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उत्तर प्रदेश : चित्रकूट में ईसाई धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़, बजरंग दल की सूचना पर 2 गिरफ्तार, तीसरा फरार: लालच में धर्म परिवर्तन करने वाले हिन्दुओं का सामाजिक बहिष्कार हो

    जबरन धर्मांतरण की जाँच के दौरान चित्रकूट पुलिस ने घुनुवा गाँव में छापा मारा और ईसाई धार्मिक साहित्य जब्त किया (साभार - दैनिक भास्कर)
जब तक बिकाऊ और लालची हिन्दुओं का सामाजिक बहिष्कार होगा हिन्दू समाज का भला नहीं हो सकता। ये लालची ही सनातन को संकट डालते हैं। आर्थिक तंगहाली का रोने वाले शराब के ठेकों पर भीड़ लगाए होते हैं। इस कटु सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। ये नंगा सच है। जब तक इन लालचियों का सामाजिक बहिष्कार नहीं होगा मजहब बदलने वाला समाज भी कुछ समय बाद इनको दुत्कारेगा। इस बात को वो भी समझते हैं जो अपने धर्म का नहीं हुआ किसी का नहीं हो सकता। दूसरे, कोई मजहब ज़िंदगी भर का ठेका नहीं लेता। लोहे को लोहा ही काटता है।  

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में शनिवार (11 अक्टूबर 2025) को पुलिस ने रायपुरा थाना क्षेत्र के घुनुवा गाँव में एक ईसाई धर्मांतरण रैकेट को नाकाम किया। यह कार्रवाई तब हुई जब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इलाके में हो रहे जबरन धर्मांतरण की सूचना पुलिस को दी।

पुलिस ने दो पुरुषों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपित फरार हो गया। मौके से ईसाई धार्मिक साहित्य भी जब्त किया गया। बजरंग दल के जिला सह-समन्वयक शिवेंद्र प्रताप सिंह ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि इलाके में करीब 40% गरीब हिंदू पहले ही ईसाई मजहब में परिवर्तित हो चुके हैं।

घुनुवा गाँव में धर्मांतरण गतिविधि की सूचना

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बजरंग दल के जिला सह-समन्वयक शिवेंद्र प्रताप सिंह को जानकारी मिली कि घुनुवा गाँव में एक भारत वर्मा के घर पर धर्मांतरण बैठकें हो रही हैं। शिवेंद्र और उनके साथी कार्यकर्ताओं ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के साथ गाँव पहुँचकर रायपुरा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत घर पर छापा मारा, जिससे कई लोग मौके से भाग गए।

शुरुआत में पुलिस ने पूछताछ के लिए सात लोगों को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ के बाद चार ग्रामीणों को छोड़ दिया गया। तीन लोगों पर स्थानीय लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए पैसे देने का आरोप लगा। मौके से पुलिस ने कई नोटबुक और ईसाई मजहब से संबंधित धार्मिक सामग्री जब्त की।

ग्रामीणों ने आर्थिक प्रलोभन और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप लगाया

छापे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने घुनुवा गाँव के भारत वर्मा और रामविशाल तथा मौ थाना क्षेत्र के हटवा गाँव के महेश पर आरोप लगाया कि वे करीब एक साल से उन्हें जबरन ईसाई मजहब अपनाने के लिए मजबूर कर रहे थे। आरोपितों ने पैसे देने के साथ-साथ हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ भी कीं। आरोपित गरीब हिंदू परिवारों को प्रभावित करने के लिए प्रार्थना बैठकें और बाइबल की कहानियाँ सुनाने के कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे।

बजरंग दल के शिवेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं, ‘40% गरीब हिंदुओं ने धर्म परिवर्तन किया।’

बजरंग दल के शिवेंद्र सिंह और अश्विनी तिवारी ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई, जिसे ऑपइंडिया ने देखा। शिकायत में उन्होंने बताया कि भारत वर्मा रामविशाल और महेश की मदद से एक साल से अधिक समय से प्रार्थना बैठकें आयोजित कर रहा था। आरोप है कि उन्होंने गरीब हिंदू परिवारों को पैसे देकर ईसाई मजहब में परिवर्तित किया। बैठकों के दौरान वे हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते और ईसा मसीह की तारीफ करते थे।
ऑपइंडिया से खास बातचीत में शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि चित्रकूट में कई ईसाई और इस्लामिक समूह धर्मांतरण रैकेट में शामिल हैं। उन्होंने बताया की “स्थानीय गरीब हिंदू आबादी का लगभग 40% हिस्सा पहले ही ईसाई धर्म में परिवर्तित हो चुका है। हम उनके लिए घर वापसी का प्रयास कर रहे हैं,”
शिवेंद्र ने कहा, “बजरंग दल इन समूहों और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। जब हमें सूचना मिलती है, तो हम पहले पुष्टि करते हैं कि हिंदुओं को ईसाई मत में बदलने के लिए प्रार्थना बैठकें हो रही हैं। पुष्टि होने पर हम तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क करते हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस तुरंत कार्रवाई कर इन रैकेट को बंद कर देती है। केवल ईसाई समूह ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समूह भी हिंदुओं को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि केवल बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ही फर्क नहीं कर सकते। “हम धर्मांतरण रोकने के लिए व्यापक रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन अकेले हम सबको रोक नहीं सकते। यह हर स्थानीय हिंदू का कर्तव्य है कि वे मिलकर इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाएँ।” शिवेंद्र ने पुष्टि की कि मामले में रविवार (12 अक्तूबर 2025) की सुबह FIR दर्ज की गई है और तीसरे आरोपित की तलाश जारी है।

