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राँची के RSS के दफ्तर पर देर रात पेट्रोल बम से अटैक, बम फेंकने का CCTV फुटेज आया सामने

                                  देर रात RSS के दफ्तर पर बम फेंकते दिखे लोग (फोटो साभार: X/@ANI)
पेट्रोल के दाम बढ़ने पर शोर मचाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने वालों से पूछो 'क्या पेट्रोल 50 रूपए सस्ता हो गया है?' जो पेट्रोल बम फेंके जा रहे हैं।  
झारखंड की राजधानी राँची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया है। निवारणपुर स्थित संघ कार्यालय पर मंगलवार (16 जून 2026) देर रात दो अज्ञात युवकों ने पेट्रोल बम फेंका। हालाँकि, दोनों बोतलें कार्यालय परिसर के अंदर नहीं पहुँच सकीं जिससे बड़ा हादसा टल गया। यह घटना रात करीब 12:36 बजे की बताई जा रही है।

घटना की जानकारी बुधवार सुबह उस समय हुई जब स्वयंसेवक कार्यालय परिसर में पहुँचे। परिसर के बाहर संदिग्ध बोतलें मिलने पर CCTV फुटेज की जाँच की गई और उसमें दो युवक पेट्रोल बम फेंकते हुए दिखाई दिए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

पुलिस की प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि हमलावरों ने चिली सॉस की काँच की बोतलों में पेट्रोल भरकर उन्हें पेट्रोल बम की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की। पहला बम फेंके जाने के दौरान उसमें लगी जलती हुई सुतली जमीन पर ही गिर गई, जिससे वह प्रभावी नहीं हो सका। दूसरा बम भी कार्यालय की बाउंड्री पार नहीं कर पाया और बाहर ही गिर गया। इस कारण कार्यालय को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुँचा है।

घटना के समय कार्यालय परिसर में प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा, प्रांत सह व्यवस्था प्रमुख आनंद तुलस्यान, प्रांत कार्यालय प्रमुख नरसिंह सिंह समेत कई स्वयंसेवक, विद्यार्थी और कर्मचारी मौजूद थे। घटना की जानकारी मिलते ही केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी तथा भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता कार्यालय पहुँचे।

बाबूलाल मरांडी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलावर किसी वाहन से आए थे और घटना की गहन जाँच की जानी चाहिए। वहीं रांची पुलिस ने कहा है कि मामले की जाँच के लिए एफएसएल समेत कई टीमों को लगाया गया है। CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना में शामिल लोगों को पकड़ लिया जाएगा।

बंगाल : स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में ममता सरकार फिर एक्सपोज, शिक्षा मंत्री के बाद अब एक और TMC विधायक लपेटे में आया

                                                                                                                                          साभार 
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी के पाप एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ममता बनर्जी के करीबी शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के बाद अब एक और टीएमसी जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार किया है। इससे पहले टीएमसी विधायक माणिक भट्टाचार्य भी ईडी के फंदे में फंस चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने स्कूल भर्ती घोटाले मामले में TMC विधायक जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार कर लिया। ED की टीम रेड के लिए पहुंची थी, लेकिन विधायक को इसकी जानकारी मिल गई। वे रेड के पहले दीवार फांदकर भागने की कोशिश करने लगे। इस दौरान साहा ने मोबाइल फोन भी नाले में फेंक दिया, जिसे ED ने बरामद कर लिया है। विधायक की गिरफ्तारी के समय की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं। एक फोटो में कीचड़ में सने नजर आ रहे हैं। जीवन कृष्ण साहा मुर्शिदाबाद के बुरवान से विधायक हैं।

