़े 5 घंटे की ड्यूटी में ढाई घंटे मोबाइल पर सवा घंटा कैंडी क्रश खेलते हैं मास्टरसाहब… ‘डिजिटल अटेंडेस’ पर राजनीति, शिक्षक का रिपोर्ट कार्ड देख चौंक जाएँगे

                                                    उत्तर प्रदेश के संभल स्कूल में टीचर खेलता मिला खेल
उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ सरकार एक नियम लेकर आई थी जिसमें हर सरकारी टीचर को समय पर स्कूल में उपस्थित होकर डिजिटल हाजिरी लगाने को कहा गया था। टीचरों ने इस बदलाव के बारे में सुना तो हंगामा कर दिया, विपक्ष भी फौरन मौके का फायदा उठाते हुए केस में कूद गया। हालाँकि बाद में टीचरों की दलीलें समझते हुए सरकार ने इस डिजिटल हाजिरी के लिए टीचरों को आधे घंटे ज्यादा तक समय दे दिया।

अब सरकार के इस फैसले से शिक्षा स्तर पर क्या फर्क पड़ता, क्या नहीं, ये अलग चर्चा का विषय है, लेकिन संभल से एक ऐसा मामला सामने आया है जो बताता है कि टीचरों पर प्रशासन द्वारा सख्ती किया जाना कितना जरूरी है। दरअसल, संभल के एक सरकारी स्कूल में डीएम औचक निरीक्षण करने पहुँचे तो उन्होंने पूरा स्कूल घूमते हुए टीचरों की गतिविधियाँ देखी। इसी दौरान डीएम को एक टीचर दिखे जो वहाँ पर कैंडी क्रश खेल रहे थे।

डीएम ने जब मोबाइल चेक किया तो पता चला कि साढे 5 घंटे के स्कूल टाइम में उन्होंने एक घंटा 17 मिनट तक कैंडी क्रश खेला था और इसके अलावा वो स्कूल टाइम में ही सोशल मीडिया भी चला रहे थे। कुल मिलाकर उन्होंने करीबन ढाई घंटे इन्हीं सब पर खर्च किए थे। डीएम ने बिन देरी किए डीएम ने फौरन कैंडी क्रश खेलने वाले टीचर को ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया। टीचर का नाम प्रेम गोयल है।

जानकारी के मुताबिक ये स्कूल शरीफपुर ग्राम पंचायत का सरकारी स्कूल है जहाँ संभल में डीएम ने औचक निरीक्षणक किया तो पता चला कि स्कूल में कुल 101 छात्र हैं, लेकिन आए सिर्फ 47 ही थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने टीचरों का कार्य देखा और बच्चों को पढ़ाने के तरीके पूछे। इसके बाद उन्होंने 6 छात्रों की कॉपियों के 6 पेज चेक किए और कुछ ही देर में उसमें से 95 गलतियाँ छाँट दी। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, पहले पेज पर 9 गलतियाँ थीं, दूसरे पर 23, तीसरे पर 11, चौथे पर 21, पाँचवे पर 18 और छठे पेज पर 13 गलतियाँ थीं। डीएम ने छात्रों की कॉपी चेक करने के बाद उन्हें फटकारा और सिर्फ एक शिक्षक और एक शिक्षिका के पढ़ाने के तरीके की तारीफ की। उन्होंने स्कूल में निरीक्षण के बाद मिली कमियों को देखते हुए खराब एजुकेशन क्वालिटी पर नाराजगी भी जताई।

उत्तर प्रदेश : हलाला के डर से अस्मत बनी नेहा सिंह, मुस्लिम शिक्षिका : महाकाल का आशीर्वाद लेकर बोली- इस्लाम में औरतों की इज्जत नहीं

                          मुस्लिम शिक्षिका ने अपनाया हिंदू धर्म, बनीं नेहा सिंह (फोटो साभार: अमर उजाला)
बरेली के एक प्राइवेट स्कूल की 33 साल की शिक्षिका नेहा असमत ने इस्लाम में हलाला और ‘तीन तलाक’ के डर से हिंदू धर्म अपना लिया है। अब नेहा सिंह बन चुकी इस टीचर का कहना है कि उसने अपनी मर्जी से हिंदू धर्म अपनाया है। वो भगवान शंकर को अपना आराध्य मानती हैं।

