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उत्तर प्रदेश : छात्राओं को पहनाया हिजाब, छात्रों को इस्लामी टोपी: संभल के सरकारी स्कूल में मजहबी तालीम दे रहे थे मुस्लिम शिक्षक, प्रिंसिपल समेत 3 सस्पेंड

                                         संभल स्कूल में बच्चों को दी जा रही थी मजहबी सीख
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र स्थित जालब सराय सरकारी स्कूल में मजहबी गतिविधियों को बढ़ावा देने का मामले सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के 2 मुस्लिम शिक्षक हिंदू छात्र-छात्राओं को इस्लामी तौर-तरीके अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

टीचरों के नाम अंजर अहमद और मोहम्मद गुल एजाज है। ये दोनों हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनने और छात्रों को इस्लामी टोपी पहनाकर सजदा करने के लिए कहते थे। साथ ही स्कूल परिसर में अन्य धर्मों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ भी करते थे।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब स्कूल से जुड़ी कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया।

इसके अलावा प्रभारी प्रधानाचार्य बालेश कुमार पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों से छिपाई और लापरवाही बरती।

डीएम ने मामले की गहन जाँच के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति पूरे प्रकरण की जाँच कर यह पता लगाएगी कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार का मजहबी या वैचारिक दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आदतन ‘मियाँ’ जफर अली तो खेलेगा ही ‘विक्टिम कार्ड’ : शारिक साठा ने दिए हथियार, मुल्ला अफरोज-वारिस की गोलियों से मरे 4…

                                 पुलिस की गिरफ्त में जफर अली (फोटो साभार: Amar Uzala)
संभल में विवादित जामा मस्जिद के सदर जफर अली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जफर अली पर आरोप है कि उसने जामा मस्जिद हिंसा के बाद पुलिस पर फर्जी आरोप लगाए और कोई सबूत पेश करने में विफल रहा। उस पर हिंसा भड़काने का भी आरोप है। आदतन गिरफ्तारी के बाद जफर अली ने ‘विक्टिम कार्ड’ खेलना चालू कर दिया है। जफर अली ने दावा किया है कि हिंसा में मारे गए लड़कों की हत्या पुलिसकर्मियों ने की है। हालाँकि, पुलिस पहले ही इन हत्याओं के आरोपित पकड़ चुकी है।

संभल में उस दिन क्या हुआ था?

संभल में 24 नवम्बर, 2024 को हिन्दू पक्ष की एक टीम कोर्ट के आदेश के बाद विवादित जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए पहुँची थी। इस टीम में वकील विष्णु शंकर जैन भी शामिल थे। यह टीम इससे पहले 19 नवम्बर, 2024 को गई थी लेकिन तब मुस्लिमों के हँगामे के चलते सर्वे पूरा नहीं हो पाया था।
यह सर्वे हिन्दू पक्ष की याचिका के बाद हो रहा था, जिसमें कहा गया था कि जामा मस्जिद को हिन्दू हरिहर मंदिर तोड़ कर बनाया गया था। 24 नवम्बर को जब यह टीम संभल पहुँची तो यहाँ हिंसा भड़क गई। मुस्लिम दंगाइयों ने मस्जिद के आसपास के इलाकों में पुलिस को निशाने पर लिया।
मुस्लिमों ने खूब पत्थर बरसाए और पुलिस पर गोलियाँ भी चलाई। इस पथराव के दौरान मुस्लिम दंगाइयों ने पुलिसवालों को गालियाँ भी दी। उनके हथियार छीनने का भी प्रयास किया गया। यह भीड़ मस्जिद का सर्वे करने आई टीम को भी निशाना बनाना चाहती थी।
इस हिंसा के दौरान हुई फायरिंग में 4 मुस्लिम लड़कों की मौत हो गई थी। हिंसा में संभल के CO अनुज चौधरी को भी गोली लगी थी। वह भी घायल हो गए थे। उनके साथ ही कई और कई पुलिसवाले गंभीर रूप से घायल हुए। इस दंगे के बाद पुलिस ने जाँच में सच बाहर निकाला।

जाँच में क्या सामने आया?

संभल में हुई हिंसा के बाद पुलिस को पता चला था कि इसकी प्लानिंग पहले ही हो गई थी। पुलिस पर हमला करने और गोलियाँ चलाने का प्लान दुबई में रहने वाले शारिक साठा ने रचा था। साठा संभल का ही रहने वाला है और भारत में गाड़ियाँ चुराता था। उसको दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था लेकिन वह बाद में दुबई भाग गया था।
साठा वर्तमान में ISI के साथ काम करता था है। वह अब जाली नोट और हवाला का धंधा करता है। संभल में सर्वे की बात सामने के आने के बाद शारिक साठा ने अपने गुर्गे मुल्ला अफरोज को हथियार दिए थे, जो उसने बाकी लड़कों में बाँटे थे। शारिक साठा ने पाकिस्तानी गोलियाँ भी संभल में भेजी थीं। पुलिस को यह गोलियाँ हिंसा वाली जगह से बरामद हुई थीं।
शारिक साठा ने 10-20 नेताओं को संभल में मारने का प्लान तैयार किया था। उसी के दिए हथियारों से संभल में फायरिंग हुई। इस फायरिंग में 4 लड़कों की मौत हुई। पुलिस ने जाँच करके हत्या करने वाले मुल्ला अफरोज और वारिस को पकड़ा था।

संभल हिंसा में 4 मौतें, 2 को मुल्ला अफरोज- 2 को वारिस ने मारी गोली

सामने आया था कि हिंसा के दौरान मुल्ला अफरोज ने पुलिस को निशाना बनाया लेकिन भगदड़ मचने के कारण यह गोली बिलाल और अयान को लग गई और वह मौके पर ही मारे गए। इस हत्या के लिए उसने 32 बोर का एक हथियार उपयोग किया था। इसके बाद वह छिप गया था। 

