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अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर से बौखलाए इस्लामी कट्टरपंथी, UAE के शासक को भी दे रहे गाली


संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में बने BAPS स्वामी नारायण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वहाँ पहुँचे हैं। वह अबू धाबी में बुधवार (14 फरवरी 2024) को इस मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बीच इस्लामी कट्टरपंथियों ने इस मंदिर पर अपनी घृणा दिखानी शुरू कर दी है।

इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा जो घृणा व्यक्त की जा रही है, उसे देख मुस्लिम तुष्टिकरण करने वाले समस्त छद्दम सेक्युलरिस्टों को होश में आना होगा। क्या इन्हीं कट्टरपंथियों को खुश करने हिन्दू-मुस्लिम के बीच नफरत के बीज बो रहे हो। 

अबू धाबी में नवनिर्मित इस मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरपंथी लगातार टिप्पणी कर रहे हैं। वे उल्टी सीधी टिप्पणी कर रहे हैं। इसके साथ ही कट्टरपंथी इस्लामी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शासकों से पूछ रहे हैं कि एक इस्लामी मुल्क में आखिर मंदिर का कार्यक्रम होने ही क्यों दिया जा रहा है।

अबू धाबी में स्थित इस BAPS स्वामी नारायण मंदिर को लेकर जब UAE के सबसे बड़े समाचार पत्र खलीज टाइम्स ने ट्विटर पर खबर शेयर की तो कट्टरपंथी भड़क गए। ऐसे ही एक कट्टरपंथी ने लिखा, “वो तुम्हारी मस्जिदें गिराएँ और तुम उनके मंदिर बनाते जाओ। उनको शर्मिन्दा होना चाहिए, जिन्होंने इसे बनाया और इसके लिए पैसे दिए।”

उवैद खान नाम के एक कट्टरपंथी ने पूछा, “UAE ने इस कार्यक्रम की अनुमति ही क्यों दी?”

वहीं, एक दूसरे कट्टरपंथी ने लिखा, “मेरी दुआ है कि अरब मुनाफिक (अरब के मौलाना) इस मंदिर को चलाएँ।”

एक और कट्टरपंथी ने UAE के शासकों पर मंदिर को लेकर प्रश्न उठाए। हमीद रजा ने लिखा, “क्या हुआ अगर वे (हिंदू) भारत में मस्जिद को गिरा रहे हैं और मुस्लिम को मार रहे हैं। आप यूएई के बेशर्म लोगों पर शर्म आनी चाहिए।”

एक कट्टरपंथी ने तो यहाँ तक कह दिया कि कैसा हो अगर शेख जायद मस्जिद को ढहा कर मंदिर बना दिया जाए, ताकि हिन्दू खुश हो जाएँ।

