Showing posts with label Jaipur. Show all posts
Showing posts with label Jaipur. Show all posts

‘प्रधानमंत्री के आवास में घुस जाएँगे लोग’: ओवैसी ने दिखाया श्रीलंका वाला डर

AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने भारत में श्रीलंका वाले हालात का डर दिखाते हुए कहा है कि लोग पीएम मोदी के घर में भी घुस सकते हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित एक टॉक शो में शामिल हुए हैदराबाद के सांसद ने कहा कि देश के मौजूदा हालात को देख कर लगता है कि श्रीलंका की तर्ज पर यहाँ भी लोग प्रधानमंत्री आवास में घुस जाएँगे। उन्होंने दावा किया कि भारत में हिन्दू-मुस्लिम राजनीति हो रही है, जिसमें नुकसान मुस्लिमों का हो रहा है।

असदुद्दीन स्वयं एक वकील नहीं बैरिस्टर हैं और इतना भी नहीं जानते कि मुसलमानों को बलि का बकरा बनाने वाले कौन हैं? श्रीलंका वाला डर दिखाकर क्या कहना चाहते हैं? अगर ऐसी नौबत आयी तो प्रधानमंत्री आवास पर कूच करने वालों का नेतृत्व करेंगे या बेकसूर लोगों को मरवाने के लिए खुद संसद में छुप कर बैठ जाएंगे। आखिर मुसलमानों को कब तक बलि का बकरा बनाया जाता रहेगा? ओवैसी साहब तस्लीम रहमानी वाला भड़काने का खेल मत खेलो। भड़काऊ लोगों की ही वजह से आज इस्लाम और कुरान पर बहस हो रही है, आंखें खोलो और देखो News Nation का यह वीडियो:   

दूसरे, TimesNow नवभारत चैनल पर सुशांत सिन्हा के न्यूज़ की पाठशाला में एक इस्लामिक विद्वान वकील ज्ञानवापी में त्रिशूल पर यह बोल गए कि "क्या मस्जिद में त्रिशूल नहीं हो सकता?" उनके यह कहते ही शो में उपस्थित सभी हिन्दू मुसलमान हंसने लगे और जिस पर एंकर सुशांत सिन्हा को कहना पड़ा कि "वकील की वकालत का रिकॉर्ड चेक करना पड़ेगा।"  

असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि आजकल राजनीतिक पार्टियाँ अप्रासंगिक हो रही हैं। उन्होंने दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन, CAA विरोधी दंगों, दिल्ली में वकीलों के प्रदर्शन और ‘अग्निपथ योजना’ के खिलाफ उपद्रव – इन सबको जनता का आंदोलन बताते हुए कहा कि नेताओं के बिना ही लोग सड़क पर उतर रहे हैं। ओवैसी ने राजनीतिक पार्टियों को इस पर गंभीरता से सोचने की सलाह देते हुए बदलाव की बात कही।

इस दौरान उन्होंने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहलकर (NSA)’ अजीत डोभाल का भी नाम लेकर उन पर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि डोभाल को बताना चाहिए कि कट्टरता कौन फैला रहा है और कट्टर कौन है। बता दें कि NSA डोभाल ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बयान दिया था कि कुछ लोग धर्म एवं विचारधारा के नाम पर कटुता फैला रहे हैं। ओवैसी ने राजस्थान के अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में पूरी ताकत से लड़ने का ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि AIMIM चुनाव नहीं लड़ती है फिर भी कॉन्ग्रेस हार जाती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान किसी एक पार्टी का नहीं है और उनका भी उतना ही है, जितना दूसरे दलों का। ओवैसी इससे पहले भारत में एक समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत होने का दावा कर चुके हैं। उन्होंने RSS पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इंद्रेश कुमार से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए, उन्हें ये बताना चाहिए कि संघ की शाखाओं में किसके नाम पर और क्या शपथ ली जाती है।