पुलिस जाँच जारी

मीडिया से बात करते हुए रायपुरा थाना के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विनोद शुक्ला ने पुष्टि की कि दो आरोपितों भारत वर्मा और रामविशाल सविता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। तीसरा आरोपित महेश फरार हो गया है और उसे पकड़ने के लिए तलाश शुरू कर दी गई है। जब्त किए गए मजहबी साहित्य की जाँच की जा रही है और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए हैं।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जाँच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है और दक्षिणपंथी समूह जिले में गैरकानूनी धर्मांतरण गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

दिल्ली : आम आदमी पार्टी उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने मुस्लिम वक़ार चौधरी को परोस दिया सूअर का मीट

                  वकार चौधरी के घर पहुँच कर AIMIM नेता शोएब जमाई व अन्य ने सहानुभूति जताई
दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के नेता वकार चौधरी ने आरोप लगाया है कि पूर्वी दिल्ली से पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी कुलदीप कुमार ने उन्हें जंगली मीट परोस दिया। उन्होंने एक वीडियो के जरिए ये जानकारी दी और कहा कि वो बहुत दुःखी और आहत हैं। वकार चौधरी ने कहा कि वो सो नहीं पा रहे हैं, उन्हें सुकून नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि रात के समय चुनाव प्रचार निपटा कर वो कुलदीप कुमार के दफ्तर पहुँचे, उन्हें काफी तेज़ भूख लगी हुई थी तो कुलदीप कुमार से पूछा कि क्या कुछ खाने को है?

वक़ार ही नहीं समस्त मुस्लिम समाज को अब जान जाना चाहिए कि anarchy मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का विधायक, वर्तमान लोक सभा उम्मीदवार, शरीफ कैसे हो सकता है। संभव है, पूर्व में हुई दावत में यही मीट खिलाया गया हो, भेद अब खुला है।  

 वकार चौधरी ने बताया कि कोंडली से AAP विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि नॉनवेज है, खा लीजिए। बकौल वकार चौधरी, कुलदीप कुमार ने कहा कि सब नॉनवेज एक तरह का ही होता है। वकार चौधरी का कहना है कि इसके बाद उन्हें शक हुआ, क्योंकि एक बार कुलदीप कुमार उनके घर भी आए थे और पूछा था कि आप तो जंगली का मांस खा लेते होंगे। वकार चौधरी के अनुसार, उन्होंने जवाब दिया कि इस तरह का मजाक ठीक नहीं है। वकार चौधरी ने कुलदीप कुमार की सोच को छोटी बताते हुए पूछा कि आप एक मुस्लिम को जंगली का गोश्त ऑफर कर रहे हैं?

वकार चौधरी ने कहा कि इसका नाम तक लेने से कई दिनों तक दुआएँ कबूल नहीं होती, और आप एक हाजी को जंगली का गोश्त खिलाना चाहते हैं। उन्होंने पार्टी आलाकमान से कहा कि कुलदीप कुमार को हटा कर किसी भी अन्य नेता को प्रत्याशी बना दिया जाए। इस मामले के सामने आने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई अपने साथी नेताओं के साथ वकार चौधरी के यहाँ पहुँचे और उनके प्रति सहानुभूति जताई।

AIMIM नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया। बता दें कि मुस्लिमों में सूअर का मांस हराम माना जाता है। इस दौरान वहाँ जुटे मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने ‘कुलदीप कुमार वापस जाओ’ और ‘कुलदीप कुमार माफ़ी माँगो’ के नारे भी लगाए। वकार चौधरी ने समर्थन के लिए शोएब जमाई का समर्थन भी दिया। इसी तरह आंध्र प्रदेश के ‘नव रंग पार्टी’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जलील शेख़ ने कुलदीप कुमार के विरोध में वकार चौधरी को अपना और पूरी पार्टी का समर्थन दिया।

वकार चौधरी ने ट्विटर के माध्यम से कहा, “कुलदीप कुमार क्या खाते हैं, मुझे इससे कोई एतराज नहीं है पर में चाहता हूँ की वो मेरे मजहब की भी उसी तरह से इज्जत करे जैसे कि मैं उनके धर्म की इज्जत करता हूँ। मैं अपने हक़ और अपने मजहब को बचाने की लड़ाई लड़ रहा हूँ, आपसे दरखास्त है इस मुहीम में आप मेरा साथ दे मुझे इंसाफ चाहिए आप मेरा साथ देंगे।” उन्होंने कुलदीप कुमार को ‘मुस्लिमों का गुनहगार’ करार दिया। सभा में मंत्री आतिशी भी आने वाली थीं, लेकिन विरोध के कारण वो नहीं आईं।