UAE के इस मंदिर की खासियत

इस नवनिर्मित मंदिर को 1 मार्च 2024 आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। मंदिर परिसर में एक विजिटर केंद्र, प्रार्थना कक्ष, प्रदर्शनियाँ, लर्निंग सेंटर, बच्चों और युवाओं के लिए खेल क्षेत्र, उद्यान, पानी की सुविधाएँ, फूड कोर्ट, पुस्तक एवं उपहार की दुकानों के साथ अन्य सुविधाएँ भी होंगी।
जिस मंदिर का प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे, वह अबू धाबी का पहला हिंदू मंदिर है। यह मंदिर संयुक्त अरब अमीरात के अमीर द्वारा उपहार में दी गई 27 एकड़ भूमि पर बना है। स्वामी नारायण मंदिर के निदेशक प्रणव देसाई ने इस मंदिर के लिए संयुक्त अरब अमीरात और भारतीय नेतृत्व को आभार जताया है।
स्वामीनारायण संप्रदाय की वेबसाइट के अनुसार, इस संप्रदाय का हिंदू मंदिर UAE के अबू धाबी, दुबई, शारजाह और रुवैस शहर में स्थित हैं। ये मंदिर या तो बन गए हैं या फिर बन रहे हैं। अगर मीडिल ईस्ट की बात करें तो स्वामीनारायण मंदिर ओमान के मस्कट और सोहर तथा कुवैत एवं बहरीन में भी स्थित हैं।
दरअसल, स्वामीनारायण संप्रदाय के बोचासनवासी अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) के तत्कालीन अध्यक्ष स्वामी महाराज 5 अप्रैल 1997 को UAE के शारजाह के एक रेगिस्तानी इलाके में गए। वहाँ पर स्वामी जी विश्व शांति और सभी धर्मों में एक-दूसरे के प्रति प्रेम के लिए प्रार्थना की। उन्होंने सभी देशों की प्रगति की भी कामना की। इसके साथ ही उन्होंने अपनी इच्छा से अबू धाबी में एक मंदिर बनाने के लिए भी प्रार्थना भी की।
अगले दो दशकों में स्वामीनारायण संप्रदाय के संतों एवं भक्तों ने स्वामी जी की कल्पना के अनुसार मंदिर बनाने के लिए UAE के लोगों एवं वहाँ के नेताओं से मुलाकात की और उनसे इसके लिए इजाजत माँगी। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर बनाने के लिए जमीन की भी माँग की।
साल 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आई और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। इसके बाद भारत और UAE के बीच आपसी विश्वास का माहौल बना और दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हुए। इसके बाद साल 2015 में UAE की सरकार ने हिंदू मंदिर के लिए जमीन आवंटित की थी।
इसके बाद पीएम मोदी ने UAE सरकार की दिल खोलकर सराहना की थी। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, “मैं अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए भूमि आवंटित करने के फैसले के लिए संयुक्त अरब अमीरात सरकार का बहुत आभारी हूँ। यह एक महान कदम है।” मंदिर परियोजना के निर्माण, विकास और प्रशासन के लिए दोनों सरकारों ने स्वामीनारायण संस्था और मंदिर लिमिटेड को चुना।
इसके बाद अबू धाबी-दुबई राजमार्ग के नजदीक अबू धाबी-स्वीहान-अल ऐन रोड पर अल रहबा क्षेत्र के अबू मुरीखा में इस मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। इस मंदिर में सात टावर हैं, जो संयुक्त अरब अमीरात में स्थित सात अमीरात का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस मंदिर को बनाने की आधिकारिक घोषणा फरवरी 2018 में शाही दरबार में की गई थी और अप्रैल 2019 में शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया था। मई 2023 में 30 से अधिक देशों के राजनयिकों ने निर्माणाधीन मंदिर का दौरा किया था।
मंदिर के प्रवक्ता के अनुसार, प्राचीन प्रथाओं का पालन करते हुए इस मंदिर के निर्माण में लोहे या स्टील का उपयोग नहीं किया गया है। यह विशाल मंदिर पूरी तरह से पत्थर से बनाया गया है। इसे बनाने के लिए 700 से अधिक कंटेनरों में 20,000 टन से अधिक पत्थर और संगमरमर अबू धाबी भेजा गया। नींव को भरने के लिए फ्लाई ऐश का उपयोग किया गया है, जिससे कंक्रीट मिश्रण में 55 प्रतिशत सीमेंट की जगह ली गई है।
इस मंदिर को पर्यावरण के अनुकूल बन गया है। इसके कार्बन फुटप्रिंट में भी कमी आई है। मंदिर की संरचना की निगरानी के लिए, दबाव, तापमान और भूकंपीय घटनाओं का लाइव डेटा हासिल करने के लिए विभिन्न स्तरों पर 300 से अधिक सेंसर लगाए गए हैं। गुजरात और राजस्थान के कारीगरों को बुलाकर मंदिर के खंभों एवं दीवारों पर मोर, घाथी, घोड़े, ऊँट, चंद्रमा आदि को उकेरा गया है।

फ्रांस : ‘तुम्हें सैमुअल पैटी की तरह काट डालूँगा’: पढ़ाई के दौरान फिर एक 14 साल के छात्र की शिक्षक को धमकी

                                                                                                                                         प्रतीकात्मक 

फ्रांस के ‘Savigny-le-Temple (Seine-et-Marne)’ क्षेत्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े एक कोर्स की पढ़ाई के दौरान एक छात्र भड़क गया और उसने शिक्षक को धमकी दे डाली कि वो उसका वही हाल कर देगा, जो सैमुअल पैटी का हुआ था। सैमुअल की एक छात्र ने सिर्फ इसीलिए हत्या कर दी थी, क्योंकि उन्होंने कक्षा में पैगम्बर मुहम्मद का कार्टून दिखाया था, जो फ्रेंच पत्रिका ‘शार्ली हेब्दो’ में प्रकाशित हुआ था।

नवंबर 13, 2020 को 14 वर्षीय छात्र ने शिक्षक को धमकी दी कि वो उसे सैमुअल पैटी की तरह ही काट डालेगा। इस घटना के बाद सार्वजनिक सेवा में कार्यरत व्यक्ति को हत्या की धमकी देने का मामला दर्ज कर के कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिस लड़के ने ये धमकी दी, उसके पास इलेक्ट्रिक इम्पल्स टेजर बन्दूक भी थी। उसे नाबालिग अदालत में पेश किया गया है। उसने इतिहास और भूगोल पढ़ाने वाले शिक्षक को धमकी दी।