हिंदू Vs हिंदुत्ववादी के चक्कर में राहुल गाँधी का भाषण बना कॉमेडी शो

राहुल गाँधी के भाषणों का विरोधी मजाक जरूर बनाते हैं, लेकिन वह कांग्रेस की सच्चाई सार्वजनिक कर रहे हैं। कांग्रेस प्रारम्भ से लेकर आज तक अपने आपको हिन्दू हितैषी बताती है, लेकिन मुग़ल युग में हिन्दू मंदिरों को मस्जिद, दरगाह एवं कब्रिस्तानों में बदलने को वास्तविक रूप देने पर उन्हें सच्चाई छुपाकर विवादित बना दिया। दूसरे, महात्मा गाँधी के वध पर चितपावन ब्राह्मणों का नरसंहार कांग्रेस राज में हुआ था, जिस पर आज भी कोई बोलने को तैयार नहीं; गो-वध का विरोध कर रहे निहत्ते साधु-संतों पर गोलियां चलवाकर उनके खून से 7 नवंबर 1966 को पार्लियामेंट स्ट्रीट कांग्रेस राज में लाल हुई थी; रामजन्मभूमि पर कोर्ट में झूठ बोला ; मलियाना में मुसलमानों का नरसंहार और 1984 में सिखों का नरसंहार आदि कांग्रेस राज में ही हुआ। इतना ही नहीं, यूपीए राज में घोर हिन्दू विरोधी Anti-Communal Violence Bill बना था, सौभाग्यवश, बिल पारित नहीं हुआ। 
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की किताब में हिंदुत्व की तुलना आतंकी संगठन ISIS और बोको हराम से करने के बाद उपजे विवाद पर पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा हिंदू और हिंदुत्व में अंतर बताने के बाद अब उन्होंने एक बार फिर दोनों को परिभाषित किया है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्ववादी पीछे से पीठ में चाकू मारता है, जबकि हिंदू आगे से। राजस्थान की राजधानी जयपुर की रैली में रविवार (12 दिसंबर) को बोलते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि 2014 से सत्ता में हिंदुत्ववादी बैठे हैं और इन्हें सत्ता से बाहर करना है।

 रैली को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने कहा, “किसानों की जो आत्मा है… उनका जो दिल है… छाती में चाकू मारा…। और भाईयों और बहनों… आगे से नहीं… यूँ नहीं (चाकू मारने का प्रक्रिया बताते हुए)… यूँ (एक सुरक्षाकर्मी के पीछे जाकर चाकू मारने का संकेत हुए)। आगे से नहीं, पीछे से। क्यों? क्योंकि वो हिंदुत्ववादी है। हिंदू अगर मारता तो आगे से मारता। हिंदुत्ववादी है तो पीछे से मारेगा।”

राहुल गाँधी ने हिंदू और हिंदुत्व के बीच अंतर को दोहराते हुए कहा कि हिंदूवादी सत्य के लिए मरता है, लेकिन हिंदुत्ववादियों को सत्य को कोई लेना देना नहीं होता। उन्होंने कहा कि एक हिंदू के लिए सत्य उसका पथ होता है। वह आजीवन सत्य की खोज में रहता है और सत्य के लिए ही मरता है। महात्मा गाँधी का उदाहरण देते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि उन्होंने पूरे जीवन सत्य की खोज की, लेकिन हिंदुत्ववादी गोडसे ने उनके सीने में तीन गोलियाँ मारकर उनकी जीवन लीला समाप्त कर दी।

रैली में बोलते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि हिंदू और हिंदुत्व एक नहीं हो सकते। जैसे दो जीवों की एक आत्मा नहीं हो सकती, उसकी तरह दो शब्दों का एक मतलब नहीं हो सकता। हर शब्द का अलग मतलब होता है। एक हिंदू सत्य की खोज में कभी झुकता नहीं है, लेकिन एक हिंदुत्ववादी को नफरत से भरा होता है, क्योंकि उसके मन में खौफ होता है। रैली में जुटे कार्यकर्ताओं से कहा कि अब वक्त आ गया है कि सत्ता में बैठे हिंदुत्ववादियों को हटाकर हिंदुओं को लाया जाए।

उन्होंने कहा, “मैं हिंदू हूँ, लेकिन हिंदुत्ववादी नहीं हूँ। इस देश में दो शब्दों का टक्कर है। महात्मा गाँधी हिंदू थे और गोडसे हिंदुत्ववादी था।” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि आज देश के सारे संस्थान एक संगठन और एक हाथ में है। हर मंत्री के दफ्तर में संघ के OSD बैठे हैं।

ऐसे में राहुल गाँधी को नाथूराम गोडसे के 150 बयानों को जरूर पढ़ना चाहिए। और अपनी ही पार्टी से पूछें कि गोडसे को सार्वजनिक होने पर क्यों प्रतिबन्ध लगाया गया था?