‘प्रियंका गाँधी ने मेरे पति से कहा- अदिति सिंह के चरित्र को बदनाम करो, तब दूँगी टिकट’: रायबरेली की विधायक का खुलासा

कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने प्रियंका गाँधी को लेकर किया खुलासा
रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गाँधी को लेकर बड़ा दावा किया है। असल में अदिति सिंह और भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ANI की स्मिता प्रकाश के साथ एक पॉडकास्ट शूट किया। इस पॉडकास्ट में अदिति सिंह ने ये भी बताया कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में गाँधी परिवार भी ज़्यादा अकड़ है। अदिति सिंह ने ये भी बताया कि जब वो 2017 में पहली बार विधायक बनी थीं तो संयोग से राहुल गाँधी से भी उनकी मुलाकात हुई थी।

अदिति सिंह ने बताया कि उस दौरान राहुल गाँधी ऐसे दिख रहे थे जैसे उन्हें किसी चीज की खबर न हो और कोई जानकारी न हो। बकौल अदिति सिंह, राहुल गाँधी उस दौरान उनसे पूछा कि उत्तर प्रदेश में हमारे पास कितने विधायक हैं? अदिति सिंह ने जवाब दिया – सात। बकौल महिला विधायक, इसके बाद राहुल गाँधी ने अपना सिर ऊपर की तरफ उठाया और जोर से हँसने लगे। अदिति सिंह उस समय चौंक उठी थीं। अदिति सिंह ने इस दौरान ये खुलासा भी किया कि अंगद सिंह से उनका तलाक हो चुका है।

अंगद सिंह पंजाब के नवाँशहर (शहीद भगत सिंह नगर) से विधायक थे। वो भी 2017 में ही पहली बार MLA चुने गए थे। वो तब कांग्रेस में हुआ करते थे। अदिति सिंह ने बताया कि टिकट बँटवारे के दौरान प्रियंका गाँधी ने उनके तत्कालीन पति के सामने शर्त रखी थी कि वो अपनी पत्नी अदिति सिंह के चरित्र पर लाँछन लगाएँ, तभी उन्हें टिकट दिया जाएगा। बता दें कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में वो निर्दलीय उतरे थे और उनकी हार हुई थी। अदिति सिंह का परिवार कांग्रेसी रहा है, लेकिन उन्होंने 2021 में बगावत के बाद भाजपा का दामन थामा था।

अदिति सिंह का कहना है कि उनके पूर्व पति को उनके खिलाफ अपमानजनक बयान देने के लिए कहा गया। अदिति और अंगद, दोनों ही बड़े राजनीतिक घरानों से आते हैं। उनके पिता अखिलेश कुमार सिंह 24 वर्षों तक विधायक बने, वो लगातार 5 बार चुने गए। उनकी बेटी दूसरी बार विधायक हैं। वहीं अंगद सिंह के दादा दिलबाग सिंह 6 बार नवाँशहर के विधायक रहे। अंगद के पिता प्रकाश सिंह और माँ गरिकबाल कौर भी एक-एक बार विधायक रह चुकी हैं।

2022 में अंगद सिंह ने भी बताया था कि उन पर उनकी पत्नी के खिलाफ जाने का दबाव है। निर्दलीय नामांकन दर्ज कराते समय उन्होंने बताया था कि अदिति सिंह के साथ उनकी शादी को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया, ताकि उन्हें टिकट से वंचित किया जा सके। अंगद ने बताया कि उन्हें उन्हें ऐसा महसूस कराया गया जैसे उन्होंने कोई अपराध कर दिया हो। उन्होंने बताया था कि उन पर अदिति सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया में पोस्ट लिखने का दबाव बनाया गया, जबकि तब वो 15 महीने से अलग रह रहे थे।

राजस्थान : सरकारी स्कूल में जबरन पढ़वाते थे नमाज, हिंदू छात्रा के TC में लिखा ‘इस्लाम’

सरकारी स्कूल में चल रहे इस्लामी साजिशों को लेकर हिंदू संगठन ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन (साभार: voiceofpublic.live)
राजस्थान में बनी नई सरकार ने अभी अंगड़ाई भी नहीं ली है कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हो रही धांधलियां/तुष्टिकरण की चरम सीमा सामने आनी शुरू हो गयी है। यदि वर्तमान भाजपा सरकार सख्ती से काम करती है, निश्चित रूप से कांग्रेस का राजस्थान का सफाया हो जाएगा। अभी राजस्थान के कोटा जिले के एक सरकारी स्कूल में धर्मांतरण और लव जिहाद की साजिशों का खुलासा होने के बाद दो शिक्षक सस्पेंड किए गए हैं। यह स्कूल सांगोद कस्बे के पास स्थित खजूरी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय है। स्कूल की एक हिंदू छात्रा के स्थानांतरण पत्र (TC) में ‘इस्लाम’ लिखे जाने और छात्राओं से जबरन नमाज पढ़वाए जाने का मामला सामने आया है।