उस वक्त वो नागरिक शिक्षा से जुड़े एक कोर्स का अध्ययन करा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने फ्रांस में हुए उन विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें ‘शार्ली-हेब्दो’ पत्रिका के दफ्तर बाहर नरसंहार के बाद भारी संख्या में लोग जुटे थे और अपने गुस्से का इजहार किया था। पुलिस की पूछताछ में उक्त छात्र ने बताया है कि उसने एक रैप गाने से उठाई पंक्ति बोली थी। हालाँकि बन्दूक पॉकेट में लेकर स्कूल जाने के सम्बन्ध में उसने कुछ संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

उक्त छात्र को स्कूल से निकाल दिया गया है। पुलिस ने भी कहा है कि वो ‘भड़काऊ और विद्रोही’ किस्म का छात्र रहा है। हालाँकि उसके पिता का कहना है कि उक्त छात्र यानी उनका बेटा कट्टर नहीं है। हालाँकि, अपने व्यवहार की वजह से उसे पहले भी 2 बार स्कूल से निकाला जा चुका है। उसे फ़िलहाल छोड़ दिया गया है लेकिन हत्या की धमकी और हथियार लेकर चलने के मामले में कार्रवाई की जाएगी। स्कूल ने भी शिक्षक का समर्थन किया है।

फ्रांस में शिक्षक पैटी की हत्या के बाद से ही सरकार इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ एक्शन में है। राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी कहा था कि आज इस्लाम के नाम पर हिंसा और हत्याओं को बढ़ावा दिया जा रहा है और ऐसे लोग हैं, जो इस्लाम के नाम पर हिंसक अभियान चलाते हुए हत्याओं और नरसंहार को जायज ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद इस्लाम की भी समस्या है क्योंकि इसके 80% पीड़ित मुस्लिम ही हैं और वो इसके पहले पीड़ित हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया था कि इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ जंग जारी रहेगी।

कपिल मिश्रा का सिर काटने पर 1 लाख रूपए का ऐलान : अजहरुद्दीन अंसारी

क्या दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपने पूर्व मंत्री और वर्तमान में भाजपा नेता कपिल मिश्रा को आयी धमकी को गंभीरता से लेंगे? दिल्ली में किसी न किसी कारण शांतिदूत हिन्दुओं की हत्या कर रहे हैं, नागरिकता संशोधक कानून की आड़ में हिन्दू विरोधी दंगे, हिन्दू और हिन्दुत्व के विरुद्ध नारेबाजी आदि आदि होने पर भी चुप्पी साधे रहना उनकी निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। नाराजगी केन्द्र में मोदी सरकार से थी, हिन्दू और हिन्दुत्व को अपमानित करना किसी षड़यंत्र का स्पष्ट प्रमाण है। 

क्या भाजपा विरोधियों के शांतिदूत फ़्रांस की आग भारत में लगाएंगे?  
भाजपा नेता कपिल मिश्रा को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए जान से मार डालने की धमकी दी गई है। अजहरुद्दीन नामक व्यक्ति ने उनके एक फेसबुक पोस्ट पर टिप्पणी की है कि जो भी कपिल मिश्रा का सिर काट कर ले आएगा, उसे वो 1 लाख रुपए का इनाम देगा। साथ ही उसने कपिल मिश्रा के लिए गाली का भी प्रयोग किया। दिल्ली के पूर्व मंत्री ने ट्विटर पर अजहरुद्दीन की टिप्पणी का स्क्रीनशॉट डाल कर उसकी पोल खोली।

साथ ही उन्होंने धमकी देने वाले अजहरुद्दीन के फेसबुक प्रोफाइल का लिंक और उसकी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “ये कमेंट मेरे फेसबुक पर किया गया हैं। मेरा सिर काटने पर एक लाख का ईनाम घोषित करने वाला ये आदमी दिल्ली में ही रहता है।” अजहरुद्दीन अपने फेसबुक टाइमलाइन पर भी अक्सर भाजपा विरोधी पोस्ट डालता रहता है। अजहरुद्दीन अंसारी ने अपना निवास स्थान दिल्ली ही डाल रखा है।

कपिल मिश्रा द्वारा उसकी करतूतों को शेयर किए जाने के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस से उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग की। कई लोगों ने अजहरुद्दीन की तस्वीर शेयर कर दिल्ली पुलिस को टैग किया और उसकी गिरफ़्तारी की माँग की। लोगों ने याद दिलाया कि आजकल फ्रांस में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखते हुए ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की ज़रूरत है क्योंकि ये कुछ भी कर सकते हैं। कई लोगों ने कपिल मिश्रा के प्रति समर्थन जताया।

कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर फ्रांस का समर्थन किया और हो रही आतंकी घटनाओं की निंदा की थी। साथ ही राजस्थान में जब पुजारी की हत्या हुई थी तो उन्होंने धन इकट्ठा कर के पीड़ित परिवार की मदद की थी। वो दिल्ली के आदर्श नगर में मार डाले गए राहुल राजपूत के भी परिजनों से मिले थे। इन कारणों से वो हमेशा से इस्लामी कट्टरवादियों की आलोचना का शिकार बनते रहे हैं। उन्होंने दिल्ली दंगे के पीड़ितों के लिए भी डोनेशन अभियान चलाया था। 

अयोध्या को ₹#डीखाना, माता सीता अन्य देवियों के लिए बहुत गंदा बोलने वाली फिरकापरस्त हीर खान को तुरंत जेल में डालो

हीर खान, वीडियो, यूट्यूब
                                  उत्तर प्रदेश को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकने वाली  हीर खान को तुरंत                                                             साभार : यूट्यूब 
बेंगलुरु के बाद फिरकापरस्त अब उत्तर प्रदेश को जलाने की कोशिश में अपनी लड़कियों को आगे कर रहे हैं। कल(अगस्त 24) एक दसवीं की छात्रा गणेश के मीम्स बनाने का समाचार आया तो आज हिन्दुओं की देवियों को अति अश्लील गालियों का वीडियो। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकारों को ऐसे साम्प्रदायिकों को जितनी जल्दी हो जेल में डालें, जहाँ केवल एक बार नाश्ता और एक बार खाना दिया जाये। इनके हिमायत में बोलने वाले मानवाधिकार और समर्थकों को भी Victim Card खेलने के अपराध में मुकदमा चलाकर जेल में बंद करें। इन साम्प्रदायिकतों को खुलकर बता दिया जाये कि अब नहीं बहेगा हिन्दू-मुसलमान का खून। इस खून पर बैठ बहुत मालपुए खाने के साथ-साथ तिजोरियां भर ली। अब तिजोरी खाली करने का समय आ गया है।  
यूट्यूब चैनल ‘ब्लैक डे 5 अगस्त’ पर एक इस्लामी कट्टरपंथी महिला हीर खान ने ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसमें हिन्दू देवी-देवताओं को जम कर गालियाँ बकी गई हैं। यूट्यूबर हीर खान ने इस वीडियो में माँ सीता के लिए ‘₹#डी’ शब्द का प्रयोग किया है और अयोध्या को एक ‘₹#डीखाना’ करार दिया। आईपीएस अधिकारी संदीप मित्तल ने यूपी पुलिस और सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग कर नियमानुसार कार्रवाई की अपील की है।
हीर खान इस वीडियो में हिन्दुओं को ‘काफिर’ बताते हुए कहती है, “सीता ₹#डी थी, सीता %$ड़ मरवाती थी, सीता चु$% मरवाती थी, झाँ## के बाल नोच लेंगे। अयोध्या तो एक ₹#डीखाना है। सीता को न जाने कितने मुल्लों ने चो$# था। सीता इतना बुरा #$वाती थी कि रावण तक भी हार जाता था। रावण कहता था कि मेरे ल$₹ में दर्द हो रहा है, तेरे %$त में कितना अंदर डालूँ। सीता की माँ का भों$₹₹, श्रीराम की माँ की $%त।”
उक्त महिला यहीं नहीं रुकी बल्कि उसने और भी आगे बढ़ कर भगवान राम और माँ सीता के लिए अपशब्दों की बौछाड़ लगा दी। उसने हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाते हुए कहा, “श्रीराम भ#वे की औलाद, श्रीराम ₹#डी की औलाद, तुम्हारे 33 करोड़ देवी-देवताओं की माँ का भों#ड़ा। तेरे गणपति की $%त में आग लगा देंगे। तुम सब मा$रचो# हो। तुम्हारी मीडिया की माँ का भों#ड़ा।


ऐसी गन्दी अपमानजनक वीडियो पर ट्विटर पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है:-

यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया में जबरदस्त आक्रोश का माहौल है। हीर खान ने अपनी बदजुबानी जारी रखते हुए आगे कहा, “सेकुलरिज्म की माँ का भों#ड़ा, भाईचारा निभाने वालों की माँ का भों#ड़ा। साथ में उनकी भी माँ का भों#ड़ा जो कहते हैं कि भगवानों को गाली मत दो। उनकी भी माँ-बहनों को $#द डालेंगे। सीता, दुर्गा और काली – सबको कोठे पर बिठा कर चु#$ डालेंगे।”