इसके पहले नवंबर में राहुल गाँधी ने कहा था, “हिंदुस्तान में 2 विचारधाराएँ हैं, एक कॉन्ग्रेस पार्टी की और एक RSS की। आज के हिन्दुस्तान में बीजेपी और RSS ने नफरत फैला दी है और कॉन्ग्रेस की​ विचारधारा जोड़ने, भाईचारे और प्यार की है। उनका कहना है कि आरएसएस की विचारधार आज प्यार-भाईचारे पर हावी हो गई है।”

भाजपा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आगे कहा था, “बीजेपी हिंदुत्व की बात करती है। हिंदू और हिंदुत्व में क्या फर्क है, क्या ये एक हो सकते हैं? अगर हैं तो इनका नाम क्यों एक जैसा नहीं है। ये सच में अलग हैं। क्या हिंदू धर्म में ये है कि सिख और मुस्लिम को पीटा जाए? हिंदुत्व में ये है।”

उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और उज्जैनवासियों की सुगमता के लिए उज्जैन में महाकाल रोड पर होटल और उनके मालिकों के नाम इस प्रकार हैं, यानि राहुल गाँधी के हिन्दू Vs हिन्दुत्व का चक्कर-

1. होटल का नाम- शंकरा गेस्ट हाउस

पता- महाकाल मार्ग, उज्जैन

होटल के मालिक- अब्दुल रऊफ खान।

2. होटल का नाम- शिवकृपा

पता- महाकाल मार्ग, उज्जैन

होटल के मालिक- नवाब।

3. होटल का नाम- अमृत पैलेस

पता-  महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- जावेद कुरैशी

4. होटल का नाम-  संगम पैलेस

पता-  महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- जहीर खान

5. होटल का नाम-  कल्पना पैलेस

पता-महाकाल मार्ग, उज्जैन

मालिक- सोहेल खान

6. होटल का नाम-  रॉयल

पता- महाकाल मार्ग

मालिक- रईस खान

7. होटल का नाम - सिल्वर स्वीट्स गेस्ट हाउस

पता- महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- जुबेर अहमद

8. होटल का नाम-  एप्पल

पता-  महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- कलील

9. होटल का नाम-  हाईलाईट

पता- महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- अनीस शेख

10.होटल का नाम -  सिटी पैलेस

पता - महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- मुस्तकीम।

11.होटल का नाम-  सफॉयर

पता-  महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- करीम खान। 

12. होटल का नाम- प्रिंस गेस्ट हाउस

पता-  महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- शहनवाज खान। 

13. होटल का नाम- संजर पैलेस

पता-  महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक-  मो. याकूब। 

14. होटल का नाम -उज्जैन गेस्ट हाउस

पता- महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- सिकन्दर लाला। 

15. होटल का नाम- सागर गेस्ट हाउस

पता- महाकाल मार्ग उज्जैन

मालिक- बाबू खान। 

बाहर से आने वाले अपने मित्र और रिश्तेदारों को अवश्य प्रेषित करें , उनकी सुविधा के लिए कृपया इन होटलों से बचें ।

 महाकाल मंदिर के पास भारत माता मंदिर में रुके वो संघ का है और बहुत  सस्ता है और हमारा धर्म भी बचा रहेगा।

वहां तुम्हारी शुद्धता और पवित्रता दोनों भंग नही होगी।

‘इंग्लिश वाली मैम पटवा दे, नहीं तो तू पट जा’: जयपुर का सेंट जेवियर्स स्कूल, NCC टीचर जोस

                      आरोपित टीचर निखिल जोस और उसका अश्लील चैट (साभार: Patrika)
राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक नामचीन स्कूल के टीचर को पुलिस ने छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपित जयपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल में एनसीसी टीचर है। उसका नाम निखिल जोस है। टीचर जोस इंस्टाग्राम के जरिए स्कूल की छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजता था। एक छात्रा को अश्लील मैसेज भेज होटल में मिलने के लिए बुलाया। इनकार करने पर उसके फोटो शेयर कर धमका रहा था।
                                     टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

10 से अधिक छात्राओं को आरोपित टीचर ने अश्लील मैसेज भेजे थे। जब इसकी जानकारी पूर्व स्टूडेंट्स को हुई तो उन्होंने आरोपित टीचर को सबक सिखाने के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू किया। इसके बाद टीचर को पुलिस ने अशोक नगर थाने में मिली एक संस्था की तरफ से शिकायत के आधार पर आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। आरोपित टीचर के अश्लील मैसेज सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहे हैं।

