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‘जिन्होंने मोदी को वोट दिया, उन्हें अस्पताल में जगह मत दो’: डेनियल फर्नांडिस, कॉमेडियन ने कोविड पीड़ितों के लिए उगला जहर

                                                        स्टैंड अप कॉमेडियन डेनियल फर्नांडिस
कॉमेडी के नाम पर ओछापन दिखाने की रिवायत अब पुरानी हो गई है। 3 फरवरी को डेनियल फर्नांडिस ने ‘Alive and Vaccinated’ टाइटल से वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर डाली। इस 1 घंटे 39 मिनट की वीडियो में डेनियल अपनी कट्टरता दिखाते दिखे और इसमें उन्होंने लोगों के मरने की कामना की। साथ ही हिंदू विरोधी विचारों को भी व्यक्त किया।

डेनियल वीडियो में उन कोविड मरीजों का मजाक उड़ा रहे थे जिन्होंने नरेंद्र मोदी को वोट किया। अपनी वीडियो में उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अस्पताल में जगह ही नहीं मिलनी चाहिए जिन्होंने नरेंद्र मोदी को वोट दिया। उन्होंने कहा कि उनका दोस्त भी यही सोचता है। अपने बेनाम दोस्त का जिक्र करते हुए वह बोले कि ये आइडिया उनके दोस्त ने उन्हें दिया है कि जिन लोगों ने भी कभी पीएम को वोट दिया उन्हें अस्पतालों में जगह नहीं मिलनी चाहिए।

वीडियो वायरल होने के बाद हर जगह से डेनियल को उनकी घटिया सोट के लिए लताड़ मिली। हालाँकि तब उन्होंने ग्लानि महसूस करने की बजाय या माफी माँगने की बजाय अपना गुस्सा व्यक्त किया और लोगों का मजाक उड़ाने लगे।

मामला इंस्टा पर लाते हुए उन्होंने उन लोगों को ट्रोल करवाया जिन्होंने उनकी वीडियो पर सवाल खड़े किए। एक मोनिका वर्मा नाम की लड़की ने कहा था कि स्टैंड कॉमेरी के नाम पर मोदी के प्रति नफरत दिखाना आम हो गया है।

डेनियल ने इसी कमेंट को पोस्ट करके कुछ इमोजी लगाई जिसके बाद उनके फॉलोवर्स उस लड़की का मजाक उड़ाने लगे।

‘prinaik24’ आईडी से पूछा गया कि आखिर ऐसी बुद्धि वाले लोग कैसे बुद्धिजीवी या उदारवादी घोषित हो सकते हैं वो भी तब जब वो महामारी में लोगों की मौत की कामना करते है। उन्होंने उन दर्शकों को भी शर्म करने को कहा जो ऐसे मजाकों पर हँसते और तालियाँ बजाते हैं।

यहाँ भी डेनियल ने गलती मानने की बजाय पोस्ट पर कमेंट करते हुए कहा- “दर्शकों तुम्हें शर्म आना चाहिए।”

एक इंस्टा यूजर ने डेनियल की वीडियो देख कहा कि ये सब सिर्फ व्यूज और पब्लिसिटी के लिए किया जाता है ताकि बिल भरे जा सकें। इस कमेंट का भी डेनियल मजाक उड़ाते दिखे। और रोने वाले इमोजी लगाते हुए कहा- “मेरे बहुत सारे बिल हैं।”

कोविड-19 के पीड़ितों का मजाक उड़ाने वाले डेनियल अक्सर मौका पाते ही हिंदू धर्म का मखौल उड़ाते हैं। लेकिन जब बात दूसरे मजहब के उल्लेख की आती है तो वहाँ बीप का इस्तेमाल करते हैं शायद उन्हें पता है कि उनका हश्र क्या हो सकता है।

उनके एक मजाक में दूसरे मजहब के शख्स की बात थी। लेकिन उन्होंने उस हर शब्द पर बीप लगाया जिसपर विवाद हो सकता था। जोक सुनाते हुए उन्होंने कहा, “जीसस, बुद्धा और….. बार में गए।  बार वाले ने उन्हें देखा और पूछा कि मैं आप दोनों के लिए क्या ला सकता हूँ?” इस पूरी लाइन में डेनियल ने कोई ऐसा शब्द इस्तेमाल नहीं किया कि मजहबी लोग आहत हों। जहाँ उन्हें इस्लाम से जुड़े शब्द प्रयोग करने थे वहाँ-वहाँ उन्होंने बीप का यूज किया और अपने मुँह पर इमोजी भी लगाया ताकि किसी को पता न चले कि उन्होंने क्या बोला है। लेकिन ये सतर्कता डेनियल ने कभी हिंदू धर्म के लिए नहीं बरती और खुलेआम हिंदू धर्म का मखौल उड़ाया।

