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सरे के न्यूटन शहर में कई इलाकों में मिले इस्लाम विरोधी पोस्टर्स

कनाडा एक एक शहर में कई जगहों पर ऐसे पोस्टर्स मिले हैं, जिनमें इस्लाम के खिलाफ चीजें लिखी हुई हैं। ये घटना ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे में स्थित न्यूटन शहर की है। इस तरह के पोस्टर्स और दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक नारों के मिलने के बाद ‘रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP)’ ने इस घटना की जाँच अपने हाथ में ले ली है। आरोप है कि कई जगहों पर मिले इन पोस्टर्स में मुस्लिमों को निशाना बनाया गया है।

’72 एवेन्यू’ नामक स्थान पर एक मस्जिद के बाहर स्थित एक पोल पर ही इस्लाम को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखी हुई मिलीं। 5 जुलाई, 2021 के बाद से ही शहर में इस तरह के कंटेंट्स का सार्वजनिक रूप से मिलना शुरू हो गया था। सरे क्राइम प्रिवेंशन सोसाइटी के स्वयंसेवक जसप्रीत जंडू ने कहा कि हम जिस कठिन समय में रह रहे हैं, इस तरह की घृणा और रेसिज्म के लिए शहर में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि उन्हें इस तरह के संदेश चिपके होने के कई कॉल्स मिल रहे हैं, जिसके बाद तुरंत जाकर उन्हें हटाया जाता है। एक जगह जहाँ ये चीजें लिखी हुई मिलीं, वहाँ पास में ही एक किराने की दुकान, डेंटिस्ट क्लिनिक और पशु अस्पताल थे। परिवारिक और रेजिडेंशियल इलाकों में इस तरह के कंटेंट्स के मिलने से सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। सरे पुलिस का कहना है कि किसी एक व्यक्ति का चंद लोगों ने समूह ने इस तरह की हरकत की है।

सरे में RCMP के मीडिया रिलेशन्स अधिकारी और कॉन्स्टेबल सरबजीत सिंह संघा का कहना है कि उनकी सुरक्षा और सेफ्टी के लिए ये सब ठीक नहीं है। पुलिस वीडियो सर्विलांस के जरिए दोषियों को ढूँढ रही है, ताकि अगर वो कैमरे में कैद हुए हैं तो उन्हें चिह्नित कर उनकी पहचान की जा सके। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि अगर उनके पास कोई सूचना है तो वो RCMP से संपर्क करें। कुछ जगह स्प्रे पेण्ट से ‘Islam Is Evil’ लिखा हुआ मिला।

कॉन्स्टेबल संघा ने कहा कि हेट क्राइम और घृणा के आधार पर किए जाने वाले अपराध का सरे में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने बताया कि अधिकारीगण पूरी जिम्मेदारी के साथ इस घटना के सम्बन्ध में कार्रवाई करने में लगे हुए हैं। ताज़ा घटना में एक डस्टबिन पर लिखा हुआ मिला, ‘इसमें कूड़ा डालना बंद करो पाकिस्तानी।’ साथ ही कई अन्य बोर्ड्स बना कर उन पर भी यही चीजें लिखी गई थीं। फ़िलहाल इन्हें मिटा दिया गया है।

पाकिस्तान : ‘पैगंबर मुहम्मद ने 19 महिलाओं से निक़ाह क्यों किया?’ – सवाल पूछने पर मुस्लिम लड़की को सरेआम फाँसी की माँग