उन्होंने इस बात का ऐलान किया कि उज्जैन के महाकाल के दरबार में आशीर्वाद लेकर उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया। दरअसल, इस टीचर के परिवार ने उनके साथी शिक्षक मोहित सिंह पर उन्हें अगवा करने का शक जताते हुए सोमवार (11 नवंबर, 2023) को बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब इस टीचर ने अपनी और अपने साथी मोहित को जान का खतरा बताकर बरेली एसएसपी, डीएम और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगाई है। जानकारी के मुताबिक, नेहा की अम्मी रानी बेगम ने सोमवार को बारादरी थाने में नेहा के अपहरण की रिपोर्ट कराई थी।

इस रिपोर्ट के आधार पर बारादरी पुलिस नेहा की तलाश कर रही थी। इस दौरान नेहा का उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस दौरान नेहा सिंह बन चुकी टीचर ने बरेली SSP के दफ्तर में अपनी सुरक्षा के लिए पत्र लिखा है।

इस पत्र के मुताबिक, उसने लिखा है कि वो बरेली के मुस्लिम बाहुल्य इलाके फाइक एनक्लेव की रहने वाली है। शुरू से ही उनका सनातन धर्म के लिए झुकाव था। उन्होंने बरेली कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और उसके बाद बीएड कर रही हैं और इसके साथ ही स्कूल में पढ़ा रही हैं। नेहा सिंह के मुताबिक, वो पढ़ी-लिखी और नौकरीपेशा है और खुद अच्छा-बुरा सब समझती हैं। उनके मुताबिक, बीज विकास निगम में लेखाकार रहे अब्बा असमत अली की मौत हो चुकी है।

                   मुस्लिम शिक्षिका नेहा असमत का पुलिस को दिया शिकायत पत्र (फोटो साभार: दैनिक भास्कर )

उनका आरोप है कि इसके बाद से ही उनकी अम्मी रानी बेगम के साथ मिलकर उनकी बहन गजाला, शबाना, बहनोई डॉ आसिफ और तनवीर अहमद उनका निकाह एक ऐसे अधेड़ शख्स से कराने की साजिश रच रहे हैं जो अपनी बीवी से तलाक लेने के बाद उसका हलाला करा चुका है। टीचर नेहा के मुताबिक, उन्हें यह शादी पसंद नहीं थी और परिवार ने अधिक दबाव बनाया तो उन्होंने घर छोड़ दिया। नेहा ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में अपने धर्म परिवर्तन का प्रमाणपत्र नत्थी किया है लेकिन इसमें अपनी शादी का जिक्र नहीं किया है।

उन्होंने ये भी साफ किया कि उनके परिवारवालों की संजयनगर के रहने वाले मोहित सिंह के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट झूठी है। जबकि उन्होंने खुद की मर्जी से घर छोड़ा और बगैर किसी दबाव के सनातन धर्म अपनाया है।

नेहा का कहना है कि उनके परिवार से उन्हें, मोहित और उसके परिवार को भी जान का खतरा है। वो उनका कत्ल करा सकते हैं। उन्होंने कहा है कि उनके और मोहित के साथ कुछ भी अनहोनी हुई तो इसके लिए उनका मुस्लिम परिवार जिम्मेदार होगा।

उत्तराखंड : ‘अकेले में आओ, वरना फेल कर दूँगा’: लड़कियों का यौन शोषण करता शिक्षक नफीस मोहम्मद

                                                                                                                                प्रतीकात्मक चित्र
उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में नफीस अहमद नामक शिक्षक पर स्कूल की जनजातीय छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा है। आरोपित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने स्कूल के बाहर इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि आरोपित शिक्षक पर दो महीने पहले भी छेड़छाड़ का आरोप लगा था। लेकिन तब प्रिसिंपल ने कार्रवाई करने की बजाए पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाकर समझौता करा दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला उधमसिंह नगर जिले के खटीमा में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज झनकट का है। यहाँ कई छात्राओं ने इंग्लिश टीचर नफीस मोहम्मद पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। छात्राओं के आरोप के बाद उनके परिजनों ने प्रिसिंपल से मुलाकात कर आरोपित नफीस के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था। हालाँकि इसके बाद भी प्रिसिंपल ने किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की।