देवी-देवताओं को गाली देने वाले फारुकी के बचाव में सामने आया एक और ‘कॉमेडियन’, किया कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का इस्तेमाल

‘कॉमेडियन’ समय रैना ने जनवरी 19, 2021 को कश्मीरी पंडित नरसंहार की 31 वीं वर्षगाँठ का हवाला देते हुए ‘कॉमेडियन’ मुनव्वर फारुकी के जेल में बंद रहने को लेकर भारतीय न्यायिक प्रणाली को कोसा। बता दें कि मुनव्वर फारुकी को इस महीने की शुरुआत में हिंदू देवताओं, गोधरा की घटना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

समय रैना ने ट्वीट किया, “आज कश्मीरी पंडित नरसंहार के 31 साल पूरे हो गए हैं। मैं चाहता हूँ कि मैं अपनी मातृभूमि, कश्मीर वापस जाऊँ, जहाँ मुझे अपनी न्यायिक प्रणाली की मृत्यु के बारे में पढ़ने के लिए इंटरनेट नहीं होगा।”

रैना, जो खुद कश्मीरी पंडित हैं, ने कश्मीरी पंडितों के पलायन की दुखद घटना का जिक्र करने के बजाय ‘कॉमेडियन’ मुनव्वर फारुकी की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाया। लगभग 31 साल पहले, घाटी में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ आतंक की जहर फैल गई थी, जब मुस्लिमों की भीड़ ने कश्मीरी पंडितों को घर से निकाल दिया था और उन्हें कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर किया था। कश्मीरी पंडित उस बेहद भयावह नारों, अराजकता और भयंकर रात के प्रत्यक्षदर्शी बने। उस रात उनसे कहा गया था कि वो अपनी मातृभूमि से पलायन करें अथवा धर्म परिवर्तन करें या फिर मरने के लिए तैयार रहें।

मुनव्वर फारुकी की गिरफ्तारी से कश्मीरी पंडितों के पलायन को जोड़कर रैना ने उन कश्मीरी पंडितों द्वारा सहन किए गए भयावहता को तुच्छ बता दिया, जो अपने ही देश में शरणार्थी की तरह रह रहे हैं। वहीं इसके विपरीत, फारुकी लंबे समय से हिंदू देवताओं और हिंदू धर्म के खिलाफ लगातार भड़काऊ और अपमानजनक टिप्पणी कर रहा है।

फारुकी और 4 अन्य को हिंदू देवताओं पर अभद्र टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया गया

हिंदू रक्षक संगठन के प्रमुख एकलव्य सिंह गौर की शिकायत के आधार पर फारुकी और चार अन्य व्यक्तियों- एडविन एंथोनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव को इंदौर में एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में हिंदू देवताओं का मजाक उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर आईपीसी की धारा 295-ए, 269 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। COVID-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल की कथित रूप से अनदेखी के लिए धारा 269 लगाई गई थी। फारुकी को 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था जिसे बाद में 27 जनवरी तक बढ़ा दिया गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुनव्वर फारुकी की हिरासत माँगी

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुनव्वर के खिलाफ पिछले साल अप्रैल में दर्ज एक मामले को लेकर प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस ने कॉमेडियन फारूकी को अपनी गिरफ्त में लेने के लिए इंदौर सेंट्रल जेल और सीजेएम कोर्ट के समक्ष 7 जनवरी को प्रोडक्शन वारंट प्रस्तुत किया। बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल, 2020 में आशुतोष मिश्रा नामक एक अधिवक्ता की शिकायत पर प्रयागराज जिले के जॉर्ज टाउन पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ दर्ज एक मामले में यह प्रोडक्शन वारंट पेश किया गया है।

पुलिस ने आरोपित पर भारतीय दंड संहिता (IPC) धारा 153A (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295A (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, धर्म का अपमान कर किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने का इरादा) और धारा 65 और 66 आईटी एक्ट, 2008 के तहत मामला दर्ज किया था।