स्कूल में चल रहे इस्लामी षड्यंत्र का खुलासा राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के दौरे के दौरान हुआ। 21 फरवरी 2024 को सर्व हिन्दू समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात करने यह मामला उनके संज्ञान में लाया। संगठन ने सरकारी स्कूल में इस्लामिक जिहादी गतिविधियाँ चलने का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और दावत-ए-इस्लामी के इशारे पर लव जिहाद और धर्मान्तरण की यह साजिश चल रही थी।

इसके बाद स्कूल के दो शिक्षक फिरोज खान और मिर्जा मुजाहिदीन को सस्पेंड कर दिया गया है। महिला शिक्षिका शबाना को मुख्यालय से अटैच (APO) कर दिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जाँच करवाई जा रही है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि हिंदू होने के बावजूद स्कूल की एक छात्रा की टीसी भी इस्लाम लिख दिया गया था।

उन्होंने कहा, “वहाँ धर्मान्तरण का षड्यंत्र हो रहा है। लव जिहाद का षड्यंत्र चल रहा है। हिंदू लड़कियों से जबरन नमाज पढ़ाई जा रही है। यह पता चलने के बाद 2 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें से एक फिरोज खान अध्यापक लेवल 1 है और दूसरा मिर्जा मुजाहिदीन शारीरिक शिक्षक है। शबाना के खिलाफ भी आगे कार्रवाई हो रही है। तीनों को मैंने बीकानेर भेज दिया है। विस्तृत जाँच करा कर इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करूँगा और बर्खास्त करने जैसी स्थिति बनी तो बर्खास्त भी करूँगा।”

हिंदू संगठन ने अपने ज्ञापन में बताया था कि स्कूल में न सिर्फ हिंदू छात्राओं से नमाज पढ़वाई जाती है, बल्कि उनकी जान-पहचान सोची समझी साजिश के तहत मुस्लिम लड़कों से करवाई जाती है। साल 2019 की एक घटना का भी जिक्र ज्ञापन में था। इसमें एक हिन्दू छात्रा के TC में उसका धर्म इस्लाम लिख दिया गया था। इसी छात्रा का साल 2024 में स्कूल के ही मुस्लिम छात्रों द्वारा अपहरण कर लिया गया था, जिसकी FIR सांगोद थाने में दर्ज है। इस पूरी साजिश के सूत्रधार के तौर पर स्कूल के फिजिकल टीचर मिर्जा मुजाहिदीन, फिरोज खान के अलावा सहायक अध्यापिका शबाना को आरोपित किया गया था।

सर्व हिन्दू समाज ने शिक्षा मंत्री से आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने तत्काल इस मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए। 21 फरवरी को ही कोटा के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने मिर्जा मुजाहिदीन और फिरोज खान को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा महिला टीचर शबाना को APO (मुख्यालय अटैच) कर दिया गया। मंत्री मदन दिलावर के मुताबिक मामले की उच्चस्तरीय जाँच करवाई जा रही है।

राजस्थान : ‘प्राइवेट पार्ट में डाला डंडा, माँगता था बच्चियाँ’: कांग्रेस के पूर्व MLA ने जो किया-जो करवाया, रेप पीड़िता ने पुलिस को सब कुछ बताया

मेवाराम जैन तीन बार बाड़मेर से कांग्रेस विधायक रह चुके हैं (फोटो साभार : X/ MewaramJain)
राजस्थान के बाड़मेर से तीन बार कांग्रेस के विधायक रहे मेवाराम जैन सहित 9 के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज हुआ है। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में जो कुछ बताया है, उससे पता चलता है कि उसकी प्रताड़ना करीब दो साल से चल रही थी। न केवल उसके साथ रेप हुआ, बल्कि उसकी सहेली का भी रेप किया गया। उसकी नाबालिग बेटी का भी यौन शोषण हुआ।

पीड़िता के अनुसार कांग्रेस के पूर्व विधायक मेवाराम जैन को नाबालिग लड़कियों के साथ संबंध बनाने का चस्का है। नाबालिग बच्चियों और अन्य महिलाओं को लाने के लिए उस पर दबाव बनाया जाता था। महिला का आरोप है कि पूर्व विधायक की शह पर पुलिसकर्मियों ने भी उसे टॉर्चर किया। उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा तक डाल दिया गया था।

