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बजट पर प्रतिक्रियाएँ : नयी बोतल में पुरानी शराब : कांग्रेस

बजट पर आया कांग्रेस का रिएक्शन, कहा- नयी बोतल में पुरानी शराब
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी- (फाइल फोटो)
कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जुलाई 5 को पेश बजट को ‘‘नयी बोतल में पुरानी शराब'' करार देते हुए दावा किया कि इसमें कुछ भी नया नहीं है और सिर्फ पुराने वादों को दोहराया गया है. लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ''''इसमें कुछ भी नया नहीं है. पुरानी बातों को ही दोहराया गया है. यह नयी बोतल में पुरानी शराब है.'' उन्होंने कहा, ‘‘वे न्यू इंडिया की बात कर रहे हैं, जबकि कोई नयी पहल नहीं की गई है. पेट्रोल और डीजल पर उप कर लगा दिया गया. वे एक ऐसे भारत को पेश कर रहे हैं जो सबके लिए हसीन ख्वाब जैसा है, लेकिन हकीकत में कृषि और अर्थव्यवस्था तथा दूसरे क्षेत्रों को लेकर जो पहले वादे किए गए थे उसमें कुछ नया नहीं किया गया.''
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा ने कहा कि इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘ ‘गांव-गरीब व किसान' हाशिये पर. क्या थोथे शब्दों से कृषि संकट हल होगा? न किसान की आय दुगनी करने का रास्ता, न न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) का वादा, अकाल-सूखे से लड़ने का कोई उपाय, न ग्रामीण अर्थव्यवस्था में संकट का सुधार. केवल डीज़ल पर दो रुपये का अतिरिक्त भार.''
गौरतलब है कि ‘‘गांव, गरीब और किसान'' तथा प्रत्येक नागरिक के जीवन को ‘‘अधिक सरल'' बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किए गये नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मीडिया, विमानन, बीमा और एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को उदार करने का प्रस्ताव किया गया है.
बजट में बुनियादी आर्थिक और सामाजिक ढांचा के विस्तार, पेंशन और बीमा योजनाओं को आम लोगों की पहुंच के दायरे में ले जाने के विभिन्न प्रस्ताव किए गए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2019-20 के अपने बजट भाषण में कहा कि हालिया चुनाव में एक आकर्षक और मजबूत भारत की उम्मीदें लहरा रही थीं और लोगों ने एक ऐसी सरकार को चुना जिसने काम कर के दिखाया.
Budget 2019: 'न खाता न बही, जो निर्मला कहें वो सही ': बजट पर योगेंद्र यादव ने कसा तंज'न खाता न बही, जो निर्मला कहें वो सही ': योगेन्द्र यादव 
एक परंपरा से अलग हटते हुए बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में न लेकर एक लाल रंग के कपड़े में रखा और उसके ऊपर अशोक चिन्ह लगा था. इस पर सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन का कहा, ''वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है. यह एक भारतीय परंपरा है. यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है. यह बजट नहीं है, 'बही खाता' है.'' इस बजट को लेकर स्वराज इंडिया के संस्थापक व चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
योगेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ''मैं तो हैरान हूं, ये कैसी बजट स्पीच है. अभी पूरी बजट स्पीच हाथ मे नहीं आई, लेकिन बजट में कहीं इस बात का ज़िक्र नही की किस मद में कितना.'' उन्होंने के. सुब्रमणयन के बही खाता वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा, ''बजट में ना खाता न बही, जो निर्मला कहें वो सही. जीरो बजट फार्मिंग की बात की लेकिन ये जीरो बजट स्पीच है. किसानों को उम्मीद थी लेकिन, सूखे का ज़िक्र नहीं. बटाईदार, ठेके पर खेती करने वालों का कोई जिक्र नहीं.''
देश की पहली पूर्ण कालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में अपना प्रथम बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार का मकसद हमारे नागरिकों के जीवन को अधिक सरल बनाना है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छता अभियान पर दिये जाने वाले जोर की प्रतिध्वनि वित्त मंत्री के बजट भाषण में भी सुनाई दी. उन्होंने कहा, ‘‘यह सूचना देते हुए प्रसन्न एवं संतुष्ट हूं कि भारत को दो अक्तूबर 2019 को खुले में शौच करने से मुक्त घोषित किया जाएगा.''