                                   टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

अशोक नगर थानाधिकारी सुरेन्द्र सैनी के अनुसार टीचर निखिल जोस के गिरफ्तारी के बाद जब उसका मोबाइल चेक किया गया तो कुछ छात्रों को अश्लील मैसेज भेजने के सबूत मिले। शुरुआती जाँच में पता चला है कि स्कूल में ऑनलाइन क्लास के लिए वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए थे। शिक्षक ग्रुप से ही स्टूडेंट के नंबर लेकर प्राइवेट चैटिंग करने लगा। शुरुआत में स्टूडेंट ने रिस्पॉन्स नहीं दिया। शिक्षक ने बाद में शराब पीने के लिए होटल में मिलने का ऑफर दिया। स्कूल की कई गर्ल्स स्टूडेंट्स को भी रात 10 बजे के आसपास अश्लील मैसेज भेजे। उन्हें स्कूल से बाहर होमवर्क के बहाने मिलने के लिए बुलाया। स्कूल की एक स्टूडेंट ने 27 मिनट 31 सेकेंड का एक वीडियो भी इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था। 

                                        टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

वहीं निखिल ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर कहा है कि उसकी इंस्टाग्राम आईडी किसी ने हैक की है और उसने यह मैसेज नहीं किए हैं। इसके साथ ही निखिल ने कहा कि उसे एक दिन ही पहले पता लगा था कि उसकी इंस्टाग्राम आईडी से अश्लील मैसेज भेजे गए हैं।

                                टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

मामले में स्कूल के वाइस प्रिंसिपल बीजू एमजी का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अभी तक उनके पास इस मामले में शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर जाँच करवाई जाएगी।

इस्लामी आतंकवाद पर प्रश्नोत्तर को लेकर भड़की इस्लामी भीड़, प्रकाशन संस्थान के दफ्तर पर हमला: तोड़े फर्नीचर, जलाई किताबें

राजस्थान में मजहब के नाम पर इस्लामी भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने का मामला सामने आया है। राजधानी जयपुर में एक मुस्लिम भीड़ एक किताब में प्रकाशित कंटेंट को लेकर इस कदर नाराज़ और आक्रोशित हो गई कि प्रकाशन संस्थान के दफ्तर पर ही हमला बोल दिया। ये घटना बुधवार (मार्च 16, 2021) को चारदीवारी क्षेत्र में स्थित संजीव प्रकाशन में शाम के समय हुई। वहाँ जम कर तोड़फोड़ मचाई गई।

उक्त प्रकाशन संस्थान द्वारा छापी गई 12वीं की एक पुस्तक में इस्लामी आतंकवाद को लेकर एक चैप्टर था, जिसके कारण सारा विवाद हुआ। हमलावरों ने ऑफिस में रखे फर्नीचरों को तोड़ डाला और वहाँ रखी दूसरी किताबों को भी फाड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस वहाँ पर ज़रूर पहुँची, लेकिन उससे पहले हमलावर अपना काम करके फरार हो चुके थे। वो अपने साथ कई किताबें लूट कर भी ले गए।

इसके बाद इस्लामी समूह ऑफिस के बाहर आ गया और फिर वहाँ सारी किताबों को फाड़ कर रखा गया। फिर उसमें आग लगा दी गई। बेख़ौफ़ बदमाशों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। पब्लिशिंग मैनेजर विजय शंकर शुक्ला ने बताया कि राजनीतिक विज्ञान की पुस्तक को लेकर बवाल किया जा रहा है, जिसमें इस्लामी आतंकवाद के सवाल पर एक जवाब छपा था और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में भी वो प्रश्न आया था। उसका कंटेंट इस प्रकार है:

सवाल:इस्लामी आतंकवाद से आप क्या समझते है?
जवाब:इस्लामी आतंकवाद इस्लाम का ही एक रूप है, जो पिछले 20-30 सालों में अत्यधिक शक्तिशाली बन गया है। आतंकवादियों में किसी एक गुट विशेष के प्रति समर्पण का भाव नहीं होकर एक समुदाय विशेष के प्रति समर्पण भाव होता है। समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता इस्लामी आतंकवाद का मुख्य लक्षण है। मजहब या अल्लाह के नाम पर आत्मघाती हमला और अत्यधिक बर्बरता, ब्लैकमेल, जबरन धन वसूली, और निर्मम नृशंस हत्याएँ करना ऐसे आतंकवाद की विशेषता बन गई है। जम्मू कश्मीर में आतंकवाद पूर्णतया मजहबी व अलगाववादी श्रेणी में आता है। 