झूठे केस दर्ज कराए, प्राइवेट पार्ट में डाला डंडा: पीड़िता

रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता ने बताया है कि मेवाराम और रामस्वरूप ने उसके दो अश्लील वीडियो बनाए थे। जब उसके साथ रेप करते-करते उनका मन भर गया, तो वे 15-16 साल की लड़कियाँ लाने को उसे कहने लगे। पीड़िता के अनुसार उसके घर में घुसकर आरोपितों ने उसकी सहेली के साथ रेप किया और उसका भी वीडियो बनाया।
पीड़िता के अनुसार रामस्वरूप और मेवालाल ने उसके खिलाफ दो मामले भी दर्ज कराए हैं। पहला मामला 29 नवंबर 2022 को दर्ज कराया गया था। इस मामले में बाड़मेर कोतवाली के थानाधिकारी गंगराम खावा और एसआई दाऊद खान उसे जरूरी काम बताकर पाली रोड के एक फॉर्म हाउस पर ले गए। वहाँ डीएसपी आनंद सिंह राजपुरोहित और कई पुलिसकर्मी मौजूद थे। मौके पर ही थोड़ी देर में उसकी सहेली को भी बुलाया गया। पीड़िता के अनुसार इसके बाद उसे और उसकी सहेली को बुरी तरह पीटा गया। उनके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी का डंडा डालकर प्रताड़ित किया गया।
पीड़ित महिला के अनुसार इस दौरान आरोपितों ने एक वीडियो भी शूट किया। इसमें उन्हें खुद को ब्लैकमेलर बताने को मजबूर किया गया। साथ ही सादे कागजों पर दस्तखत करा लिए गए। इन घटनाओं के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी। पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में ये खुद को, अपने परिवार को और मामले के अन्य गवाहों को मेवाराम तथा रामस्वरूप से जान का खतरा भी बताया है।
पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि 2021 में वह अपने पिता के इलाज कराने के लिए बस से सफर कर रही थी। इसी दौरान रामस्वरूप से मुलाकात हुई। रामस्वरूप ने उससे दोस्ती की। फिर होटल ले जाकर उसे नशे की गोलियाँ खिला दी और रेप किया। रामस्वरूप ने इसका वीडियो बना लिया। ब्लैकमेल कर कई बार रेप किया।
कथित तौर पर इसके बाद रामस्वरुप उसे बाड़मेर के तत्कालीन कांग्रेस विधायक मेवाराम जैन के पास ले गया। जैन ने भी उसका रेप किया। पीड़िता का आरोप है कि ये लोग उसके घर भी आते थे और रेप करते थे। इसी दौरान एक बार उसकी सहेली के साथ रेप किया गया था। बाद में उसकी नाबालिग बेटी से भी आरोपित छेड़छाड़ करने लगे। बेटी के सामने ही पीड़िता के साथ अश्लील हरकत करते थे। अन्य महिलाओं को भी लाने का दबाव डालते थे।
पीड़िता का कहना है कि डर और बदनामी के कारण वह चुपचाप प्रताड़ना झेलती रही। लेकिन जब उसकी नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ हुआ तो वह शिकायत लेकर बाड़मेर के कोतवाली थाने गई। लेकिन केस दर्ज करने के बजाए उसे पुलिसकर्मियों ने प्रताड़ित किया। पीड़ित महिला का कहना है कि इसके बाद रामस्वरूप और मेवालाल ने उसके खिलाफ दो झूठे मामले भी दर्ज करा दिए।
उल्लेखनीय है कि मेवाराम जैन ने 30 अक्टूबर 2022 को बाड़मेर के कोतवाली थाने में ब्लैकमेल करने का केस दर्ज करवाया था। 15 नवंबर 203 को प्रवर्तन निदेशालय ने बाड़मेर जैन की ओर से दर्ज कराई गई सेक्सटॉर्शन की शिकायत के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) का मामला दर्ज किया था। इसके बाद सोशल मीडिया में उनकी कुछ तस्वीरें भी आईं थी। लेकिन जैन ने इन्हें ​एडिटेड बताया था।
अब पीड़ित महिला ने जिस तरह के गंभीर आरोप जैन और उनके साथियों पर लगाए हैं उसने सनसनी मचा दी है। इस मामले में जोधपुर के डीसीपी (पश्चिम) गौरव यादव ने बताया कि एक महिला की तरफ से थाने में रिपोर्ट दी गई है। मामले की जाँच की जा रही है। महिला की शिकायत पर रेप, गैंगरेप, पॉक्सो, ब्लैकमेलिंग, जान से मारने की धमकी, मारपीट, दुष्कर्म, एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

‘मुझे बीफ और पोर्क खाने को कर रहे मजबूर’: खालिस्तानी पन्नू की हत्या की साजिश के आरोप में अमेरिका में पकडे गए निखिल गुप्ता की भारत सरकार से गुहार

गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने वाला बता कर निखिल गुप्ता को अमेरिका ने किया था गिरफ्तार, अब भारत की सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार
खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में अमेरिका ने जिस निखिल गुप्ता को आरोपित बनाया है, उसी निखिल गुप्ता ने अब भारत की सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। निखिल गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट से माँग की है कि वो भारत सरकार से इस मामले में दखल देने के लिए कहे, क्योंकि उन्हें गलत तरीके से चेक गणराज्य के प्रॉग में पकड़ा गया है। यही नहीं, उन्हें बीफ और पोर्क तक खाने को मजबूर किया जा रहा है, जो उनकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है।

निखिल गुप्ता को कथित तौर पर अमेरिकी एजेंटों ने कथित तौर पर पकड़ा है और उन्हें अमेरिका भेजे जाने की तैयारी हो रही है। अभी निखिल गुप्ता प्रॉग में ही हैं, या उन्हें अमेरिका को सौंप दिया गया है, इस मामले में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