लखनऊ पुलिस कमिश्नर के ट्विटर हैंडल ने सूचना दी है कि उक्त मामले में साइबर सेल को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दे दिया गया है। अपनी हर वीडियो में ज़हर उगलने वाली हीर खान ने उस वीडियो में कहा है, “वो नाजायज थी और मात्र 6 साल की थी, जब रावण ने उसका ख़ून निकाल दिया था। जितने भी सेक्युलर पत्रकार हैं, तेरी माँ का भों#ड़ा। तुमलोग सोच रहे थे कि तुम इस्लाम को गाली दोगे और हम सुनते रहेंगे?”
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लड़की का प्रतीकात्मक चित्र जिस प्रदेश का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हो, उस राज्य ...
महिला ने लगातार माँ सीता और माँ दुर्गा के लिए अपशब्द कहे। साथ ही उसने ये भी धमकी दी कि जिसे मन हो, वो जाकर एफआईआर करा दे। हीर खान के इस यूट्यब चैनल पर कई वीडियो हैं। वो वहाँ जनवरी 2020 से वीडियो डाल रही है। उसका कहना है कि उसका पुराना यूट्यूब चैनल डिलीट हो गया है। कुछ वीडियो में तो वो पाकिस्तानी आतंकी मसूद अज़हर के लिए भी अपने ‘प्यार’ का प्रदर्शन करती रहती है।

बंगाल : ‘घुस के मारो सालों को’: मुस्लिम भीड़ ने राम की पूजा कर रहे हिंदुओं को बनाया निशाना; कहाँ है #not in my name, #intolerance गैंग?

बंगाल, राम, मुस्लिम
रज़ा बाजार में पूजा के विरोध में जुटे मुस्लिम 
5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का ऐतिहासिक भूमि पूजन हुआ। इस मौके पर भी पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाएँ सामने आई। धीरे-धीरे कर इन हिंसक घटनाओं से जुड़ी कई जानकारी सामने आ रही है। ये घटनाएँ तब हुई जब राज्य सरकार ने 5 अगस्त को पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लगा रखा था।
प्रदेश के खड़गपुर में अलग-अलग जगहों पर पूजा का आयोजन किया गया था। इन्हें पुलिस वालों ने जबरन रुकवाया था। ख़बरों के मुताबिक़ पुलिस ने मंदिरों में पूजा कर रहे लोगों को घसीटकर बाहर निकाला। लाठी चार्ज किया और मंदिरों को भी नुकसान पहुँचाया।
बंगाल और झारखण्ड में जिस तरह हिन्दुओं को पूजा करने से रोकने का तांडव किया गया है, किसी #not in my name, #intolerance, #right to worship, #award vapasi, #mob lynching और "गंगा-जमुना तहजीब" की बात करने गैंगस्टर क्यों मुंह में दही जमाए बैठे हैं? कहाँ है लोकतंत्र की दुहाई देने वाले? क्या भारत में मुग़ल वंशज की मनमानी चलेगी? क्या हिन्दू अपनी मर्यादा को स्थापित नहीं कर सकता? विरोध उनका नहीं किया जाता, जिन लोगों ने गलत भारतीय इतिहास को जनता को पढ़ाकर गुमराह किया? यदि तुष्टिकरण को त्याग देशहित में वास्तविक इतिहास पढ़ाया जाता, ये हिंसक वारदातें नहीं होती। इस सब विवाद के जन्मदाता तथाकथित इतिहासकार हैं, जिन्होंने चंद चांदी के टुकड़ों  लालच में अपने जमीर को बेच दिया। इन लालची इतिहासकारो से पूछो कि "कहां है मुग़ल आक्रांताओं से पूर्व हज़ारों वर्षों तक राज करने वाले हिन्दू सम्राटों का इतिहास?   
अब जो जानकारी सामने आ रही है उससे पता चलता है कि ऐसा केवल पुलिस ने ही नहीं किया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी भारी संख्या में मंदिरों में घुस कर हिंदुओं को पूजा करने से रोका था। बीजेपी समेत कई हिंदू संगठनों ने कोलकाता में अलग-अलग जगहों पर पूजा का आयोजन किया था। इनमें से कई पूजा स्थलों पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। इस काम में पुलिस भी उनका साथ दे रही थी। कोलकाता का रज़ा बाज़ार मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। यहाँ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने राम के नाम पर आयोजित की गई हर पूजा को निशाना बनाया।
 मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भगवा झंडे पर भी गुस्सा जताया और हटाने की हरसंभव कोशिश की। वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है एक हिंदू ने अपनी दुकान के सामने भगवा झंडा लगा रखा है। इस वजह से एक मुस्लिम उससे विवाद कर रहा है। वीडियो में मुस्लिम व्यक्ति का भगवा झंडे को लेकर घृणा साफ नजर आ रहा है। 