हालाँकि, ये हमला कंटेंट को हटाए जाने और किताबें बाजार से वापस लेने के बावजूद हुई है। पब्लिशिंग मैनेजर का कहना है कि कुछ दिनों पहले जब इस पर आपत्ति आई थी, तभी तमाम पुस्तकों को बाजारों से वापस उठवा लिया गया था और उक्त कंटेंट को हटा दिया गया था। शुक्ला ने कहा कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुँचे, इसीलिए ऐसा किया गया। जबकि बाकी प्रकाशन संस्थानों की पुस्तकों में भी इस सवाल का जवाब यही है।

इतना ही नहीं, संजीव प्रकाशन संस्थान ने इसे लेकर लिखित में माफ़ी भी माँग ली थी। इसके बावजूद उन्हें कुछ दिनों पहले धमकी भरे फोन कॉल्स आए थे। पुलिस कोतवाली में शिकायत करने पर 2-4 जवान भी सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गए थे। दोपहर 3 बजे 4-4 लोग ऑफिस में आ धमके, जिनके साथ 30-40 और लोग थे जो बार खड़े थे। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

ये पूरा मामला 2017 का है। ये जवाब उसी साल छपा था। 4 साल बाद उस कंटेंट को लेकर प्रकाशन संस्थान के दफ्तर पर हमला हुआ। राजस्थान पुलिस द्वारा मुहैया कराए गए 3 सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में ‘संजीव प्रकाशन’ के दफ्तर पर इस्लामी आतंकवाद के उसी कंटेंट को लेकर हमला हुआ। कॉन्ग्रेस विधायक रफीक खान ने इस कंटेंट का मामला राजस्थान की विधानसभा में भी उठाया था और जवाबदेह लोगों पर कार्रवाई की माँग की थी। पुलिस जाँच की बात कह रही है।

राजस्थान: शैल्बी अस्पताल में वेंटीलेटर पर लेटी महिला के प्राइवेट पार्ट छूकर नर्सिंग स्टाफ करता रहा अश्लील हरकत

                                                     जयपुर में नर्सिंग स्टाफ गिरफ्तार
राजस्थान की राजधानी जयपुर में बने शैल्बी अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती एक महिला मरीज के यौन शोषण का मामला सामने आया है। नर्सिंग स्टॉफ खुशीराम ने मार्च 17, 2021 को महिला के साथ उस समय बदसलूकी की, जब उसका ऑपरेशन करके उसे वेंटिलेटर पर 
रखा गया था। 

खुशीराम उस दौरान अस्पताल में ड्यूटी पर था। उसने महिला की हालत का फायदा उठाते हुए उससे अश्लील हरकत की। महिला होश में थी, लेकिन मुँह पर मास्क होने के कारण वह कुछ बोल नहीं पाई। खुशीराम उसे छू छूकर घटिया हरकतें करता रहा। पूरी रात उसके प्राइवेट पार्ट्स पर भी हाथ लगाया।

सुबह जब दूसरा स्टाफ वहाँ आया तो पीड़िता ने महिला नर्स को आपबीती बतानी चाही, मगर खुशीराम ने उसे धमका दिया। बाद में जब महिला मरीज का पति उसे देखने पहुँचे तो उसने लिख कर अपनी सारी बात बताई।

पत्नी के यौन उत्पीड़न की बात समझते ही पति आग बबूला हो गया। उसने तुरंत पुलिस में शिकायत करवाई। शिकायत में पति ने बताया कि सोमवार देर रात को उसकी पत्नी की तबीयत खराब होने पर वह उसे चित्रकूट में स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुँचा, जहाँ पर महिला की स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया।

तबीयत खराब होने की वजह से शाम को उनकी पत्नी का ऑपरेशन किया गया। चूँकि, आईसीयू में किसी का रुकना अलाउड नहीं था। इसलिए अस्पताल की तरफ से कहा गया कि जरूरत पड़ने पर उनको बुला लिया जाएगा, जिसे सुन महिला का पति घर चला गया।

अगली सुबह जब वह अस्पताल में आया तो पत्नी परेशान थी। उसने रोते हुए कुछ कुछ इशारों में बताने की कोशिश की, लेकिन मुँह पर मास्क के कारण वह नहीं बोल पाई, फिर हाथ में एक कागज दिया गया तो महिला ने अपने साथ हुई बदसलूकी के बारे में बताया।