 इससे गुस्साए परिजन और शिक्षक-अभिभावक संघ के सदस्य स्कूल पहुँचे। छात्राओं के परिजनों का आरोप है कि नफीस मोहम्मद आए दिन उनकी बेटियों से छेड़छाड़ करता था। लेकिन इसके बाद भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल का घेराव करते हुए छात्राओं के परिजनों ने स्कूल में ताला जड़ दिया। हंगामा बढ़ता देख पुलिस प्रशासन और एसडीएम ने मौके पर पहुँचकर मामला शांत कराया। वहीं मौके पर मौजूद थारू जनजाति की 13 छात्राओं ने एसडीएम और एएसआई के सामने अपना पक्ष रखा।

एक पीड़ित लड़की के अभिभावक का कहना है कि नफीस मोहम्मद ने दो महीने पहले भी उनकी बेटी से छेड़छाड़ की थी। लेकिन तब प्रिंसिपल और ग्राम प्रधान ने मिलकर उन पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया था। बाद में समझौता हो गया था।

छेड़छाड़ और धर्मांतरण समेत कई तरह के हैं आरोप

पीड़ित छात्राओं की ओर से महिला अभिभावकों ने कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत दी है। इस शिकायत में अंग्रेजी शिक्षक नफीस मोहम्मद पर छेड़छाड़, लड़कियों को अकेले बुलाने, धर्मांतरण, बात न मानने पर फेल करने की धमकी समेत कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं।
वहीं इस पूरे मामले में एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने आरोपित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा है कि प्रिंसिपल ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर आरोपित शिक्षक नफीस मोहम्मद को सस्पेंड करने के लिए कहा गया है। छेड़छाड़ के मामले को हल्केपन में लेने वाले प्रिंसिपल के खिलाफ यदि शिकायत मिलती है तो उसे भी इस स्कूल से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड : कलावा बाँधकर कार्मेल स्कूल में पढ़ने आया 9वीं का छात्र, टीचर ने पीटा; ब्लेड से काटने को किया मजबूर

बोकारो के स्कूल में छात्र को कलावा काटने पर किया मजबूर (प्रतीकात्मक चित्र, साभार: आज तक)
झारखंड के बोकारो में एक कान्वेंट स्कूल में छात्र को कलावा (मौली) बाँधने पर टीचर द्वारा पीटने का मामला सामने आया है। पिटाई के बाद बने दबाव से पीड़ित छात्र ने अपने कलावे को ब्लेड से काट कर फेंक दिया। जबकि सनातन संस्कृति में कलावा काटा नहीं, तोडा जाता है। भाजपा और हिंदू संगठनों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपित टीचर पर कार्रवाई की माँग की है। घटना 18 जुलाई 2023 की है। प्रिंसिपल ने इस मामले में आरोपित टीचर पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बोकारो के थर्मल क्षेत्र में मौजूद कार्मेल स्कूल का है। यहाँ मंगलवार को क्लास 9 में पढ़ने वाला छात्र मौली (कलावा) बाँध कर स्कूल गया था। तभी क्लास के मॉनिटर ने छात्र द्वारा कलावा पहनने की शिकायत स्कूल के एक टीचर अमित लकड़ा से कर दी। शिक्षक अमित ने छात्र पर कलावा उतारने का दबाव बनाया। जब छात्र ने इसे अपनी धार्मिक आस्था बताया तब अमित लकड़ा ने उसकी पिटाई कर दी। बाद में छात्र को इतना मजबूर किया गया कि उसे खुद ही ब्लेड से कलावा काट कर फेंकना पड़ा।

पीड़ित छात्र ने घर पहुँच कर परिजनों को इस घटना की जानकारी दी। यहाँ से यह मामला स्थानीय हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों की जानकारी में आया। अगले दिन बुधवार (19 जुलाई) को हिन्दू संगठनों से जुड़े दर्जनों कार्यकर्ता स्कूल पहुँच गए। उन्होंने प्रिंसिपल सिस्टर जायस कुल्लू से इस घटना को हिन्दू आस्था पर प्रहार बताते हुए कार्रवाई की माँग की। प्रिंसिपल ने जाँच करवाकर आरोपित टीचर के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। हिन्दू संगठन के सदस्यों ने इस घटना से बोकारो के DC (उपयुक्त) को भी अवगत करवाया है। स्थानीय SDM प्रशांत कुमार ने मामला संज्ञान में होने और जाँच जारी होने की जानकारी दी है।

घटना से स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले अन्य अभिभावक भी नाराज बताए जा रहे हैं। पीड़ित द्वारा प्रिंसिपल के अलावा मामले की शिकायत जिला शिक्षा पदाधिकारी से भी की गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉक्टर प्रदीप वर्मा ने कुछ समय पहले झारखंड के ही एक स्कूल में बिंदी लगाने पर छात्रा तो आत्महत्या के स्तर तक मिली प्रताड़ना से इस घटना से जोड़ा। साथ ही उन्होंने सवाल किया है कि सनातनी प्रतीक चिन्हों से इतनी चिढ़ क्यों है?