बीजेपी की केन्द्र सरकार द्वारा बजट को हर मामले में व हर स्तर पर लुभावना बनाने की पूरी कोशिश की गई है लेकिन देखना है कि इनका यह बजट जमीनी हकीकत में देश की आमजनता के लिए कितना लाभदायक सिद्ध होता है जबकि पूरा देश गरीबी, बेरोजगारी, बदतर शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा से पीड़ित व परेशान है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ 
बजट 2019 :  प्रचंड बहुमत पाने वाली मोदी सरकार ने आपको क्या दिया, 10 प्वाइंट्स में जानेंमोदी सरकार 2.0 का पहला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश कर दिया है। दो घंटे 10 मिनट के बजट भाषण में जहां इनकम टैक्स के स्लैब को नहीं बदला गया है। वहीं, पेट्रोल डीजल पर एक रुपए की कस्टम ड्यूटी लगाई गई है। इस बजट पर सोशल मीडिया पर कई रिएक्शन सामने आए हैं। 
सोशल मीडिया पर बजट के बाद बजट 2019 हैशटैग ट्रेंड करने लगा। इसके अलावा निर्मला सीतारमण और बजट फॉर न्यू इंडिया ट्रेंड करने लगा। इन हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर कई मीम शेयर किए हैं।सोशल मीडिया पर सागर नाम के एक यूजर ने लिखा है- पैन कार्ड और आधार कार्ड की अदला-बदली। मतलब जो चाचा है वही भतीजा है, और वो भतीजा है वही चाचा है। वहीं, एक अन्य यूजर ने फिर हेरा फेरी फिल्म की फोटो का मीम शेयर किया है। 
पीएम मोदी और अमित शाह ने कही ये बात 
बजट पेश होने के बाद पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी कमेंट किया है।  भाजपा अध्यक्ष एवं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- आम बजट किसानों को समृद्ध और गरीब को सम्मानपूर्ण जीवन व्यतीत करने में सहायक होगा।
Finance Minister @nsitharaman ji presents a which lays the foundation of an inclusive & progressive nation, whose rise is powered by the hardwork of 130 crore Indians. The budget gives wings to India’s farmers, youngsters, women and poor to fulfil their dreams.









After hearing the budget people be like.....



Middle class person seeing the

Pan Card and Aadhar card will now be interchangeable. Matlab ki jo chacha hai wahi bhatija hai, aur jo bhatija hai wahi chacha hai.
पीएम मोदी ने बजट आम बजट को ‘देश को समृद्ध और जन-जन को समर्थ’बनाने वाला करार दिया। पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट में आर्थिक सुधार, नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ गांव एवं गरीब का कल्याण भी है।
बजट की अहम बातें 
बजट में पेट्रोल-डीजल और सोने चांदी के दाम बढ़ने जा रहे हैं। तेल के दामों के उपकर यानी सेस में 1 रुपए बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
lo1s6po8क्या सस्ता हुआ और किसके बढ़े दाम
गांव, गरीब, किसान और प्रत्येक नागरिक के जीवन को अधिक सरल बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किए गये नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मीडिया, विमानन, बीमा और एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को उदार करने का प्रस्ताव किया गया है। बजट में बुनियादी आर्थिक और सामाजिक ढांचा के विस्तार, पेंशन और बीमा योजनाओं को आम लोगों की पहुंच के दायरे में ले जाने के विभिन्न प्रस्ताव किए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2019-20 के अपने बजट भाषण में कहा कि हालिया चुनाव में एक आकर्षक और मजबूत भारत की उम्मीदें लहरा रही थीं और लोगों ने एक ऐसी सरकार को चुना जिसने काम करके दिखाया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में पेट्रोल और डीजल पर उपकर में प्रति लीटर एक रुपये की वृद्धि करने की घोषणा की। इसके साथ ही सोने पर सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया गया।सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए कहा कि दो करोड़ से पांच करोड़ रुपये और पांच करोड़ रुपये से अधिक की कर योग्य आय वाले करदाताओं पर अधिभार बढ़ाया गया है।
साथ ही उन्होंने कहा कि 50 करोड़ रुपये से ऊपर का कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों में डिजिटल लेनदेन पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट शुल्क नहीं लगेगा। बैंक खाते से एक करोड़ रुपये से अधिक की निकासी पर दो प्रतिशत की दर से टीडीएस लगाने की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस वर्ष चरणबद्ध रूप से इलेक्ट्रॉनिक विधि से कर रिटर्न के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसमें व्यक्ति को अधिकारी के सामने नहीं आना पड़ेगा।(एजेंसीज इनपुट्स)

