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दिल्ली स्थित BBC दफ्तर पर इनकम टैक्स का छापा : कांग्रेस-महुआ मोइत्रा ने शुरू किया रोना

भारत के खिलाफ लगातार प्रोपेगंडा चलाने वाले BBC के दिल्ली स्थित दफ्तर पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है। हाल ही में मीडिया संस्थान ‘ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात दंगों को लेकर दुष्प्रचार करते हुए एक विवादस्पद डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इतना ही नहीं, उसकी ताज़ा डॉक्यूमेंट्री में ISIS आतंकी शमीमा बेगम का महिमामंडन भी किया गया था। इससे उसके अपने ही देश के लोग नाराज़ हैं।

अब सामने आया है कि BBC के दिल्ली स्थित दफ्तर में मंगलवार (14 फरवरी, 2023) को IT विभाग के अधिकारी पहुँचे और तलाशी लेनी शुरू की। बीबीसी हाल ही में रूस-यूक्रेन सीरीज को लेकर बनाई गई वीडियो सीरीज के कारण भी सुर्ख़ियों में रहा था। ब्रिटेन में भारतीय समुदाय के लोगों ने जम कर इसके खिलाफ प्रदर्शन किया है। लेस्टर में हिन्दू विरोधी हिंसा के दौरान इसने हिन्दुओं के खिलाफ दुष्प्रचार किया और हमलावर मुस्लिमों को बचाने की कोशिश की।

BBC ने लंदन स्थित अपने मुख्यालय में भारत में इसके दफ्तर में पड़ी इनकम टैक्स रेड के बारे में जानकारी पहुँचा दी है। BBC का दिल्ली स्थित ये दफ्तर KG मार्ग के HT हाउस बिल्डिंग में स्थित है। कहा जा रहा है कि ये इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सर्वे है, जिस दौरान सभी कर्मचारियों के फोन ले लिए गए और कइयों को घर जाने के लिए भी कहा गया। हालाँकि, IT विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किया है।

कुछ खबरों में BBC के मुंबई स्थित दफ्तर की तलाशी की बात भी कही गई है, लेकिन अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। संसद में ‘हरामी’ शब्द का प्रयोग कर के गाली बकने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा इस मामले पर टिप्पणी करने वाले विपक्षी नेताओं में आगे रहीं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “दिल्ली स्थित बीबीसी के दफ्तर पर इनकम टैक्स के छापे की खबर है। वाह, सच में? ये अप्रत्याशित है।” उन्होंने इस दौरान गौतम अडानी की SEBI अध्यक्ष से मुलाकात पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस पार्टी ने इसे ‘अघोषित आपातकाल’ करार दिया है।

उत्तर प्रदेश : सपा नेताओं पर IT रेड का कच्चा चिट्ठा: 408 करोड़ रूपए के बोगस शेयर, 154 करोड़ रूपए का फर्जी लोन, 86 करोड़ रूपए की गुप्त आय, कई फर्जी कंपनियाँ

                                                                                                                                   प्रतीकात्मक 
आयकर विभाग ने पिछले दिनों समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेताओं से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी (IT Raid) की थी। इसमें 68 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत आने वाले ‘केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)’ ने जानकारी दी है कि कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों के ठिकानों पर 18 दिसंबर, 2021 को कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की गई थी। इस दौरान कोलकाता के एक एंट्री ऑपरेटर के ठिकाने भी तलाशे गए थे।

इस दौरान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के अलावा मैनपुरी एवं मऊ जैसे यूपी के जिले में भी छापेमारी हुई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ ठिकानों पर भी आईटी रेड पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल और हार्ड कॉपी दस्तावेज बरामद किए गए, जो सबूत के रूप में कार्य करेंगे। डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि ये लोग अपने कारोबार के जरिए करोड़ों रुपए के फर्जी खर्चे दिखा रहे थे।

बैंक बिल बुक्स, हस्ताक्षर किए गए चेकबुक्स, स्टैम्प्स और बोगस सप्लाइज को जब्त किया गया है। एक मामले में तो कंपनी के निदेशकों की 86 करोड़ रुपयों की गुप्त आय का पता चला। उनमें से एक व्यक्ति ने अपनी 68 करोड़ रुपयों की गुप्त आय की बात कबूल की और साथ ही इस पर टैक्स देने की भी पेशकश की। कंपनी का टर्नओवर पिछले कुछ सालों में कैसे 150 करोड़ रुपए चला गया, इसके पक्ष में वो कुछ नहीं बता सके। आय और निवेश को छिपाने के लिए कई अन्य फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया।

ऐसे ही एक 12 करोड़ रुपयों के निवेश का पता चला, जिसके बारे में ये लोग कुछ नहीं बता सके। एक अन्य फर्जी कंपनी में 11 करोड़ के निवेश और 3.5 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति का भी पता चला। कोलकाता का एंट्री ऑपरेटर इन सब को छिपाने में इन लोगों की मदद कर रहा था। इसके लिए उसने 408 करोड़ रुपए के बोगस शेयर कैपिटल और 154 करोड़ रुपए का लोन इन फर्जी कंपनियों के जरिए सिक्योर करा लिया। हवाला लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

अब बात करते हैं बेंगलुरु के ट्रस्ट की, जिसके 80 लाख रुपए के ऐसे लेनदेन का पता चला है जिसे डोनेशन के नाम पर नॉन-ट्रस्ट संस्थाओं को भेजा गया। ये संस्थाएँ हैं ‘मरकजू सकाफति सुन्निया ट्रस्ट’ और ‘मरकज नॉलेज सिटी’। अरब मुल्कों से जुड़ी केरल की इन संस्थाओं को व्यक्तिगत हित के लिए ये रुपए भेजे गए। ट्रस्टियों की 4.8 करोड़ रुपए की आमदनी और 10 करोड़ रुपयों के कैश का भी पता चला। ‘विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA)’ के तहत भी जाँच की जा रही है।