वहीं एक और दंगाई वारिस की गोली से नईम और कैफ की मौत हो गई थी। इन हत्याओं के मामले में अब इन आरोपितों पर मुकदमा चल रहा है। यह पुलिस स्पष्ट कर चुकी है। हालाँकि जफर अली अपना प्रोपेगेंडा चलाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को दोषी ठहरा रहा है।

पहले भी कर चुका यही दावा

संभल हिंसा भड़काने का आरोपित जफर अली पहले भी पुलिस पर फर्जी आरोप जड़ चुका है। उसने हिंसा के एक दिन बाद (25 नवम्बर, 2024) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया था कि हिंसा में मारे गए लड़कों पर पुलिस ने गोली चलाई थी। पुलिस ने अब इस मामले में जफर अली पर फर्जी आरोप लगाने का मामला दर्ज किया है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया है।

यह भी आरोप लगा है कि वह जामा मस्जिद के नाम पर पैसा इकट्ठा कर रहा है। इसके लिए एक QR कोड भी फैलाया जा रहा है। हालाँकि, इस पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं सामने आई है। पुलिस अब आगे जफर अली पर कार्रवाई कर रही है।

उत्तर प्रदेश : जिस संभल में हिंदुओं को बना दिया अल्पसंख्यक, वहाँ की जमीन उगल रही इतिहास: मंदिर-प्राचीन कुओं के बाद मिली ‘रानी की बावड़ी’, दफन थी प्राचीन इमारत-सुरंग

       संभल के लक्ष्मण गंज में खुदाई के दौरान मिली हिन्दू धर्म से जुडी एतिहासिक धरोहरें (चित्र साभार- आज तक)
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बंद पड़े मंदिरों के अलावा खुदाई के दौरान एक अन्य ऐतिहासिक धरोहर निकल कर सामने आई है। इसी जिले के चंदौसी क्षेत्र में राजस्व विभाग ने एक प्राचीन बावड़ी को भी खोज निकाला है। काफी बड़ी संरचना वाली इस बावड़ी को मिट्टी से दफन कर दिया गया था। फ़िलहाल प्रशासन द्वारा खुदाई का काम जारी है। माना जा रहा है कि अभी यहाँ पर सुरंग भी मिल सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खुदाई का ये काम चंदौसी के लक्ष्मणगंज इलाके में हो रहा है। साल 1857 तक ये क्षेत्र हिन्दू बहुल हुआ करता था। यहाँ सैनी बहुतायत हुआ करते थे। वर्तमान में यह जगह मुस्लिम बहुल हो चुकी है। इस जगह की खुदाई की माँग को लेकर संभल के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र मिला था। प्रार्थना पत्र में लक्ष्मणगंज के अंदर रानी बिलारी की प्रचीन बावड़ी होने का दावा किया गया था। इसी शिकायत का संज्ञान लेकर राजस्व विभाग की टीम लक्ष्मण गंज पहुँची थी।

बस्ती के बीच में एक जगह चिन्हित कर के खुदाई शुरू हुई। कुछ ही देर बाद जमीन के नीचे प्राचीन इमारतें मिलनी शुरू हो गईं। मीडिया से बात करते हुए राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नीचे 2 मंजिला इमारत दबी हुई है। यहाँ मौजूद बावड़ी और विशाल कुआँ सरकारी अभिलेखों में भी दर्ज है। बावड़ी की गहराई लगभग 250 फ़ीट बताई जा रही है। प्रशासन के पास नक्शा भी मौजूद है। आगे की खुदाई नक्शे के आधार पर की जाएगी। खुदाई का काम अभी भी जारी है। इसके विजुअल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

इस बीच भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) की टीम संभल पहुँच कर काम पर लग गई है। टीम ने यहाँ कल्कि मंदिर से अपनी जाँच पड़ताल शुरू की। इसके अलावा ASI 5 अलग-अलग जगहों पर भी सर्वे के लिए पहुँची। इन जगहों में 5 तीर्थ और 19 कुएँ शामिल हैं। इन कुओं में कल्कि मंदिर में मौजूद अति प्राचीन कृष्ण कूप भी शामिल है। शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ASI के इस दौरे को हर संभव गुप्त ही रखने की कोशिश की गई थी।

संभल में दंगों का पुराना इतिहास रहा है। इन्हीं दंगों के बल पर संभल नगरपालिका क्षेत्र से धीरे-धीरे हिंदुओं को मिटाया गया। देश की स्वतंत्रता के समय संभल नगरपालिका क्षेत्र में हिंदुओं की आबादी 45 प्रतिशत थी जो आज घटकर 15-20% रह गई है। उस समय मुस्लिम 55% थे। आज वे बढ़कर 80-85 प्रतिशत हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश : समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर चला बुलडोजर, कनेक्शन भी कटा, बिजली चोरी में जुर्माना 1.91 करोड़ रूपए का: अब्बा ने दी थी ‘सरकार बदलने’ की धमकी

                  अपने अब्बू ममलूक के साथ सांसद जियाउर्रहमान और बुलडोजर कार्रवाई (साभार: आजतक)
बिजली चोरी में घिरे उत्तर प्रदेश के संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क को बिजली विभाग ने 1.91 करोड़ रुपए का बिल जारी किया है। विभाग ने सांसद के घर की बिजली सप्लाई भी काट दी है। वहीं, प्रशासन ने उनके घर के बाहर बनी नालियों के ऊपर की सीढ़ियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है। दूसरी तरफ, बिजली विभाग के अधिकारियों को धमकाने वाला उनके अब्बू ममलूक उर रहमान का वीडियो भी सामने आया है।