भारतीय पासपोर्ट वाले एनआरआई को मिलेगा आधार कार्ड

लाल रंग के कपड़े में बजट, मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन ने कहा- यह बही-खाता हैपुरानी परंपरा को बदलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में रखने के बजाए एक लाल रंग के कपड़े में रखा है जिस पर 'अशोक चिन्ह' बना हुआ है. इस पर  मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन का कहना है कि वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है. यह एक भारतीय परंपरा है. यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है. यह बजट नहीं है, 'बही खाता' है. गौरतलब है कि 11 बजे निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है और इस बजट से जनता को काफी उम्मीदें हैं. लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को प्रचंड बहुमत मिला है तो इसमें सबसे बड़ा हाथ कल्याणकारी योजनाओं का भी रहा है. लेकिन इन योजनाओं के लिए पैसा काफी कम है और उम्मीद है कि इसमें फंड बढ़ाने की घोषणा होगी. लेकिन आर्थिक हालात और राजकोषीय घाटा कम करने का भी लक्ष्य रखा है, इसको देखते हुए सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती होगी.
परंपरा के मुताबिक बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की मुलाकात

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Rashtrapati Bhavan: As per tradition, Finance Minister Nirmala Sitharaman calls on President Ramnath Kovind before presenting the Union Budget
Budget 2019 Live Speech: बजट पेश करते वक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- भारत का कर्ज GDP के 5% से भी कमभारतीय पासपोर्ट वाले एनआरआई को मिलेगा आधार कार्ड
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है.  इस बार उन्होंने एक परंपरा से अलग हटते हुए बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में न लेकर एक लाल रंग के कपड़े में रखा और उसके ऊपर अशोक चिन्ह लगा था. इस पर सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन का कहना है कि वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है. यह एक भारतीय परंपरा है. यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है. यह बजट नहीं है, 'बही खाता' है. गौरतलब है कि पूरे देश में अलग अलग तबके के लोग काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि ज़ोरदार बहुमत के साथ आई सरकार उनके लिए कुछ न कुछ ज़रूर लाएगी. नौकरीपेशा लोग टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं. किसान, युवा, व्यापारी, सभी की नज़रे बजट पर होंगी.बजट में राजकोषीय घाटे को क़ाबू में रखने के साथ आर्थिक वृद्धि और रोज़गार बढ़ाने पर सरकार का ज़ोर रह सकता है. नौकरीपेशा लोगों के लिए आयकर के मोर्चे पर टैक्स स्लैब मे बदलाव की उम्मीद भी की जा रही है. वहीं बजट से उम्मीद लगाए बैठे शेयर बाजार भी हरे निशान के साथ खुला है और सेंसेक्स शुरुआत में ही 4 हजार से पार हो गया.
8 फीसदी की रफ्तार तक ले जाना है जीडीपी
फिलहाल हमारी विकास दर 7 फीसदी की है और 5 ट्रिलियन का लक्ष्य हासिल करने के लिए इसे 8 फीसदी की रफ्तार तक ले जाना होगा-इसके लिए निवेश काफ़ी बढ़ाना होगा और वित्तीय घाटे को भी नियंत्रण में रखना होगा जो फिलहाल 5.8 फ़ीसदी है. बजट से पहले आया आर्थिक सर्वेक्षण बता रहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में जितनी उम्मीद है उतनी ही चुनौतियां भी हैं. सरकार ने पांच साल में पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने का जो लक्ष्य तय किया है, उसके लिए कई अहम क़दम उठाने होंगे. 