ममता बनर्जी की घोटालों की सरकार की कलई खुलने लगी

पश्चिम बंगाल में घोटाले का यह कोई पहला मामला नहीं है। ममता बनर्जी की घोटालों की सरकार की कलई खुलने लगी है। बंगाल में बनर्जी के सीएम रहते शारदा स्कैम, रोज वैली स्कैम, नारदा स्कैम, पोंजी स्कैम और रिक्रूटमेंट स्कैम जैसे कई घोटाले हुए हैं। हाला यह हैं कि एक भी रिक्रूटमेंट प्रोसेस भ्रष्टाचार के बिना पूरी नहीं हुआ। ताजा रिक्रूटमेंट घोटाले में पश्चिम बंगाल के उद्योग और वाणिज्य मंत्री रहे पार्थ चटर्जी, उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी, शिक्षा राज्य मंत्री परेश सी अधिकारी, विधायक और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के नाम सामने आए हैं। मंत्री और अर्पिता जेल में बंद हैं और दूसरे घोटालों की हाईकोर्ट जांच कर रहा है।
एजेंसियां पता लगा रहीं कि ममता बनर्जी ने किन-किन पर अपनी ‘ममता’ लुटाई
ममता के करीबी मंत्री के बाद अब सीएम के भाइयों पर करोड़ों कमाने और आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगे हैं। ममता के बेहद खास कहे जाने वाले और कभी तृणमूल कांग्रेस में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से 51 करोड़ रुपए बरामद हो चुके हैं। टीचर्स रिक्रूटमेंट स्कैम में पार्थ और अर्पिता जेल में बंद हैं। अब कोलकाता हाईकोर्ट में लगी पिटीशन में साफ-साफ कहा गया है कि तृणमूल कांग्रेस के 2011 में सत्ता में आने के बाद से बनर्जी परिवार की संपत्ति बेहिसाब बढ़ी। सीएम ममता बनर्जी के पांच भाइयों और एक भाभी पर आय से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप लगे हैं। हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को 11 नवंबर तक एफिडेविट जमा करने के आदेश दिए हैं।
तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से बनर्जी परिवार की संपत्ति में बेशुमार इजाफा
कोलकाता हाईकोर्ट में लगी एक नई पिटीशन में अब सीएम ममद बनर्जी का परिवार ही निशाने पर है। पिटीशन में ममता के भाइयों पर आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से बनर्जी परिवार की संपत्ति में बेशुमार इजाफा होकर यह कई गुना बढ़ी है। पिटीशन में कहा गया है कि कोलकाता की हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर ज्यादातर प्रॉपर्टी बनर्जी परिवार की हैं। ममता की भाभी कजरी बनर्जी पर कई प्रॉपर्टी मार्केट रेट से कम कीमत में खरीदने का आरोप है। भतीजे अभिषेक बनर्जी कई कंपनियों में डायरेक्टर हैं।
ममता बनर्जी के CM बनने के बाद बंगाल में स्कैम की बाढ़ 
पिटीशन में ममता और उनके परिवार पर लगे आरोप लगे हैं कि 2011 से ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री हैं। इस दौरान शारदा स्कैम, रोज वैली स्कैम, नारदा स्कैम, पोंजी स्कैम और रिक्रूटमेंट स्कैम हुए। एक भी रिक्रूटमेंट प्रोसेस भ्रष्टाचार के बिना पूरी नहीं हुआ। इन घोटालों में तृणमूल कांग्रेस के कई नेता अरेस्ट भी हुए। पॉलिटिकल लीडर्स और मीडिया ने ममता बनर्जी के फैमिली मेंबर्स की बेहिसाब संपत्ति पर खुलासे किए। गनाशक्ति नाम के बांग्ला अखबार ने दावा किया कि कोलकाता की हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर ज्यादातर प्रॉपर्टी बनर्जी परिवार की हैं।
पार्थ ने भ्रष्टाचार के पैसे से अर्पिता को थाइलैंड और फुकेट घुमाकर खूब ऐश कराई

पश्चिम बंगाल के रिक्रूटमेंट घोटाले के मास्टरमाइंड ममता के मंत्री और अर्पिता के बारे में जांच एजेंसी ईडी ने नए खुलासे किए हैं। पार्थ ने सारे नियम-कानूनों को किनारे रखकर अपनी करीबी अर्पिता पर करोड़ों रुपये न्यौछावर कर दिए। इतना ही नहीं पार्थ ने अपनी.पत्नी के करोड़ों के शेयर भी अर्पिता को अर्पित कर दिए। उसे भ्रष्टाचार के पैसे से थाइलैंड और फुकेट घुमाकर खूब ऐश कराई। विदेश यात्रा से वापस आकर उसने अर्पिता को दो लग्जरी गाड़ियां भी दीं। घोटालेबाज मंत्री अर्पिता पर इतना मेहरबान था कि उसकी बहन को सरकारी नौकरी तक दिला दी।

 तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी घोटाले का मास्टरमाइंड

कई घोटालों में लिप्त पश्चिम बंगाल सरकार का यह करोड़ों रूपये का घोटाला है। इसकी जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पुख्ता इनपुट मिलने के बाद ममता बनर्जी सरकार में शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया। तब घोटाले के मास्टरमाइंड पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के दो घरों से करीब 50 करोड़ रपये कैश बरामद किए गए थे। छापे में उस समय इसके साथ ही 5 किलो से ज्यादा सोना और दस्तावेज भी मिले थे। इतनी बड़ी धनराशि कहां से आई, इसके सोर्स के बारे में पार्थ और अर्पिता कुछ भी सही-सही नहीं बता पाए थे। उनसे पूछताछ के बाद ईडी ने टीएमसी विधायक माणिक भट्टाचार्य से गिरफ्तार कर लिया। माणिक भट्टाचार्य स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में गिरफ्तार होने वाले ममता बनर्जी की पार्टी के दूसरे नेता हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी TMC विधायक साहा व रिश्तेदार आरोपी
अब ईडी की जांच से रडार पर टीएमसी के एक और विधायक जीवन कृष्ण साहा भी आ गए। ईडी की तरफ से दर्ज किए गए मनी लॉन्ड्रिंग केस में TMC विधायक साहा, उनके रिश्तेदार और सहयोगी आरोपी हैं। ईडी की टीम एक व्यक्ति को लेकर साहा के घर पहुंची थी। स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े बीरभूम के एक व्यक्ति ने पैसों की लेन-देन की सूचना मिलने के बाद साहा के परिसरों की तलाशी ली। ED की टीम ने बीरभूम के उस व्यक्ति के साथ साहा के घर पर छापा मारा। इससे पहले, ED ने साहा की पत्नी से भी पूछताछ की थी। साहा को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की जांच के लिए उनकी हिरासत मांगी जाएगी।
शिक्षक भर्ती घोटाला केस में ED दायर कर चुकी 4 चार्जशीट
साहा को CBI ने भी 2023 में इसी घोटाले से जुड़े आरोप में गिरफ्तार किया था और बाद में रिहा कर दिया गया था। यह मामला CBI की उस FIR से उठा, जिसे कलकत्ता हाईकोर्ट ने 9वीं से 12वीं के सहायक शिक्षकों और प्राइमरी टीचर्स की भर्ती में अनियमितताओं की जांच करने का निर्देश दिया था। ED ने इससे पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी, टीएमसी विधायक और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया था।
नौकरी के बदले रिश्वत लेकर घोटालेबाजों ने करोड़ों कमाए
गिरफ्तारी के बाद चटर्जी को टीएमसी ने निलंबित कर दिया था। इस मामले में अब तक ईडी 4 चार्जशीट दाखिल कर चुके हैं। ईडी ने पहली चार्जशीट 19 सितंबर 2022 को दाखिल की थी। इसमें पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी का नाम शामिल था। चार्जशीट के अनुसार, इन दोनों के पास 103.10 करोड़ रुपए की नकदी, गहने और अचल संपत्ति (जमीन-जायदाद) का पता लगा था। कहा गया कि यह राशि इन्होंने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से बनाई गई थी। जांच में नौकरी के बदले रिश्वत लेने की बात भी सामने आई थी।


पिछले 6 सालों से दिल्ली में अवैध रूप से रह रही थी 28 साल की बांग्लादेशी सोनाली शेख, पकड़ कर वापस भेजा गया: घुसपैठियों का फर्जी कागजात बनाने वाले 11 भी दबोचे गए

दिल्ली दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी-नारकोटिक्स यूनिट ने 28 वर्षीय अवैध बांग्लादेशी महिला सोनाली शेख को शुक्रवार (27 दिसंबर 2024) को हिरासत में लेकर बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया। पुलिस के अनुसार, सोनाली पिछले 6 सालों से भारत में अवैध रूप से रह रही थी, जिससे विदेशी अधिनियम का उल्लंघन हो रहा था।