छापेमारी में मैनपुरी के मनोज यादव और लखनऊ के जैनेन्द्र यादव जैसे सपा नेताओं के ठिकाने भी तलाशे गए थे। हालाँकि, पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव इसे सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग बता रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ से तुलना की। बेंगलुरु में सपा के राष्ट्रीय सचिव सह प्रवक्ता राजीव राय का मेडिकल कॉलेज है। वहाँ और उनके मऊ स्थित आवास पर आयकर विभाग की छापेमारी को उन्होंने राजनीति से प्रेरित करार दिया था।

केरल हाईकोर्ट का आदेश नन और पादरी को भी देना होगा टैक्स

मोदी विरोधी अपने कुकर्मों को छुपाने नितरोज कोई न कोई स्वांग रच जनता को गुमराह करते रहते हैं, लेकिन जनता इस बात से बिल्कुल बेखबर थी कि पिछली सरकारें तुष्टिकरण कर केवल हिन्दुओं और उनके धार्मिक स्थलों को ही निशाने पर रखे हुए थीं। लेकिन केरल हाई कोर्ट के एक निर्णय ने देश के सम्मुख उस सच्चाई को रख दिया, जिससे अब तक आम जनमानस अज्ञान था। केरल हाई कोर्ट के इस निर्णय से जनता में एक आशा की किरण जागृत हुई है कि शायद निर्वाचित प्रतिनिधियों को मिलने वाली पेंशन और हर माह मिलने वाली मुफ्त सुविधाओं पर भी कोई कार्यवाही होगी। यदि कोर्ट इन मुद्दों पर भी अपना निर्णय देती है, हर माह देश को करोडो रूपए की बचत होगी। 
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अनुच्छेद-25 धर्म के आधार पर टैक्स में कोई छूट प्रदान नहीं करता है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आगे कहा कि नन और पादरी के वेतन में टीडीएस की कटौती होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, जस्टिस एसवी भट्टी और जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि इस तरह की टैक्स कटौती संविधान के अनुच्छेद-25 के तहत धर्म की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं करती है। 

इसके साथ ही खंडपीठ ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि नन और पादरी अपने वेतन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, बल्कि इसे अपनी धार्मिक मंडली को दे देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आय आयकर अधिनियम के तहत वेतन के रूप में आती है, तो इस पर टीडीएस कटौती की अनुमति है।

बाइबिल के कोट, “Render unto Caesar the things that are Caesar’s and unto God the things that are God’s” का हवाला देते हुए केरल हाईकोर्ट की बेंच ने कई पादरी और नन की दलीलों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने टैक्स देने का विरोध किया था। अदालत ने कहा कि सरकारी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में काम करने के दौरान मिलने वाले वेतन पर टैक्स कटौती की अनुमति है। साथ ही उन्होंने कहा, “अनुच्छेद-25 धर्म के आधार पर टैक्स में कोई छूट प्रदान नहीं करता है।”

साल 1944 से सरकारी व सहायता प्राप्त संस्थानों द्वारा नन और पादरी को दिया जाने वाला वेतन टीडीएस यानी टैक्स कटौती के अन्तर्गत नहीं आता था। हालाँकि, इसे 2014 में संशोधित किया, जब आयकर अधिकारियों ने जिला कोषागार अधिकारियों (District Treasury Officers) को निर्देश दिया है कि सरकारी संस्थानों से वेतन प्राप्त करने वाले धार्मिक कर्मचारी भी टीडीएस के दायरे में आएँगे। इस फैसले को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने टीडीएस में छूट का दावा करने के लिए 1944 में और साथ ही 1977 में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes) द्वारा जारी परिपत्रों का हवाला दिया।

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि नन और पादरी कोई आय या संपत्ति रखने का हकदार नहीं हैं। उनकी सभी संपत्तियाँ, वेतन और पेंशन धार्मिक मण्डली को दे दी जाती है। उन्होंने कैनन कानून का भी हवाला दिया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि कैनन कानून के अनुसार एक बार शपथ लेने के बाद नन या पादरी इसके तहत नागरिक नहीं माने जाते हैं। इस पर अदालत ने कहा कि कैनन कानून किसी भी परिस्थिति में आयकर अधिनियम पर हावी नहीं हो सकता है।

कोलकाता में इस सड़क पर रुपयों की हुई इतनी बारिश, लूटने वाले हो गए अमीर

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नोटों की बारिश नहीं होती या क्या रुपए पेड़ों पर उगते हैं जैसी कहावत तो खूब सुनी और कही जाती है. कोलकाता में ये सच भी हो गया. कोलकाता के बड़ा बाजार के वेंटिकन स्ट्रीट से गुजरने वाले लोगों के मजे हो गए. वेंटिकन स्ट्रीट पर एक ईमारत की छठी मंज़िल से अचानक रुपए बरसने लगे. सभी फाइल फोटोज़
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ये नोट 2000, 5000 और 100 के थे. अचरज में पड़े लोगों ने ज्यादा  न सोचते हुए इसका जमकर फायदा उठाया. जिसे जैसे मौका लगा, वह रुपए लूटने में जुट गया.
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किसी ने बैग में भरे तो किसी ने जेबें भर लीं. रुपए सड़कों बिखर गए तो कई बार पूरे के पूरे बंडल गिरे.
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पहले तो नोटों की बारिश का मामला समझ नहीं आया, लेकिन फिर पता चला कि इमारत की छठी मंज़िल, जहां से रुपए बरसाए जा रहे थे, वहां आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा था.
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आयकर विभाग के अधिकारियों के डर से एक कंपनी ने अपने कर्मचारियों से नोटों के बंडल के बंडल फिकवा दिए. पकड़े जाने के डर से ये रुपए बिल्डिंग की टॉयलेट की खिड़की से फिकवाए गए.  जो भी हो लेकिन उस वक्त सड़क से गुजर रहे लोगों की चांदी हो गई.(साभार)

