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5 दिन पहले हुए थे आइसोलेट केजरीवाल ने उड़ाई कोरोना नियमों की धज्जियाँ

                          अरविंद केजरीवाल ने होम आईसोलेशन के नियमों को तोड़ा (साभार: ट्विटर)
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल 5 दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं। ऐसे में उन्हें आईसोलेशन में होना चाहिए था। लेकिन, वह तो खुलेआम कोरोना के बेसिक नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। अनपेक्षित तरीके से केजरीवाल ने सोमवार को छतरपुर में आईटीबीपी द्वारा संचालित सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर का दौरा किया।

इस दौरान उनके साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी कोविड सेंटर के निरीक्षण के लिए आए थे।

बीते 20 अप्रैल 2021 को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। फिलहाल होम आईसोलेशन में उनका इलाज चल रहा है।

दिलचस्प बात ये है कि सुनीता केजरीवाल के पॉजिटिव पाए जाने के कुछ ही समय बाद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि वह खुद को आईसोलेट कर लेंगे। उन्होंने लोगों से भी 6 दिन के लॉकडाउन के दौरान घर पर ही रहने की अपील की थी।

होम क्वारंटाइन का उल्लंघन करते हुए खुद अरविंद केजरीवाल ने ही राधा स्वामी ब्यास कोविड केयर सेंटर की तस्वीरें शेयर की थी, जहाँ उन्हें कम से कम 10 लोगों के साथ बेहद नजदीक देखा गया था। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का नामोनिशान नहीं था।

500 ऑक्सीजन बेड वाले कोविड केयर सेंटर को आज से चालू कर दिया गया है, जिसे 200 आईसीयू बेड के साथ बढ़ाकर 700 बेड किया जा सकता है।

दिल्ली सरकार की डैमेज कंट्रोल की कोशिश

कोरोना के कुप्रबंधन के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद दिल्ली सरकार अब डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑक्सीजन की कमी की शिकायत के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से केंद्र सरकार द्वारा उसे अलॉट किए गए ऑक्सीजन को लेकर सवाल किया था। कोर्ट ने टिप्पणी की, “प्रत्येक राज्य अपने स्वयं के टैंकरों की व्यवस्था कर रहा है, यदि आपके पास अपने स्वयं के टैंक नहीं हैं, तो उसका प्रबंध करें। आपको यह करना होगा, केंद्रीय सरकार के अधिकारियों से संपर्क करें। हम अधिकारियों के बीच संपर्क की सुविधा के लिए यहाँ नहीं हैं। ”

इसके बाद अब अरविंद केजरीवाल अब राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की आपूर्ति की क्रायोजेनिक टैंकरों के लिए लोगों और संस्थाओं से इसके लिए विज्ञापनों के जरिए निवेदन कर रहे हैं।

बेशर्म केजरीवाल एंड गैंग : मोदी सरकार द्वारा निर्मित 10,000 बेड के कोविड सेंटर का लिया क्रेडिट

Today Will Be Arvind Kejriwal Corona Test - रिपोर्ट आने ...
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
एक बात समझ में नहीं आती कि आखिर कब तक अरविन्द केजरीवाल गैंग दिल्ली वालों को मूर्ख बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकती रहेगा? आखिर दिल्लीवासी अभी भी इस गैंग की वास्तविकता को नहीं पहचाने तो ज़िंदगी में कभी नहीं पहचान सकते। आम आदमी पार्टी बनाने से पूर्व कई वर्ष सोनिया गाँधी की समिति में रहकर केजरीवाल गैंग ने जनता को मूर्ख बनाने की कला अच्छी तरह से सीख ली। दिल्ली और पंजाब वाले तो मुफ्त के चक्कर में इसके जाल में फंसते रहते हैं, लेकिन भारत के अन्य प्रदेशवासी इस पार्टी को घास तक नहीं डालते, शायद यही कारण है कि अन्य राज्यों में इसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त होने के अलावा कई क्षेत्रों में तो NOTA से भी कम वोट मिलते हैं।