बिजली विभाग के एसडीओ संतोष त्रिपाठी ने बताया कि जब बिजली विभाग की टीम ने सांसद बर्क के घर में लगे मीटर की रीडिंग ली तो वो जीरो निकली थी। इसके बाद विभाग की ओर से उन्हें नोटिस भेजा गया। नोटिस पर 15 दिन में रकम जमा नहीं करने पर विभाग की तरफ से आरसी जारी की जाएगी। अब बिजली विभाग ने उन पर 1.91 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।

बिजली विभाग ने गुरुवार(19 दिसंबर 2024) की सुबह तलाशी ली। इस दौरान बर्क के घरवालों ने बिजली के मीटर की जाँच करने से टीम को रोका और जूनियर इंजीनियर को धमकी भी दी। यह वीडियो भी सामने आया है। जिस वक्त बिजली विभाग के कर्मचारी उनके घर रीडिंग लेने के लिए गए थे, उस वक्त उनके साथ रैपिड ऐक्शन फोर्स, PAC और पुलिस की बड़ी संख्या में जवान मौजूद थे।

जाँच के दौरान सपा सांसद जियाउर्रहमान के अब्बू ममलूक रहमान बर्क ने अधिकारियों को धमकाते हुए कहा था, “हमारी सरकार आने दो…बहुत बदल गया है तू। ये सरकार रहेगी तो तुम्हारा कबाड़ा कर देगी।।” उन्होंने आगे कहा था, “एक आवाज देंगे तो बाहर भीड़ आकर खड़ी हो जाएगी।” इसके बाद उनके खिलाफ धमकी का मामला दर्ज कराया गया था।

बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर वीके गंगवाल ने बताया, “बर्क के घर में हम मीटर रीडिंग कर रहे थे। वहाँ पर सांसद के पिता मौजूद थे। उन्होंने हमें धमकाया और कहा- वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता है। सरकार बदलेगी तो आपके खिलाफ कार्रवाई कराएँगे। आप हमारी वीडियो बना रहे हैं। आप मुझ पर FIR कराएँ। हम आप पर FIR कराएँगे।”

वहीं, जियार्रहमान पर बिजली चोरी का एक अलग से मुकदमा दर्ज कराया गया है। अब प्रशासन ने उनके घर की बिजली भी काट दी है। उन्हें जुर्माने की राशि को जल्द से जल्द जमा कराने के लिए कहा गया है। वहीं, नगरपालिका के अधिकारियों ने प्रशासन के साथ मिलकर उनके घर के पास बने अवैध निर्माण को ढहा दिया है।

दरअसल, सांसद जियाउर्रहमान के घर में बिजली के दो मीटर लगे हैं। इन मीटरों में टेम्परिंग यानी छेड़छाड़ के सबूत मिले हैं। यही कारण है कि बीते एक साल में उनके घर में बिजली के मीटर की रीडिंग जीरो रही। इसके बाद कुछ दिन पहले ही बिजली विभाग ने सांसद जियाउर्रहमान के घर के पुराने मीटर को जब्त करके जाँच के लिए भेज दिया था और उसकी जगह पर नई और स्मार्ट मीटर लगाए थे।

रिपोर्ट के अनुसार सपा सांसद के दो मंजिला घर में 83 बल्ब, 19 पंखे और 3 एसी चलाए जा रहे थे। गीजर से लेकर माइक्रोवेव तक अन्य आधुनिक उपकरण का भी इस्तेमाल हो रहा था। बिजली विभाग ने बताया है कि इस घर में 16,480 वॉट के उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बावजूद कई महीनों से उनके घर का बिजली बिल शून्य आ रहा था।

उत्तर प्रदेश : संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर बिजली चोरी की FIR: मीटर रीडिंग लेने आए अधिकारियों को धमकाया, कहा- सपा सरकार आने पर तुम्हें और तुम्हारे परिवार को देख लूँगा; क्या सांसद गुंडागर्दी से जनसेवा करेगा?

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से पहले उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की गुंडागर्दी की मिसाल संभल के सांसद के परिवारजनों ने दिखा दी। अब देखना है कि क्या उत्तर प्रदेश ऐसे अराजक तत्वों को वोट देगा? एक तो चोरी ऊपर से सीना जोड़ी। क्या अखिलेश यादव ऐसे ही अराजक तत्वों के सहारे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे? जब समाजवादी पार्टी का सांसद ही बिजली चोरी करेगा तो प्रदेश में बिजली चोरी कैसे रुकेगी?    
उत्तर प्रदेश के संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर पर बिजली विभाग ने गुरुवार (19 दिसंबर 2024) की सुबह तलाशी ली। इस दौरान बर्क के घरवालों ने बिजली के मीटर की जाँच करने से टीम को रोका और जूनियर इंजनीनियर को धमकी भी दी। इसके बाद धमकी देने का FIR की जा रही है। टीम के साथ भारी संख्या में पुलिस, रैपिड ऐक्शन फोर्स और PAC के जवान भी मौजूद थे।

उत्तर प्रदेश बिजली विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर डीके गुप्ता ने बताया, “दो JE और दो एसडीओ सहित पाँच लोगों की टीम सुबह उनके (जियाउर्रहमान बर्क) घर गई थी। वे (परिवार के सदस्य) बिजली की चेकिंग नहीं करने दे रहे थे, लेकिन फिर जूनियर इंजीनियर (जेई) ने ताला खोल दिया। उन्होंने जेई को भी धमकी दी, इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है।”

सीनियर इंजीनियर डीके गुप्ता ने आगे बताया, “(जियाउर्रहमान बर्क के घर) कुल 16.5 किलोवाट का लोड दर्ज किया गया। 2 किलोवाट के दो कनेक्शन थे। इनमें से एक जियाउर्रहमान बर्क के नाम पर और दूसरा उनके दादा (शफीकुर रहमान बर्क) के नाम पर है। जियाउर रहमान बर्क के खिलाफ बिजली चोरी को लेकर एफआईआर दर्ज की जा रही है। मीटर की एमआरआई भी कराई गई है।”

