Showing posts with label chants. Show all posts
Showing posts with label chants. Show all posts

उत्तर प्रदेश : ‘हिंदुस्तान में रहना है, या हुसैन कहना है’ : अमेठी के मुसाफिरखाना में मुहर्रम पर हुई नारेबाजी का वीडियो वायरल; I.N.D.I. गठबंधन को वोट देने वाले जिम्मेदार हैं इस उपद्रव के लिए

                                                          अमेठी में मुहर्रम पर लगे नारे
जब से देश में I.N.D.I. गठबंधन को जनता ने खटखट 8500 रूपए हर महीने मिलने के लालच में इनको वोट दिया, सनातन और देश विरोधी ताकतें मुखरित होनी शुरू हो गयी हैं। गनीमत है ये गठबंधन सत्ता में नहीं आया, जो अंजाम होना था, उसके बीज अंकुरित होने शुरू हो चुके हैं। पता नहीं इन घटनाओं को देख इस गठबंधन को वोट देने की बंद अक्ल और आंखें खुल रही है या नहीं।  

उत्तर प्रदेश के अमेठी के मुसाफिरखाना थाना से हाल में एक वीडियो सामने आई है। ये वीडियो मुहर्रम के दिन की बताई जा रही है। इसमें कुछ मुस्लिम लड़के जोर-जोर से भड़काऊ नारेबाजी कर रहे हैं। वीडियो में मुस्लिम लड़कों को उछल-उछलकर कहते सुना जा सकता है- “हिंदुस्तान में रहना है या हुसैन कहना है।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पता चला है कि मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र में रविवार (14 जुलाई 2024) देर शाम मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था, जिसमें युवकों के झुंड में शामिल लड़कों ने ऐसे नारे लगाने शुरू कर दिए। बाद में वीडियो वायरल हुई और लोगों ने इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद पुलिस ने इस पर संज्ञान लिया।

वीडियो को शेयर करते हुए स्वराज्य की वरिष्ठ पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने अपने एक्स पर कहा कि ये वीडियो उत्तर प्रदेश के अमेठी की है। इसी समुदाय के लोग और नेता बाद में कहते हैं कि इनके मजहब के लोगों को सताया जा रहा है वो डर में जी रहे है और नरसंहार का सामना कर रहे हैं।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद अमेठी पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई की। उन्होंने वीडियो में शामिल युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही उनके ऊपर सुसंगत धाराओं में अभियोग भी पंजीकृत किया गया है। आगे की कार्रवाई जाँच के बाद होगी।

वायरल वीडियो के बाद अमेठी के संत समाज में भी नाराजगी है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक सागरा आश्रम पीठाधीश्वर मौनी महाराज ने वायरल वीडियो पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री व पुलिस अधीक्षक से मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है और कहाँ है कि ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो जिससे भविष्य में इस तरह का माहौल न बन पाए।

नेपाल : सुप्रीम कोर्ट के जज को घोषित किया ‘गुस्ताख़-ए-रसूल, ’‘अल्लाह-हू-अकबर’ के साथ ‘सर तन से जुदा’ के नारे

नेपाल में सुप्रीम कोर्ट जज को बता गुस्ताख़ ए रसूल, लगाया 'सिर तन से जुदा' का नारा (चित्र साभार- FB/Farhad Ahmad )
नेपाल में वहाँ के सुप्रीम कोर्ट के जज कमलनारायण दास के नाम से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस पोस्ट के खिलाफ मुस्लिम समुदाय सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहा है। उन्मादी भीड़ ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगा कर कई जगहों पर सड़क जाम कर रही है। भीड़ में शामिल लोग पोस्ट में लिखी बातों को अपने पैगंबर का अपमान बता कर पुतले जला रहे हैं। सोशल मीडिया पर ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लिखे जा रहे हैं। नेपाल के मुस्लिम आयोग ने भी इस मामले में अपनी सरकार से कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