कांग्रेस नेता जी परमेश्वर के ठिकानों से 4.52 करोड़ रुपए बरामद

जी परमेश्वरकर्नाटक के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता जी परमेश्वर के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद अब तक 4.52 करोड़ रुपए की नकदी बरामद हुई है। बता दें कि कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री के करीब 30 ठिकानों पर आईटी विभाग ने छापे मारे। ये छापेमारी आज भी जारी है।
आईटी विभाग ने कहा कि आज भी बेंगलुरु में सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज के परिसर में छापेमारी जारी रहेगी। यह मेडिकल कॉलेज जी परमेश्वर से संबंधित ट्रस्ट के जरिए चलाया जाता है। इसके अलावा जी परमेश्वर के भाई के बेटे आनंद के घर पर भी छापा पड़ा है।

उनके निजी सहायक रमेश के आवास की भी तलाशी ली गई। कल भी आईटी विभाग ने जी परमेश्वरा से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापे मारे। खबर के अनुसार ये छापे NEET परीक्षा से जुड़े बहु-करोड़ टैक्स चोरी मामले से संबंधित है। पहले दिन की छापेमारी में आयकर विभाग को कई अहम दस्तावेज भी हाथ लगे थे।
हालाँकि, इस मामले में छापेमारी के पहले दिन जी परमेश्वर का कहना था, “मुझे छापेमारी की जानकारी नहीं है। मुझे नहीं पता कि वे छापेमारी कहाँ कर रहे हैं। उन्हें तलाशी लेने दें, मुझे कोई दिक्कत नहीं है। अगर हमारी तरफ से कोई गलती होगी तो इसे सुधारेंगे।”
आयकर विभाग ने उनसे संबंधित ट्रस्ट द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज में कुछ अनियमितताएँ पाई हैं। परमेश्‍वर के ठिकानों पर विभाग की छापेमारी का सिद्धारमैया ने विरोध किया है। उन्‍होंने इस छापेमारी को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका आरोप है कि कर्नाटक के कांग्रेस नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने ट्वीट किया, “परमेश्वर और आरएल जलप्पा और अन्य पर की गई छापेमारी राजनीति से प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण हैं। वे केवल कर्नाटक के नेताओं को निशाना बना रहे हैं जैसा कि वह नीति और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर असफल हो चुके हैं। हम ऐसे किसी चाल से पीछे हटने वाले नहीं हैं।”

उत्तर प्रदेश में अब मुख्यमंत्री और मंत्री अपनी कमाई पर खुद टैक्स भरेंगे

Image result for योगी आदित्यनाथलगभग 40 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मुख्यमंत्री सहित सभी मन्त्रियों को आयकर का भुगतान करने की घोषणा से जनता में एक नयी ऊर्जा का संचार किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और सभी मंत्री अपने इनकम टैक्स का भुगतान खुद करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री और सभी मंत्री अपने टैक्स का भुगतान सरकारी खजाने से भरते थे। इसको लेकर एबीपी न्यूज़ ने अपने शो 'घंटी बजाओ' में खबर दिखाई थी कि कैसे यूपी के मंत्री जनता के पैसे से अपना इनकम टैक्स भरते हैं। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि 'उत्तर प्रदेश मंत्री वेतन, भत्ते और विविध कानून 1981'' के अन्तर्गत सभी मंत्रियों के इनकम टैक्स बिल का भुगतान अभी तक राज्य सरकार के कोष से किया जाता रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार यह निर्णय लिया गया है कि अब सभी मंत्री अपने आयकर का भुगतान स्वयं करेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी खजाने से अब मंत्रियों के इनकम टैक्स बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा। खन्ना ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि एक्ट के इस प्रावधान को समाप्त किया जायेगा।
वेतन-भत्तों को लेकर 1981 में बना था कानून
उत्तर प्रदेश में लगभग चार दशक पुराना एक कानून मंत्रियों के आयकर का भुगतान राजकोष से सुनिश्चित करता था। हालांकि नेता इसके बारे में जानकारी नहीं होने की बात करते हैं। ''उत्तर प्रदेश मंत्री वेतन, भत्ते और विविध कानून 1981'' तब बना था जब विश्वनाथ प्रताप सिंह राज्य के मुख्यमंत्री थे। इस कानून ने अब तक 19 मुख्यमंत्रियों और लगभग 1,000 मंत्रियों को लाभ पहुंचाया है। हालांकि कुछ मंत्रियों का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। जब से कानून लागू हुआ, विभिन्न राजनीतिक दलों के मुख्यमंत्रियों- योगी आदित्यनाथ, मुलायम सिंह यादव, मायावती, कल्याण सिंह, अखिलेश यादव, रामप्रकाश गुप्ता, राजनाथ सिंह, श्रीपति मिश्र, वीर बहादुर सिंह और नारायण दत्त तिवारी को इसका लाभ हुआ।
विश्वनाथ प्रताप सिंह के सहयोगी रहे कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि कानून पारित होते समय तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने विधानसभा में तर्क दिया था कि राज्य सरकार को आयकर का बोझ झेलना चाहिए क्योंकि अधिकतर मंत्री गरीब पृष्ठभूमि से हैं और उनकी आय कम है। दिलचस्प बात यह है कि समय बीतने के साथ ही राज्य का नेतृत्व बीएसपी सुप्रीमो मायावती जैसे नेताओं के हाथ रहा। राज्यसभा के 2012 के चुनाव के समय दाखिल हलफनामे के अनुसार उनकी संपत्ति 111 करोड़ रुपये बतायी गई।
लोकसभा के हाल के चुनाव के समय दाखिल हलफनामे के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भी उनकी पत्नी डिम्पल के साथ 37 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। विधान परिषद के 2017 के चुनाव के समय दाखिल हलफनामे के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संपत्ति 95 लाख रुपये से अधिक है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी एल पुनिया ने कहा कि अब वेतन कई गुना अधिक हो चुके हैं, इसलिए इस रियायत की कोई प्रासंगिकता नहीं रह गयी है। इस कानून पर पुनर्विचार कर इसे समाप्त किया जाना चाहिए। पूर्व वित्त मंत्री और बसपा नेता लालजी वर्मा सहित कई नेताओं को इस कानून की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि जहां तक उन्हें याद है, वह टैक्स अदायगी करते रहे हैं।
सपा के एक नेता ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी सुविधा की जानकारी नहीं है। वरिष्ठ सपा नेताओं से बात करने के बाद ही वह इस बारे में कुछ कह पाएंगे। प्रदेश के विधि मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि अधिकारियों से इसकी पुष्टि करने के बाद ही वह इस मुद्दे पर कोई बात करने की स्थिति में होंगे। समाजसेवी अनिल कुमार ने कहा कि आम आदमी के लिए यह हैरानगी की बात है जो भारी भरकम राशि कर के रूप में देता है, लेकिन नेता कर अदायगी नहीं करते। उन्होंने कहा कि हमारी तरह नेताओं को भी आयकर का भुगतान करना चाहिए।
86 लाख रुपये की कर अदायगी राज्य सरकार ने की है
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों की 86 लाख रुपये की कर अदायगी राज्य सरकार ने की है. इस बीच, राज्य के उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि वी पी सिंह के समय 1981 से एक कानून चला आ रहा है. जो भी किया जा रहा है, उस कानून के अनुरूप किया जा रहा है. शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में हम किसी भी ऐसे सुझाव पर विचार करेंगे कि इस बारे में क्या कुछ अच्छे से अच्छा किया जा सकता है.