सांसद जियाउर्रहमान के अब्बू ममलूक रहमान बर्क ने बिजली विभाग के अधिकारियों को धमकाते हुए कहा, “हमारी सरकार आएगी तो हम देख लेंगे।” इसके बाद बिजली विभाग ने जियाउर्रहमान बर्क के खिलाफ धमकी देने की FIR दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। वहीं, बिजली चोरी के मामले में एक FIR पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है। बर्क के खिलाफ एंटी पावर थेफ्ट की धारा 135 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

अवलोकन करें:-

उत्तर प्रदेश : क्या समाजवादी पार्टी सांसद जिया उर्रहमान बर्क बिजली चोरी करते हैं? घर में एसी और

दरअसल, सांसद जियाउर्रहमान के घर में बिजली के दो मीटर लगे हैं। इन मीटरों में टेम्परिंग यानी छेड़छाड़ के सबूत मिले हैं। यही कारण है कि बीते एक साल में उनके घर में बिजली के मीटर की रीडिंग जीरो रही। इसके बाद कुछ दिन पहले ही बिजली विभाग ने सांसद जियाउर्रहमान के घर के पुराने मीटर को जब्त करके जाँच के लिए भेज दिया था और उसकी जगह पर नई और स्मार्ट मीटर लगाए थे।

उत्तर प्रदेश : क्या समाजवादी पार्टी सांसद जिया उर्रहमान बर्क बिजली चोरी करते हैं? घर में एसी और कूलर आदि कई बिजली उपकरण मौजूद पर 5 महीने का बिजली बिल 0

               जिया उर्रहमान बर्क राहत के लिए पहुँचे इलाहाबाद हाई कोर्ट (फोटो साभार: लीगल/न्यूज18)
उत्तर प्रदेश के संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर्रहमान बर्क इन दिनों दो अलग-अलग मामलों में कानूनी शिकंजे में घिर गए हैं। पहली मुश्किल संभल हिंसा से जुड़ी है, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है, अब इस मामले में वो अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट पहुँचे हैं और एफआईआर रद्द करने की माँग की है। तो दूसरी परेशानी उनके घर के बिजली कनेक्शन में कथित गड़बड़ी को लेकर है।

हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभल हिंसा मामले में जिया उर्रहमान बर्क ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अर्जी देकर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की गुहार लगाई है। अपनी याचिका में बर्क ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की माँग की है। बर्क ने दलील दी कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया, तो यह अपूरणीय क्षति साबित होगी।
24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान संभल में भड़की हिंसा के मामले में सांसद जिया उर्रहमान बर्क को पुलिस ने नामजद आरोपित बनाया है। हिंसा के दौरान पत्थरबाजी, तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग की घटनाएँ हुईं, जिनमें पाँच लोगों की मौत हो गई थी और सीओ समेत 19 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
पुलिस का आरोप है कि सपा सांसद और स्थानीय विधायक इकबाल महमूद के बेटे ने भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया। इस मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करवाने के लिए सांसद बर्क ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया है।

बिजली चोरी मामले में भी हो सकती है कार्रवाई

 हिंसा के आरोपों से घिरे सांसद अब बिजली चोरी के शक के दायरे में भी आ गए हैं। बिजली विभाग की जाँच में उनके आवास का पुराना मीटर हटाकर नया स्मार्ट मीटर लगाया गया। जाँच में पाया गया कि पिछले पाँच महीनों का बिजली बिल शून्य था, जबकि उनके घर में एसी और कूलर जैसे कई बिजली उपकरण मौजूद हैं।

संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि अप्रैल से नवंबर तक सांसद के घर में बिजली खपत के आँकड़े असामान्य पाए गए। जुलाई से नवंबर तक एक भी यूनिट बिजली खर्च नहीं हुई, जबकि जून में केवल 13 यूनिट और अप्रैल में 35 यूनिट की खपत दर्ज की गई।

बहरहाल, बिजली विभाग ने मीटर की गड़बड़ी की जाँच शुरू कर दी है। अगर जाँच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो सकती है। वहीं, सपा सांसद जिया उर्रहमान बर्क ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बिजली का बिल नियमित रूप से जमा किया गया है और जाँच में पूरा सहयोग किया जाएगा। अगर कोई नोटिस मिलता है, तो वह कानून का सहारा लेंगे।

उनके पिता ममलुकु उर्रहमान बर्क ने भी बिजली चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मोहल्ले में हर घर में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, और यह कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि अगर पुलिस शहर छोड़ दे, तो हालात और बेहतर हो सकते हैं।

फिलहाल दोनों ही मामलों की जाँच चल रही है। संभल हिंसा मामले में हाई कोर्ट में सांसद की याचिका पर सुनवाई होगी, जबकि बिजली विभाग की जाँच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज होगी या नहीं।

उत्तर प्रदेश : मस्जिद कमेटी के झगड़े में मुस्लिम ने मौलवी को मारा, ‘हिंदू ने हत्या कर दी’ की अफवाह उड़ा संभल में तोड़े सूरजकुंड और मानस मंदिर

