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बेंगलुरु : पैगम्बर मुहम्मद पर FB पोस्ट लिखने वाला हुआ गिरफ्तार; मुस्लिम भीड़ द्वारा हिंसा करने पर 150 दंगाई गिरफ्तार

बेंगलुरु, येदियुरप्पा, हिंसा, मुस्लिम
                                                                                                साभार: Deccan Herald 
बेंगलुरु में मुस्लिम भीड़ द्वारा दलित कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर पर किए गए हमले, दंगे, आगजनी और पत्थरबाजी और हिंसा के मामले में सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। भीड़ ने पुलिस स्टेशन में भी आगजनी की। मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी संभव कदम उठाए हैं और अधिकारियों को दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दे दिया गया है।
बेंगलुरु में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि पत्रकारों, जनता और पुलिस के खिलाफ मंगलवार(अगस्त 11, 2020) की रात हुई हिंसा स्वीकार्य नहीं है और सरकार इस प्रकार की भड़काऊ हरकतों और अफवाहों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई निश्चित है। श्रीनिवास मूर्ति के रिश्तेदार नवीन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
नवीन के ही फेसबुक पोस्ट को लेकर सारा विवाद शुरू हुआ था। उस पर पैगम्बर मुहम्मद को लेकर विवादित पोस्ट डालने का आरोप है। अब तक हिंसा करने वालों में से 150 को गिरफ्तार किया गया है। बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर कमल पंत ने लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की है। इस घटना में 2 लोग मारे गए और 60 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। डीजे हल्ली और केजी हल्ली पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।



पूरे बेंगलुरु में धारा-144 लगा दिया गया है। बता दें कि 100 के क़रीब की मुस्लिम भीड़ ने न सिर्फ कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर पर तोड़फोड़ की थी बल्कि बाहर खड़ी गाड़ियों को भी जला डाला था। विधायक आवास में तोड़फोड़ का नज़ारा अभी भी देखा जा सकता है। दंगाइयों ने मजहबी नारे लगाते हुए पत्थरबाजी और आगजनी की। विधायक ने भी शांति की अपील की है।
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बेंगलुरु के पुल्केशी नगर में मुस्लिम भीड़ ने किए दंगे, आगजनी (फोटो साभार: इंडिया टुडे) मंगलवार (अगस्त 11, 2020) की रात पूर्.....
पूर्वी बेंगलुरु के केजी हल्ली पुलिस स्टेशन के बाहर मजहबी नारेबाजी हुई, पत्थरबाजी की गई और गाड़ियों को फूँक दिया गया। पूर्वी भीमाशंकर के डीसीपी की कर को डंडों और पत्थरों से निशाना बनाया गया। वहीं डीजे हल्ली में पुलिस की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। रात के करीब 10:30 बजे अतिरिक्त पुलिस बल की टुकड़ियाँ आईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। यहाँ तक कि पुलिस को थाने के भीतर घुसने के लिए भी मुस्लिम भीड़ ने जगह नहीं दी।

पाकिस्तान : ‘पैगंबर मुहम्मद ने 19 महिलाओं से निक़ाह क्यों किया?’ – सवाल पूछने पर मुस्लिम लड़की को सरेआम फाँसी की माँग