भारतीय पासपोर्ट वाले एनआरआई को मिलेगा आधार कार्ड

लाल रंग के कपड़े में बजट, मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन ने कहा- यह बही-खाता हैपुरानी परंपरा को बदलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में रखने के बजाए एक लाल रंग के कपड़े में रखा है जिस पर 'अशोक चिन्ह' बना हुआ है. इस पर  मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन का कहना है कि वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है. यह एक भारतीय परंपरा है. यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है. यह बजट नहीं है, 'बही खाता' है. गौरतलब है कि 11 बजे निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है और इस बजट से जनता को काफी उम्मीदें हैं. लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को प्रचंड बहुमत मिला है तो इसमें सबसे बड़ा हाथ कल्याणकारी योजनाओं का भी रहा है. लेकिन इन योजनाओं के लिए पैसा काफी कम है और उम्मीद है कि इसमें फंड बढ़ाने की घोषणा होगी. लेकिन आर्थिक हालात और राजकोषीय घाटा कम करने का भी लक्ष्य रखा है, इसको देखते हुए सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती होगी.
परंपरा के मुताबिक बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की मुलाकात

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Rashtrapati Bhavan: As per tradition, Finance Minister Nirmala Sitharaman calls on President Ramnath Kovind before presenting the Union Budget
Budget 2019 Live Speech: बजट पेश करते वक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- भारत का कर्ज GDP के 5% से भी कमभारतीय पासपोर्ट वाले एनआरआई को मिलेगा आधार कार्ड
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है.  इस बार उन्होंने एक परंपरा से अलग हटते हुए बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में न लेकर एक लाल रंग के कपड़े में रखा और उसके ऊपर अशोक चिन्ह लगा था. इस पर सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन का कहना है कि वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है. यह एक भारतीय परंपरा है. यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है. यह बजट नहीं है, 'बही खाता' है. गौरतलब है कि पूरे देश में अलग अलग तबके के लोग काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि ज़ोरदार बहुमत के साथ आई सरकार उनके लिए कुछ न कुछ ज़रूर लाएगी. नौकरीपेशा लोग टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं. किसान, युवा, व्यापारी, सभी की नज़रे बजट पर होंगी.बजट में राजकोषीय घाटे को क़ाबू में रखने के साथ आर्थिक वृद्धि और रोज़गार बढ़ाने पर सरकार का ज़ोर रह सकता है. नौकरीपेशा लोगों के लिए आयकर के मोर्चे पर टैक्स स्लैब मे बदलाव की उम्मीद भी की जा रही है. वहीं बजट से उम्मीद लगाए बैठे शेयर बाजार भी हरे निशान के साथ खुला है और सेंसेक्स शुरुआत में ही 4 हजार से पार हो गया.
8 फीसदी की रफ्तार तक ले जाना है जीडीपी
फिलहाल हमारी विकास दर 7 फीसदी की है और 5 ट्रिलियन का लक्ष्य हासिल करने के लिए इसे 8 फीसदी की रफ्तार तक ले जाना होगा-इसके लिए निवेश काफ़ी बढ़ाना होगा और वित्तीय घाटे को भी नियंत्रण में रखना होगा जो फिलहाल 5.8 फ़ीसदी है. बजट से पहले आया आर्थिक सर्वेक्षण बता रहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में जितनी उम्मीद है उतनी ही चुनौतियां भी हैं. सरकार ने पांच साल में पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने का जो लक्ष्य तय किया है, उसके लिए कई अहम क़दम उठाने होंगे. 