इस घटना पर नेपाल के मुस्लिम आयोग ने सरकार को एक शिकायती पत्र दिया है। पत्र में बताया गया है कि फेसबुक पर कमल नारायण दास के नाम से इस्लाम को बदनाम करने के लिए झूठी और भ्रामक बातें लिखी गईं है। इस पोस्ट में मुस्लिम समुदाय द्वारा रखे जाने वाले रोजा पर टिप्पणी की गई है। मुस्लिम आयोग ने इस पोस्ट पर रमजान में शेयर करने के पीछे नेपाल के भाईचारे को खत्म करने की साजिश करार दिया है। मुस्लिम आयोग ने दुःख प्रकट करते इसे नेपाल में साम्प्रदायिकता फैलाने की साजिश बताया है।

                                                        नेपाली मुस्लिम आयोग का बयान

नेपाल में सभी मत-मजहबों को एक जैसा बताते हए मुस्लिम आयोग ने कहा है कि कुछ लोग कमल नारायण दास के नाम से वायरल हो रही पोस्ट को अभिव्यक्ति की आज़ादी बता रहे हैं। मुस्लिम आयोग ने अभिव्यक्ति की आज़ादी जैसे तर्कों को इस मामले में गलत बताते हुए इसको अपनी संस्कृति पर हमला करार दिया है। मुस्लिम आयोग का मानना है कि ऐसी पोस्ट को अभिव्यक्ति की आज़ादी बताना नेपाली कानून और संविधान का उल्लंघन होगा। अंत में मुस्लिम आयोग ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पत्र पर अध्यक्ष के तौर पर शमीम मियाँ अंसारी के दस्तखत हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जज की गिरफ्तारी की माँग

यह पोस्ट जिस हैंडल किया किया गया है वह नॉन-वेरिफाइड है। अभी तक नेपाली पुलिस या कोई जाँच एजेंसी आधिकारिक तौर पर यह नहीं बता पाई है कि पोस्ट किसके द्वारा लिखी गई है। इसके बावजूद नेपाल के एक बड़े हिस्से में मुस्लिम वर्ग वहाँ की सुप्रीम कोर्ट के जज कमल नारायण दास के खिलाफ सड़क पर उतर कर कार्रवाई की माँग कर रही है। ‘नेपाली मुस्लिम शांति समाज सरलाही मलंगवा’ नाम के फेसबुक पेज पर तो ‘Arrest Kamal Naranyan Das’ नाम से कैप्शन भी दे दिया गया है। 12 अप्रैल (शुक्रवार) को इस कैप्शन से साथ अटैच वीडियो में मुस्लिम भीड़ चौराहे पर आग जला कर नारेबाजी कर रही है।

कमल नारायण ‘गुस्ताख़ ए रसूल’ घोषित

फरहाद अहमद नाम के व्यक्ति ने शनिवार (13 अप्रैल, 2024) को अपने फेसबुक पर कमलनारायण दास के खिलाफ नेपाल के सरलाही जिला स्थित मलंगवा में निकले जुलूस के वीडियो शेयर किए हैं। यह जुलूस मुस्लिम बोर्ड नेपाल द्वारा निकाला गया है। इस प्रदर्शन के जुलूस में छपे बैनरों पर ‘गुस्ताख-ए-रसूल के खिलाफ कार्रवाई’ लिखा हुआ है। जुलूस में कई मौलवी और मौलाना शामिल दिख रहे हैं। ये सभी पुलिस के आगे ही उत्तेजक नारे लगा रहे हैं।
इन नारों में अल्लाह हु अकबर, नारा ए तकबीर के साथ ‘तेरा मेरा रिश्ता क्या, ला इलाह इल्ललाह’ जैसी बातें बोली जा रहीं हैं। बीच में से एक व्यक्ति ने कहा, ‘सर तन से जुदा’ वाला लगाओ। फ़िलहाल अभी तक नेपाली पुलिस द्वारा किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।