जवाब में जब हिंदू व्यक्ति ने कहा कि यह क्षेत्र किसी एक व्यक्ति का नहीं है, तब मुस्लिम ने धमकाते हुए कहा पूरा भारत मेरा है। इसके बाद उसने भगवा झंडा जलाने की धमकी तक दे डाली। इसके कुछ ही समय बाद मौके पर मुस्लिमों की भीड़ इकट्ठा हुई। इसकी वजह से दोनों समुदायों के बीच विवाद शुरू हुआ।
रज़ा बाज़ार इलाके के दूसरे वीडियो में देखा जा सकता है मुस्लिमों की भीड़ भगवा झंडे उतारने में जुट जाती है। वीडियो में बेहद साफ़ तौर पर यह भी सुनाई देता है, जब एक आदमी कहता है- उतारो-उतारो सब को (झंडे)। इसके बाद दूसरा व्यक्ति कहता है-घुस के मारो सालों को।


 
 रज़ा बाज़ार के नरकेलदंगा इलाके में भी मुस्लिम समुदाय द्वारा उपद्रव की घटनाएँ नज़र आई। मुस्लिम इस बात पर आपत्ति जताते हुए देखे जा सकते हैं कि हिंदू राम की पूजा कर रहे हैं और राम के नारे लगा रहे हैं। पूजा रोकने के लिए मुस्लिमों ने रास्ते तक जाम कर दिए थे। घटनास्थल पर दंगे जैसे हालात होने के पहले पुलिस आ गई और स्थिति को नियंत्रण में किया।



जहाँ एक तरफ हिंदुओं पर 5 अगस्त के दिन राम मंदिर के नाम पर पूजा करके लॉकडाउन की अनदेखी का आरोप लगा। वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोग अलग-अलग जगहों पर भारी संख्या में नज़र आए।  


सोशल मीडिया पर एक और वीडियो खूब चर्चा में रहा। इसमें साफ़ देखा जा सकता है कि मुस्लिम समुदाय के लोग पूजा रोक रहे हैं। वह इतने पर थमते नहीं हैं बल्कि नज़र आने वाले हर भगवा झंडे को फेंकते हैं। 5 अगस्त के दिन ममता बनर्जी की सरकार ने पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन का ऐलान किया था। 
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प्रतीकात्मक(साभार हिन्दू जागरण संघ) अयोध्या में राममंदिर का शिलान्यास जरूर हो गया है, लेकिन भारत में अभी भी पल रहे ....
भाजपा सरकार ने इस सम्बन्ध में पश्चिम बंगाल सरकार से निवेदन भी किया था कि 5 अगस्त का लॉकडाउन किसी दूसरे दिन रखा जाए। लेकिन ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के इस आग्रह को ठुकरा दिया था। 

अयोध्या : राममंदिर तोड़ मस्जिद बनाने की धमकी देने वाले मौलाना साजिद राशिदी पर कार्यवाही कब ?

साजिद राशिदी




ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के मौलाना साजिद राशिदी
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
शहर बसा नहीं, लुटेरे पहले आ गए यानि जिस बात का शुरू से ही अंदेशा था, वह नफरत और जहर किसी न किसी रूप में बाहर आनी शुरू हो चुकी है। और जो लोग जहर फैला रहे हैं, केंद्र सरकार उसका संज्ञान लेकर इन्हें और इन्हें समर्थन देने वाली पार्टियों को भी सचेत कर, सख्त कार्यवाही करे। भारत की धरती अब दंगों से लाल नहीं होनी चाहिए। इन मौलानाओं और इनके घर के किसी परिन्दे तक को खिरोंज तक नहीं आएगी, लेकिन मारा जायेगा बेगुनाह, फिर उन लाशों पर बैठ मालपुए खाएंगे।  
2013 में प्रकाशित मेरा स्तम्भ 
Image may contain: 2 peopleये लोग भूल रहे हैं कि अभी अयोध्या से कलंक मिटा है, मथुरा, काशी और हज़ारों स्थल बाकी हैं, जहाँ से कलंक मिटना शेष है। स्मरण हो, विश्व हिन्दू परिषद ने प्रारम्भ में ही कहा था, "हमारे ये तीन तीर्थ--अयोध्या, मथुरा और काशी-- दे दो, अन्यथा 6000 लेकर रहेंगे।" अब कोई ऐसी सरकार नहीं है और न ही भविष्य में आएगी, जो सबूतों को कोर्ट से छुपा सके। राम मंदिर के सबूतों को छुपाने वाली पार्टियों का हश्र सबके सामने है, सभी हाशिए पर आ गयी। जिस कारण अयोध्या मुद्दा इतने वर्षों तक एक कोर्ट से दूसरी कोर्ट में घूमता रहा, क्योकि कुर्सी के भूखे नेता अदालतों में मंदिर के मिले प्रमाणों को छुपाकर हिन्दुओं को साम्प्रदायिक और मुस्लिम विरोधी सिद्ध कर रहे थे।  
5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ। इसके एक दिन बाद ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के मुखिया ने राम मंदिर पर विवादित बयान दिया। मौलाना साजिद राशिदी ने राम मंदिर को तोड़ने की धमकी दी। राशिदी के मुताबिक़, आने वाले समय में मंदिर को तोड़ कर मस्जिद बनाई जा सकती है। विवादित ज़मीन पर मस्जिद थी और वहीं रहेगी। इस बयान पर भाजपा प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने राशिदी को जवाब दिया है।
त्रिपाठी ने कहा, “यही भावना रही तो टीवी स्क्रीन से निकल कर कभी भी यूपी के चौराहों पर सरकारी पोस्टरों में चिपक जाओगे।” भाजपा प्रवक्ता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने ट्वीट कर कहा,
“यह 500 साल पुराना भारत नहीं है। यह मोदी जी का नया भारत है, UP, योगीजी, सीएए प्रदर्शन, पोस्टर, कुर्की, सरकारी वसूली यह सब याद है ना। वही जिससे बचने के लिए गुहार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट तक दौड़े थे। यही भावना रही तो टीवी स्क्रीन से निकल कर कभी भी यूपी के चौराहों पर सरकारी पोस्टरों में चिपक जाओगे।”
  