अवलोकन करें:-

बिंदी लगाकर सेंट जेवियर्स में पढ़ने गई छात्रा को टीचर ने सरेआम मारे थप्पड़; प्रिंसिपल ने स्कूल

भाजपा नेता डॉ. प्रदीप ने घटना को कुत्सित मानसिकता बताते हुए झारखंड सरकार पर ऐसी सोच वालों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी से सनातन विरोधी तत्वों का हौसला बढ़ रहा है। बहुसंख्यक समाज के हितों को दरकिनार करने का आरोप लगाते डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा, “हेमंत जी कान खोलकर सुन लीजिए। राजधर्म पर भारी पड़ रही आपकी वोट बैंक की राजनीति आपको कहीं का नहीं छोड़ेगी।”

हैदराबाद : सेंट एंड्रयूज स्कूल में माहवारी पीड़ित दलित के कई बार वॉशरूम जाने पर टीचर ने सारे कपड़े उतरवा दिए

                                                     प्रतीकात्मक 
हैदराबाद के सेंट एंड्रियूज स्कूल (St Andrews School) में एक 15 वर्षीय दलित छात्रा के साथ बदसलूकी की घटना सामने आई है।छात्रा 23 सितंबर को स्कूल में एक पेपर देने गई थी और उस समय उसकी माहवारी भी चल रही थी। ऐसे में उसे पेपर के बीच के कई बार वॉशरूम जाना पड़ा, जिसे देख टीचर को उस पर शक हुआ और टीचर उसे एक आया के साथ वॉशरूम में ले गई। वहाँ उससे उसके कपड़े उतरवाए गए और फिर अंडरगार्मेंट्स उतारने को मजबूर किया गया। टीचर दरअसल ये चेक करना चाहती थी कि कहीं छात्रा ने कपड़ों के भीतर मोबाइल तो नहीं छिपा रखा। अपने इसी शक में उसने लड़की को कपड़े उतारने पर मजबूर कर दिया लेकिन मिला कुछ नहीं। जब छात्रा की माँ को इसका पता चला तो उन्होंने इस संबंध में शिकायत लिखवाई और कार्रवाई की माँग की।

द न्यूज मिनट में प्रकाशित खबर के अनुसार, सेंट एंड्रियूज की छात्रा अनीता (बदला नाम) की माँ सुधा (बदला नाम) की शिकायत पर इस केस को आईपीसी की धारा 354, 504, 509 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2) के तहत दर्ज किया गया है। सुधा ने इस केस में ‘तेलंगाना स्टेट कमीशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स’ को भी सूचित किया है। उनका कहना है कि वो अपनी बेटी के साथ हुए ऐसे बर्ताव से हैरान हैं और उनके अनुसार ये पहली दफा नहीं है जब स्कूल में उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया हो। बीते समय मे भी कई बार अनीता की टीचर ने पूरी क्लास में उलटा-सीधा बोला था। वो कभी कपड़ों पर बोलती थी तो कभी उसकी चाल-ढाल पर।

सुधा के मुताबिक उनकी बेटी को उनकी जाति की वजह से निशाना बनाया गया। वह लोग माला समुदाय के हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षिका का इस तरह से बच्ची के साथ बर्ताव और बीते समय में हुई घटनाएँ कि ये बताती है कि सबकुछ जानबूझकर हुआ। ऐसे में ये मानना भी जायज है कि उसके रंग और जाति की वजह से किया गया। सुधा कहती हैं कि ऐसे बर्ताव का असर उनकी बेटी पर आजीवन रह जाएगा। वो लोग हैरान हैं और शर्मसार भी कि उन्होंने पहले की घटनाओं को जाने दिया। 