निखिल गुप्ता को जून माह में ही हिरासत में लिया गया था, इसके काफी समय बाद अमेरिका ने इस बारे में भारत सरकार को सूचित किया और बताया कि गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या करने के लिए भारत सरकार से जुड़े व्यक्ति ने निखिल गुप्ता को ‘सुपारी’ दी थी। अमेरिका ने इस मामले में कनाडा के निज्जर हत्याकांड से भी जोड़ा है। हालाँकि भारत सरकार ने आरोपों के जाँच की बात कही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 4 जनवरी को होगी।

अब निखिल गुप्ता की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई वकील रोहिणी मूसा ने बताया, “चेक गणराज्य में निखिल गुप्ता को अमेरिका भेजे जाने की तैयारी की गई है। इस तरह का आदेश भी जारी किया जा चुका है, लेकिन हमें इस आदेश की कॉपी तक नहीं मिल पाई है। अभी निखिल के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसी हालत में परिवार भी पूरी तरह से बेबस है।” उन्होंने कहा, हमने विदेश मंत्रालय से कुछ सहायता की मांग करते हुए याचिका दायर की है जो विदेश में अवैध रूप से हिरासत में लिए गए किसी भी भारतीय नागरिक को उपलब्ध कराई जाती है।

#WATCH | Delhi: Rohini Moosa, counsel for Nikhil Gupta, who is detained in the Czech Republic and facing extradition charges for alleged conspiracy of murder of Gurpatwant Singh Pannun, "We have filed a petition by a near friend of an Indian citizen who has been illegally… pic.twitter.com/eQ1Mq606SV

— ANI (@ANI) December 15, 2023

निखिल गुप्ता की तरफ से दावा किया गया है कि उन्हें बिना किसी वॉरंट के ही हिरासत में लिया गया है और उन्हें निष्पक्ष कानूनी मदद भी नहीं दी गई है। यहाँ उन्हें अकेले में रखा गया है। याचिका में ये भी कहा गया है कि उन्हें बीफ और पोर्क खाने को मजबूर किया जा रहा है, जबकि हिंदू होने के नाते ऐसा करना उनके धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है। निखिल गुप्ता की तरफ से दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि उन्हें राजनीतिक रुप से प्रताड़ित किया जा रहा है। निखिल गुप्ता का दावा है कि वो अमेरिका के किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं जानते, जिसकी हत्या की साजिश का ठीकरा उनके सिर पर फोड़ा जा रहा है।

गुप्ता के परिवार ने भारत सरकार से गुजारिश की है कि वह उनकी रिहाई के लिए इस मामले में दखल दे और उन्हें कानूनी मदद भी दे। इसके साथ ही गुप्ता ने अमेरिका और चेक रिपब्लिक में अपने प्रतिनिधित्व के लिए एक भारतीय वकील की भी माँग की है।

कुछ समय पहले ही अमेरिका ने दावा किया था कि भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क में रहने वाले खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के लिए 1 लाख डॉलर की सुपारी दी थी। गुप्ता ने जिस व्यक्ति को सुपारी दी थी, तो अमेरिकी सरकार का ही खुफिया एजेंट था। अमेरिकी

                                                        निखिल गुप्ता की याचिका की कॉपी
कोर्ट में इस बात पर जोर डाला गया है कि निखिल ने ये सुपारी ‘भारत सरकार के एक कर्मचारी’ की ओर से दी थी। इस मामले में उन्हें चेक गणराज्य में 30 जून 2023 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित करने की कार्रवाई चल रही थी।

‘जब चाहे मालिक करेगा सेक्स, गुलाम को झुकना पड़ेगा’ : CEO ने महिला कर्मचारी से साइन कराया कॉन्ट्रैक्ट

                       यूएस कंपनी के सीईओ ने कर्मचारी से साइन कराया स्लेव कॉन्ट्रैक्ट
सैन फ्रांसिस्को टेक कंपनी का जो यौन उत्पीड़न मामला सामने आया है, कोई नयी अथवा हैरान करने वाली नहीं। सैन फ्रांसिस्को टेक कंपनी ने तो कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया है, लेकिन विश्व में न जाने ऐसे कितने संस्थान है, जहाँ यौन उत्पीड़न सामान्य बात है। महिला उसे नौकरी का हिस्सा मान मालिक के हर काम को करने को तैयार रहती है। अंतर केवल इतना है कि किसी का प्रकाश आ जाता है, कहीं संस्थान से बाहर हवा तक नहीं आती। कर्मचारियों को अपने परिवार की खातिर मान-मर्यादा को भूलना पड़ता है, और इस कटु सच्चाई से कोई इंकार नहीं कर सकता, चर्चा तक नहीं कर सकता। 

सैन फ्रांसिस्को टेक कंपनी ‘Tradeshift’ के सीईओ क्रिश्चियन लैंग पर आरोप लगा है कि वो अपने असिस्टेंट से एक कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाकर उसका यौन उत्पीड़न करते थे। आरोप है कि क्रिश्चियन ने अपनी एग्जिक्यूटिव असिस्टेंट को हायर करने के कुछ महीने बाद ही गुलाम बनाने का ये कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया था।

