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चौकाने वाला फैसला : रूस के कोर्ट ने लगाया गूगल पर 36 जीरो वाले आँकड़े का जुर्माना, दुनिया की जीडीपी से भी बड़ी है ये धनराशि: न्यूज रोकने पर हुई कार्रवाई


रूस की एक अदालत ने कई मीडिया आउटलेट्स को ब्लॉक करने के चलते अमेरिकी कम्पनी गूगल को एक बड़ी रकम अदा करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार (28 अक्टूबर, 2024) को रूस की एक अदालत ने गूगल पर 2.5 अंडसिलियन रूबल या लगभग 25 डेसिलियन अमरीकी डॉलर का जुर्माना लगाया।

1 अंडसिलियन में 1 के बाद 36 जीरो होते हैं, जबकि 1 डेसिलियन में 1 के बाद 33 जीरो होते हैं। इसका मतलब है कि गूगल को अब 20,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000 अमरीकी डॉलर का भुगतान करने के लिए कहा गया है।

यह धनराशि ना केवल केवल गूगल के स्वामित्व वाली कम्पनी अल्फाबेट की मार्केट कैप से बड़ी है, बल्कि यह पूरी दुनिया की कुल जीडीपी से भी ज्यादा है। पूरी दुनिया के सभी देशों की कुल जीडीपी मिलाकर अभी 100 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है।

यह फैसला गूगल के खिलाफ 4 साल चली अदालती लड़ाई के बाद आया है। गूगल ने कई रूसी मीडिया संस्थानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। गूगल ने जिन रूसी चैनलों को बैन किया था, उनमें राष्ट्रवादी चैनल ज़ारग्रेड भी था। इसे यूट्यूब पर से हटा दिया गया था। इसके मुखिया पर भी अमेरिका ने प्रतिबंध लगा दिए थे।

मामले में शामिल TASS के वकील इवान मोरोज़ोव ने कहा, “रूसी अदालत ने यूट्यूब से चैनल हटाने के लिए गूगल को जवाब देने को कहा था। अदालत ने गूगल को इन चैनलों को बहाल करने का आदेश दिया था।” इसके बाद अब जुर्माने की बात सामने आई है।

अदालत के इसी आदेश में कहा गया है कि यदि 9 महीने के भीतर गूगल यह जुर्माना नहीं भर्ती है तो उसके बाद हर दिन के साथ दोगुना होता जाएगा। इस जुर्माने की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। जब गूगल यह जुरमाना भर देगी, तभी उसे वापस रूस के बाजार में घुसने की अनुमति दी जाएगी।

अदालत ने यह धनराशि 2020 के बाद हुए नुकसान को लेकर तय की है। 2020 में गूगल की कार्रवाई के खिलाफ कई रूसी मीडिया संस्थान रूस की अदालत में पहुँच गए थे और कार्रवाई की माँग की थी। हालाँकि, अब इस बात की कम ही संभावना है कि गूगल यह जुर्माना भरे।

गूगल वर्तमान में रूस किसी प्रकार का व्यापार नहीं करती। गूगल ने 2022 में यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष चालू होने के साथ ही अपना धंधा रूस में बंद कर दिया था। जो कम्पनी रूस के भीतर गूगल की सहायता करती थी, वह अदालती कार्रवाई के कारण दिवालिया हो गई थी।

इस आँकड़े के बीच यह ध्यान रखना दिलचस्प है कि गूगल शब्द की उत्पत्ति एक और बड़ी संख्या, ‘Googol’ से हुई है। 1 गूगल में 1 के बाद 100 शून्य होते हैं। इसके संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन कंपनी का नाम गूगल रखना चाहते थे, लेकिन टाइपिंग की गलती के कारण उन्होंने इसे गूगल के रूप में रजिस्टर कर दिया था।

IIT बॉम्बे : मंच से भगवान राम और माता सीता का मजाक उड़ाने वाले छात्र पर लगाया 1.2 लाख रुपए का जुर्माना, नाटक लिखने पर क्यों नहीं? जिन नेताओं ने सनातन का मजाक बनाया उन पर कब जुर्माना ?