वह कहती हैं, “ये शर्मनाक माहौल है जिसे सेंट एंड्रियूज स्कूल ने तैयार किया है। यहाँ बच्चों को बराबर नहीं देखा जाता और उन्हें जीवन भर ट्रॉमा से गुजरने के लिए ढकेला जाता है।” वह बताती है कि उनकी बेटी को एक बार छोटे कपड़े पहनने पर सुनाया गया था जबकि बाकी बच्चे भी वैसे कपड़े पहनके आए थे। वह कहती हैं कि हमेशा अनीता की हर बात के लिए आलोचना हुई। चाहे बात कपड़ों की हो, हेयरस्टाइल की हो या फिर ऑनलाइन क्लास के दौरान नेटवर्क फेल होने के कारण ऑफलाइन होने की। हर बार टीजर ने अनीता को कोसा।

लड़की की माँ कहती हैं कि जब उन्होंने इस संबंध में स्कूल प्रिंसिपल से शिकायत करनी चाही तो उन्हें कहा गया कि वो झूठ बोल रही है और ऐसी कोई घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बेटी पिछले साल कॉपी करते पकड़ी गई थी। सुधा का कहना है कि अगर ऐसा कुछ हुआ भी था तो उन्हें इस बारे में क्यों कुछ नहीं बताया गया। लेकिन इसके बदले उन्हें कोई जवाब नहीं मिला बल्कि उनकी बेटी पर इल्जाम लगते रहे।

सुधा अब बस स्कूल से टीचर के ख़िलाफ़ जाँच चाहती हैं और बेटी को गाली देने और उसको प्रताड़ित करने के लिए  कार्रवाई चाहती हैं। मगर स्कूल लगातार ऐसे किसी भी घटना से मना कर रहा है। प्रिंसिपल पदमाल्या सरमा का कहना है कि उनके स्कूल की जाँच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया। वह कहती हैं कि उन्होंने तो टीचर को बच्ची की तारीफ करते देखा है। वह नहीं मानती कि उनके स्कूल में जाति-पाति से जुड़ी कोई बात हो सकती है। खुद को आर्मी ऑफिसर की पत्नी बताते हुए वह कहती हैं कि वो बच्चों के प्रति प्रोटेक्टिव हैं।

अब पुलिस इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के जरिए छानबीन कर रही है। वहीं अन्य सबूतों पर भी गौर किया जा रहा है। मल्काज़गिरी के डीसीपी रक्षिता के मूर्ति कहते हैं, “मामला अभी जाँच के दायरे में। घटना संबंधी सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।”

इस घटना के बाद अनीता ने 20 अक्टूबर से स्कूल जाना बंद कर दिया है। वो अकेले ऑनलाइन क्लास ले रही है। उसे डर है कि कहीं इस घटना की वजह से उसे स्कूल में किसी से कुछ सुनना न पड़े। कहीं टीचर उससे नाराज न हों या कहीं बच्चे उसका मजाक न उड़ाएँ। वहीं लड़की के घरवालों का पूछना है कि अगर अनीता का रूटीम चेकअप ही किया गया तो फिर उसे बाथरूम में ले जाने की क्या जरूरत थी।

‘इंग्लिश वाली मैम पटवा दे, नहीं तो तू पट जा’: जयपुर का सेंट जेवियर्स स्कूल, NCC टीचर जोस

                      आरोपित टीचर निखिल जोस और उसका अश्लील चैट (साभार: Patrika)
राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक नामचीन स्कूल के टीचर को पुलिस ने छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपित जयपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल में एनसीसी टीचर है। उसका नाम निखिल जोस है। टीचर जोस इंस्टाग्राम के जरिए स्कूल की छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजता था। एक छात्रा को अश्लील मैसेज भेज होटल में मिलने के लिए बुलाया। इनकार करने पर उसके फोटो शेयर कर धमका रहा था।
                                     टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

10 से अधिक छात्राओं को आरोपित टीचर ने अश्लील मैसेज भेजे थे। जब इसकी जानकारी पूर्व स्टूडेंट्स को हुई तो उन्होंने आरोपित टीचर को सबक सिखाने के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू किया। इसके बाद टीचर को पुलिस ने अशोक नगर थाने में मिली एक संस्था की तरफ से शिकायत के आधार पर आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। आरोपित टीचर के अश्लील मैसेज सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहे हैं।