ईशनिंदा, पैगंबर, पाकिस्तान
अनीला एहसान (बाएँ) पर लगा ईशनिंदा का आरोप
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
ज्ञात हो, लगभग 10 वर्ष पूर्व डेनमार्क में पैगम्बर मोहम्मद पर एक विवादित कार्टून प्रकाशित करने पर भारत में कट्टरपंथियों ने कितना उपद्रव किया था, लेकिन आज इनके पाकिस्तान में पैगम्बर मोहम्मद द्वारा 19 निकाह किये जाने पर ऐतराज़ किये जाने भारत में कट्टरपंथी चुप्पी साधे हुए हैं, क्यों? यहाँ केवल CAA पर मुसलमानों को भड़का कर अपनी रोटियां सेकी जा रही हैं, लेकिन ईशनिंदा पर किसी में पाकिस्तान के विरुद्ध आवाज़ नहीं उठाई जा रही, यह कौन-सी सियासत है? जबकि पाकिस्तान में इसका घोर विरोध हो रहा है, लेकिन भारत में इस गंभीर मुद्दे पर ख़ामोशी छाई हुई है। इस पर कट्टरपंथियों का, संभव है, एक ही जवाब होगा, यह पाकिस्तान का अंदरूनी मामला है, हमें क्या मतलब? फिर डेनमार्क में प्रकाशित विवादित कार्टून को भारत के कितने मुसलमानों ने देखा था, उसके बावजूद भारत को जंगे-मैदान बना दिया गया था। संभव है, कट्टरपंथियों को डर है कि कहीं उन पर पाकिस्तान समर्थक समझ कार्यवाही न हो जाये।  
इतना ही पडोसी चीन में मुसलमानों पर जरुरत से ज्यादा पाबंदियां लगने के अलावा अपने हिसाब से कुरान लिखे जाने की कवायद हो रही है, फिर भी किसी में चीनी राजदूत कार्यालय पर धरना अथवा प्रदर्शन करने का साहस नहीं। और न ही चीनी उत्पादनों का बहिष्कार करने का साहस। कोई फतवा नहीं आ रहा, क्यों? अब भारत में किये जा रहे विरोधों को क्या नाम दिया जाए? क्या पाकिस्तान और चीन के विरुद्ध प्रदर्शन अथवा धरना देने के लिए कोई वित्तीय सहायता नहीं मिल रही?  
पाकिस्तान की अनीला एहसान ने पैगंबर मुहम्मद पर सवाल उठाकर वहाँ के कट्टरपंथियों को बैठे-बिठाए एक मुद्दा दे दिया। अब उन्हें इस्लामिक क़ानून के अनुसार, मज़हब के ख़िलाफ़ ‘ईशनिंदा’ के आरोप का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, पाकिस्तानी यूज़र्स ट्विटर पर उनकी गिरफ़्तारी और फाँसी की माँग करते हुए हैशटैग ट्रेंड करा रहे हैं।
अनीला ने ट्वीट के ज़रिए पैगंबर मुहम्मद की शादी से संबंधित सवाल उठाया और पूछा था कि उन्होंने (पैगंबर) खदीजा के अलावा 18 महिलाओं से निक़ाह क्यों किया था? इसी सवाल के जवाब में, पाकिस्तानियों ने अपने ट्वीट में अपने प्रधानमंत्री इमरान खान को टैग करते हुए अनीला को सार्वजनिक तौर पर फाँसी देने की माँग की।
हालाँकि, कुछ लोग चाहते हैं कि उन्हें ट्रायल के बाद मौत के घाट उतारा जाए। किसी भी इस्लामिक राज्य में ईशनिंदा की सज़ा मौत होती है। साथ ही नबी के अपमान को निन्दा के सबसे ख़राब रूपों में से एक माना जाता है।
कुछ लोग कह रहे हैं कि अनीला अपने ट्वीट्स के कारण ‘इस्लाम-विरोधी और चरमपंथी’ प्रतीत हो रही हैं। वे चाहते हैं कि अधिकारी इस बात की जाँच करें कि वह इस तरह के चरमपंथी एजेंडे पर काम क्यों कर रही हैं?



अन्य लोगों ने अनीला पर “नफ़रत फैलाने” का आरोप लगाया और कहा कि वे अलीना के कुछ ही ट्वीट्स पढ़ सके उससे अधिक वो नहीं पढ़ सकते थे क्योंकि उन ट्वीट्स में “खुले तौर पर ईशनिन्दा” की गई है।
पाकिस्तान में ईशनिन्दा के लिए एक बड़ी सज़ा है, यहाँ तक ​​कि इसके लिए फाँसी की सज़ा भी हो सकती है। इतना ही नहीं जो लोग ईशनिंदा करने वालों का समर्थन करते देखे जाते हैं, उनके जीवन पर भी ख़तरा मँडराने लगता है। पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानूनों से छुटकारा पाना असंभव है और अधिकारी ईशनिंदा को बहुत गंभीरता से लेते हैं क्योंकि ऐसा करने में विफल होने से क़ानून-व्यवस्था पर संकट आ सकता है। यदि अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो मौलाना वर्ग एक उन्मादी भीड़ को इकट्ठा कर उत्पात मचाएगा। इस तरह की उन्मादी भीड़ सैन्य पकड़ को अस्थिर करने की पूरी क्षमता रखती है।
पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानूनों को खत्म करने के पैरवी करने वाले सलमान तासीर की हत्या की गई थी। इतना ही नहीं हत्यारे को पाकिस्तानी समाज ने नायक के रूप में सम्मानित भी किया था।