बजट 2019 की बड़ी बातें

'नारी तू नारायणी'
वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार महिलाओं को  सशक्तिकरण करेगी क्योंकि महिलाओं के उत्थान के बगैर देश विकास नहीं कर सकता। सरकार अपनी योजनाओं के जरिए देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी और बढ़ाएगी।
9.6 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ
वित्त मंत्री ने कहा कि देश में दो अक्टूबर 2014 तक 9.6 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ है। 5.6 लाख गांव खुले में शौच से मुक्त हुए हैं। सरकार स्वच्छ भारत मिशन को और आगे बढ़ाएगी।
नए दूतावास खोले जाएंगे  
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि एवं प्रभाव बढ़ाने के लिए भारत उन देशों में अपने दूतावास एवं उच्चायोग की स्थापना करेगा जहां अभी तक दूतावास नहीं खोले जा चुके हैं।
रेलवे
रेलवे के विकास एवं उसकी सेवाओं में सुधार के लिए वित्त मंत्री ने सरकार  की प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने कहा है कि रेलवे में साल 2030 तक 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होगी। रेलवे के विकास के लिए पीपीपी मॉडल के जरिए निवेश किया जाएगा।
पेंशन
सरकार तीन करोड़ छोटे कारोबारियों एवं दुकानदारों को पेंशन का लाभ देगी। यह लाभ सलाना 1.5 करोड़ रुपए से कम टर्न ओवर वाले दुकानदारों को मिलेगा। दुकानदारों एवं छोटे कारोबारियों को यह लाभ प्रधानमंत्री करम योगी मन धन योजना के तहत मिलेगा।
अंतरिक्ष
अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश की पेशेवर क्षमता बढ़ाने के लिए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) का गठन किया जाएगा। यह संगठन इसरो के साथ मिलकर काम करेगा।
एफडीआई
वित्त मंत्री ने कई क्षेत्रों में एफडीआई बढ़ाने की बात कही है। आने वाले समय में उड्डयन, मीडिया, एनीमेशन और बीमा में एफडीआई बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। सरकार बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई पर भी होगा विचार।
सालाना 5 लाख रुपये से कम आय वालों पर कोई टैक्स नहीं
 अब रिटर्न पैन के अलावा आधार कार्ड से भी भरा जा सकेगा. 
- 45 लाख के घर पर अब 3.5 लाख रुपये ब्याज में छूट. इससे पहले 2 लाख थी. 
- इलेक्ट्रानिक गाड़ी  बनाने पर अब 1.50 लाख तक की छूट. 
- इलेक्ट्रानिक गाड़ियों पर जीएसटी 12 से  5 फीसदी. 
- 400 करोड़ तक की कंपनी पर 25 फीसदी तक का टैक्स का प्रस्ताव. 
- मैं आयकर दाताओं को धन्यवाद देती हूं. करदाताओं के पैसे से ही देश का विकास. डायरेक्ट टैक्स में बढ़ोत्तरी हुई है. पांच साल में 78 फीसदी प्रत्यक्ष टैक्स बढ़ा है. 
- पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 1 रुपया बढ़ा, सोने पर ड्यूटी 10 से 12.5 फीसदी हुआ
- वित्त मंत्री ने कहा- 45 लाख के घर पर अब 3.5 लाख रुपये ब्याज में छूट
- जो लोग ऊंची आय वाले हैं  5 करोड़ से ऊपर सालाना आय वालों पर अब 7 फीसदी  और 2 से 5 करोड़ की सालाना आय वालों पर 3 फीसदी और सरचार्ज

