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कांग्रेस नेता शशि थरूर का PA गोल्ड स्मगलिंग में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार

कांग्रेस के दिग्गज नेता व तिरुवनंतपुरम सीट से सांसद शशि थरूर के पर्सनल असिस्टेंट शिव कुमार सोना तस्करी मामले में गिरफ्तार हुए हैं। कस्टम विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई बुधवार (29 मई 2024) देर शाम दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर की है।

जिस समय कस्टम विभाग ने शिव कुमार को धरा उस समय वह दुबई से लौटे थे और अपने ही किसी विदेश से लौटे परिचित से सोने का हैंडओवर ले रहे थे। इसी बीच कस्टम विभाग ने शिव कुमार को पकड़ने की अपनी कार्रवाई की।

समाचार एजेंसी एएनआई पर सूत्रों से दी गई जानकारी में कहा गया है कि इस मामले में 2 गिरफ्तारी हुई है। इनमें एक शशि थरूर का पीए का है। वहीं इनके पास से कुल 500 ग्राम सोना बरामद हुआ है।

खबरों के अनुसार, अपने परिचित से शिव कुमार जो सोना ले रहे थे उसकी कीमत 55 लाख रुपए थी। जब एयरपोर्ट पर ग्रीन चैनल पर कस्टम विभाग ने उन्हें पकड़कर इस सोने के बारे में पूछा तो वो कोई पुख्ता जानकारी भी नहीं दे पाए। इस के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

मालूम हो कि इससे पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर गोल्ड स्मगलिंग के अक्सर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। पिछले हफ्ते भी सोने की तस्करी के केस में कस्टम ने 5 उज्बेक नागरिकों को पकड़ा था। सभी आरोपित दुबई से आ रहे थे और डोमेस्टिक टर्मिनल से बाहर निकलने की कोशिश में थे। हालाँकि कस्टम विभाग ने इन्हें पकड़ लिया और अधिक चौकन्ना हो गए। शिव कुमार की जाँच भी इसी सतर्कता के चलते हुई और पता चला कि उन्होंने तय सीमा से ज्यादा सोन लिया हुआ है।

केजरीवाल के घर से विभव कुमार को दिल्ली पुलिस ने उठाया: स्वाति मालीवाल की आई मेडिकल रिपोर्ट, आँख-चेहरा-पैर में चोट

आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए विभव कुमार को हिरासत में ले लिया है। उधर, पार्टी का कहना है कि विभव ने स्वाति के साथ मारपीट नहीं की, बल्कि उन्होंने विभव को धमकी दी है। इसको AAP ने वीडियो भी जारी किया है। हालाँकि, स्वाति मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट दूसरी ही कहानी कह रही है।

दिल्ली पुलिस की एक टीम शनिवार (18 मई 2024) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुँची। इस टीम में एडिशनल DCP और ACP भी मौजूद हैं। सीएम हाउस पहुँचकर दिल्ली पुलिस ने विभव कुमार को भी हिरासत में लिया। स्वाति मालीवाल की शिकायत पर पुलिस शुक्रवार (17 मई 2024) को घटना का सीन रिक्रिएट करने के लिए पुलिस मालीवाल को लेकर सीएम हाउस पहुँची थी।

उधर, दिल्ली एम्स के ट्रॉमा सेंटर में मेडिकल के बाद आए रिपोर्ट में स्वाति मालीवाल की आँख, चेहरे और पैर में चोट की पुष्टि हुई है। उनके बाएँ पैर और दाहिनी आँख के नीचे चोट के निशान मिले हैं। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, स्वाति मालीवाल के शरीर में कुल चार जगह चोट के निशान मिले हैं। जब वह मेडिकल कराने के लिए अस्पताल पहुँची थीं तो उन्होंने बताया उनके सिर में भी चोट लगी है।

उधर आम आदमी पार्टी का अलग ही दावा है। आम आदमी पार्टी लगातार वीडियो जारी कर ही है और कह रही है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए विभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट नहीं है। उनका दावा है कि स्वाति मालीवाल ने विभव कुमार के साथ बदतमीजी की और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को धमकाया। वीडियो में सुरक्षाकर्मी को मालीवाल को लेकर बाहर निकलते दिख रहे हैंं।