मौलाना साजिद रशिदी ने राम मंदिर पर अपने बयान में कहा था,
“एक मस्जिद हमेशा एक मस्जिद ही रहती है। यह कुछ और बनाने के लिए तोड़ी नहीं जा सकती है। हम ऐसा मानते हैं और भरोसा करते हैं कि वहाँ मस्जिद थी और मस्जिद ही रहेगी। वह मस्जिद एक मंदिर को तोड़ कर नहीं बनाई गई थी, लेकिन अब ऐसा हो सकता है कि कभी मंदिर तोड़ कर उस जगह पर मस्जिद बनाई जाए। प्रधानमंत्री ने अयोध्या के मंदिर निर्माण कार्यक्रम में शामिल होकर संविधान की अवहेलना की है। उस ज़मीन पर बाबरी मस्जिद थी जिसे हिटलर की फ़ौज से मिलते -जुलते लोगों ने तोड़ा था। जो लोग इंसाफ में भरोसा रखते हैं वह किसी न किसी दिन उस मंदिर को मस्जिद में तब्दील कर देंगे।”




 
लोकसभा सांसद और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लीमीन के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मुद्दे पर जहर उगला था। ओवैसी ने कहा था कि बाबरी मस्जिद थी और वही रहेगी। बुधवार की सुबह ट्वीट करते हुए ओवैसी ने कहा “बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी इंशाअल्लाह #BabriZindaHai।”

इसके अलावा ओवैसी ने यह भी कहा प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान की शपथ का उल्लंघन किया है। हिंदुत्व की कामयाबी धर्मनिरपेक्षता की हार है। यह सिर्फ और सिर्फ हिंदू राष्ट्र की नींव रखी गई है। जहाँ मुसलमानों ने नमाज़ पढ़ी उसे सर्वोच्च न्यायालय में झूठ बोल कर तबाह किया गया। ओवैसी के मुताबिक़ प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भूमि पूजन को सिम्बल ऑफ़ इंडिया बताया, जबकि देश का सिम्बल कोई भी धार्मिक जगह नहीं हो सकती है। 
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4 अगस्त के दिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से भी राम मंदिर मुद्दे पर बयान जारी किया गया था। बोर्ड द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था, “बाबरी हमेशा एक मस्जिद ही रहेगी। हागिया सोफ़िया इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। अन्यायपूर्ण, दमनकारी और शर्मनाक तरीके से ज़मीन पर कब्ज़ा किया गया। बहुसंख्यक समाज के तुष्टिकरण वाले इस निर्णय से मस्जिद का दर्जा नहीं बदल सकता। दिल तोड़ने की ज़रूरत नहीं है, हालात हमेशा एक जैसे नहीं रहते हैं।”

राम मंदिर : भूमि पूजन से आहत केजरीवाल के नेता सैयद अब्बास ने लाइव डिबेट में भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा को दी गाली