बजट 2019 की बड़ी बातें

'नारी तू नारायणी'
वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार महिलाओं को  सशक्तिकरण करेगी क्योंकि महिलाओं के उत्थान के बगैर देश विकास नहीं कर सकता। सरकार अपनी योजनाओं के जरिए देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी और बढ़ाएगी।
9.6 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ
वित्त मंत्री ने कहा कि देश में दो अक्टूबर 2014 तक 9.6 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ है। 5.6 लाख गांव खुले में शौच से मुक्त हुए हैं। सरकार स्वच्छ भारत मिशन को और आगे बढ़ाएगी।
नए दूतावास खोले जाएंगे  
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि एवं प्रभाव बढ़ाने के लिए भारत उन देशों में अपने दूतावास एवं उच्चायोग की स्थापना करेगा जहां अभी तक दूतावास नहीं खोले जा चुके हैं।
रेलवे
रेलवे के विकास एवं उसकी सेवाओं में सुधार के लिए वित्त मंत्री ने सरकार  की प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने कहा है कि रेलवे में साल 2030 तक 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होगी। रेलवे के विकास के लिए पीपीपी मॉडल के जरिए निवेश किया जाएगा।
पेंशन
सरकार तीन करोड़ छोटे कारोबारियों एवं दुकानदारों को पेंशन का लाभ देगी। यह लाभ सलाना 1.5 करोड़ रुपए से कम टर्न ओवर वाले दुकानदारों को मिलेगा। दुकानदारों एवं छोटे कारोबारियों को यह लाभ प्रधानमंत्री करम योगी मन धन योजना के तहत मिलेगा।
अंतरिक्ष
अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश की पेशेवर क्षमता बढ़ाने के लिए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) का गठन किया जाएगा। यह संगठन इसरो के साथ मिलकर काम करेगा।
एफडीआई
वित्त मंत्री ने कई क्षेत्रों में एफडीआई बढ़ाने की बात कही है। आने वाले समय में उड्डयन, मीडिया, एनीमेशन और बीमा में एफडीआई बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। सरकार बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई पर भी होगा विचार।
सालाना 5 लाख रुपये से कम आय वालों पर कोई टैक्स नहीं
 अब रिटर्न पैन के अलावा आधार कार्ड से भी भरा जा सकेगा. 
- 45 लाख के घर पर अब 3.5 लाख रुपये ब्याज में छूट. इससे पहले 2 लाख थी. 
- इलेक्ट्रानिक गाड़ी  बनाने पर अब 1.50 लाख तक की छूट. 
- इलेक्ट्रानिक गाड़ियों पर जीएसटी 12 से  5 फीसदी. 
- 400 करोड़ तक की कंपनी पर 25 फीसदी तक का टैक्स का प्रस्ताव. 
- मैं आयकर दाताओं को धन्यवाद देती हूं. करदाताओं के पैसे से ही देश का विकास. डायरेक्ट टैक्स में बढ़ोत्तरी हुई है. पांच साल में 78 फीसदी प्रत्यक्ष टैक्स बढ़ा है. 
- पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 1 रुपया बढ़ा, सोने पर ड्यूटी 10 से 12.5 फीसदी हुआ
- वित्त मंत्री ने कहा- 45 लाख के घर पर अब 3.5 लाख रुपये ब्याज में छूट
- जो लोग ऊंची आय वाले हैं  5 करोड़ से ऊपर सालाना आय वालों पर अब 7 फीसदी  और 2 से 5 करोड़ की सालाना आय वालों पर 3 फीसदी और सरचार्ज