                                   टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

अशोक नगर थानाधिकारी सुरेन्द्र सैनी के अनुसार टीचर निखिल जोस के गिरफ्तारी के बाद जब उसका मोबाइल चेक किया गया तो कुछ छात्रों को अश्लील मैसेज भेजने के सबूत मिले। शुरुआती जाँच में पता चला है कि स्कूल में ऑनलाइन क्लास के लिए वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए थे। शिक्षक ग्रुप से ही स्टूडेंट के नंबर लेकर प्राइवेट चैटिंग करने लगा। शुरुआत में स्टूडेंट ने रिस्पॉन्स नहीं दिया। शिक्षक ने बाद में शराब पीने के लिए होटल में मिलने का ऑफर दिया। स्कूल की कई गर्ल्स स्टूडेंट्स को भी रात 10 बजे के आसपास अश्लील मैसेज भेजे। उन्हें स्कूल से बाहर होमवर्क के बहाने मिलने के लिए बुलाया। स्कूल की एक स्टूडेंट ने 27 मिनट 31 सेकेंड का एक वीडियो भी इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था। 

                                        टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

वहीं निखिल ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर कहा है कि उसकी इंस्टाग्राम आईडी किसी ने हैक की है और उसने यह मैसेज नहीं किए हैं। इसके साथ ही निखिल ने कहा कि उसे एक दिन ही पहले पता लगा था कि उसकी इंस्टाग्राम आईडी से अश्लील मैसेज भेजे गए हैं।

                                टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

मामले में स्कूल के वाइस प्रिंसिपल बीजू एमजी का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अभी तक उनके पास इस मामले में शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर जाँच करवाई जाएगी।

फ्रांस : ‘तुम्हें सैमुअल पैटी की तरह काट डालूँगा’: पढ़ाई के दौरान फिर एक 14 साल के छात्र की शिक्षक को धमकी

                                                                                                                                         प्रतीकात्मक 

फ्रांस के ‘Savigny-le-Temple (Seine-et-Marne)’ क्षेत्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े एक कोर्स की पढ़ाई के दौरान एक छात्र भड़क गया और उसने शिक्षक को धमकी दे डाली कि वो उसका वही हाल कर देगा, जो सैमुअल पैटी का हुआ था। सैमुअल की एक छात्र ने सिर्फ इसीलिए हत्या कर दी थी, क्योंकि उन्होंने कक्षा में पैगम्बर मुहम्मद का कार्टून दिखाया था, जो फ्रेंच पत्रिका ‘शार्ली हेब्दो’ में प्रकाशित हुआ था।

नवंबर 13, 2020 को 14 वर्षीय छात्र ने शिक्षक को धमकी दी कि वो उसे सैमुअल पैटी की तरह ही काट डालेगा। इस घटना के बाद सार्वजनिक सेवा में कार्यरत व्यक्ति को हत्या की धमकी देने का मामला दर्ज कर के कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिस लड़के ने ये धमकी दी, उसके पास इलेक्ट्रिक इम्पल्स टेजर बन्दूक भी थी। उसे नाबालिग अदालत में पेश किया गया है। उसने इतिहास और भूगोल पढ़ाने वाले शिक्षक को धमकी दी।

उस वक्त वो नागरिक शिक्षा से जुड़े एक कोर्स का अध्ययन करा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने फ्रांस में हुए उन विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें ‘शार्ली-हेब्दो’ पत्रिका के दफ्तर बाहर नरसंहार के बाद भारी संख्या में लोग जुटे थे और अपने गुस्से का इजहार किया था। पुलिस की पूछताछ में उक्त छात्र ने बताया है कि उसने एक रैप गाने से उठाई पंक्ति बोली थी। हालाँकि बन्दूक पॉकेट में लेकर स्कूल जाने के सम्बन्ध में उसने कुछ संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

उक्त छात्र को स्कूल से निकाल दिया गया है। पुलिस ने भी कहा है कि वो ‘भड़काऊ और विद्रोही’ किस्म का छात्र रहा है। हालाँकि उसके पिता का कहना है कि उक्त छात्र यानी उनका बेटा कट्टर नहीं है। हालाँकि, अपने व्यवहार की वजह से उसे पहले भी 2 बार स्कूल से निकाला जा चुका है। उसे फ़िलहाल छोड़ दिया गया है लेकिन हत्या की धमकी और हथियार लेकर चलने के मामले में कार्रवाई की जाएगी। स्कूल ने भी शिक्षक का समर्थन किया है।