             मुस्लिमों ने अफवाह उड़ाकर संभल में तोड़े थे मंदिर (प्रतीकात्मक तस्वीर साभार: AI/ Dall-E)
16 दिसंबर 2024 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में दंगों का इतिहास गिनाते हुए कहा था कि इनमें 209 हिंदुओं की हत्या की गई। दंगों में हिंदुओं की मौत के इस आँकड़े की पुष्टि संभल जिला प्रशासन की इंटरनल रिपोर्ट भी करती है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद इस रिपोर्ट से पता चलता है कि 1976 में भड़के दंगों में 5 हिंदुओं की हत्या की गई थी। उस समय हालात पर काबू पाने के लिए 7 दिनों तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था। दंगे हिंदू व्यक्ति द्वारा मौलवी की हत्या की अफवाह फैलाकर भड़काई गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार 29 फरवरी 1976 को मुस्लिमों ने अफवाह उड़ाई कि पेतिया गाँव के अर्धविक्षिप्त राजकुमार सैनी ने हमारे मौलवी को मार दिया है, जबकि मस्जिद कमेटी के झगड़े में एक मुस्लिम ने ही मौलवी को मारा था। इसके बाद मुस्लिम दंगाइयों की भीड़ ने मंजर शफी और अताउल्ला ततारी की अगुवाई में सूरजकुंड और मानस मंदिर को तोड़ दिया। इसके बाद सरथल चौकी पर मुस्लिम दंगाइयों की भीड़ ने किशनलाल का घर जलाने की कोशिश की। हिंदुओं के प्रतिरोध के बाद वे पत्थरबाजी कर भाग खड़े हुए। इसी दौरान सोतीपुरा के हरि सिंह और कोटीपूर्वी मोहल्ले के राकेश वैश्य की हत्या की गई।

इसके बाद 24 अप्रैल 1976 को कोटपूर्वी मोहल्ले में कल्लू के घर भयानक विस्फोट हुआ। इलाज के दौरान उसके बेटे सलाम की मौत हो गई। इसकी प्रतिक्रिया में सरायतरीन के मोहल्ला लाल मस्जिद के पास बुजुर्ग कामता प्रसाद की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा जयचंद रस्तोगी की गोली मारकर हत्या की गई। इसके अलावा एक अन्य हिंदू की हत्या की गई थी, जिसके नाम का उल्लेख इस रिपोर्ट में नहीं है। रिपोर्ट बताती है कि इन मामलों में जब दोषी 20-22 मुस्लिमों को गिरफ्तार किया गया तो संतुलन बनाने के लिए इतने ही ‘निर्दोष’ हिंदुओं को भी प्रशासन ने गिरफ्तार किया था।

ये दंगे जब हुए थे उसी समय शफीकुर्रहमान बर्क भी उभर रहा था। संभल में 1978 में जो सबसे भीषण दंगा हुआ था, उसमें बर्क की खासी भूमिका थी। 1976 के दंगों के दौरान मुस्लिम दंगाइयों की अगुवाई करने वाला मंजर शफी भी 1978 के दंगों के समय सक्रिय था। उस समय इसने एक हिंदू शिक्षक की बेटी और पत्नी को अगवा कर लिया था। शिक्षक की बेटी को रेप के बाद छोड़ा गया था, जबकि उनकी पत्नी को हिंदुओं ने बचा लिया था। इस घटना के बारे में हम अपनी पिछली रिपोर्ट में बता चुके हैं। हम बता चुके हैं कि कैसे 1978 के दंगों के बाद ह​रिहर मंदिर में शफीकुर्रहमान बर्क ने हिंदुओं का प्रवेश बंद करवाया था।

प्रशासन ने यह रिपोर्ट संभल में हुए दंगों पर तैयार की है। इससे पता चलता है कि दंगों के कारण संभल में धीरे-धीरे हिंदुओं की आबादी कम होती जा रही है। देश की स्वतंत्रता के समय संभल नगरपालिका क्षेत्र में हिंदुओं की आबादी 45 प्रतिशत थी जो आज घटकर 15-20% रह गई है। उस समय मुस्लिम 55% थे। आज वे बढ़कर 80-85 प्रतिशत हो गए हैं।

41 दंगाई गिरफ्तार, 450 पत्थरबाजों की हुई पहचान… नकली पत्रकार असीम रज़ा की भी खुली कलई: संभल के उपद्रवियों को ‘नकाब’ भी बचा नहीं पा रहा

    संभल में अब तक 41 दंगाई गिरफ्तार करने के साथ पुलिस ने चिन्हित किए 450 उपद्रवी (चित्र साभार- अमर उजाला)
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर, 2024 को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने दंगाइयों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 41 दंगाई गिरफ्तार किए गए है। पुलिस ने लगभग 450 पत्थरबाजों को CCTV फुटेज व अन्य माध्यमों से चिन्हित किया है। इनकी तलाश जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभल पुलिस ने 50 और उपद्रवियों की पहचान कर ली है। अब तक 450 ऐसे ही उपद्रवियों की पहचान हो चुकी है। इनमें से 100 के नाम भी पुलिस को पता चल गए हैं। संभल में हिंसा करने वाले दंगाइयों की पहचान में इसलिए भी समय लग रहा है क्योंकि उन्होंने हमले के वक्त नकाब पहन रखा था। संभल हिंसा मामले में हाल ही में एक पत्रकार को भी गिरफ्तार किया था। उसके बारे में भी कई जानकारियाँ सामने आई हैं।

पहले दी पुलिस को धमकी, फिर माफ़ी

संभल पुलिस ने 6 दिसंबर, 2024 को एक फर्जी पत्रकार असीम रज़ा जैदी को गिरफ्तार किया था। असीम जैदी हिंसा के बाद भड़काऊ वीडियो शेयर कर रहा था। उसने मुस्लिमों को इकट्ठा किया था और उन्हें उकसा रहा था। इस संबंध में सूचना संभल पुलिस को दी गई थी।
उसको रोकने के लिए जब पुलिस पहुँची तो वह धमकाने पर उतर आया। उसने सब इंस्पेक्टर संजीव को तक धमकी दे डाली। असीम जैदी ने सब इंस्पेक्टर जैदी से कहा, “मुझे जानते नहीं हो। मैं पत्रकार हूँ। अपनी एक खबर से तुमको बर्खास्त करवा दूँगा।” असीम ने ऊपर के अधिकारियों से भी दारोगा की शिकायत की धौंस दी। इसके बाद असीम को गिरफ्तार कर लिया गया।
असीम के खिलाफ इसके बाद पुलिस ने ही FIR दर्ज की। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिसकर्मियों ने इसके बाद असीम जैदी के दावों का सत्यापन भी करवाया कि आखिर वह कहाँ का पत्रकार है। जब असीम के बताए संस्थान से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह उनका कर्मचारी नहीं है।
पोल-पट्टी खुल जाने के बाद असीम जैदी पुलिस के आगे गिड़गिड़ा कर माफ़ी माँगने लगा। उसने यह भी माना कि वह पत्रकारिता के नाम पर फर्जीवाड़ा कर धंधा चला रहा था। असीम रजा के ऊपर अब फर्जीवाड़े समेत बाकी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