महिला ने लिखा कि रात के समय मेल वॉर्ड बॉय उसके पास आया और बेहोशी की अवस्था में समझकर उसके शरीर के साथ छेड़छाड़ करने लगा। उसके प्राइवेट पार्ट्स को भी छुए। वेंटिलेटरपर होने के कारण महिला उस युवक का विरोध नहीं कर पाई और रात भर रोती रही।

अस्पताल में सेवाकर्मी की ओर से हुई ऐसी शर्मसार हरकत पर डीसीपी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल में सीसीटीवी को चेक किया और आरोपित की पहचान करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित करौली के नादौती का रहने वाला है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि राजस्थान से महिलाओं के यौन उत्पीड़न का इन दिनों ये कोई पहला मामला नहीं है, जहाँ आम जन की सेवा के नाम पर किसी महिला की अस्मत पर प्रहार हुआ हो। इससे पहले 8 मार्च को प्रदेश के अलवर जिले में एक पुलिस अधिकारी पर महिला से थाने में दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। वहीं 14 मार्च को एक एसीपी पर एक दुष्कर्म पीड़िता के साथ जबरदस्ती करने का मामला उजागर हुआ था।

लोगों ने झूठ बोल कर मँगाया राशन ; कहीं फ्रिज में पड़ा था चिकन तो कहीं हो रही थी मछली फ्राई

लॉकडाउन के बीच कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनका काम सरकार और प्रशासन को परेशान करना है। वो ऐसा कर के न सिर्फ़ ज़रूरतमंदों का हक़ मार रहे हैं बल्कि संवेदनहीनता का परिचय भी दे रहे हैं। हम बात कर रहे हैं ऐसे लोगों की, जो अपने घर में पर्याप्त राशन होते हुए भी प्रशासन के सामने झूठ बोल कर फायदा उठाना चाहते हैं। जब कोरोना आपदा के बीच ऐसे लोगों को उनकी मदद करनी चाहिए जो सही में ज़रूरतमंद हैं, ये लोग ख़ुद ही सरकारी माल हजम करने की फ़िराक़ में हैं।