-बैंक से एक करोड़ से ऊपर निकालने पर 2 फीसदी टीडीएस लगेगा.
-1,2,5,10,20 रुपये के सिक्के जारी किए गए हैं. इनको जल्द ही जनता के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा.
- भारत का कर्ज जीडीपी से 5 फीसदी से कम भी है. 
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अब आरबीआई के नियंत्रण में रहेगी.
- सरकारी बैंकों का सफल पुनर्गठन किया जाएगा. सरकारी बैंकों को लोन के लिए 70 हजार करोड़ दिया जाएगा.
- कमर्शियल बैंकों का एनपीए 1 लाख करोड़ कम हुआ है. डोमेस्टिक क्रेडिट ग्रोथ 13 फीसदी तक बढ़ी है.
- 17 आइकॉनिक सैलानी जगहों का विकास किया जाएगा.
- इस साल 4 और दूतावास खोले जाएंगे. दुनिया में अपनी और पहुंच बढ़ाए जाने के कदम उठाए जाएंगे. 
- भारतीय पासपोर्ट वाले एनआरआई को मिलेगा आधार कार्ड.
- असंगठित क्षेत्र के कामगारों को लिए पेंशन दी जाएगी. 
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी एक सुनहरी कहानी है. नारी टू नारायणी हमारा मंत्र है. हमारी योजनाओं से महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिला है. एसएचजी से जुड़ी महिला को 5 हजार का ओवर ड्राफ्ट दिया जाएगा.
-  35 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे गए. 18341 करोड़ की बिजली बचाए गए. 
- सरकार श्रम कानूनों को दुरुस्त करेगी इसमें सुधार का प्रस्ताव. 4 नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. स्टार्ट अप के लिए दूरदर्शन में कार्यक्रमों की शुरुआत होगी.
- खेलो इंंडिया योजना के लिए नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड बनाया जाएगा ताकि खेलों को बढ़ावा दिया जा सकेगा.
- 2 आईआईटी और 1 आईआईएम दुनिया के 200 शीर्ष संस्थानों में शामिल हुए हैं. अब हम विदेशी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आकर्षित करेंगे. स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत होगी. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा. 
- स्कूल और कॉलेज स्तर बनाया जाएगा. नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाया जाएगा. सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आएगी. सभी मंत्रालयों का फंड एनआरएफ से जुड़ेगा. 
-  राजघाट पर राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र बनाया जाएगा. 
- 95 फीसदी शहर खुले में शौच से मुक्त हुए हैं. 47 लाख शहरी घरों का निर्माण शुरू हो गया है. भारत में तेज शहरीकरण एक अवसर है. 
- 2 करोड़ ग्रामीण डिजिटल साक्षर बनाए गए. डिजिटल साक्षरता को और बढ़ाया जाएगा. 
- स्वच्छ भारत अभियान ने देश की चेतना को छुआ है. 5.6 लाख गांव खुले में शौच से मुक्त हुए हैं.  1 करोड़ लोगों ने स्वच्छता ऐप लांच किया है. 
- 2022 तक जल जीवन मिशन में हर घर में जल पहुंचाने का लक्ष्य.
-हजार दिन में रोज 135 किमी सड़क बनाई जाए. 
-जीरो बजट खेती की ओर लौटने का लक्ष्य.
-एविएशन, मीडिया, एनिमेशन, एवीजीसी और इंश्योरेंस में 100 फीसदी एफडीआई के बारे में विचार किया जाएगा. 
- एक लाख किमी तक सड़कों को बेहतर किया जाएगा.
- इसरो के लिए नई कंपनी-न्यू इंडिया स्पेस लिमिटेड
- अंतरिक्ष में भारत की क्षमता बढ़ाने पर जोर है. 
- मछली उद्योग ग्रामीण भारत के लिए अहम है. 
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में ग्रीन तकनीकी.
- उज्जवला योजना की वजह से देश की महिलाओं को धुएं से छुटकारा मिला है, हमने महिलाओं के सम्मान के लिए शौचालय बनवाएं 
- पीएम आवास योजना के तहत 1.5 करोड़ घर बनाए गए. अगले दो साल 1.95 करोड़ घर बनाने की योजना
-गांव, गरीब और किसान हर कार्यक्रम के केंद्र बिंदु.  2022 तक हर ग्रामीण के घर में बिजली पहुंच जाएगी. 
- हमारी अर्थव्यवस्था 2014 में 1.85 खरब डॉलर से 2.7 खरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंची, हम अगले कुछ वर्षों में बहुत अच्छी तरह से 5 खरब डॉलर तक पहुँच सकते हैं 
-PSU की जमीनों पर सस्ती हाउसिंग योजना का प्रस्ताव
- NRI के लिए विदेशी निवेश पोर्टफोलियो.
-रेलवे में पीपीपी मॉडल के लिए विकास पर जोर
-  बीमा मध्यस्थों के लिए 100 फीसदी विदेशी निवेश. हम भारत में और विदेश निवेश को बढ़ावा देंगे. 
- नई योजनाएं व्यापार को और बढ़ावा देंगी.  भारत में अभी तक मजबूत विदेशी निवेश रहा है.
- सामाजिक संस्थाओं के भी स्टॉक एक्सचेंज में जगह. सोशल स्टॉक एक्सचेंज बनाया जाएगा.  
- बाहरी निवेशकों के लिए आसान KYC बनाया जाने का प्रस्ताव. 
- हमारी कोशिश है कि बिना किसी अड़चन के निवेश का बढ़ावा दिया जाए.
-MSME के ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा.
- तीन करोड़ का दुकानदारों को पेंशन दी जाएगी. लघु एवं उद्योगों के लिए तुरंत लोन देने की भी नीति
- रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए भी नीति. 2020 में जलमार्ग के दो और टर्मिनल बनाने की तैयारी
- बुनियादी ढांचें में बड़ा निवेश की जरूरत है. हर साल 20 लाख करोड़ निवेश की जरूरत
-बिजली के लिए वन नेशन, वन ग्रिड की बात शुरू की गई है.
- देश में लाइसेंस राज खत्म हो गया है. केंद्रीय बजट 2019 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जीएसटी-पंजीकृत एमएसएमई के लिए आवंटित 350 करोड़ हैं.
- इलेक्ट्रिक वाहनों पर अब सरकार का जोर है. तीन साल में 10 हजार करोड़ खर्च किया जाएगा.
-शहरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बीच खाई कम हुई है. 
- 300 किलोमीटर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई. जलमार्ग प्रोजेक्ट से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. 
-पीएम ग्राम सड़क योजना से कनेक्टिविटी बढ़ी मिली है.  भारत माला, सागर माला परियोजनाओं, उड़ान योजनाओं के जरिए भौतिक संबंद्धता को बढ़ावा मिला है
- रोजगार बढ़ाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है. भारतीय उद्योग अब रोजगार पैदा कर रहे हैं.  हमने अपनी योजनाओं को लागू किया है. 
-  बड़े सुधारों से आम आदमी की सेवा की जा रही है.
- मुद्रा योजना से आम आदमी की हालत में बदलाव किया है.
-  इसी साल 3 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था हो जाएगी.
- प्रदूषण रहित भारत बनाने की कोशिश है. 
- 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है
-  यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है. 
- काम करने वाली सरकार को मिला है बहुमत. एक स्थिर भारत के लिए मिला है जनादेश. हमें पूर्ण बहुमत मिला है.इस चुनाव में मतदान का प्रतिशत सबसे अधिक रहा, सभी वर्गों के मतदाताओं का साथ मिला: वित्त मंत्री
लघु उद्योग को मिलेगा 350 करोड़ का लोन 
निर्मला सीतारमण  ने का है कि जीएसटी रजिस्ट्रर्ड  छोटे और लघु उद्योग को लोन देने के लिए 350 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। ये लोन दो फीसदी की बयाज दर पर दिया जाएगा। इसके अलावा सबको घर देने की योजना पर काम जारी है
रियल एस्टेट सेक्टर को सहारा, मकान, प्रॉपर्टी को लेकर मोदी सरकार ने किए अहम ऐलान
मोदी सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह लोगों को किफायती आवास मुहैया कराने की अपनी नीति को जारी रखेगी। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (शुक्रवार, 5 जुलाई) संसद में वित्‍त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए आने वाले समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत 1.95 करोड़ मकान बनाने का प्रस्‍ताव रखा।
वित्‍त मंत्री ने यह भी कहा कि मकानों के निर्माण कार्य को पूरा करने की अवधि जो 2015-16 में 314 दिनों की थी, वह 2017-18 में घटकर 114 हो गई, जिससे सरकार को पीएमएवाय के तहत अपने लक्ष्‍यों को पूरा करने में मदद मिली। सरकार की इस घोषणा से रियल स्‍टेट जगत की उन कंपनियों को फायदा मिलेगा, जो किफायती दर पर लोगों को मकान उपलब्‍ध करा रही हैं।
क्या आपको पता है? 
संसद में बजट पेश करने वाली पहली महिला इंदिरा गांधी थी. सबसे लंबा बजट भाषण पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2014 में दिया था और  मोरारजी देसाई ने सबसे ज़्यादा 10 बजट पेश किए हैं