-बैंक से एक करोड़ से ऊपर निकालने पर 2 फीसदी टीडीएस लगेगा.
-1,2,5,10,20 रुपये के सिक्के जारी किए गए हैं. इनको जल्द ही जनता के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा.
- भारत का कर्ज जीडीपी से 5 फीसदी से कम भी है. 
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अब आरबीआई के नियंत्रण में रहेगी.
- सरकारी बैंकों का सफल पुनर्गठन किया जाएगा. सरकारी बैंकों को लोन के लिए 70 हजार करोड़ दिया जाएगा.
- कमर्शियल बैंकों का एनपीए 1 लाख करोड़ कम हुआ है. डोमेस्टिक क्रेडिट ग्रोथ 13 फीसदी तक बढ़ी है.
- 17 आइकॉनिक सैलानी जगहों का विकास किया जाएगा.
- इस साल 4 और दूतावास खोले जाएंगे. दुनिया में अपनी और पहुंच बढ़ाए जाने के कदम उठाए जाएंगे. 
- भारतीय पासपोर्ट वाले एनआरआई को मिलेगा आधार कार्ड.
- असंगठित क्षेत्र के कामगारों को लिए पेंशन दी जाएगी. 
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी एक सुनहरी कहानी है. नारी टू नारायणी हमारा मंत्र है. हमारी योजनाओं से महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिला है. एसएचजी से जुड़ी महिला को 5 हजार का ओवर ड्राफ्ट दिया जाएगा.
-  35 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे गए. 18341 करोड़ की बिजली बचाए गए. 
- सरकार श्रम कानूनों को दुरुस्त करेगी इसमें सुधार का प्रस्ताव. 4 नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. स्टार्ट अप के लिए दूरदर्शन में कार्यक्रमों की शुरुआत होगी.
- खेलो इंंडिया योजना के लिए नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड बनाया जाएगा ताकि खेलों को बढ़ावा दिया जा सकेगा.
- 2 आईआईटी और 1 आईआईएम दुनिया के 200 शीर्ष संस्थानों में शामिल हुए हैं. अब हम विदेशी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आकर्षित करेंगे. स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत होगी. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा. 
- स्कूल और कॉलेज स्तर बनाया जाएगा. नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाया जाएगा. सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आएगी. सभी मंत्रालयों का फंड एनआरएफ से जुड़ेगा. 
-  राजघाट पर राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र बनाया जाएगा. 
- 95 फीसदी शहर खुले में शौच से मुक्त हुए हैं. 47 लाख शहरी घरों का निर्माण शुरू हो गया है. भारत में तेज शहरीकरण एक अवसर है. 
- 2 करोड़ ग्रामीण डिजिटल साक्षर बनाए गए. डिजिटल साक्षरता को और बढ़ाया जाएगा. 
- स्वच्छ भारत अभियान ने देश की चेतना को छुआ है. 5.6 लाख गांव खुले में शौच से मुक्त हुए हैं.  1 करोड़ लोगों ने स्वच्छता ऐप लांच किया है. 
- 2022 तक जल जीवन मिशन में हर घर में जल पहुंचाने का लक्ष्य.
-हजार दिन में रोज 135 किमी सड़क बनाई जाए. 
-जीरो बजट खेती की ओर लौटने का लक्ष्य.
-एविएशन, मीडिया, एनिमेशन, एवीजीसी और इंश्योरेंस में 100 फीसदी एफडीआई के बारे में विचार किया जाएगा. 
- एक लाख किमी तक सड़कों को बेहतर किया जाएगा.
- इसरो के लिए नई कंपनी-न्यू इंडिया स्पेस लिमिटेड
- अंतरिक्ष में भारत की क्षमता बढ़ाने पर जोर है. 
- मछली उद्योग ग्रामीण भारत के लिए अहम है. 
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में ग्रीन तकनीकी.
- उज्जवला योजना की वजह से देश की महिलाओं को धुएं से छुटकारा मिला है, हमने महिलाओं के सम्मान के लिए शौचालय बनवाएं 
- पीएम आवास योजना के तहत 1.5 करोड़ घर बनाए गए. अगले दो साल 1.95 करोड़ घर बनाने की योजना
-गांव, गरीब और किसान हर कार्यक्रम के केंद्र बिंदु.  2022 तक हर ग्रामीण के घर में बिजली पहुंच जाएगी. 
- हमारी अर्थव्यवस्था 2014 में 1.85 खरब डॉलर से 2.7 खरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंची, हम अगले कुछ वर्षों में बहुत अच्छी तरह से 5 खरब डॉलर तक पहुँच सकते हैं 
-PSU की जमीनों पर सस्ती हाउसिंग योजना का प्रस्ताव
- NRI के लिए विदेशी निवेश पोर्टफोलियो.