 
दूसरे, जो पार्टी एक छोटी से दिल्ली को संभाल नहीं सकती, देश संभालने की जिम्मेदारी देना आत्मघाती कदम होगा। दिल्ली वाले तो मुफ्त के जाल में फंस आत्मघात कर रहे हैं, जिसका प्रमाण कोरोना की गंभीरता को न समझना है। स्मरण हो, दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जून 9 को कहा था कि "दिल्ली में 5.5 लाख केस होंगे और हम दिल्ली को नहीं संभाल पाएंगे।" ये उस केजरीवाल गैंग का बयान है जो दिल्ली को लंदन बनाने के सब्जबाग दिखाता था। 
झूठ की इंतिहा होती है, ये गैंग टीवी पर कहता है कि "हमने एक लाख लोगों को खाना दिया, 5000-5000 रूपए बांटे, जबकि कई क्षेत्रों में मात्र 2000 रूपए ही बांटे गए। यानि ये केजरीवाल गैंग कोरोना जैसी गंभीर बीमारी में भी घोटाला कर रहा है। दूसरे जब इस गैंग ने एक लाख लोगों को भोजन वितरित किया, फिर प्रवासी मजदूरों ने जाते वक़्त यह क्यों कहा कि "हमें किसी ने खाना तक नहीं दिया।" तो क्या इस गैंग ने रोहिंगिया को बांटा था भोजन, जिनके इस गैंग के विधायक अमानतुल्ला ने आधार कार्ड बनवाए हैं? कसम संविधान की खाते हैं, लेकिन काम संविधान के विरुद्ध करता है। इस गैंग के झूठ का पर्दाफाश तो उसी दिन से होना गया था, जिस दिन दिल्ली में 76 मौत का आंकड़ा दिया गया था, जबकि आईटीओ कब्रिस्तान में 91 दफ़न हो चुके थे।    
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एंड गैंग के एक और झूठ पर्दाफाश हो गया है। दिल्ली में कोरोना महामारी के संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने दिल्ली में 10,000 बेड का सरदार पटेल कोविड सेंटर का निर्माण कराया है लेकिन केजरीवाल और उसके गैंग के लोग इसका क्रेडिट लेकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। 
दरअसल, मोदी सरकार के गृह मंत्रालय ने दिल्ली में कोरोना संकट को देखते हुए 10,000 बेड का कोरोना केयर सेंटर का निर्माण कराया है। इस सेंटर के निर्माण के लिए राधा स्वामी ब्यास ने जमीन दी है और ITBP इसकी जिम्मेदारी संभाली है। प्लोरिंग का काम रेलवे के द्वारा किया गया है। इस सेंटर के निर्माण में दिल्ली सरकार की कोई भूमिका नहीं है लेकिन केजरीवाल एंड गैंग बेशर्म से इसकी क्रेडिट लेने में जुटी है।


आप आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की स्मृति में अरविंद केजरीवाल सरकार ने  दुनिया का सबसे बड़ा कोविड अस्पताल बनवाया जबकि भाजपाईयों ने मूर्ति बनवाई।

 
इससे पहले आप आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने एक ट्वीट कर दावा किया था कि दिल्ली सरकार द्वारा बनाये गये दुनिया के सबसे बड़े कोविड अस्पताल का गृह मंत्री अमित शाह “चोरी-चोरी, चुपके-चुपके” उद्घाटन कर रहे हैं।

 
संजय सिंह के इस दावे को पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने खंडन किया और कहा कि गृह मंत्री कोविड सेंटर का उद्घाटन नहीं बल्कि निरीक्षण करने के लिए जा रहे हैं।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अपने पहले कार्यकाल में राज्यपाल और केंद्.....
संजय सिंह के इस झूठ का पर्दाफाश तब हो गया है जब गृहमंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल ने दौरा कर निरीक्षण किया, जबकि संजय सिंह द्वारा दावा किया था कि वे उद्घाटन करने के लिए गए हैं।