जब दिल्ली CAA विरोध में शाहीन बाग बना हुआ था तभी से चर्चा गर्म थी कि इस जमावड़े में देश में अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और रोहिंग्यों की भीड़ है। लेकिन दिल्ली सरकार से लेकर केंद्र सरकार किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन अब दिल्ली में चुनाव आने पर कार्यवाही होना दोनों सरकारों पर सवाल खड़े करता है। आखिर इन अवैथ घुसपैठियों को किन नेताओं और पार्टियों की शय पर लाया जाता है और सीमाओं पर कौन इनको अंदर आने में मदद करने वालों पर क्यों नहीं कार्यवाही की जाती? जब तक इस देशद्रोहियों पर कार्यवाही नहीं होगी ये गोरखधंधा बंद नहीं होगा। कोई अधिकारी अपने आपसे जोखिम लेकर घुसपैठियों का आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आईडी नहीं बना सकता।    

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं की तलाश के दौरान की गई। एलजी विनय सक्सेना के आदेश पर पुलिस ने हाल ही में 175 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया था। जाँच में इनकी फर्जी पहचान के दस्तावेज पाए गए।

दिल्ली पुलिस ने इसके पहले मंगलवार को 11 लोगों को गिरफ्तार किया था, जो अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को फर्जी वोटर आईडी और आधार कार्ड मुहैया कराते थे। इनमें 5 बांग्लादेशी और 6 स्थानीय लोग शामिल थे।

पुलिस का कहना है कि जिन लोगों के पास भारतीय दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें जाँच के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत डिपोर्ट किया जाएगा। अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

कांग्रेस नेता शशि थरूर का PA गोल्ड स्मगलिंग में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार

कांग्रेस के दिग्गज नेता व तिरुवनंतपुरम सीट से सांसद शशि थरूर के पर्सनल असिस्टेंट शिव कुमार सोना तस्करी मामले में गिरफ्तार हुए हैं। कस्टम विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई बुधवार (29 मई 2024) देर शाम दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर की है।

जिस समय कस्टम विभाग ने शिव कुमार को धरा उस समय वह दुबई से लौटे थे और अपने ही किसी विदेश से लौटे परिचित से सोने का हैंडओवर ले रहे थे। इसी बीच कस्टम विभाग ने शिव कुमार को पकड़ने की अपनी कार्रवाई की।

समाचार एजेंसी एएनआई पर सूत्रों से दी गई जानकारी में कहा गया है कि इस मामले में 2 गिरफ्तारी हुई है। इनमें एक शशि थरूर का पीए का है। वहीं इनके पास से कुल 500 ग्राम सोना बरामद हुआ है।

खबरों के अनुसार, अपने परिचित से शिव कुमार जो सोना ले रहे थे उसकी कीमत 55 लाख रुपए थी। जब एयरपोर्ट पर ग्रीन चैनल पर कस्टम विभाग ने उन्हें पकड़कर इस सोने के बारे में पूछा तो वो कोई पुख्ता जानकारी भी नहीं दे पाए। इस के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

मालूम हो कि इससे पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर गोल्ड स्मगलिंग के अक्सर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। पिछले हफ्ते भी सोने की तस्करी के केस में कस्टम ने 5 उज्बेक नागरिकों को पकड़ा था। सभी आरोपित दुबई से आ रहे थे और डोमेस्टिक टर्मिनल से बाहर निकलने की कोशिश में थे। हालाँकि कस्टम विभाग ने इन्हें पकड़ लिया और अधिक चौकन्ना हो गए। शिव कुमार की जाँच भी इसी सतर्कता के चलते हुई और पता चला कि उन्होंने तय सीमा से ज्यादा सोन लिया हुआ है।

होंठों पर लाली-हाथों में कंगन, चेहरा पुता-नाखून रंगा… 34 साल की गर्लफ्रेंड की जगह परीक्षा दे रहा था 26 साल का बॉयफ्रेंड

                                                                                                                साभार: Cow Mumma/X
पंजाब के फरीदकोट में अपनी गर्लफ्रेंड के बदले परीक्षा दे रहे एक युवक को पकड़ा गया है। लड़की दिखने के लिए उसने ना सिर्फ सलवार-कमीज पहनकर ना सिर्फ महिला का वेश बना रखा था, बल्कि माथे पर बिंदी और होंठों पर लिपस्टिक भी लगा रखा था। उसने लड़की की गेटअप में आधार और वोटर कार्ड आदि भी बनवा रखा था। अंग्रेज सिंह नाम के इस युवक की महिला के गेटअप में तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