-रेलवे में पीपीपी मॉडल के लिए विकास पर जोर
-  बीमा मध्यस्थों के लिए 100 फीसदी विदेशी निवेश. हम भारत में और विदेश निवेश को बढ़ावा देंगे. 
- नई योजनाएं व्यापार को और बढ़ावा देंगी.  भारत में अभी तक मजबूत विदेशी निवेश रहा है.
- सामाजिक संस्थाओं के भी स्टॉक एक्सचेंज में जगह. सोशल स्टॉक एक्सचेंज बनाया जाएगा.  
- बाहरी निवेशकों के लिए आसान KYC बनाया जाने का प्रस्ताव. 
- हमारी कोशिश है कि बिना किसी अड़चन के निवेश का बढ़ावा दिया जाए.
-MSME के ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा.
- तीन करोड़ का दुकानदारों को पेंशन दी जाएगी. लघु एवं उद्योगों के लिए तुरंत लोन देने की भी नीति
- रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए भी नीति. 2020 में जलमार्ग के दो और टर्मिनल बनाने की तैयारी
- बुनियादी ढांचें में बड़ा निवेश की जरूरत है. हर साल 20 लाख करोड़ निवेश की जरूरत
-बिजली के लिए वन नेशन, वन ग्रिड की बात शुरू की गई है.
- देश में लाइसेंस राज खत्म हो गया है. केंद्रीय बजट 2019 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जीएसटी-पंजीकृत एमएसएमई के लिए आवंटित 350 करोड़ हैं.
- इलेक्ट्रिक वाहनों पर अब सरकार का जोर है. तीन साल में 10 हजार करोड़ खर्च किया जाएगा.
-शहरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बीच खाई कम हुई है. 
- 300 किलोमीटर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई. जलमार्ग प्रोजेक्ट से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. 
-पीएम ग्राम सड़क योजना से कनेक्टिविटी बढ़ी मिली है.  भारत माला, सागर माला परियोजनाओं, उड़ान योजनाओं के जरिए भौतिक संबंद्धता को बढ़ावा मिला है
- रोजगार बढ़ाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है. भारतीय उद्योग अब रोजगार पैदा कर रहे हैं.  हमने अपनी योजनाओं को लागू किया है. 
-  बड़े सुधारों से आम आदमी की सेवा की जा रही है.
- मुद्रा योजना से आम आदमी की हालत में बदलाव किया है.
-  इसी साल 3 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था हो जाएगी.
- प्रदूषण रहित भारत बनाने की कोशिश है. 
- 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है
-  यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है. 
- काम करने वाली सरकार को मिला है बहुमत. एक स्थिर भारत के लिए मिला है जनादेश. हमें पूर्ण बहुमत मिला है.इस चुनाव में मतदान का प्रतिशत सबसे अधिक रहा, सभी वर्गों के मतदाताओं का साथ मिला: वित्त मंत्री
लघु उद्योग को मिलेगा 350 करोड़ का लोन 
निर्मला सीतारमण  ने का है कि जीएसटी रजिस्ट्रर्ड  छोटे और लघु उद्योग को लोन देने के लिए 350 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। ये लोन दो फीसदी की बयाज दर पर दिया जाएगा। इसके अलावा सबको घर देने की योजना पर काम जारी है
रियल एस्टेट सेक्टर को सहारा, मकान, प्रॉपर्टी को लेकर मोदी सरकार ने किए अहम ऐलान
मोदी सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह लोगों को किफायती आवास मुहैया कराने की अपनी नीति को जारी रखेगी। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (शुक्रवार, 5 जुलाई) संसद में वित्‍त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए आने वाले समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत 1.95 करोड़ मकान बनाने का प्रस्‍ताव रखा।
वित्‍त मंत्री ने यह भी कहा कि मकानों के निर्माण कार्य को पूरा करने की अवधि जो 2015-16 में 314 दिनों की थी, वह 2017-18 में घटकर 114 हो गई, जिससे सरकार को पीएमएवाय के तहत अपने लक्ष्‍यों को पूरा करने में मदद मिली। सरकार की इस घोषणा से रियल स्‍टेट जगत की उन कंपनियों को फायदा मिलेगा, जो किफायती दर पर लोगों को मकान उपलब्‍ध करा रही हैं।
क्या आपको पता है? 
संसद में बजट पेश करने वाली पहली महिला इंदिरा गांधी थी. सबसे लंबा बजट भाषण पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2014 में दिया था और  मोरारजी देसाई ने सबसे ज़्यादा 10 बजट पेश किए हैं