हिंदू देवी-देवता का मजाक बनाने पर आईआईटी बॉम्बे ने छात्रों को दी सजा
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी/ ITT) बॉम्बे के छात्रों द्वारा इस साल मार्च में ‘राहोवन’ नाम का नाटक आयोजित करके भगवान राम और माता सीता का मजाक उड़ाया गया था। अब इसी मामले में एक्शन लेते हुए आईआईटी बॉम्बे ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कॉलेज प्रशासन ने नाटक में शामिल एक छात्र पर 1.2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

जिस छात्र ने भगवान राम और सीता माता का मजाक उड़ाया उस पर तो जुर्माना लगा दिया, लेकिन जिसने नाटक लिखा और जिस अध्यापक ने नाटक की इजाजत दी उन पर क्यों नहीं लगाया? दूसरे, जब नेताओं ने खुलेआम सनातन का अपमान किया, उन पर क्यों नहीं की कार्यवाही? वो नेता है तो सनातन पर कुछ भी बकवास कर सकता है? वैसे तो ऐसे नेताओं और उनकी पार्टी को वोट देने वाले मतदाता ही हिन्दू के नाम पर कलंक हैं।  

जानकारी के मुताबिक, छात्र को ‘जुर्माने’ का नोटिस 4 जून को जारी किया गया था। इससे पहले नाटक के बारे में जो शिकायतें प्रशासन को मिली थी उसे लेकर उन्होंने 8 मई को अनुशासन समिति की बैठक बुलाई थी। इस दौरान बैठक में छात्रों ने भी भाग लिया था और बातचीत के बाद सजा तय हुई थी।

भगवान का मजाक उड़ाने वाले छात्र को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि उसे 1.20 लाख रुपए का जुर्माना 20 जुलाई, 2024 को छात्र मामलों के डीन के कार्यालय में जमा किया जाना है।

इसके अलावा ये भी कहा गया कि अगर सजा का उल्लंघन किया तो आगे और भी सख्त प्रतिबंध लगाए जाएँगे। ये नोटिस फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल है। विवादित कार्यक्रम को देखने के बाद जिन लोगों ने आवाज उठाई थी कि छात्रों पर एक्शन लिया जाए, वही इस जानकारी को साझा कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस मामले में 8 छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। इसमें जुलाई सेशन में स्नातक पूरा करने जा रहे छात्र भी शामिल हैं, उनके ऊपर इस तरह के नाटक में शामिल होने पर भारी जुर्माना लगाया गया है। वहीं कॉलेज में नियमित पढ़ाई कर रहे थे उन्हें छात्रावास से निलंबित कर दिया गया है।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित IIT बॉम्बे में 31 मार्च को कल्चरल फेस्ट का आयोजन किया गया था। इसी दौरान ये रामायण पर आधारित नाटक ‘राहोवन’ दिखाकर भगवान राम की आलोचना की गई थी। इसके अलावा ‘राहोवन’ नाम के इस नाटक में नारीवादी मुद्दों के नाम पर भगवान राम के किरदार से ही छेड़छाड़ की गई थी और पात्रों के नामों में हल्का बदलाव किया गया था। मंच पर लोग भगवान का मजाक बना रहे थे और नीचे सीटी मारी जा रही थी।

वीडियो में क्या है राम-सीता का संवाद

इसमें सीता कहती है, “स्वामी, ऐसी अवस्था में ये अकेली सुहागन अपना हृदय संवाद किसके साथ करे?” इस पर सामने से राम के पात्र में दिखाया लड़का कहता है, “खोल”। ‘क्या’ का वो जवाब देता है – ‘संकोच’। एक अन्य दृश्य में राम से कहलवाया गया है, “तू किसी दूसरे कबीले में जा किसी दूसरे मर्द के यहाँ रह आई, इसीलिए ये कबीला तेरा स्वीकार वापस नहीं करेगा।”
इस पर सीता कहती है, “दूसरा मर्द, अरे बंदी थी मैं वहाँ?” इस पर राम आरोप लगाते हैं कि सीता ने कबीले की सीमा लाँघी, रेखा का उल्लंघन किया। राम से कहलवाया गया है, “तू कुछ नहीं कहेगी, सिर्फ मेरी सुनेगी।” फिर सीता कहती हैं, “मर्द होने निकला था तू, इंसान बनना भूल गया।” इस पर राम कहते हैं, “अब एक औरत समझाएगी मुझे कि मर्द बनना क्या होता है?” एक दृश्य में सीता कहती है, “एक अलग दुनिया है वहाँ। और अच्छा हुआ, अघोरा (रावण) मुझे वहाँ लेकर गया।”
सीता आगे कहती हैं, “वहाँ की औरतों को अच्छी प्रतिष्ठा मिलती है। उसने मुझसे खुद बोला कि मेरी अनुमति के बिना मुझे छुएगा भी नहीं। उसमें मुझे ऐसा मर्द दिखा जो मुझे इस कबीले में नहीं दिखा। तुमलोग जश्न मना रहे थे न कि दानव को मार दिया। असली दानव तो आपने आज तक मरा ही नहीं है।”