जानकारी के अनुसार, पंजाब के फजिल्का का रहने वाला अंग्रेज सिंह फरीदकोट में बाबा फरीद विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक परीक्षा में शामिल होने आया था। यहाँ वह अपनी गर्लफ्रेंड परमजीत कौर बन कर परीक्षा दे रहा था। हालाँकि, उसके हावभाव को देखकर शंका हुई और पूछताछ के बाद उसे पकड़ लिया गया।

किसी को शक ना हो इसके लिए अंग्रेज सिंह ने चूड़ियाँ पहन रखी थी और माथे पर बिंदी भी लगा रखी थी। यहाँ तक कि होंठों पर लिपस्टिक और हाथों में नेल पॉलिश लगाकर भी पहुँचा था। उसने दाढ़ी-मूँछें क्लीन करा रखी थीं और मेकअप भी लगा रखा था। परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से बचने के लिए उसने सिर पर टोपी पहन रखा और शरीर पर शॉल ओढ़ रखा था।

हालाँकि, उसकी योजना परवान नहीं चढ़ सकी दरअसल, इस परीक्षा में लोगों के अंगूठे के निशान को मिलाया जा रहा था। जब उसकी बारी आई तो उसका फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो पाया। इसके बाद यहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मियों को उस पर शक हुआ। जब जाँच हुई तो पता चला कि वह लड़की नहीं, बल्कि लड़का है और अपनी गर्लफ्रेंड की जगह पर परीक्षा देने आया है।

26 साल के अंग्रेज सिंह ने अपनी गर्लफ्रेंड का फर्जी मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड भी बनवा रखा था, जिसमें नाम तो उसकी गर्लफ्रेंड परमजीत कौर का था, लेकिन तस्वीर लड़की की वेश-भूषा में उसकी लगी हुई थी। इन फर्जी दस्तावेजों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। दरअसल, 34 साल की परमजीत कौर पहले भी इस परीक्षा को दे चुकी थी, वह पास नहीं कर पाई थी।

पुलिस ने बताया कि अंग्रेज सिंह को गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि, जमानत पर उसे छोड़ दिया गया है। फरीदकोट विश्वविद्यालय द्वारा इस मामले में FIR दर्ज करवाई गई है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “एक शख्स सिर्फ अपनी गर्लफ्रेंड के लिए इतना जोखिम उठा सकता है?” बता दें कि फरीदकोट और फिरोजपुर के 26 केंद्रों पर आयोजित इस भर्ती परीक्षा में 7,500 उम्मीदवार उपस्थित हुए थे।


हिंदू से मुस्लिम बने, फिर भारत को ‘इस्लामी मुल्क’ बनाने के मिशन पर ; ओवैसी के कॉलेज में नौकरी पा बन गया ‘जहर का प्रोफेसर’

मध्य प्रदेश ATS द्वारा गिरफ्तार आतंकी इस्लामी संगठन हिज्ब उत् तहरीर (HUT) के कुल 16 सदस्यों को ले कर नए खुलासे हुए हैं। इन 16 में से 8 सदस्य ऐसे हैं जो पहले हिंदू थे जिनका ब्रेनवाश कर के उन्हें मुस्लिम बना दिया गया। इस संगठन के कुछ सदस्यों ने हिंदू लड़कियों से शादी कर के उन्हें भी इस्लाम कबूल करवाया है। HUT का प्रमुख सलीम हैदराबाद में ओवैसी के स्वामित्व वाले मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

 मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिज्ब-उत्-तहरीर का प्रमुख हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया मोहम्मद सलीम और भोपाल से पकड़ा गया जिम ट्रेनर यासिर खान है। सलीम मूल रूप से भोपाल का रहने वाला है जिसका पहले नाम सौरभ राजवैद्य था। साल 2009 में सौरभ की शादी हुई थी। साल 2010 में जब सौरभ ने इस्लाम कबूल किया तो उसके घर वालों ने इसका काफी विरोध किया। मोहम्मद सलीम बन चुके सौरभ ने साल 2012 में अपनी पत्नी को भी मुस्लिम बना दिया। सौरभ ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से धर्म परिवर्तन का सर्टिफिकेट लेने का प्रयास किया पर उसे सफलता नहीं मिली।