संवेदनशील इलाकों में हो रही घरों की तलाशी

संभल हिंसा के बाद पुलिस सतर्क को गई है। पुलिस की टीमें संवेदनशील मोहल्ले में चिन्हित किए गए घरों की तलाशी ले रहीं हैं। इसी तलाशी के दौरान सोमवार (10 दिसम्बर, 2024) को कई घरों से नशे की खेप और अवैध हथियार बरामद हुए थे।
तलाशी का यह अभियान नखासा के उस इलाके में चलाया गया था जहाँ सांसद जियाउर्रहमान बर्क का घर है। इसी कार्रवाई में मुल्ला आसिफ, महबर और ताजवर के परिजनों को पूछताछ के लिए थाने में तलब किया गया था। गौरतलब है कि 24 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद का सर्वे करने पहुँची टीम पर अल्लाह हू अकबर चिल्लाती मुस्लिम भीड़ ने हमला बोल दिया था। इस हमले में लगभग 2 दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में डिप्टी कलेक्टर और DSP भी शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश : संभल में घरों से निकले हथियार, छतों से पत्थरबाजी करने वाली औरतें भी गिरफ्तार: 2 मृतकों के शरीर में मिली वो गोलियाँ जो पुलिस नहीं करती इस्तेमाल

               संभल से 2 खातूनों के साथ गिरफ्तार दंगाइयों के घर से मिला है दोधार वाला हथियार 
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रविवार (24 नवंबर 2024) को जामा मस्जिद का सर्वे करने गई प्रशासनिक टीम पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया था। इस हमले में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। 28 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिसमें से कुछ की हालत गंभीर है। पुलिस ने दबिश दे कर कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है जिसमें महिलाएँ भी शामिल हैं। शहर में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। 2 थानों को मिला कर अब तक कुल 5 FIR दर्ज हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ,अब तक संभल में कुल 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसमें 3 मृतकों के नाम नईम, बिलाल और नोमान हैं। इन सभी को पत्थरबाजी में शामिल बताया जा रहा है। मिल रही जानकारी के मुताबिक, इसमें से 2 लोगों को 315 बोर की गोली लगी है। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने ऑपइंडिया को बताया कि पुलिस 315 बोर की गोली का इस्तेमाल नहीं करती है। पुलिस की पिस्टल या रायफल में से कोई भी हथियार इस बोर का नहीं होता है।

हिंसा के बाद से पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अब तक 20 से अधिक हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें 2 महिलाएँ भी शामिल हैं। इन हमलावरों के घरों से हथियार भी बरामद हुए है। इसमें एक नए टाइप का भी हथियार है जिसमें दोनों तरफ से धार बनी हुई है। इन सभी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। हिंसा में शामिल तमाम अन्य लोगों की भी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

SP आईपीएस कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जिले की संभल तहसील क्षेत्र में एक दिन के लिए इंटरनेट सेवाएँ बाधित की गईं हैं। जिले में किसी भी बाहरी व्यक्ति अथवा नेता के बिना प्रशासनिक अनुमति के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कक्षा 12 तक के स्कूलों को भी सोमवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। इस घटना पर मुरादाबाद परिक्षेत्र के कमिश्नर IAS आंजनेय सिंह ने मृतकों के परिजनों से पूछा है कि उनके घर का सदस्य पत्थरबाजी करने क्यों गया था?

आंजनेय सिंह ने यह भी कहा कि पुलिस पर पत्थर के साथ गोलियाँ भी बरसाई गईं हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस की तरफ से आँसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि पूरी रिकार्डिंग पुलिस के पास मौजूद है। उन्होंने कहा कि पत्थरबाज कोई धर्म-पुण्य का काम करने नहीं गए थे। जिले में फ़िलहाल के लिए ईंट और गिट्टी आदि की खरीदारी पर रोक लगा दी गई है।

जिले के सभी निवासियों को साफ़ हिदायत दी गई है कि अगर उनकी छतों पर कोई भी पत्थर और ज्वलनशील पदार्थ मिला तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका को भी निर्देश मिला है कि सड़क पर बिखरे किसी भी सामान को फ़ौरन जब्त करे। इस हिंसा में लगभग 28 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज करवाया जा रहा है। एक घायलों में SP के PRO और DSP अनुज विश्नोई भी शामिल हैं। एक कांस्टेबल के सिर में गंभीर चोट लगी है।

इस पूरे मामले में अब तक कुल 4 FIR दर्ज हुई हैं। इसमें से 3 FIR कोतवाली संभल जबकि एक अन्य नखासा थाने में हुई है। कोतवाली संभल में घायल SDM, SHO और 2 सब इंस्पेक्टरों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज किए गए है। वहीं नखासा थाने में भी एक केस पुलिस की तहरीर पर दर्ज हुआ है। यहाँ हमलावरों ने पुलिस पर पत्थर फेंके थे। इसी दौरान पुलिस की एक बाइक को भी जला दिया गया था।