ज्वलंत प्रश्न है कि मालीवाल द्वारा FIR दर्ज करने और दिल्ली पुलिस के हरकत आने के बाद वीडियो क्यों आया, जबकि संजय सिंह द्वारा बिभव द्वारा मालीवाल के साथ की गयी अभद्रता की पुष्टि की जा चुकी है। आखिर सच्चाई से क्यों छुपाया जा रहा है? चर्चा यह भी है कि मालीवाल द्वारा केजरीवाल ने वकील अभिषेक मनु सिंघवी के लिए राज्य सभा सीट छोड़ने से मना करने के बाद संजय को राज्य सभा छोड़ने के लिए बोला था, लेकिन उसने बाहर आकर बीच चौराहे पर आकर रायता ही फैला दिया। इसलिए ऐसे में इन वीडियो की कोई कीमत नहीं। क्योकि सारा खेला वकील को राज्य सभा भेजने के लिए हुआ है। दूसरे, चर्चा यह भी है कि यह वीडियो पुलिस ने इसलिए बनाया है कि मामला संगीन होने पर पुलिस आयुक्त ने पूछताछ की तो यह वीडियो दिखाकर अपना बचाव कर सके। और जब पुलिस कोई वीडियो बनाएगी पूरा बनाएगी अधूरा नहीं। इसका मतलब है सम्पादित वीडियो चलाया जा रहा है।   

दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज का कहना है, “जब कोई महिला इस तरह के आरोप लगाती है तो लगता है कि उनकी बातों में सच्चाई होगी। हमें भी स्वाति मालीवाल जी के मामले में यही लगा था, लेकिन जब कल सीएम आवास के Drawing Room का वीडियो समाने आया, उसमें कुछ अलग ही दिख रहा है।”

भारद्वाज ने आगे कहा, “Video में स्वाति जी दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को ही धमकाते हुए दिख रही हैं। वह जो मारपीट और कपड़े फाड़े जाने का आरोप लगा रही हैं, उस वीडियो में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा। वह तो आराम से बैठी हुई हैं। BJP की ACB ने स्वाति जी पर केस किया हुआ है और उसमें अभी फ़ैसला आना बाक़ी है। BJP के वरिष्ठ नेता भी स्वाति जी के सम्पर्क में हैं।”

स्वाति मालीवाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। मालीवाल का आरोप है कि सीएम आवास पर उनके साथ मारपीट की गई। स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि विभव कुमार पर उनके पेट, छाती और मुँह पर घूँसा और पैरों से मारा। इसके कारण उन्हें चलने में परेशानी हो रही थी।


अपने मृत पिता पर यौन शोषण के आरोप से बदनाम करने वाली CM हाउस में खुद के साथ बदसलूकी पर चुप क्यों: कई सवाल, कब देंगे मालीवाल-केजरीवाल जवाब; पुलिस द्वारा medical करवाने पर क्यों भाग गयी? क्या गंभीर चोटों के सामने आने का डर था?

दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री केजरीवाल आवास पर हुई मारपीट वाला विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार (13 मई 2024) को पुलिस के पास उनके नाम से एक कॉल आई कि उनके साथ मारपीट हुई है। इसके बाद खुद स्वाति मालीवाल भी पुलिस थाने तक पहुँचीं, लेकिन शिकायत करातीं इससे पहले उन्हें एक कॉल आ गई और वो तुरंत बाहर चली गईं। उसके बाद वो लौट कर नहीं आई। पूरी खबर पर संदेह किया जाता इससे पहले ही AAP सांसद संजय सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस के सामने आए और बोले कि AAP स्वाति के साथ है। वहीं स्वाति मालीवाल के पूर्व पति ने इस संबंध में वीडियो बनाकर पूरे हमले को साजिश करार दिया और अपनी पूर्व पत्नी की जान को खतरा तक बताया…।

स्वाति के पास सिविल लाइन्स थाने में किसका फोन आने पर थाने से बाहर निकल गयी? दूसरे, जब medical करवाने की बात आयी तो FIR लिखवाने से क्यों इंकार कर दिया? क्या medical में घसीट-घसीट कर की गयी पिटाई में आयी गंभीर चोटों के सामने आने के डर से भाग गयी? यानि दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष रहते जितने भी स्वाति ने हंगामे किये क्या केजरीवाल इशारे पर किए? क्या स्वाति में खुद कुछ करने की हिम्मत नहीं थी, अगर थी तो अब खुद की पिटाई होने पर चुप क्यों? क्या गहरा राज है? क्रिप्टो करेंसी, इस्तीफा, शराब घोटाले के सबूत, या महिला आयोग में हुए घोटाले? 

इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए ये तो स्पष्ट लग रहा है कि स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास पर बदसलूकी हुई, लेकिन सवाल ये है कि इस मामले में अभी स्वाति खुद क्यों चुप हैं। उन्होंने अभी तक अपने ऊपर हुई घटना के बारे में किसी को क्यों कुछ नहीं बताया।

चर्चा है कि किसी तरह केजरीवाल को जमानत तो दिलवा दी, लेकिन वकील ने भी केजरीवाल को कह रहा है या राज्य सभा दो या मेरी फीस। संजय सिंह को इस्तीफे के लिए बोला तो संजय ने पार्टी ऑफिस आकर प्रेस कांफ्रेंस कर उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भगवंत सिंह मान को भी एक सीट खाली करवाने के बोलते ही पंजाब में भी मतभेद शुरू हो गए हैं। जिसका पंजाब चुनाव पर असर पड़ने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं। 

स्वाति मालीवाल राज्यसभा सांसद बनने से पहले सालों तक दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष रही थीं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के साथ छेड़छाड़, बदसलूकी और मारपीट के कई मुद्दे उठाए। जरूरत पड़ने पर हड़ताल की, नोटिस जारी किए, सड़क पर बैठ गईं। उन्होंने अन्य राज्यों में भी अपना हस्तक्षेप किया जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता…मगर बात जब खुद के लिए इंसाफ माँगने की आई तो न तो वो मीडिया के सामने बयान देने आईं और न हीं उन्होंने कोई वीडियो बनाया, न ही कोई पोस्ट किया। उनके पूर्व पति तक ने अपनी वीडियो में कहा है कि स्वाति को इसमें बोलना चाहिए। वो क्यों चुप है ये नहीं पता चल पा रहा है।

सोशल मीडिया पर लग रहे अनुमान

इस मामले को देखते हुए राजनैतिक विरोधी ये तक कहने लगे कि स्वाति पर जो सीएम आवास पर हमला हुआ वो बिना मुख्यमंत्री की जानकारी में हुए नहीं हो सकता है… इसलिए अगर सच में ऐसा है तो स्वाति को इस मामले में बोलना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसके अलावा कुछ लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि केजरीवाल राज्यसभा सांसद का पद अपने वकील को देना चाहते हैं, जिसने उनका कोर्ट में केस लड़ा, इसलिए हो सकता है स्वाति से पद छोड़ने को कहा गया हो और न सुनवाई पर ये घटना घटी। कुछ का मानना है कि मीडिया में आने के लिए स्वाति मालीवाल ने सिर्फ और सिर्फ ड्रामा किया है। उनपर कोई हमला नहीं हुआ है और कुछ का कहना है कि हो सकता है कि इस पूरी घटना के पीछे कोई निजी मामला हो जिसके बारे में स्वाति मीडिया में न कहना चाहती हों इसलिए उन्होंने ऐसा किया है।

भाजपा की महिला नेता ने उठाया सवाल

भाजपा की महिला नेता शाजिया इल्मी ने भी इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने सीएम केजरीवाल से इस मामले में सच्चाई बताने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में पिछले 48 घंटे से सवाल किए जा रहे हैं, फिर भी केजरीवाल चुप क्यों हैं? वो बताएँ कि उन्होंने बिभव पर क्या एक्शन लिया है? क्या बिभव ने केजरीवाल की ओर से स्वाति को पीटा जो वो एक्शन लेने से कतरा रहे हैं? उन्हें धमकी दी गई है? क्यों कोई एफआईआर अब तक नहीं हुई है? क्या इस घटना के लिए केजरीवाल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

स्वाति मालीवाल की चुप्पी से उठते हैं सवाल

सीएम आवास पर बदसलूकी मामले में अरविंद केजरीवाल के सेक्रेट्री भिभव कुमार के खिलाफ पूर्व दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष कब बोलेंगीं ये तो नहीं पता लेकिन उनकी चुप्पी के कारण, आप के रवैये के चलते कुछ सवाल सोशल मीडिया पर उठने लगे हैं। जैसे ये पूछा जाना तो लाजिमी है कि एक नंबर से जब कॉलें आईं और स्वाति थाने भी पहुँची तो उन्होंने एक कॉल आने पर केस क्यों नहीं कराया… ऐसा तो नहीं वो कॉल उन्हें धमकाने या चुप कराने के लिए किसी ने की हो। वरना उनसे जुड़ी खबरें बताती हैं कि उन्होंने सक्रिय होकर महिलाओं के मुद्दों को उठाया है।
अगर हम उनका ट्विटर हैंडल देखेंगे तो भी यही पता चलता है कि उन्होंने इस घटना के बारे में अब तक सोशल मीडिया पर एक शब्द नहीं लिखा है। ऐसे में ये भी कहा जा रहा है कि स्वाति हैं कहाँ पर? क्या वो इस हाल में हैं कि अपने सोशल मीडिया को एक्सेस कर सकें? अगर ऐसा है तो क्यों अभी तक उन्होंने इस पूरे विवाद में कोई शिकायत नहीं की।