                                           सौरभ राजवैद्य से सलीम बना था HuT का आतंकी
आख़िरकार सौरभ उर्फ़ सलीम हैदराबाद शिफ्ट हो गया। यहाँ वह मोहम्मद सलीम को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के बायोटेक्निकल डिपार्टमेंट में प्रोफेसर की नौकरी मिल गई। यहाँ नौकरी के दौरान भी वह भड़काऊ तकरीरें देता रहता था। सौरभ उर्फ़ सलीम को विदेश में ट्रेनिंग दी गई। उसने काफी कम समय में अपने संगठन से 100 लोगों को जोड़ लिया था। मध्य प्रदेश ATS ने उसे डेक्कन कॉलेज गोलकुंडा से गिरफ्तार किया है। सौरभ के अलावा ओडिशा के देवी प्रसाद पांडा ने और हैदराबाद के वेणु कुमार ने इस्लाम कबूल कर के अपने नाम क्रमशः अब्दुल रहमान व मोहम्मद अब्बास रख लिए थे।

जिस यूनिवर्सिटी ने उसके कट्टरपंथी विचारों को पनपने का मौका दिया उसकी वेबसाइट बताती है कि इसके चेयरमैन एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी है। कॉलेज की स्थापना सुल्तान सलाहाउद्दीन ओवैसी ने की थी।

पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि भोपाल के जिम ट्रेनर यासिर खान ने भी एक हिंदू लड़की से शादी कर के उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया था। इन सभी के अलावा गिरफ्तार लोगों में 2 अन्य ऐसे हैं जिनकी पत्नियाँ पहले हिंदू थीं और बाद में उन्हें इस्लाम कबूल करने पर मजबूर किया गया। फ़िलहाल मध्य प्रदेश ATS मोहम्मद सलीम, अब्दुल रहमान, मोहम्मद अब्बास अली, शेख जुनैद और मोहम्मद हामिद को ले कर हैदराबाद जा रही है। यहाँ उनके नेटवर्क को खँगाला जाएगा। साथ ही इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों के ठिकानों पर दबिश दी जाएगी।

मध्य प्रदेश ATS ने मंगलवार (10 मई 2023) को दबिश मार कर HUT (हिज्ब उत् तहरीर) नाम के आतंकी संगठन से जुड़े 16 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। ये छापेमारी भोपाल, छिंदवाड़ा और हैदराबाद से हुई थीं। UAPA की धाराओं में गिरफ्तार इन आरोपितों के पास से तकनीकी उपकरण, देश विरोधी दस्तावेज, कट्टरपंथी साहित्य और हथियार भी बरामद हुए थे। इस संगठन के लोग आम लोगों के बीच कंप्यूटर इंजीनियर, टेक्नीशियन, टीचर, व्यवासायी, जिम ट्रेनर, कोचिंग सेंटर संचालक, ऑटो ड्राइवर, दर्जी आदि रूपों में घुल-मिल कर अपनी हरकतों को अंजाम देते हैं।

गिरफ्तार अन्य आरोपितों में सैयद सामी रिजवी कोचिंग में टीचर, शाहरूख दर्जी, मिस्बाहुल हक मजदूर, शाहिद ऑटो ड्राइवर, सैयद दानिश अली सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मेहराज अली कंप्यूटर टेक्नीशियन, खालिद हुसैन व्यवसायी, करीम प्राइवेट नौकरी में हैं। इनके अलावा वसीम खान और मोहम्मद आलम को भी गिरफ्तार किया गया है।

हिज्ब उत् तहरीर उर्फ तहरीक-ए-खिलाफत इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है जिसके तार 50 देशों में हैं। 16 देश इस संगठन को बैन कर चुके हैं। ATS द्वारा गिरफ्तार संदिग्धों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग गुप्त रूप में जंगलों में हुआ करती थी। आपसी बातचीत के लिए ये सभी डार्क वेब के विभिन्न चैनलों का इस्तेमाल करते थे। भारत के कई शहर HUT के निशाने पर थे जिनकी रेकी के लिए आरोपितों ने ड्रोन का इस्तेमाल किया था।