उत्तर प्रदेश : साढ़े 5 घंटे की ड्यूटी में ढाई घंटे मोबाइल पर सवा घंटा कैंडी क्रश खेलते हैं मास्टरसाहब… ‘डिजिटल अटेंडेस’ पर राजनीति, शिक्षक का रिपोर्ट कार्ड देख चौंक जाएँगे

                                                    उत्तर प्रदेश के संभल स्कूल में टीचर खेलता मिला खेल
उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ सरकार एक नियम लेकर आई थी जिसमें हर सरकारी टीचर को समय पर स्कूल में उपस्थित होकर डिजिटल हाजिरी लगाने को कहा गया था। टीचरों ने इस बदलाव के बारे में सुना तो हंगामा कर दिया, विपक्ष भी फौरन मौके का फायदा उठाते हुए केस में कूद गया। हालाँकि बाद में टीचरों की दलीलें समझते हुए सरकार ने इस डिजिटल हाजिरी के लिए टीचरों को आधे घंटे ज्यादा तक समय दे दिया।

अब सरकार के इस फैसले से शिक्षा स्तर पर क्या फर्क पड़ता, क्या नहीं, ये अलग चर्चा का विषय है, लेकिन संभल से एक ऐसा मामला सामने आया है जो बताता है कि टीचरों पर प्रशासन द्वारा सख्ती किया जाना कितना जरूरी है। दरअसल, संभल के एक सरकारी स्कूल में डीएम औचक निरीक्षण करने पहुँचे तो उन्होंने पूरा स्कूल घूमते हुए टीचरों की गतिविधियाँ देखी। इसी दौरान डीएम को एक टीचर दिखे जो वहाँ पर कैंडी क्रश खेल रहे थे।

डीएम ने जब मोबाइल चेक किया तो पता चला कि साढे 5 घंटे के स्कूल टाइम में उन्होंने एक घंटा 17 मिनट तक कैंडी क्रश खेला था और इसके अलावा वो स्कूल टाइम में ही सोशल मीडिया भी चला रहे थे। कुल मिलाकर उन्होंने करीबन ढाई घंटे इन्हीं सब पर खर्च किए थे। डीएम ने बिन देरी किए डीएम ने फौरन कैंडी क्रश खेलने वाले टीचर को ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया। टीचर का नाम प्रेम गोयल है।

जानकारी के मुताबिक ये स्कूल शरीफपुर ग्राम पंचायत का सरकारी स्कूल है जहाँ संभल में डीएम ने औचक निरीक्षणक किया तो पता चला कि स्कूल में कुल 101 छात्र हैं, लेकिन आए सिर्फ 47 ही थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने टीचरों का कार्य देखा और बच्चों को पढ़ाने के तरीके पूछे। इसके बाद उन्होंने 6 छात्रों की कॉपियों के 6 पेज चेक किए और कुछ ही देर में उसमें से 95 गलतियाँ छाँट दी। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, पहले पेज पर 9 गलतियाँ थीं, दूसरे पर 23, तीसरे पर 11, चौथे पर 21, पाँचवे पर 18 और छठे पेज पर 13 गलतियाँ थीं। डीएम ने छात्रों की कॉपी चेक करने के बाद उन्हें फटकारा और सिर्फ एक शिक्षक और एक शिक्षिका के पढ़ाने के तरीके की तारीफ की। उन्होंने स्कूल में निरीक्षण के बाद मिली कमियों को देखते हुए खराब एजुकेशन क्वालिटी पर नाराजगी भी जताई।

उत्तर प्रदेश : ‘एक ओर तीर्थों का विकास, दूसरी ओर हाइटेक इंफ्रास्ट्रक्चर’: मोदी ने रखी कल्किधाम की आधारशिला, बोले – आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसके लिए पिछली सरकारों से लड़ी लड़ाइयाँ

कल्किधाम के शिलान्यास के अवसर पर बोलते पीएम नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के संभल में वैदिक पूजन के साथ कल्किधाम की आधारशिला रखी। इस मौके पर यहाँ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कल्किधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम मौजूद रहे। यहाँ बड़ी संख्या में संत-महात्मा भी मौजूद रहे।

ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद ने प्रधानमंत्री को कुछ दिन पहले इस धाम की आधारशिला रखने और भूमिपूजन करने के लिए आमंत्रित किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार किया था। सोमवार (19 फरवरी, 2024) को यह पूजन सम्पन्न हो गया। अब विधिवत तरीके से धाम का निर्माण चालू होगा।

प्रधानमंत्री के भूमिपूजन करने के बाद उन्हें आचर्य प्रमोद कृष्णम और राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी ने अंगवस्त्र पहना कर सम्मानित किया। पीएम मोदी को इस दौरान कल्किधाम का एक मिनिएचर मॉडल भी दिया गया। इस आयोजन में 11,000 साधु संत शामिल हुए हैं।

संभल में बनाया जा रहा यह कल्किधाम भगवान विष्णु को समर्पित है। यहाँ उनके दशावतारों की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। यहाँ इन दसों अवतारों के लिए दस गर्भगृह का निर्माण होगा। इसका निर्माण उसी गुलाबी पत्थर से हो रहा है, जिसका उपयोग अयोध्या के राम मंदिर और गुजरात के सोमनाथ मंदिर के निर्माण में किया गया है। बताया गया है कि इस मंदिर में कहीं भी लोहे और स्टील का इस्तेमाल नहीं होगा। मंदिर का शिखर 108 फीट ऊँचा होगा। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसके निर्माण को लेकर आई समस्याओं के विषय में भी पहले बात की थी।

इस पूरे कल्किधाम का क्षेत्रफल लगभग 5 एकड़ है। यहाँ पहले से एक कल्कि मंदिर बना हुआ है जहाँ भगवान कल्कि की एक मूर्ति स्थापित है। कहा जाता है कि यहाँ मूर्ति के नीचे जो वाहन के रूप में घोड़ा है, उसका एक पैर हवा में है। बताया जाता है कि समय के हिसाब से यह पैर नीचे झुक रहा है।