एक सवाल ये भी कि आम आदमी पार्टी ने इस खबर के मीडिया में आने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि वो आरोपित पर कार्रवाई करेंगे। कहीं ऐसा तो नहीं ये इस डर से किया गया ताकि सीएम केजरीवाल का नाम मीडिया में न उछले क्योंकि वो अभी जेल से बाहर आएँ हैं। लोग कह रहे हैं कि अगर इस मामले में सीएम का कोई हाथ नहीं है तो उन्हें भी इस संबंध में अपना पक्ष साफ कर देना चाहिए।
ये भी पूछा जा रहा है कि जब स्वाति पर हमला हुआ होगा, तो वो चीखी-चिल्लाई भी होंगी… ऐसे में क्या कोई उनके आसपास नहीं आया। क्या न केजरीवाल वहाँ मौजूद थे और न ही सुनीता केजरीवाल वहाँ मौजूद थीं… अगर दोनों वहीं थे तो उन्होंने उस मामले को वहीं क्यों नहीं सुलझाया और एक महिला के खिलाफ कार्रवाई होता देख एक्शन क्यों नहीं लिया।
अवलोकन करें:-
Criminal प्रवित्ति के केजरीवाल से स्वाति मालीवाल की जान को खतरा… CM के घर महिला की पिटाई साजिश के तहत ह
Criminal प्रवित्ति के केजरीवाल से स्वाति मालीवाल की जान को खतरा… CM के घर महिला की पिटाई साजिश के तहत ह
सबसे बड़ी बात और सबसे बड़ा सवाल इस घटना के बाद ये है कि जिस तरह से स्वाति मालीवाल के पूर्व पति नवीन जयहिंद की वीडियो सामने आई है और उन्होंने वीडियो में गंभीर इल्जाम लगाए हैं उसे देखते हुए पूछा जा सकता है कि आखिर नवीन कौन सी साजिश के बारे में बात कर रहे थे। उन्हें क्यों लगता है कि स्वाति की जान को खतरा है। उन्होंने क्यों ये बोला कि संजय सिंह पहले से जानते थे कि ये अटैक होगा, उन्होंने आप सांसद को फटकारते हुए क्यों एक्टिंग बंद करने को कहा। ऐसा क्या है जो नवीन जयहिंद समझ रहे हैं लेकिन मीडिया तक वो बात नहीं खुल पा रही। ऐसे तमाम सवाल हैं जो स्वाति की चुप्पी से उमड़ रहे हैं लेकिन जवाब कहीं से कहीं तक नहीं मिल रहा है। याद रहे स्वाति वही महिला हैं जिन्होंने 2023 में अपने पिता के खिलाफ भी बयान दे दिया था। उन्होंने साफ बताया था कि उनके पिता उनका यौन शोषण करते थे, उन्हें चोटी पकड़ पकड़कर मारते थे।

दिल्ली नगर निगम चुनाव : आप का धंधा शुरू, महिला को पार्टी की टिकट दिलाने के नाम पर आप विधायक के साले और पीए ने लिए 55 लाख

दिल्ली नगर निगम के आगामी चुनाव से पहले ही आप के नए-नए पाप उजागर होने लगे हैं। आप की दिल्ली सरकार के मंत्री जेल में हैं। डिप्टी सीएम शराब घोटाले में फंसे हुए हैं और अब आप के माननीय विधायक भी महिला को नगर निगम चुनाव में पार्षद की टिकट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हजम करते सुर्खियों में आ गए हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के साले, पीए समेत तीन लोगों को 55 लाख रूपये टिकट दिलाने के नाम पर लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। तीनों पर रुपये लेकर पार्षद का टिकट नहीं दिलाने का आरोप है। महिला ने आरोप लगाया है कि लाखों रुपये आप विधायक के नाम पर ही दिए हैं। ब्यूरो की टीम रिश्वत के इस मामले में आप विधायक की भूमिका की जांच कर रही है।