ईशनिंदा, पैगंबर, पाकिस्तान
अनीला एहसान (बाएँ) पर लगा ईशनिंदा का आरोप
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
ज्ञात हो, लगभग 10 वर्ष पूर्व डेनमार्क में पैगम्बर मोहम्मद पर एक विवादित कार्टून प्रकाशित करने पर भारत में कट्टरपंथियों ने कितना उपद्रव किया था, लेकिन आज इनके पाकिस्तान में पैगम्बर मोहम्मद द्वारा 19 निकाह किये जाने पर ऐतराज़ किये जाने भारत में कट्टरपंथी चुप्पी साधे हुए हैं, क्यों? यहाँ केवल CAA पर मुसलमानों को भड़का कर अपनी रोटियां सेकी जा रही हैं, लेकिन ईशनिंदा पर किसी में पाकिस्तान के विरुद्ध आवाज़ नहीं उठाई जा रही, यह कौन-सी सियासत है? जबकि पाकिस्तान में इसका घोर विरोध हो रहा है, लेकिन भारत में इस गंभीर मुद्दे पर ख़ामोशी छाई हुई है। इस पर कट्टरपंथियों का, संभव है, एक ही जवाब होगा, यह पाकिस्तान का अंदरूनी मामला है, हमें क्या मतलब? फिर डेनमार्क में प्रकाशित विवादित कार्टून को भारत के कितने मुसलमानों ने देखा था, उसके बावजूद भारत को जंगे-मैदान बना दिया गया था। संभव है, कट्टरपंथियों को डर है कि कहीं उन पर पाकिस्तान समर्थक समझ कार्यवाही न हो जाये।  
इतना ही पडोसी चीन में मुसलमानों पर जरुरत से ज्यादा पाबंदियां लगने के अलावा अपने हिसाब से कुरान लिखे जाने की कवायद हो रही है, फिर भी किसी में चीनी राजदूत कार्यालय पर धरना अथवा प्रदर्शन करने का साहस नहीं। और न ही चीनी उत्पादनों का बहिष्कार करने का साहस। कोई फतवा नहीं आ रहा, क्यों? अब भारत में किये जा रहे विरोधों को क्या नाम दिया जाए? क्या पाकिस्तान और चीन के विरुद्ध प्रदर्शन अथवा धरना देने के लिए कोई वित्तीय सहायता नहीं मिल रही?  
पाकिस्तान की अनीला एहसान ने पैगंबर मुहम्मद पर सवाल उठाकर वहाँ के कट्टरपंथियों को बैठे-बिठाए एक मुद्दा दे दिया। अब उन्हें इस्लामिक क़ानून के अनुसार, मज़हब के ख़िलाफ़ ‘ईशनिंदा’ के आरोप का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, पाकिस्तानी यूज़र्स ट्विटर पर उनकी गिरफ़्तारी और फाँसी की माँग करते हुए हैशटैग ट्रेंड करा रहे हैं।
अनीला ने ट्वीट के ज़रिए पैगंबर मुहम्मद की शादी से संबंधित सवाल उठाया और पूछा था कि उन्होंने (पैगंबर) खदीजा के अलावा 18 महिलाओं से निक़ाह क्यों किया था? इसी सवाल के जवाब में, पाकिस्तानियों ने अपने ट्वीट में अपने प्रधानमंत्री इमरान खान को टैग करते हुए अनीला को सार्वजनिक तौर पर फाँसी देने की माँग की।
हालाँकि, कुछ लोग चाहते हैं कि उन्हें ट्रायल के बाद मौत के घाट उतारा जाए। किसी भी इस्लामिक राज्य में ईशनिंदा की सज़ा मौत होती है। साथ ही नबी के अपमान को निन्दा के सबसे ख़राब रूपों में से एक माना जाता है।
कुछ लोग कह रहे हैं कि अनीला अपने ट्वीट्स के कारण ‘इस्लाम-विरोधी और चरमपंथी’ प्रतीत हो रही हैं। वे चाहते हैं कि अधिकारी इस बात की जाँच करें कि वह इस तरह के चरमपंथी एजेंडे पर काम क्यों कर रही हैं?



अन्य लोगों ने अनीला पर “नफ़रत फैलाने” का आरोप लगाया और कहा कि वे अलीना के कुछ ही ट्वीट्स पढ़ सके उससे अधिक वो नहीं पढ़ सकते थे क्योंकि उन ट्वीट्स में “खुले तौर पर ईशनिन्दा” की गई है।
पाकिस्तान में ईशनिन्दा के लिए एक बड़ी सज़ा है, यहाँ तक ​​कि इसके लिए फाँसी की सज़ा भी हो सकती है। इतना ही नहीं जो लोग ईशनिंदा करने वालों का समर्थन करते देखे जाते हैं, उनके जीवन पर भी ख़तरा मँडराने लगता है। पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानूनों से छुटकारा पाना असंभव है और अधिकारी ईशनिंदा को बहुत गंभीरता से लेते हैं क्योंकि ऐसा करने में विफल होने से क़ानून-व्यवस्था पर संकट आ सकता है। यदि अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो मौलाना वर्ग एक उन्मादी भीड़ को इकट्ठा कर उत्पात मचाएगा। इस तरह की उन्मादी भीड़ सैन्य पकड़ को अस्थिर करने की पूरी क्षमता रखती है।
पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानूनों को खत्म करने के पैरवी करने वाले सलमान तासीर की हत्या की गई थी। इतना ही नहीं हत्यारे को पाकिस्तानी समाज ने नायक के रूप में सम्मानित भी किया था।