कल्किधाम के भूमिपूजन के मौके पर सीएम योगी और पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित भी किया। सीएम योगी ने इस दौरान पीएम के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा, UAE में मंदिर के उद्घाटन और अब संभल के इस धाम को लेकर कहा कि यह नया भारत है। उन्होंने कहा कि नए भारत में युवा की आजीविका और आस्था, दोनों की गारंटी है, यही मोदी की गांरटी है।

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि इससे पहले ना ही लोग आस्था का सम्मान कर पाए और ना ही आजीविका दे पाए। उन्होंने संभल में किए गए विकास कार्यों की भी चर्चा यहाँ पर की। सीएम योगी ने कहा कि भगवान कल्कि ज़रूर अवतार लेंगे और इस धरती पर सनातन की फिर से स्थापना होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि यह मौक़ा 18 वर्षों के बाद आया है, ऐसे में मुझे लगता है कि सारे अच्छे काम मेरे लिए ही छोड़े गए हैं। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती का जिक्र करते हुए वर्तमान समय को सांस्कृतिक उदय का समय बताया।

प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान बोले, “अभी जब वह स्वागत प्रवचन के दौरान बोल रहे थे तब उन्होंने कहा कि मेरे पास भावना के अलावा देने के लिए कुछ नहीं है, अच्छा हुआ आचार्य जी आपने कुछ दिया नहीं, अगर आज के समय में भगवान कृष्ण सुदामा को एक पोटली में चावल देते तो फोटो निकल आती की भगवान कृष्ण ने भृष्टाचार किया, सुप्रीम कोर्ट में PIL हो जाती।”

प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर और अबूधाबी में स्वामीनारायण मंदिर को लेकर कहा कि यह सांस्कृतिक गौरव का पल है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान केदारनाथ मंदिर, सोमनाथ, काशी विश्वनाथ में किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने इसे विकास और विरासत को साथ लेकर चलना बताया और कहा कि समय का चक्र घूम गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आचार्य प्रमोद ने पिछली सरकारों से कल्किधाम के लिए लड़ाई लड़ी है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के अंतर्गत वह मंदिर का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह राष्ट्ररूपी मंदिर का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने चंद्रयान, नमो भारत, वन्दे भारत और अर्थव्यवस्था को लेकर भी बात की।


उत्तर प्रदेश : टीचर शाइस्ता द्वारा हिंदू छात्र को मुस्लिम साथी से पिटवाने पर जेहादी पत्रकार मोहम्मद जुबेर खामोश क्यों? डर और शर्मिंदगी से स्कूल नहीं जा रहा था पीड़ित

          संभल के स्कूल में मुस्लिम शिक्षिका ने हिंदू छात्र को मुस्लिम छात्र से पिटवाया (फोटो साभार : टीवी9 भारतवर्ष)

उत्तर प्रदेश के संभल में मुस्लिम टीचर पर अपने ही समुदाय के छात्र से एक हिंदू छात्र को पिटवाने का आरोप लगा है। ये मामला सेंट एंथनी स्कूल का है। छात्र के माता-पिता ने आरोप लगाया कि टीचर शाइस्ता ने उनके बेटे को स्कूल के अंदर मुस्लिम छात्र से पिटवाया। उन्होंने कहा कि टीचर ने उनके बेटे को यह कहते हुए पिटवाया कि वह हिंदू है।

अगर स्थिति विपरीत होती, अब तक जेहादी पत्रकार मोहम्मद जुबेर ने ट्विटर पर जहर उगल कर अपने आकाओं से अपनी जेब भर रहा होता। लेकिन अब इस समाचार उसे एक धेला भी नहीं मिलने पर उसकी पत्रकारिता भी चूल्हे में चली गयी है, क्योकि यहां अपराधी मुस्लिम है।  

जानकारी के मुताबिक, सेंट एंथनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल संभल जिले के असमोली थाना इलाके के ग्राम दुगावर में स्थित है। यहाँ सिरोली गाँव के निवासी और सिक्योरिटी गार्ड का काम करने वाले एक व्यक्ति का बेटा पाँचवीं कक्षा में पढ़ता है। छात्र के पिता ने बताया कि उनका बेटा बीते 26 सितंबर को स्कूल पढ़ने गया था, जहाँ वह कुछ सवाल का जवाब नहीं दे पाया।

इस पर उसकी टीचर शाइस्ता भड़क गई। लड़के के पिता ने आरोप लगाया कि शाइस्ता ने उसी क्लास के एक मुस्लिम बच्चे से उसके बेटे की पिटाई करा दी। शिक्षिका के कहने पर मुस्लिम छात्र ने पीड़ित के गाल पर कई थप्पड़ जड़े। इसके बाद से पाँचवीं क्लास में पढ़ने वाला पीड़ित बच्चा उदास रहने लगा था।

पिता का कहना है कि उनका बच्चा डर और शर्मिंदगी के कारण स्कूल नहीं जा रहा था। जब उन्होंने बच्चे से पूछा कि क्या हुआ तो उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत स्कूल प्रशासन और पुलिस से की। पुलिस ने इस मामले में महिला शिक्षिका को गिरफ्तार कर जाँच शुरू कर दी है।

एएसपी श्रीशचंद्र ने बताया कि मामले में आरोपित टीचर के खिलाफ पुलिस ने एक्शन लिया है। बच्चे के पिता के आरोप काफी गंभीर हैं। पुलिस ने एसपी कुलदीप सिंह गुनावत का निर्देश मिलते ही आरोपित टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही स्कूल की प्रिंसिपल सेमिना ने आरोपित टीचर को स्कूल से सस्पेंड कर दिया।