इसी तरह देहरादून स्थित केशवपुरी बस्ती डोईवाला में झूठ बोलकर राशन माँगने वाले व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया था बता दें कि अजरुन पांडे ने 112 नंबर पर फोन करके बताया कि उसके यहाँ राशन नहीं है। उसने ख़ुद के भूखे होने की बात कही। सूचना मिलने के बाद पुलिस उक्त व्यक्ति के घर राशन लेकर पहुँची। जब उससे पूछताछ की तो वह घबरा गया। उसके बाद उसके कमरे की जाँच की गई तो वहाँ पर छोटे ड्रमों में काफी राशन भरा था। ऐसा उसने पहली बार नहीं किया था बल्कि वो बार-बार ऐसे ही झूठ बोल कर अपने घर में लगातार बड़ी मात्रा में सरकारी राशन भरे जा रहे था।
राजस्थान के अजमेर स्थित खानपुरा क्षेत्र में चाँद मोहम्मद नाम के शख्स ने प्रशासन से फोन करके भूख से मरने की बात कही। फिर उसने दोबारा फोन करके कहा कि वो भूख से मर रहा है। प्रशासन ने उसकी बातों को गंभीरता से लिया और आनन-फानन में अधिकारी राशन सामग्री एवं तैयार भोजन के पैकेट लेकर गए। मगर वहाँ का नजारा देखकर अधिकारी सन्न रह गए। चाँद मोहम्मद के घर में ना सिर्फ पर्याप्त मात्रा में आटा-चावल और अन्य सामग्रियाँ भरी हुई थी, बल्कि उसका फ्रिज भी चिकन से भरा हुआ था। इसके बावजूद उसने भूख से मरने का झूठ बोला। इसके बाद जिला प्रशासन ने चाँद के खिलाफ कानूनी कर्रवाई की बात करते हुए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। राजस्थान के ही खाजूवाला में भी एक युवक ने फोन कर के गुमराह किया।
राजस्थान के हनुमानगढ़ में ओम प्रकाश नेहरू की पुत्री नीतू ने राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 पर शिकायत दर्ज करवाई कि उनके घर राशन खत्म हो गया है। साथ ही उसने दावा किया कि उसके घर में कमाने वाला भी कोई नहीं है। प्रशासन ने जब कर्मचारियों के साथ मौके पर जाकर जाँच की तो पाया कि घर में पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध थी। शिकायतकर्ता बीपीएल परिवार पाया गया। यानी, परिवार को पहले से ही राज्य सरकार द्वारा सारी सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। इसके बाद इस घटना की पूरी रिपोर्ट बना कर डीएम को भेजी गई।
ऐसी ही एक घटना हरियाणा के झज्जर में हुई, जहाँ एक व्यक्ति ने कण्ट्रोल रूम फोन कर के बिलखते हुए बताया कि वह किला कॉलनी में रहता है और उसे राशन की सख्त ज़रूरत है। साथ ही उसने दावा किया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी ख़राब है कि वो ख़ुद जाकर राशन ख़रीद भी नहीं सकता है और घर में खाने को कुछ बचा ही नहीं है। एसडीएम ने एक अधिकारी को तुरंत राशन लेकर वहाँ भेजा। वहाँ उसके रसोई में काफ़ी मात्रा में राशन पाया गया और पता चला कि उसने प्रशासन को गुमराह किया था। बाद में उसने माफ़ी माँगी और अपनी ग़लती स्वीकार की। प्रशासन को ऐसे लोगों के कारण परेशानी हो रही है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी एक महिला ने ऐसा ही किया। उसने बताया कि घर में उसके पति और तीन बच्चे हैं और खाने का कोई भी सामान नहीं है। राशन लेकर पहुँची प्रशासन की टीम ने पाया कि उक्त परिवार ग़रीब नहीं है और उनके किचेन में राशन का पर्याप्त सामान पाया गया। महिला को समझाया गया कि वो दोबारा ऐसा न करें, ताकि ज़रूरतमंदों को राशन मुहैया कराया जा सके। पुलिस ने महिला को समझाया कि वो उन गरीबों के पेट पर लात न मारें, जिनके पास आटा तक नहीं है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहाँ पुलिस महिला को समझाती हुई दिख रही है।
इसी तरह हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ स्थित दत्तोवाल में एक व्यक्ति ने प्रशासन को कई बार फोन कर के मदद की गुहार लगाई और साथ ही कहा कि वो भूख से मर रहा है। जब अधिकारीगण वहाँ पर पहुँचे तो उसके घर में 30 किलो राशन पहले से ही था। उसकी रसोई राशन से भरी पड़ी थी। सामान इतना था कि वो दूसरों की मदद भी कर सकता था लेकिन उसने प्रशासन से ही धूर्तता करने की ठानी। उसके ख़िलाफ़ धारा-177 और 188 के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसी तरह का मामला बिलासपुर में सामने आया, जहाँ कुछ प्रवासी मजदूरों ने ही जनसेवा में लगी संस्थाओं के साथ मजाक किया। दुर्गा मंदिर के पास रह रहे इन लोगों ने रेडक्रॉस सोसाइटी में बार-बार कॉल कर के राशन न होने की बात कही। जब सहायता देने वाली वैन वहाँ पर पहुँची तो पाया कि उनके पास राशन की कोई कमी नहीं थी और घर में मछली फ्राई हो रही थी। डब्बों में कच्चा राशन भरा पड़ा था। इसके बाद उनलोगों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई गई।
अवलोकन करें:-
About this website

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
लॉकडाउन के बीच चंडीगढ़ में वीआईपी लोग कर रहे ब्रांडेड सामान की माँग (इमेज साभार- द इंडियन एक्सप्रेस) आर.बी.एल.निगम, व....
ऐसे लोग इस तरह की हरकतें करके उन स्वयंसेवी संस्थाओं के काम में भी बाधा डाल रहे हैं, जो निःस्वार्थ भाव से राहत-कार्य में लगी हुई हैं। अगर घर में महीने भर से भी ज्यादा का राशन पड़ा है तो दूसरों की मदद न करें तो न सही, कम से कम ऐसे लोगों को तो उन ग़रीबों का हक़ नहीं मारना चाहिए जिनके रोजगार पर ग्रहण लगने के कारण इस स्थिति में खाने के भी लाले पड़े हैं। जब किसी के पास चावल तक नहीं हो, ऐसे समय में चायपत्ती के लिए हंगामा करना उचित तो नहीं ही है।