Income Tax में बड़ी राहत, इस तरह आपकी 7 लाख से ज्यादा की कमाई होगी टैक्स फ्री

मोदी सरकार ने आज (01-02-2019) अपने कार्यकाल का अंतिम बजट पेश किया। इस अंतरिम बजट को अंतिरम वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने पेश किया क्योंकि वित्त मंत्री अरुण जेटली की तबीयत खराब होने की वजह से वे अपने इलाज के लिए अमेरिका में हैं। पीयूष गोयल ने बजट पेश करते हुए कहा कि हमने ग्रोथ बढ़ाया, वित्तीय घाटा कम किया, देश में निवेश बढ़ा, महंगाई को काबू में किया। महंगाई घटने से लोगों का खर्चा 40% कम हुआ। भारत दुनिया में छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी। साथ ही उन्होंने किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए। लोकसभा चुनाव करीब है इसलिए बजट में किसानों पर अत्यधिक ध्यान दिया गया। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने हेतु सभी 22 फसलों का एमएसपी लागत से 50 प्रतिशत अधिक किया है। छोटे और सीमांत किसान की आय तेज गति से बढ़े इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (प्रधानमंत्री किसान योजना) शुरू की जाएगी।
पीयूष गोयल ने कहा, दो एकड़ वाले किसान के बैंक खाते में डायरेक्ट 6 हजार रुपए सालाना दिए जाएंगे। इससे 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा। यह स्कीम एक दिसंबर 2018 से लागू किए जाएंगे।  चुनाव से पहले पहली किस्त 2000 रुपए मिलेंगे। गौ माता के लिए कामधेनु योजना शुरू की जाएगी।  इसके तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपए की सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए किसानों के बैंक खाते में प्रदान की जाएगी। यह राशि उन्हें 2,000-2,000 रुपए की तीन किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त अगले महीने की 31 तारीख तक किसानों के खातों में डाल दी जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे सीमान्त किसानों को लाभ होगा।  इस योजना का लाभ दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को मिलेगा। किसानों का कर्ज 11 लाख 68 हजार करोड़ बढ़ गया है। 
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जब बजट लीक हो गया था 
स्वतंत्र भारत का पहला बजट तत्कालीन वित्त मंत्री आर.षणमुगम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 में पेश किया था। वहीं, साल 1950 में पेश होने वाला बजट लीक हो गया था।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार केंद्रीय बजट एक वर्ष में सरकार की अनुमानित आमदनी और खर्च का लेखाजोखा होता है। बजट के इतिहास की बात करें तो 1950 में पेश होने वाला बजट लीक हो गया था। इस पर सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए बजट की प्रिंटिंग प्रेस की जगह को बदल दिया था। 
बजट लीक होने के बाद से ये मिंटो रोड स्थित एक प्रेस में छपने लगा था। हालांकि साल 1980 में बजट की प्रिंटिंग को पूरी तरह से बदल दिया गया। इसके बाद से ही बजट नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में रखी प्रिंटिंग मशीन में बजट की छपाई होती है। बजट की घोषणा के दो दिन पहले ही प्रिंटर्स को बजट थमाया जाता है।
एक हफ्ते बंद रहते हैं अधिकारी 
बजट से संबंधित दस्तावेजों की छपाई की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले नॉर्थ ब्लॉक में एक 'हलवा सेरेमनी' होती है। इसमें वित्तमंत्री द्वारा बजट से संबंधित सभी मंत्रियों और अधिकारियों के बीच हलवा बांटा जाता है। इस समारोह के बाद बजट की तैयारियों से संबंधित सभी सरकारी अधिकारियों को मोबाइल या इंटरनेट के बिना एक अज्ञात कमरे में बंद कर दिया जाता है। ये अधिकारी उस कमरे से बाहर तब-तक नहीं आते जब तक कि वित्तमंत्री बजट पेश के लिए तैयार नही हो जाते हैं। 
संसद में ऐसे पेश होता है बजट 
बजट पेश करने की तारीख पर सरकार स्पीकर की सहमति लेती है। इसके बाद लोकसभा सचिवालय के महासचिव राष्ट्रपति की मंजूरी ली जाती हैं। वित्त मंत्री लोकसभा में बजट पेश करते हैं।  बजट पेश करने से ठीक पहले वह 'समरी फॉर द कैबिनेट' के जरिए बजट के प्रस्तावों पर कैबिनेट को संक्षेप में बताते हैं। 
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बजट 2018-19 में किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए थे। कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए 1400 करोड़ रुपए,  42 मेगा फूड पार्क बनाए जाना, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य, 2000 करोड़ रुपए की लागत से कृषि बाजार तैयार करना, गांवों में 22 हजार हाटों को कृषि बाजार में तब्दील करने का फैसला। उपज पर लागत से डेढ़ गुना अधिक दाम मिले, खरीफ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को 1.5 गुना, नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख रुपए तक का हेल्थ बीमा का ऐलान किया गया था। सौभाग्य योजना के तहत चार करोड़ गरीब घरों को मुफ्त बिजली देने का ऐलान हुआ था। मछुआरों और पशुपालकों को भी किसानों की तरह क्रेडिट कार्ड देने का ऐलान। मछली पालन और पशुपालन व्यवसाय में 10000 करोड़ रुपए देकर ग्रामीण क्षेत्रो में जनता की आय बढ़ाने की कोशिश करने का ऐलान हुआ था।
हाल में बीजेपी को मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में हार का मुंह देखना पड़ा था। माना जा रहा है कि बीजेपी की हार में किसानों और ग्रामीण वोटरों की नाराजगी प्रमुख कारण थी। ऐसे में लगातार इस तरह की चर्चा चल रही थी कि सरकार बजट में किसानों को राहत के लिए कुछ बड़ी घोषणा कर सकती है। 