महिला को पार्षद का टिकट दिलाने के लिए आप नेताओं ने मांगे 90 लाख रुपये
भ्रष्टाचार के खिलाफ सौ-सौ कस्मे खाने वाले आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए हालांकि पार्टी के अंदर भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है। आप नेता सत्येंद्र जैन से लेकर मनीष सिसोदिया तक लंबी फेहरिस्त है। आप के कई नेता विभिन्न एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं। अब दिल्ली में एमसीडी चुनाव में टिकट को लेकर धांधली का मामला सामने आया है। दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने आप विधायक के पीए विशाल पांडेय और रिश्तेदार शिव शंकर पांडेय व ओम सिंह को गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर एक महिला से पार्षद का टिकट दिलाने के लिए 90 लाख रुपये मांगने का आरोप है।

महिला ने आप विधायक अखिलेश को 35 और वजीरपुर विधायक राजेश को 20 लाख दिए
दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई करते हुए आप विधायक के पीए और रिश्तेदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, पूरा मामला कमला नगर के वार्ड संख्या 69 का है। आप कार्यकर्ता शोभा खारी ने पार्टी से टिकट मांगा। महिला का आरोप है कि विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने टिकट दिलवाने के बदले 90 लाख रुपये की डिमांड की। महिला ने टिकट के लिए विधायक अखिलेश को 35 लाख रुपये और वजीरपुर विधायक राजेश गुप्ता को 20 लाख रुपये की राशि दे दी।

आप की टिकट का सौदा- 55 लाख पहले और 35 लाख लिस्ट में नाम आने के बाद
आप कार्यकर्ता शोभा खारी का कहना है कि वह काफी समय से अपने क्षेत्र में चुनाव लड़ने की तैयारियां कर रही थी। इसके लिए मतदाताओं से मिलना-जुलना और कार्यक्रमों में शामिल होना होता रहता था। ऐसे ही एक कार्यक्रम में आप विधायक ने उससे टिकट का सौदा किया। इसके तहत 55 लाख पहले और 35 लाख लिस्ट में नाम आने के बाद देने थे। वह पैसे देने पर राजी भी हो गई। आरोप है कि बाकी रकम लिस्ट में नाम आने के बाद देने की बात तय हुई। आम आदमी पार्टी की लिस्ट में महिला का नाम नहीं आया। इस पर महिला ने विधायक अखिलेश के साले ओम सिंह से रुपये वापस करने की मांग की। ओम सिंह ने महिला को रुपये वापस देने का आश्वासन दिया।

एसीबी ने जाल बिछाया तो 33 लाख की घूस लेते हुए तीनों को रंगे हाथों पकड़ लिया
इसके बावजूद कई दिनों तक उसके पैसे वापस नहीं किए तो महिला ने एंटी करप्शन ब्यूरो से इसकी शिकायत कर दी। पीड़ित महिला ने ब्यूरो को वीडियो भी दिया। इसमें कथित रूप से पार्षद के लिए आप की टिकट के सौदे की बातचीत हो रही थी। वीडियो देखने के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और 15 नवंबर की रात में ओम सिंह अपने साथी शिव शंकर पांडे और प्रिंस रघुवंशी के साथ घूस के 33 लाख रुपये लेकर पीड़ित महिला के पास पहुंचा। यहां पहले से मौजूद टीम के सदस्यों ने तीनों को रंगे हाथ नकदी के साथ पकड़ लिया।

आप के रिश्वतखोर नेताओं की पोल खुली, रिश्वत कांड में दो विधायक भी शामिल-बिधूड़ी
आप विधायक द्वारा टिकट के नाम पर रिश्वत वसूले जाने के मामले में भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि आप नेताओं की पोल खुल गई है। वे अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के काम के लिए भी रिश्वत ले रहे हैं तो जनता को कैसे छोड़ेंगे। विधूड़ी ने कहा कि सिर्फ मेरा आरोप ही नहीं, 33 लाख रुपये (रिश्वत की रकम) पहले ही वसूले जा चुके हैं। आरोपी (आप विधायक के साले) को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुझे यकीन है कि दो और विधायक भी शामिल हैं, मुझे उनका (गोपाल खारी) फोन आया कि मेरे साथ धोखा हुआ है।