सहायता के नाम पर सियासत चमकाते नेता, राशन किट पर छपवा रहे नाम व तस्वीरें

 भारद्वाज व राठौड़ ने भी बांटी राशन सामग्री
लोगों में चर्चा का विषय बना विधायक-मंत्रियों का यह फैसलाकोरोना वायरस के पॉजिटिव दुनियाभर दुनियाभर में तेजी बढ़ रहे हैं। 31 मार्च तक विश्व में 7 लाख 24 हजार 201 और भारत में 1 हजार 251लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए 24 मार्च से देशभर में 21 दिन के लिए लॉकडाउन है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में मजदूरों और असहाय लोगों के सामने पेट भरने की नौबत आ गई है। कई संस्थाएं, सेलेब्रिटी, राजनेता और आमजन इन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं, मगर ऐसे राजनेताओं की कमी नहीं, जो इस संकट की घड़ी में खुद की सियासत चमकाने से भी नहीं चूक रहे हैं।
चर्चा का विषय बना विधायक-मंत्रियों का यह फैसला
अगर राजस्थान की करें तो यहां कई विधायक-मंत्रियों ने अपने नाम और तस्वीरों के साथ राशन किट लोगों में वितरित किए हैं। विधायकों और नेताओं के इस प्रचार के खेल की चर्चा इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लोगों में चर्चा इस बात की है कि अभी न तो कोई चुनाव हैं न ही त्यौहार का अवसर। ऐसे में विधायक अपना प्रचार क्यों करने में जुटे हैं जबकि कोरोना जैसी आपदा में जब सरकार लोगों को इस बीमारी से बचाने और सभी तरह की सहायता देने में जुटी है तो फिर विधायक अपना प्रचार क्यों करने में जुटे हैं विधायकों और नेताओं को बिना प्रचार लोगों की मदद करने चाहिए।भारद्वाज व राठौड़ ने भी बांटी राशन सामग्री मीडिया की खबरों की मानें तो राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और सांगानेर से भाजपा विधायक अशोक लाहोटी ने सेनेटाइज मशीनों पर स्वयं की फोटो चिपका कर प्रचार कर रहे हैं, तो वहीं सांगानेर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे पुष्पेंद्र भारद्वाज ने गरीबों और असहाय लोगों को अपनी फोटो चिपकाकर राशन किट और राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं। इसी तरह की तस्वीरें चूरू से विधायक राजेन्द्र राठौड़ की सामने आई हैं।
पीएम और यूपी भी पीछे नहीं खाद्य सामग्री के साथ-साथ खुद का प्रचार करने में पीएम मोदी का नाम भी सामने आया है। उनके नाम से पीएम मोदी आहार नाम से एक तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। इसके अलावा यूपी के हस्तिनापुर से विधायक दिनेश खटीक का नाम और तस्वीर खाद्य सामग्री के किट पर नजर आई है।

जयपुर : कांग्रेस उपाध्यक्ष को रिश्वत की दूसरे किस्त ₹50 हजार के साथ ACB ने धरा

Image result for Suman Gurjarराजस्थान कांग्रेस की महिला नेत्री को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने राजधानी जयपुर से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षद सुमन गुर्जर को 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। इसमें 50 हजार रुपए नकद और 75 हजार सेल्फ चेक के तौर पर था।
सुमन जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 39 की पार्षद हैं। वह जयपुर नगर निगम की महिला उत्थान समिति की चेयरमैन भी हैं। सुमन गुर्जर को एसीबी की टीम ने जयपुर के सांगानेर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। पार्षद ठेकेदार से 50 हजार रूपए पहले भी ले चुकी थी।
एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि सुमन गुर्जर अपने वार्ड में विकास कार्यों के एवज में ठेकेदार से 3 प्रतिशत कमीशन मॉंग रही थी। उन्होंने ठेकेदार से 1 लाख 75 हजार रुपए की रिश्वत माँगी थी। जिसके बाद ठेकेदार ने 50,000 रुपए की पहली किस्त दी। अक्टूबर 11, 2019 को रिश्वत की दूसरी किस्त 1 लाख 25 हजार रुपए देने के दौरान एसीबी की टीम ने रंगे हाथों सुमन गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। ठेकेदार ने सुमन से कहा था कि वो उसे पैसे दे देगा, लेकिन फिर सड़क बनने के बाद घटिया सामग्री का मुद्दा नहीं उठना चाहिए। इस पर कांग्रेस पार्षद ने कहा था, “तू चिंता मत कर, मैं हूँ ना, बिल पास करवा दूँगी।”

रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद महिला कांग्रेस ने भी सुमन से किनारा कर लिया। जयपुर नगर निगम की पार्षद सुमन गुर्जर पर इस कार्रवाई के बाद महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव के निर्देश पर महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती ने गुर्जर को प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष पद से तुरंत प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।