
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
एक तरफ मोदी सरकार कश्मीर से आतंकवाद का जनाज़ा निकालने के लिए कमर कस, आतंकवादियों को चुन-चुन कर मार रही है, तो दूसरी तरफ अल क़ायदा भारतीय सेना और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने के लिए फरमान जारी कर रही है।
ऐसे में प्रश्न खड़ा होता कि क्या भारत में तुष्टिकरण पुजारी अभी भी अपने वोट बैंक की खातिर आतंकवाद और पत्थरबाजों के पक्ष में जनमानस को गुमराह करेंगे?
कश्मीर पर पहले वीडियो में आतंकवादी संगठन अल कायदा (Al-Qaeda) प्रमुख एमन अल-ज़वाहिरी ने आतंकवादियों से भारतीय सेना और सरकार पर 'निरंतर हमले' करने और अर्थव्यवस्था और देश को 'नुकसान' पहुंचाने को कहा। ओसामा-बिन लादेन की मौत के बाद अल कायदा की कमान संभालने वाले ज़वाहिरी ने कहा, 'मेरा ख्याल है कि इस दौर में कश्मीर में मुजाहिदीन (सशस्त्र आतंकवादी) अपना सारा ध्यान भारतीय सेना और सरकार पर निरंतर हमले करने के लिए केंद्रित करें ताकि अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचे और भारत को जनशक्ति और उपकरणों में निरंतर नुकसान होता रहे।'
इस वीडियो को 'अस-सहाब' चैनल पर पोस्ट किया गया है जो अल कायदा का इन हाउस प्रोड्क्शन है। इसका इस्तेमाल विश्व को संगठन के विचार बताने के लिए किया जाता है। वीडियो में आतंकवादियों से 'दुनिया भर के अपने मुस्लिम भाइयों से संपर्क के मज़बूत माध्यम बनाने को भी कहा गया है।'अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने वीडियो की जांच की है और उनका मानना है कि यह असंतुष्ट आतंकवादियों को एकजुट रखने की कोशिश है।
जवाहिरी ने यह भी बताया कि किस तरह से पाकिस्तान कश्मीर में सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। जवाहिरी अरबी भाषा में बोला है लेकिन उसने ज़ाकिर मूसा का नाम नहीं लिया जिसे मई में सुरक्षा बलों ने कश्मीर में ढेर कर दिया था। हालांकि जब ज़वाहिरी कश्मीर पर बोल रहा था तो मूसा का फोटो स्क्रीन पर आ रहा था।
पाकिस्तान को अमेरिकी हाथों की कठपुतली बताया
मूसा अल कायदा के भारतीय प्रकोष्ठ 'अंसार गज़वत-उल-हिंद' का संस्थापक था।अल कायदा प्रमुख ने आतंकवादियों को पाकिस्तान के जाल में नहीं फंसने को लेकर चेताया। उसने पाकिस्तान को अमेरिकी हाथों की कठपुतली बताया है।
ज़वाहिरी ने कहा, 'पाकिस्तानी सेना और सरकार की दिलचस्पी खास सियासी मकसदों के लिए मुजाहिदीनों का दोहन करने की है। बाद में वे उन्हें जेल भेज देते हैं या उनपर अत्याचार करते हैं।' उसने कहा कि सीमा को लेकर भारत के साथ पाकिस्तान का टकराव पूरी तरह से 'गैर-धार्मिक' है जिसे अमेरिकी खुफिया एजेंसियां नियंत्रित करती हैं।
ज़वाहिरी ने कहा कि 'कश्मीर में लड़ाई' अलग नहीं है बल्कि मुस्लिम समुदाय की बड़ी ताकतों के खिलाफ वैश्विक 'जिहाद' का हिस्सा है।उसने चेताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसिया 'मुजाहीदनों' को ऐसा करने से रोकेंगी ताकि वे राजनीतिक सौदेबाजी के लिए उनके कब्जे में रहे।
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