फ्रांस में शिक्षक पैटी की हत्या के बाद से ही सरकार इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ एक्शन में है। राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी कहा था कि आज इस्लाम के नाम पर हिंसा और हत्याओं को बढ़ावा दिया जा रहा है और ऐसे लोग हैं, जो इस्लाम के नाम पर हिंसक अभियान चलाते हुए हत्याओं और नरसंहार को जायज ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद इस्लाम की भी समस्या है क्योंकि इसके 80% पीड़ित मुस्लिम ही हैं और वो इसके पहले पीड़ित हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया था कि इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ जंग जारी रहेगी।

उत्तर प्रदेश के स्कूलों का हाल : डीएम के सामने इंग्लिश टीचर ही नहीं पढ़ सकीं चंद लाइनें

यूपी के स्कूलों का हाल, डीएम के सामने इंग्लिश टीचर ही नहीं पढ़ सकीं चंद लाइनें, VIDEOउत्तर प्रदेश में शिक्षा के गिरते स्तर को बयां करने वाली एक घटना सामने आई है। पिछले दिनों एक स्कूल में जब डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) अचानक स्कूल में चेकिंग के लिए पहुंचे तो उन्होंने वहां पर इंग्लिश टीचर से एक बुक पढ़ने के लिए कहा तो वह एक भी लाइन नहीं पढ़ सकीं। ये मामला यूपी के उन्नाव जिले में सिकंदरपुर सरोसी का है। इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस घटना के बाद इंग्लिश टीचर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने की सिफारिश कर दी गई
स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा, 'महिला टीचर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया जाना चाहिए। वह एक इंग्लिश टीचर है। इसके बाद भी वह एक लाइन इंग्लिश में नहीं पढ़ सकतीं।' इंग्लिश टीचर के इंग्लिश न पढ़ पाने की वजह से डीएम काफी उखड़ गए। जब महिला टीचर ने अपनी सफाई पेश करने की कोशिश की तो अधिकारी ने कहा, 'ये क्या है, आप बीए पास हैं, या नहीं हैं? मैंने आपसे बुक से ट्रांसलेट करने के लिए नहीं कहा, मैंने किताब से कुछ लाइन आपसे पढ़ने के लिए कहा और आप ऐसा भी नहीं कर सकीं।'

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट देवेंद्र कुमार पांडेय नवम्बर 29 को सिकंदरपुर सरोसी में स्कूल के निरीक्षण के लिए अचानक पहुंच गए। उन्होंने पहले क्लास में मौजूद बच्चों से इंग्लिश की किताब में से कुछ लाइनें पढ़ने के लिए कहा। जब बच्चे पढ़ते समय अटकने लगे तो उन्होंने महिला टीचर से किताब की कुछ लाइनें पढ़ने को कहा। अधिकारी ये देखकर खफा हो गए कि टीचर भी उन लाइनों को ढंग से नहीं पढ़ पा रही हैं। इसके बाद डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को टीचर को सस्पेंड करने के लिए कहा। बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने कहा, 'जब डीएम अपनी रिपोर्ट दे देंगे उसके बाद इस मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।'
ये कोई पहला अवसर नहीं, जब किसी अध्यापिका को अयोग्य पाया जा रहा है। पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो आते रहे हैं, जहाँ अध्यापक/अध्यापिका इंग्लिश में दिन एवं महीना भी ठीक नहीं लिखते पाए गए। लेकिन उस समय तक सोशल मीडिया इतना प्रभावी नहीं था। इतना ही नहीं, टीचर तो टीचर प्रिंसिपल तक को यह नहीं मालूम कि उनके प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का नाम क्या है। टीचर का कक्षा में आराम से सोना एवं मसाज करवाने तक के वीडियो सोशल मीडिया पर आते रहे हैं, परन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई। ऐसे में प्रश्न होता है कि आखिर किस अनपढ़ नेता/अधिकारी के आग्रह पर ऐसे टीचरों की नियुक्ति हुई? जिस दिन गंभीरता से उत्तर प्रदेश, बिहार, और मध्य प्रदेश के कुछ प्रांतों में स्कूलों की जाँच करने पर आधे से अधिक टीचर सड़क पर आ जाएंगे। 
इससे दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के ही सोनभद्र का स्कूल भी गलत खबरों के कारण चर्चा में आया था। उस समय प्राइमरी स्कूल में एक लीटर दूध को बाल्टी भर पानी में मिलाकर बच्चों को पिलाने का मामला सामने आया था। हालांकि इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था