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है। यदि कोई करदाता किसी सरकार की विशेष कर बचत योजना में निवेश करता है तो उसके लिए प्रभावी कर मुक्त आय की सीमा एक साल में 6.5 लाख रुपये होगी।  स्टैंडर्ड डिडक्शन- 40 लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दी गई है और महिलाओं को बैंक से 40 हजार रुपये तक के कर्ज पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
80 सी के तहत आप पीपीएफ. एनएससी, नेशनल हाउसिंग बैंक. पोस्ट ऑफिस में जमा तथा सुकन्या समृद्धि योजना और मूच्यूअल फंड में निवेश कर 1.5 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त कर सकते हैं। इस तरह आप पांच लाख रुपये के अलावा अगर ये 1.5 लाख रुपये जोड़ते हैं तो आपकी सीमा 6.5 लाख रुपये हो जाएगी। एनपीएस, चिकित्सा बीमा और आवास ऋण के ब्याज भुगतान को जोड़ने पर यह सीमा सात लाख रुपये से अधिक हो जाएगी।
इसके अलावा मानक कटौती की सीमा को भी 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 करने का प्रस्ताव किया गया है।  गोयल ने लोकसभा में 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि इस प्रस्तवा से मध्यम वर्ग के तीन करोड़ करदाताओं को लाभ होगा। आयकर छूट की सीमा को दोगुना करने से सरकारी खजाने पर 18,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। वित्त मंत्री ने बैंकों और डाक खाकघर की बचत योजनाओं पर मिलने वाले सालना 40000 रुपये तक के ब्याज को स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) से छूट दे दी है। अभी छूट 10000 रुपये तक के ब्याज पर थी।
श्रमयोगी मानवधन योजना के तहत 15 हजार रुपये तक कमाने वाले 10 करोड़ श्रमिकों को लाभ मिलेगा. योजना के लिए हर महीने 55 रुपये देने होंगे. योजना का फायदा रिक्शे वाले और कचरे बीनने वाले को भी मिलेगा. पेंशन योजना के लिए शुरुआत में 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया. पेंशन योजना का फायदा 10 करोड़ लोगों को मिलेगा. पेंशन योजना की शुरुआत इसी वर्ष से की जाएगी. प्रधानमंत्री श्रम धन मानव धन योजाना के तहत 29 साल की उम्र में कामगार को 60 साल तक 100 रुपये देने होंगे.
  1. सरकार ने इनकम टैक्‍स स्‍लैब में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए 5 लाख तक की इनकम पर टैक्‍स छूट का प्रस्‍ताव रखा, जिसकी सीमा अब तक 2.5 लाख रुपये थी। इससे 3 करोड़ मध्‍यम वर्ग के परिवारों को फायदा मिलेगा।
  2. सरकार ने स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन को भी 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की बात कही। वहीं, सरकार ने बैंकों में एफडी के ब्‍याज पर 40 हजार तक कोई टैक्‍स नहीं लगने की घोषणा की, जिसकी सीमा अब तक 10 हजार रुपये थी।
  3. वित्‍त मंत्री ने छोटे-सीमांत किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2 हेक्‍टेयर वाले किसानों के खाते में सालाना सीधे 6 हजार रुपये जाएंगे। यह योजना 1 दिसंबर, 20018 से लागू होगी। सरकार की इस योजना से करीब 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा।
  4. गायों के लिए सरकार कामधेनु योजना शुरू करेगी। मछली पालन के लिए भी आयोग बनेगा। पशुपालन और मत्‍स्‍यपालन के लिए लिए जाने वाले कर्ज में 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
  5. सरकार ने कामकाजी लोगों के लिए अहम घोषणा करते हुए कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशें जल्‍द लागू की जाएंगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना आसान बनाई जाएगी।
  6. सरकार ने 21 हजार मासिक से कम वेतन पर काम करने वाले कामगारों को 7 हजार रुपये का बोनस देने की बात कही है। साथ ही ग्रेच्‍युटी की सीमा बढ़ाकर 20 लाख किए जाने का ऐलान किया गया।
  7. प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई है, जिसका लाभ 15 हजार कमाने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। कामगार की आकस्मिक मृत्‍यु की स्थिति में 6 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है।
  8. सरकार ने अहम घोषणा करते हुए कहा कि जिनका ईपीएफ कटता है, उन्‍हें 6 लाख रुपये का बीमा प्रदान किया जाएगा।
  9. महिलाओं को ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने अहम घोषणा करते हुए कहा कि सरकार 6 करोड़ महिलाओं को उज्‍जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्‍शन दे चुकी है। इस योजना के तहत महिलाओं को 8 करोड़ और एलपीजी कनेक्‍शन दिए जाएंगे।
  10. बजट पेश करते हुए वित्‍त मंत्री ने कहा कि देशभर में लोगों को उम्‍दा स्‍वास्‍थ्‍य सेवा मुहैया कराने के लिए दिल्‍ली के एम्‍स की तर्ज पर एम्‍स बनाए जा रहे हैं। इसी के तहत हरियाणा में देश का 22वां एम्स शुरू होने जा रहा है।
इससे पहले वित्‍त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि उनकी सरकार ने कमरतोड़ महंगाई की कमर तोड़ दी। उन्‍होंने महंगाई को गरीबी पर टैक्स की तरह बताया। बजट भाषण के दौरान वित्‍त मंत्री ने एक बार फिर 2022 तक सभी लोगों को घर देने की बात कही। वित्‍त मंत्री ने कहा कि 2014 तक देश में लगभग ढ़ाई करोड़ परिवार बिना बिजली के थे, पर सौभाग्य योजना से सरकार ने कई घरों में बिजली का मुफ्त कनेक्शन उपलब्ध कराया। मार्च 2019 तक सभी घरों को बिजली मिल जाएगी।(एजेंसीज इनपुट)