सैयद अब्बास
AAP नेता और पैनलिस्ट डॉ सैयद अब्बास
जैसे-जैसे अगस्त 5 पास आ रही है, जितने भी छद्दम धर्म-निरपेक्ष हैं, जो कल तक मंदिर की तारीख पूछ रहे थे, सबकी रातों की नींद और रोटी हराम हो रही है। हैरानी की बात तो ये है कि जो अरविन्द केजरीवाल अपने को शिलापूजन के लिए निमंत्रण दिए जाने की आस लगाए बैठे हैं, उन्हें नहीं मालूम उन्ही की पार्टी में राम मंदिर विरोधियों की एक जमात भी विराजमान है। जो टीवी पर लाइव डिबेट में मंदिर समर्थक महिला को अपशब्दों से सम्बोधित करता है। क्या केजरीवाल ऐसे सिरफिरे मंदिर विरोधियों को पार्टी से बाहर निकाल सकने का साहस कर सकते हैं? या फिर निकट भविष्य में मात्र दिल्ली नगर निगम चुनावों में राहुल गाँधी की तरह अपने आपको हिन्दू सिद्ध कर वोट मांगेगे?
आम आदमी पार्टी में मंदिर विरोधी जमात चुनावों में बाबरी मस्जिद के लिए गुप्त प्रचार कर वोट मांगती थी, अब क्या मथुरा और काशी में बनी मस्जिदों को बचाने के लिए अपनी कौम को भड़काएंगे? 
अयोध्या-राम मंदिर
अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन कई लोगों को नागवार गुजरा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और इसकी प्रक्रियाओं से कुछ लोग कितने आहत हैं, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि AAP नेता और टीवी पैनलिस्ट डॉ. सैयद असद अब्बास ने अपना आपा खो दिया और लाइव टीवी पर ही भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा पर सेक्सिस्ट गालियाँ देते हुए उन्हें ‘बालाजी एक्ट्रेस, गुंडा और आंटी’ कहने लगे।
सैयद असद अब्बास ने साल 2018 में AAP के टिकट पर चुनाव लड़ा था। यह घटना 24 जुलाई 2020 को रिपब्लिक टीवी पर एक डिबेट के दौरान हुई। डिबेट कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत गोखले की याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट से खारिज किए जाने पर हो रही थी।
साकेत गोखले ने अपनी याचिका में 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के ‘भूमि पूजन’ पर रोक की मॉंग की थी। इसे कोरोना वायरस महामारी के दौरान ‘अनलॉक-2’ दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया था।
शुक्रवार (जुलाई 24, 2020) को ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गोखले की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि पूरी याचिका कल्पना पर आधारित है।
इस विषय पर बहस करते हुए, डॉ. सैयद असद अब्बास, जो आम आदमी पार्टी के नेता हैं, लेकिन टेलीविजन पर एक ‘राजनीतिक विश्लेषक’ के रूप में जाने जाते हैं, ने अपना धैर्य खो दिया और भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा पर उनके महिला होने को लेकर तंज करने लगे।
AAP नेता ने पहले आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम का ‘बहुमत प्राप्त करने’ के लिए उपयोग कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि राम मंदिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बनाया जा रहा है। ऐसे में पैनलिस्ट आश्चर्यचकित थे कि क्या डॉ. अब्बास यह आरोप लगा रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाकर हिंदुओं को खुश कर रहा है।
इसके अलावा, जब भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा ने AAP पैनलिस्ट सैयद अब्बास द्वारा उन पर की गई टिप्पणी – ‘राम नाम जपना पराया माल अपना’ पर जवाब दिया तो डॉ. अब्बास भड़क गए और नुपूर शर्मा को गालियाँ देने लगे।

उन्होंने कहा कि ‘तुम आरएसएस, तुम गुंडों, तुम उपद्रवियों’ के साथ एक समस्या है। उन्होंने आगे कहा कि नूपुर शर्मा जैसे लोग ‘प्राइम टाइम की राखी सावंत’ के अलावा कुछ नहीं हैं। इतना ही काफी नहीं था, डॉ. अब्बास ने नुपुर शर्मा से कहा, “आंटी जी, जाकर एकता कपूर के धारावाहिक में शामिल हो जाइए’ और फिर उन्हें ‘एकता कपूर वैम्प’ कहने लिए।
बहस में शामिल कई लोगों ने डॉ. सैयद असद अब्बास के इस व्यवहार पर नाराजगी भी व्यक्त की। जहाँ रिपब्लिक न्यूज़ के संस्थापक अर्नब गोस्वामी ने अपशब्दों के इस्तेमाल की निंदा की, वहीं तौसीफ अहमद खान जैसे अन्य पैनलिस्टों ने भी डॉ. अब्बास के आचरण की निंदा की।

भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा ने ट्विटर पर कहा कि वह लाइव टीवी पर उनके चरित्र पर सवाल उठाने के लिए डॉ. सैयद असद अब्बास के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि आप एक महिला के चरित्र पर सवालिया निशान नहीं लगा सकते और उसे सबक सीखना ही होगा।
भाजपा शासित राज्यों की आलोचना करने से पूर्व आप नेताओं से अपनी पार्टी नहीं देखी जाती :

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एक अन्य ट्वीट में नुपूर शर्मा ने कहा कि सिर्फ इस वजह से कि आप तथ्यों पर बात कर रहे हैं, आपको वैम्प, बालाजी एक्ट्रेस, गुंडा और राऊडी कहा जाता है।