पीड़िता का नाम कोर्ट डॉक्यूमेंट में जेन डो कहा गया है। उसने अपनी शिकायत में कहा कि उसका रेप सालों से किया जा रहा था। पीड़िता ने कहा कि उसे विभिन्न तरीरकों से शारीरिक दर्द दिए गए। कभी उसके ऊपर पेशाब किया गया तो कभी विदेशी चीजों को उसके प्राइवेट पार्ट में डाला जाता था।

कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार ‘स्लेव’ को हमेशा अपने मालिक के लिए सेक्सुअल फेवर देने के लिए उपलब्ध रहना था, जब भी उसके मालिक को सेक्स की जरूरत लगती तो कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से वो उन्हें नहीं मना कर सकती थीं चाहे उसका मन हो या नहीं। इतना ही नही कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक लड़की को ये भी करने को कहा गया था कि वो जब भी अपने मालिक को अकेले में देखें तो घुटनों पर झुककर उनसे पूछे कि वो उनके लिए क्या कर सकती है।

                                                                                                  साभार: NYTimes

दस्तावेज में कहा गया था महिला को गुलाम बनाकर दी जाने सजाओं का भी जिक्र था। इसमें लिखा था कि मालिक जो चाहे वो सजा गुलाम को दे सकता है। लेकिन मालिक की ये जिम्मेदारी होगी कि वो सजा देते समय महिला को जान से नहीं मारेगा और न उसे पर्मानेंट इंजरी देगा। इतना ही नहीं कॉन्ट्रैक्ट में ये भी था गुलाम कैसे भी करके इन सजाओं को पाकर नाराज नहीं हो सकती थी और न ही अपने मालिक से नाराजगी जाहिर कर सकती थी।

महिला ने शिकायत में कहा कि उसे लैंग ने खून निकालने तक मारा और निर्जीव वस्तुओं के जरिए उसका उत्पीड़न किया। उसे कॉन्ट्रैक्ट में कहा गया था कि वो हमेशा ढंग से तैयार होकर रहे और खुद का वजन 130 से 155 पाउंड रखे। इसके अलावा गुलाम का समर्पण मालिक के प्रति हर प्रकार से रहना चाहिए। उसका शरीर मालिक का होना चाहिए। वो अगर उसे फिट देखना चाहता है तो शरीर को फिट ही होना चाहिए।

                                                                                                                      साभार: NYTimes

कोर्ट में दी शिकायत के अनुसार, महिला को अपनी जॉब Tradeshift में प्यारी थी इसलिए उसे ये सब करना पड़ा। बाद में उसने शारीरिक प्रताड़नाओं से तंग आकर शिकायत दी। इस शिकायत के बाद ट्रेडशिफ्ट ने अपने ऊपर लगाए इल्जामों को नकारा और कड़ा निर्णय लेते हुए क्रिश्चियन को उसके पद से टर्मिनेट कर दिया। मेल में कंपनी ने कहा कि लैंग के विरुद्ध बहुत सारी शिकायतें मिल रही थीं।

वहीं लैंग ने कहा कि उन दोनों के बीच बने संबंध रजामंदी के थे न कि किसी जोर जबरदस्ती के। उसने कोर्ट में डाली गई शिकायत पर को मानहानि करने वाला बताया। उसने कहा पूरा मुकदमा झूठा है। उसके मुताबिक सीईओ रहते हुए उसने किसी का यौन उत्पीड़न नहीं किया। महिला से संबंध थे लेकिन वो पहले के थे। उसके कंपनी ज्वाइन करने के बाद वो सब खत्म हो गया।

कई लोगों को क्रिश्चियन लैंग की हरकत देखने के बाद फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे फिल्म की स्क्रिप्ट याद आ रही है। इस फिल्म में भी एक बिजनेसमैन ने महिला को सेक्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करने को कहा था।

ईरान : भारत की तान्या हेमंत को हिजाब पहनने के बाद दिया बैडमिंटन का गोल्ड; ड्रेस कोड का उल्लंघन किया

                                   भारतीय खिलाड़ी को मेडल लेने के लिए पहनना पड़ा हिजाब (फोटो साभार: TV9)
ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। अधिकारों के लिए महिलाएँ बीते 5 महीनों से सड़कों पर हैं। इस बीच ईरान में खेले गए फज्र इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय महिला खिलाड़ी तान्या हेमंत को हिजाब पहनने के लिए मजबूर करने का मामला सामने आया है। तान्या ने टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। लेकिन हिजाब पहनने के बाद ही उन्हें मेडल दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्नाटक की रहने वाली तान्या हेमंत ने फज्र इंटरनेशल चैलेंज बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में गत विजेता और हमवतन खिलाड़ी तसनीम मीर को मात दी थी। इस जीत के साथ उन्होंने महिला सिंगल्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लेकिन स्वर्ण पदक जीतने के बाद आयोजकों ने उन्हें हिजाब पहनने के लिए कहा। इसके बाद ही वह पदक लेने के लिए पोडियम पर जा सकीं। तान्या हेमंत ने यह मैच सीधे सेटों में 21-11, 21-7 से जीता था।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि आयोजकों ने साफ तौर पर यह कहा था कि पदक जीतने वाली महिलाओं को हर हाल में हिजाब पहनना होगा। हालाँकि इस टूर्नामेंट की नियमावली में ड्रेस कोड का कोई जिक्र नहीं था। सूत्रों ने यह भी कहा है, “टूर्नामेंट के नियमों में ड्रेस कोड को लेकर जो बात कही गई थी वह आम कपड़े हैं। दुनिया भर में जहाँ भी बैडमिंटन खेला जाता है, वहाँ विश्व बैडमिंटन महासंघ द्वारा निर्धारित किए गए कपड़े पहने जाते हैं। हालाँकि हम जानते थे कि ईरान में महिलाओं को घर से बाहर निकलने पर हिजाब पहनना जरूरी है। लेकिन इस टूर्नामेंट में हिजाब पहनने को लेकर कोई भी बात नहीं कही गई थी।”

इस टूर्नामेंट में महिला खिलाड़ियों को अपने मैच के दौरान हिजाब पहनने जैसी कोई पाबंदी नहीं थी। लेकिन मैच के दौरान किसी भी पुरुष का स्टेडियम में प्रवेश वर्जित रखा गया था। यानी कोई भी पुरुष महिलाओं को खेलते हुए नहीं देख सकता था।

इसको लेकर स्टेडियम के गेट पर एक स्टीकर भी लगाया गया था। इस स्टीकर में लिखा हुआ था, पुरुषों का प्रवेश वर्जित है। यही नहीं महिला खिलाड़ियों के पुरुष कोच और फिर उनके पिता को भी स्टेडियम में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इन तमाम बातों के बीच एक और दिलचस्प बात यह थी कि टूर्नामेंट में पहली बार मिश्रित युगल (मिक्स डबल) को शामिल किया गया था। इसमें महिला और पुरुष एक टीम की तरह साथ में खेलते हैं।

हालाँकि मिश्रित युगल वाले मैचों में भी दर्शक के तौर पर केवल महिलाओं को ही प्रवेश दिया जा रहा था। यही नहीं, टूर्नामेंट के जिन मैचों में महिलाएँ भाग ले रहीं थीं वहाँ रेफरी से लेकर सभी छोटे-बड़े अधिकारी महिलाएँ ही थीं।

राजस्थान के मंत्री के साथ मॉडल पर सोने का था दबाव, नहाते हुए बना लिया था वीडियो

                                            फोटो साभार: जी न्यूज/ ट्विटर
पिछले दिनों राजस्थान के जोधपुर में मॉडल गुनगुन उपाध्याय होटल की सातवीं मंजिल से कूद गई थी। इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार मॉडल पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार के मंत्री रामलाल जाट के साथ सोने का दबाव था। आरोपितों ने मॉडल का नहाते हुए वीडियो बना लिया था। इसके जरिए वे उस पर दबाव बना रहे थे और हनी ट्रैप के जाल में मंत्री को फँसाने की साजिश रची थी।

पुलिस ने साजिश रचने वाले युवक-युवती को 1 फरवरी 2022 को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान अक्षत (32) और दीपाली (30) के तौर पर हुई है। अक्षत शर्मा उर्फ नितिन उर्फ चिनू भीलवाड़ा के सुभाषनगर का रहने वाला है। दीपाली झुंझुनू की रहने वाली है और एक मॉडल है। अक्षत गिरोह का मास्टरमाइंड है। व्यापारियों और प्रभावशाली लोगों को फँसाकर ब्लैकमेल करने का इनका इतिहास रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार आरोपितों ने गुनगुन को फोटोशूट के लिए उदयपुर बुलाया था। यहाँ से उसे भीलवाड़ा ले गए। सर्किट हाउस के पास बने होटल में ठहरे। मॉडल जब बाथरूम में नहा रही थी तो आरोपितों ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे। लेकिन मॉडल भीलवाड़ा से निकल गई, जिससे आरोपितों की साजिश कामयाब नहीं हुई।

जोधपुर डीसीपी भुवन भूषण के अनुसार दो अन्य लड़कियों के साथ दीपिका और अक्षत ने भीलवाड़ा के सर्किट हाउस में रामलाल जाट से मुलाकात भी की थी। उन्हें कुछ दस्तावेज दिखाए थे। लेकिन जाट ने बताया कि यह मामला उनसे जुड़ा नहीं है और बात आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद मंत्री के संपर्क में आने के लिए वे मॉडल को चारा बनाकर उन्हें फँसाने की कोशिश में लगे थे।

गुनगुन ने 30 जनवरी 2022 को होटल 7 लॉर्ड्स की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी। वह एक कार के ऊपर गिरी, जिससे उसकी जान बच गई। उसे घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। 19 साल की गुनगुन शनिवार को जोधपुर आई और रातानाडा के होटल में रुकी। सुसाइड की कोशिश से पहले उसने अपने पिता को फोन किया था। उनसे कहा था, “पापा मैं सुसाइड करने जा रही हूँ, बस मेरा चेहरा देख लेना।’ उनके पिता गणेश उपाध्याय ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस जब तक लोकेशन ट्रैस कर गुनगुन तक पहुँचती वह छलांग लगा चुकी थी।